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नेपाल की अंतरिम सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, चार नए मंत्रियों ने शपथ ली, पीएम कार्की के नेतृत्व में करेंगे कार्य

नेपाल की नवनियुक्त प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सोमवार को अपने अंतरिम मंत्रिमंडल में चार नए मंत्रियों को शामिल किया, जिससे मंत्रियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई. राष्ट्रपति कार्यालय शीतल निवास में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने पूर्व न्यायाधीश अनिल कुमार सिन्हा, राष्ट्रीय आविष्कार केंद्र के संस्थापक महावीर पुन, पत्रकार जगदीश खरेल और विशेषज्ञ मदन परियार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

चार नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ प्रधानमंत्री सुशीला कार्की (73) के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में सदस्यों की संख्या आठ हो गई है. प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं. सिन्हा उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्री हैं, जबकि खरेल संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री हैं. परियार कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री हैं, जबकि पुन शिक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हैं.

अंतरिम मंत्रिमंडल में केवल 11 सदस्य का सुझाव

नेपाल के संविधान के अनुसार, मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित अधिकतम 25 सदस्य हो सकते हैं. हालांकि, कार्की ने हाल में सुझाव दिया था कि उनके अंतरिम मंत्रिमंडल में केवल 11 सदस्य हो सकते हैं. राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार (21 सितंबर, 2025) को घोषणा की थी कि सोमवार को 5 नए मंत्री शपथ लेंगे. हालांकि, संगीता कौशल मिश्रा को बाद में उनकी विवादास्पद पृष्ठभूमि के कारण सूची से हटा दिया गया.

सूत्रों के अनुसार, भ्रष्टाचार विरोधी संस्था अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग, नेपाल (सीआईएए) मिश्रा से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच कर रही है. कार्की के 12 सितंबर को नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के साथ देश में जारी राजनीतिक अनिश्चितता का दौर खत्म हो गया.

कार्यभार संभालने के बाद इन पदों पर नियुक्ति

भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के मुद्दे को लेकर युवाओं के नेतृत्व में अपनी सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को पद से हटना पड़ा था, जिससे राजनीतिक संकट पैदा हो गया था. कार्यभार संभालने के तुरंत बाद कार्की ने कुलमा घीसिंग को ऊर्जा, जल संसाधन और भौतिक नियोजन मंत्री, रामेश्वर खनल को वित्त मंत्री और ओम प्रकाश आर्यल को गृह मंत्री नियुक्त किया था. अंतरिम सरकार अगले साल 05 मार्च को होने वाले आम चुनाव तक कार्य करेगी.

Sports News:वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए भारतीय टीम में करूण, रेड्डी या देवदत्त में से कौन शामिल होंगे?

वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिये 15 सदस्यीय भारतीय टीम चुनने अजित अगरकर की अध्यक्षता वाली समिति की इस सप्ताह वर्चुअल बैठक होगी तो सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि इंग्लैंड में औसत प्रदर्शन के बावजूद क्या करूण नायर को मौका मिलेगा बैठक बुधवार या बृहस्पतिवार को आनलाइन होगी. यह भारत ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच दूसरे अनौपचारिक टेस्ट का दूसरा या तीसरा दिन भी होगा.

अंतिम एकादश में चयन के लिये करूण के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी नीतिश रेड्डी होंगे जो अब फिट हैं और भारत ए टीम में भी हैं. पहले मैच में उन्हें अंतिम एकादश में नहीं चुना गया लेकिन दूसरे मैच में खेल सकते हैं.

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टेस्ट दो से छह अक्टूबर तक अहमदाबाद में खेला जायेगा जबकि दूसरा टेस्ट दिल्ली में 10 से 14 अक्टूबर को होगा.

इंग्लैंड के खिलाफ ओवल पर आखिरी टेस्ट में अर्धशतक जमाने वाले करूण ने सभी पारियों में अच्छी शुरूआत की. वह खराब फॉर्म में नहीं थे लेकिन ज्यादा रन नहीं बना सके.  इसके बाद उनकी ऊंगली में चोट लग गई और वह दलीप ट्रॉफी नहीं खेल सके. भारत ए टीम के चयन के समय ही उन्हें फिट घोषित किया गया.

यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, बी साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल का चयन तय है जबकि ध्रुव जुरेल विकेटकीपर होंगे क्योंकि ऋषभ पंत अभी तक फिट नहीं हुए हैं.

अब देखना यह है कि भारत अतिरिक्त बल्लेबाज को उतारता है या रेड्डी की तरह बल्लेबाजी हरफनमौला को. सभी के फिट होने पर तीन विशेषज्ञ स्पिनर रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर होंगे. तेज गेंदबाजों में मोहम्मद सिराज का खेलना तय है जबकि जसप्रीत बुमराह को ब्रेक दिया जा सकता है.

