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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: दो मार्गों से होती है यह पवित्र यात्रा, 29 जून से होगी शुरू

हिंदू धर्म में सनातल काल से कैलाश मानसरोवर की यात्रा एक पवित्र यात्रा मानी जाती रही है। जब भी यह यात्रा शुरू होती है, तो इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस साल भी 30 जून से कैलाश मानसरोवर की यात्रा शुरू होने जा रही है। वहीं इससे पहले कोडिव 19 महामारी और भारत-चीन सीमा पर तनाव के कारण यह यात्रा बंद हो गई थी। लेकिन अब भारत सरकार द्वारा इस यात्रा को मंजूरी दे दी गई है। इस बार 30 जून से 25 अगस्त तक कैलाश मानसरोवर की यात्रा होगी। ऐसे में श्रद्धालु यात्रा का रजिस्ट्रेशन करवाने से पहले इस यात्रा का रूट जरूर चेक करते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कैलाश मानसरोवर की यात्रा रूट के बारे में बताने जा रहे हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा रूट

अगर आप भी कैलाश मानसरोवर की यात्रा में शामिल होने का प्लान बना रहे हैं। तो बता दें कि भारत सरकार द्वारा इस यात्रा के दो रूट्स तय किए गए हैं। ऐसे में इस यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्री इस पवित्र और प्रसिद्ध यात्रा को पूरा कर सकते हैं।

कैलाश मानसरोवर की यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और दूसरा सिक्किम के नाथुला दर्रे से होती है। इन दो रूट्स से आप भी इस यात्रा को पूरा कर सकते हैं।

लिपुलेख दर्रा

अगर आप उत्तराखंड से कैलाश मनसरोवर की यात्रा करना चाहते हैं। तो इस यात्रा की शुरूआत दिल्ली से होगी। दिल्ली में मेडिकल जांच कराने के बाद आपको अल्मोड़ा होते हुए धारचूला, बूढ़ी, गुंजी और लिपुलेख दर्रा जैसे पड़ाव को पार करते हुए दारचेन जाना होगा। फिर यहां से आप कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का दर्शन कर पाएंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लिपुलेख दर्रे से कैलाश मनसरोवर की यात्रा में करीब 24 से 25 दिन लगते हैं। वहीं इस यात्रा को शुरू करने से पहले दिल्ली में स्वास्थ्य की जांच की जाती है। वहीं करीब इसमें 4-5 दिन लगते हैं। यात्रा के हर पड़ाव पर 1-2 दिन स्टे करना होता है। इस मार्ग से सिर्फ 1000 यात्रियों को जाने की अनुमति मिलती है।

नाथुला दर्रा

लिपुलेख दर्रे के साथ ही आप सिक्किम के नाथुला दर्रे से कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर सकते हैं। इस रूट से यात्रा को पूरा करने में करीब 22 से 23 दिन का समय लगता है। इस रूट से यात्रा की शुरूआत दिल्ली से होती है।

आप दिल्ली में 4-5 दिनों तक मेडिकल चेकअप के बाद सिक्किम के गंगटोक जाना पड़ता है। गंगटोक से शेरथांग, लाजी और कंगमा होते हुए आपको दारचेन पहुंचना होगा। दारचेन में 1 रात स्टे करने के बाद अगले दिन कैलाश पर्वत और फिर मानसरोवर झील के दर्शन करें। फिर आपको वापस भी इसी रूट से दिल्ली आना होता है। हालांकि इस रूट से करीब 750 तीर्थ यात्रियों को जाने की परमिशन है।

जेलेंस्की के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से की दो घंटे लंबी बातचीत, क्या अब रुकेगा युद्ध?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच सोमवार को  फ़ोन पर बातचीत 2 घंटे से ज़्यादा देर तक बातचीत हुई। रूस और युक्रेन के बीच जारी जंग के बीच व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ सीधी बातचीत फिर से शुरू करने के ट्रम्प के प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। बातचीत में पुतिन ने कहा कि रूस युद्ध विराम सहित स्थायी शांति की दिशा में आगे के कदमों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इससे पहले ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी बात की थी।

युद्ध विराम को लेकर हुई बात

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ दो घंटे से अधिक समय तक फोन पर बात की और इस बातचीत में इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ संपर्कों की बहाली से संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष आम तौर पर सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं । रूस और यूक्रेन को ऐसे समझौते खोजने होंगे जो दोनों पक्षों के लिए उपयुक्त हों, समझौते होने पर यूक्रेन के साथ युद्धविराम संभव है। मास्को भविष्य की शांति वार्ता के लिए ज्ञापन पर कीव के साथ काम करने के लिए तैयार है, संकट के मूल कारणों को समाप्त किया जाना चाहिए।