चयन समिति के प्रमुख अगरकर इस समय दुबई में हैं और कप्तान गिल और कोच गौतम गंभीर से बातचीत के लिये रूक गए हैं. अतिरिक्त बल्लेबाज के तौर पर देवदत्त पड्डिकल के नाम पर विचार किया जा सकता है. पहले ए टेस्ट में नाकाम रहे श्रेयस अय्यर को दूसरे मैच में रन बनाने होंगे.

ट्रंप के टैरिफ विवाद के बीच जयशंकर और मार्को रुबियो की मुलाकात, बातचीत में प्रमुख मुद्दे क्या रहे?

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भाग लेने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका पहुंचे। उन्होंने सोमवार को अमेरिकी सीनेट सदस्य मार्को रुबियो से मुलाकात की, जिसमें एच-1बी वीजा, टैरिफ और व्यापार समझौते सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा

जयशंकर ने बताया कि बैठक में दोनों देशों के मौजूदा द्विपक्षीय मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बातचीत हुई। कई मुद्दों पर निरंतर सहयोग पर सहमति बनी। यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और हाल के महीनों में उभरे मतभेदों को कम करने के प्रयास के रूप में हुई। जयशंकर और रुबियो के बीच यह इस साल की तीसरी बैठक थी, पिछली बातचीत 1 जुलाई को वाशिंगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई थी।

H-1B वीजा और टैरिफ

हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के आवेदन शुल्क को 100,000 डॉलर तक बढ़ा दिया है, जिससे टेक इंडस्ट्री और वीजा धारकों में चिंता का माहौल बन गया। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क केवल नए वीजा पर लागू होगा, न कि मौजूदा वीजा धारकों या रिन्यूअल पर।

जयशंकर और रुबियो की यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीद पर भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क लगाने के बाद हुई, जिससे भारत पर कुल शुल्क 50 फीसदी तक पहुंच गया।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत

बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भी बातचीत हो रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी पक्ष से मिलकर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर चर्चा को आगे बढ़ाएगा।

Alcohol Absorption Facts: खाना खाने से पहले या खाना खाने के बाद, कब पीनी चाहिए शराब, कब ज्यादा होता है नशा?

शराब पीने का चलन हर समाज में अलग-अलग तरह से देखने को मिलता है. कोई इसे पार्टी का हिस्सा मानता है तो कोई तनाव दूर करने का जरिया. लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि शराब खाने से पहले पीनी चाहिए या खाने के बाद. चलिए आपको इस सवाल का जवाब देते हैं कि शराब खाने के पहले ज्यादा असर करका है या फिर खाने के बाद. 

खाली पेट शराब पीना

अगर आप खाना खाने से पहले शराब पीते हैं तो इसका असर शरीर पर सबसे तेज पड़ता है. जब पेट खाली होता है तो अल्कोहल सीधे छोटी आंत में पहुंचकर खून में तेजी से घुल जाती है. इससे ब्लड अल्कोहल लेवल (BAC) अचानक बहुत अधिक बढ़ जाता है.

  • खाली पेट नशा जल्दी और ज्यादा चढ़ता है.
  • उल्टी, चक्कर और ब्लैकआउट होने का खतरा रहता है.
  • लंबे समय तक ऐसा करने से पेट और लीवर को नुकसान पहुंचता है.
  • एक्सपर्ट का मानना है कि खाली पेट शराब पीना सबसे ज्यादा हानिकारक है और इससे बचना चाहिए.

खाना खाने के बाद शराब पीना

  • खाने के बाद शराब पीना आसान और फायदेमंद माना जाता है. जब पेट भरा होता है तो भोजन अल्कोहल के absorption को धीमा कर देता है.
  • नशा धीरे-धीरे चढ़ता है और उतना तीव्र नहीं होता.
  • शरीर को अल्कोहल को पचाने और प्रोसेस करने का समय मिल जाता है.
  • प्रोटीन और फैट से भरपूर भोजन (जैसे पनीर, मांस, दाल, अंडे) शराब के असर को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं.
  • इसलिए अगर शराब पीनी ही है, तो इसे खाने के बाद लेना बेहतर विकल्प है.

खाना खाते समय शराब पीना

  • कई लोग शराब को खाने के साथ ही पीते हैं. इस स्थिति में असर बीच का होता है , न तो नशा बहुत जल्दी चढ़ता है और न ही बहुत देर से.
  • भोजन अल्कोहल के असर को संतुलित कर देता है.
  • शरीर पर अचानक दबाव नहीं पड़ता.
  • यूरोपियन कल्चर में वाइन को भोजन के साथ लेने की परंपरा इसी वजह से है.