ट्रंप ने जेलेंस्की से भी की थी बात

जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से बात करने से पहले कथित तौर पर ज़ेलेंस्की से बात की थी और बातचीत के बीच ट्रंप ने ज़ेलेंस्की से पूछा कि उन्हें पुतिन के साथ क्या चर्चा करनी चाहिए। ज़ेलेंस्की ने जवाब दिया कि ट्रंप को पुतिन पर 30 दिन के संघर्ष विराम को स्वीकार करने के लिए दबाव डालना चाहिए, भविष्य में पुतिन-ज़ेलेंस्की की बैठक के लिए सहमत होना चाहिए जिसमें ट्रंप शामिल हो सकते हैं, और दोहराना चाहिए कि अमेरिका कीव के इनपुट के बिना यूक्रेन के बारे में कोई निर्णय नहीं लेगा।

Indian Students Jobs: भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में रोजगार के अवसर घटे, खत्म हुआ विदेशों में पढ़ाई का ‘सुनहरा दौर’

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में अब भारतीयों के लिए राह आसान नहीं होने वाली है। हाल के वर्षों में इन देशों में विदेशी छात्रों, विशेषकर भारतीय छात्रों के लिए नौकरी के अवसरों में भारी गिरावट देखी गई है। यहां नौकरी पाना अब आसान भी नहीं है, खासकर उन भारतीय छात्रों के लिए जो बेहतर अवसरों की तलाश में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और यूके जैसे देशों में जाने की योजना बना रहे हैं। गुरुग्राम स्थित उद्यमी राजेश साहनी, जीएसएफ एक्सेलरेटर के संस्थापक और सीईओ ने चेतावनी दी है कि अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए अब इन देशों में नौकरी के लिहाज से ‘हनीमून’ अवधि समाप्त हो रही है।

‘हनीमून खत्म हो गया है’

राजेश साहनी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा “अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए यूएसए, कनाडा और यूके में कोई नौकरी नहीं है। हनीमून खत्म हो गया है, माता-पिता को महंगी शिक्षा पर करोड़ों खर्च करने से पहले दो बार सोचना चाहिए।”

राजेश साहनी ने क्या कहा?

राजेश साहनी हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम) के पूर्व छात्र हैं और इनके पास लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से फेलोशिप है। उन्होंने कहा कि विदेश में कॉलेज से स्नातक करने और हाई सैलरी वाली नौकरी पाने का पुराना तरीका अब काम नहीं कर रहा है। साहनी ने कहा, “इंजीनियरिंग के छात्रों, खासकर IITians के पास एक आसान तरीका था, अमेरिका में मास्टर्स करें और $200K की शुरुआती तकनीकी नौकरी पाएं। यह तरीका अब काम नहीं करता है।”

लोगों ने दी प्रतिक्रिया

राजेश साहनी की सोशल मीडिया पोस्ट ने फॉलोअर्स के बीच बहस छेड़ दी, जिसमें एक वर्ग ने दावा किया कि साहनी सही हैं, जबकि अन्य ने कहा कि अगर आप प्रतिभाशाली हैं तो पर्याप्त अवसर हैं। एक ने कहा कि अब खेल साख से हटकर योग्यता पर आ गया है। जिन लोगों के पास कौशल है वो अब भी रास्ता खोज लेंगे।

इस वजह से छिड़ी बहस

यह घटनाक्रम अमेरिका स्थित टेक दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की ओर से वैश्विक स्तर पर लगभग 6,000 कर्मचारियों या अपने कार्यबल के 3 प्रतिशत को नौकरी से निकालने की पृष्ठभूमि में आया है, जिनमें से कई भारतीय पेशेवर हैं। इमिग्रेशन, एच-1बी वीजा और टैरिफ पर डोनाल्ड ट्रंप की हालिया कार्रवाई को ध्यान में रखें, तो भारतीय छात्रों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी जानें

देखने वाली बात यह भी है कि, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने हाल के वर्षों में अपने वीजा और प्रवास नीतियों को अधिक सख्त किया है। पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा की अवधि में कटौती, H-1B और अन्य कार्य वीजा के नियमों में बदलाव और आव्रजन की सीमाओं ने विदेशी छात्रों के लिए नौकरी पाना कठिन बना दिया है। वैश्विक आर्थिक मंदी और बढ़ती बेरोजगारी के चलते ये देश अब अपने नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी छात्रों को नौकरी देने में कंपनियों को कानूनी और वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे वो हिचकिचाते हैं। तकनीकी क्षेत्र में ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण बहुत सी पारंपरिक नौकरियां खत्म हो रही हैं। कंपनियां अब विशेष कौशल की मांग करती हैं, जो हर छात्र के पास नहीं होता है।

पहली ही फिल्म से मिल गया था नेशनल अवॉर्ड, फिल्मी जगत से जुड़ा है गहरा संबंध

ग्लोबल स्टार जूनियर एनटीआर ‘लोक परलोक’ से लेकर ‘आर आर आर’ जैसी कई फिल्मों में अपने फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन से सभी का दिल जीत चुके हैं। अब तक 31 फिल्मों में काम कर चुके जूनियर एनटीआर जल्द ही ऋतिक रोशन स्टारर फिल्म ‘वॉर 2’ से बॉलीवुड डेब्यू करने जा रहे हैं। इस फिल्म के कारण जूनियर एनटीआर चर्चा में बने हुए हैं। महज 8 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले जूनियर एनटीआर का असली नाम नंदमुरी तारक रामा राव जूनियर है। साउथ सुपरस्टार ने फिल्म ‘ब्रह्मऋषि विश्वामित्र’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू किया था। फिर 14 साल की उम्र में ‘रामाणम्’ फिल्म में श्रीराम का किरदार निभाया था। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट चिल्ड्रेन फिल्म नेशनल अवॉर्ड मिला था।