कब ज्यादा होता है नशा?

  • रिसर्च बताते हैं कि खाली पेट शराब पीने से नशा सबसे ज्यादा और सबसे जल्दी होता है. इसके विपरीत, खाना खाने के बाद नशा हल्का और नियंत्रित रहता है.
  • शराब की मात्रा और उसका प्रकार (बीयर, वाइन, व्हिस्की) भी नशे की तीव्रता पर असर डालते हैं.
  • शरीर का वजन, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति भी मायने रखते हैं.

एक्सपर्ट की राय

  • हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का कहना है कि शराब हमेशा सीमित मात्रा में और खाने के बाद ही पीनी चाहिए.
  • खाली पेट शराब पीने से गैस्ट्रिक प्रॉब्लम, अल्सर और लीवर डैमेज का खतरा बढ़ जाता है.
  • संयम (moderation) ही सबसे सुरक्षित विकल्प है.

खाने से पहले शराब पीना नशे को तेज कर देता है और शरीर को नुकसान भी ज्यादा पहुंचाता है. इसके उल्टा, खाने के बाद या साथ में शराब पीने से इसका असर धीरे-धीरे होता है और सेहत पर जोखिम कम होता है. अगर शराब पीनी ही है तो इसे भोजन के बाद सीमित मात्रा में ही लेना सबसे बेहतर माना जाता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

नवरात्रि में गरबा-डांडिया का असली आनंद लेना है तो Delhi-NCR की इन जगहों पर ज़रूर जाएं।

फेस्टिवल शुरु होते ही उत्साह और जश्न शुरु हो जाता है। नवरात्रि में डांडिया और गरबा नाइट्स खेलने का एक अलग ही मजा आता है। शारदीय नवरात्रि के दौरान पूरे देश में हर जगह-जगह पर गरबा और डांडिया नाइट्स के आयोजन होते हैं। इन आयोजनों में लोग ट्रेडिसनल घाघरा-चोली पहनकर और अच्छे से सजकर गरबा और डांडिया खेलते हैं। दिल्ली और एनसीआर में कई जगहों पर गरबा और डांडिया नाइट्स आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लाइव म्यूजिक, ढोल की थाप और स्वादिष्ट व्यंजन शामिल होते हैं। इन आयोजनों में भाग लेकर आप नवरात्रि पर्व का जश्न और उत्साह का अनुभव कर सकते हैं और देवी दुर्गा की भक्ति में शामिल हो सकते हैं। आइए आपको बताते हैं दिल्ली-एनसीआर के ये जगहें, जहां पर डांडिया नाइट्स और गरबा का शानदार मजा ले सकते हैं।

द्वारका गरबा नाइट, दिल्ली

गरबा लवर्स के लिए दिल्ली के द्वारका में अयोजित होने वाला यह इवेंट बेहद खास हो सकता है। यहां की गरबा नाइट्स में जोश और ऊर्जा से भरा माहौल आपको देखने को मिल जाएगा। लोग रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़ो में सजकर लोग आते हैं। यहां ढोल की थाप पर लोग गरबा करते हैं।

नोएडा स्टेडियम, नोएडा

गरबा का सबसे शानदार आयोजन नोएडा स्टेडियम में होता है। यह जगह गरबा के साथ-साथ शानदार सजावट और भव्य आयोजन के लिए भी जानी जाती है। यहां हर साल हजारों लोग गरबा खेलने को आते हैं। पूरा स्टेडियम एक उत्सव का माहौल बन जात है। यहां पर जाने-माने सिंगर भी आते हैं। इसके साथ ही खाने-पीने स्टॉल मिल जाएंगे।

किंगडम ऑफ ड्रीम्स, गुरुग्राम

अगर आप डांडिया और गरबा का शानदार अनुभव लेना चाहते हैं, तो किंगडम ऑफ ड्रीम्स, गुरुग्राम में जा सकते हैं। यहां की सजावट और आकर्षक लाइट शो आपका दिल जीत लेगा। यहां गरबा और डांडिया नाइट्स का आयोजन होता है। यहां पर प्रोफेशनल कलाकर भी आते हैं। यह जगह आपके के लिए काफी यादगार बन जाएगी।

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, दिल्ली

दिल्ली में डांडिया और गरबा नाइट्स के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम एकदम बढ़िया ऑप्शन है। यहां पर बड़े-बडे गरबा के इवेंट होते रहते हैं, यहां पर बॉलीवुड के प्रसिद्ध सिंगर और म्यूजिशियन भी हिस्सा लेते हैं। यहां पर लाइव बैंड और सेलिब्रिटीज भी देखने को मिल सकते हैं।