राजामौली ने जूनियर एनटीआर को बनाया स्टार

8 साल की उम्र में अपने दादा की फिल्म से किया डेब्यू जूनियर एनटीआर का जन्म 20 मई 1983 को फिल्म एक्टर और पॉलिटिशियन नंदमुरी हरिकृष्ण के घर हुआ। उनके दादा दिग्गज तेलुगु एक्टर, फिल्ममेकर और आंध्र प्रदेश के पूर्व चीफ मिनिस्टर एन. टी. रामा राव थे। पढ़ाई के दौरान ही एक्टर ने कुचिपुड़ी डांस की ट्रेनिंग ली। उन्होंने 18 की उम्र में साल 2001 में आई ‘निन्नु चूडालानी’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। खास बात यह है कि उनका करियर राजामौली की फिल्मों की वजह से चमका है। अब तक अपने करियर में जूनियर एनटीआर ने राजामौली के साथ ‘सिम्हाद्री’, ‘लोक-परलोक’ और ‘RRR’ समेत 4 फिल्मों में काम किया है। सभी फिल्में सुपरहिट रहीं। ‘स्टूडेंट नंबर 1’ जूनियर एनटीआर की पहली सुपरहिट फिल्म थी। ये एस.एस राजामौली की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म भी थी।

साउथ का यंग टाइगर

जूनियर एनटीआर अपनी अपकमिंग फिल्म ‘वॉर 2’ के लिए लाइमलाइट में बने हुए हैं। बता दें कि इन्हें तेलगु सिनेमा के ‘यंग टाइगर’ के नाम से जाना जाता है। इनके पिता नंदमुरी हरिकृष्ण जाने माने निर्माता और अभिनेता तथा सांसद है।

2025 की धमाकेदार एक्शन थ्रिलर, OTT पर मचा चुकी है धमाल — सस्पेंस और एक्शन से भरपूर है ये फिल्म

ओटीटी पर आए दिन कई धांसू एक्शन और थ्रिलर फिल्में रिलीज होती है, जिसमें से कुछ दर्शकों की पसंदीदा बन जाती है। हम अक्सर देखते हैं कि एक्शन थ्रिलर में आमतौर पर हथियारों से लड़ाई और बम का धमाका होता है। लेकिन, आज हम आपको 2025 में आई उस फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके हर सीन में हिंसा, छल और कपट है। ऐसे में यदि आप भी ओटीटी पर फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो हम आपके लिए नेटफ्लिक्स की जबरदस्त एक्शन थ्रिलर लेकर आए हैं। थ्रिलर और सटायर से भरपूर ये फिल्म रिलीज के बाद ट्रेंड करने लगी। इसमें चोरी, माफिया और धोखे का ऐसा तड़का लगाया गया है कि आप अंत तक इसे देखे बिना नहीं रह पाएंगे।

2025 की बेस्ट एक्शन थ्रिलर

इसी साल रिलीज हुई धांसू एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ के बारे में बात कर रहे हैं, जिसे कूकी गुलाटी और रॉबी ग्रेवाल ने निर्देशित किया है। फिल्म में सैफ अली खान, जयदीप अहलावत, निकिता दत्ता और कुणाल कपूर जैसे बेहतरीन सितारे हैं। ये फिल्म भी 2025 की कुछ बेस्ट फिल्मों में से एक है, जिसको ओटीटी दर्शकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इतना ही नहीं फिल्म के गाने भी चर्चा में है। ‘ज्वेल थीफ’ को अप्रैल में नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया था, जिसके बाद से ही ये ओटीटी पर ट्रेंड कर रही है।

सस्पेंस की बाप है ये फिल्म

‘ज्वेल थीफ – द हाइस्ट बिगिन्स’ में मास्टर ज्वेल थीफ की कहानी को दिखाया गया है, जो हीरे, रेड सन को चुराने की कोश‍िश करता है। इसके लिए वह तगड़ी प्‍लानिंग करता है। वो चेरी के पहले धोखे और विश्वासघात के खतरनाक जाल में उलझ जाता है और उसे निकालने के लिए सारी हदें पार कर देता है। इसमें चोर रेहान रॉय के रोल में सैफ अली खान हैं जो खूंखार अपराधी राजन औलाख (जयदीप अहलावत) से बेशकीमती हीरा के साथ-साथ उसकी पत्नी को भी छीन लेता है। फिल्‍म की सपोर्टिंग कास्‍ट में पुलिस अधिकारी विक्रम पटेल के रूप में कुणाल कपूर और राजन की पत्नी के रूप में निकिता दत्ता हैं।