अक्षय कुमार और अरशद वारसी की कोर्टरूम ड्रामा ‘जॉली एलएलबी 3’ अपनी शानदार कहानी और स्टार कास्ट की दमदार एक्टिंग की वजह से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही है. इसी के साथ ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है. इसने रिलीज के पहले हफ्ते में अच्छी कमाई की और दूसरे वीकेंड पर भी इसका कलेक्शन अच्छा रहा. चलिए यहां जानते हैं ‘जॉली एलएलबी 3’ ने रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे मंडे को कितना कलेक्शन किया है?
‘जॉली एलएलबी 3’ ने 11वें दिन कितनी की कमाई? अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्टारर कोर्टरूम कॉमेडी-ड्रामा ‘जॉली एलएलबी 3’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई के साथ 11 दिन पूरे कर लिए हैं. 19 सितंबर को रिलीज़ हुई इस फिल्म में हंसी की डोज भी है तो वहीं ये कोर्टरूम ड्रामा सोशल रेलिवेंट थीम पर भी बेस्ड है. यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है. इसी वजह से जॉली एलएलबी 3 ने दूसरे हफ़्ते में भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक बनाई हुई है.
फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो इसने पहले हफ्ते में 74 करोड़ कमाई की थी. वहीं 8वे दिन इसने 3.75 करोड़ कमाए. इसके बाद 9वें दिन इसकी कमाई 6.5 करोड़ रुपये रही और 10वें दिन भी इसका कलेक्शन 6.25 करोड़ रुपये रहा.
वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे सोमवार को 3 करोड़ की कमाई की है.
इसी के साथ ‘जॉली एलएलबी 3’ की 11 दिनों की कुल कमाई अब 93.50 करोड़ रुपये हो गई है.
‘जॉली एलएलबी 3’ 100 करोड़ से कितनी दूर? ‘जॉली एलएलबी 3’ की कमाई में दूसरे सोमवार को थोड़ी गिरावट जरूरी आई है लेकिन इसने फिर भी अच्छी कमाई की है. इसी के साथ ‘जॉली एलएलबी 3’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत की हुई है और अच्छी बात ये है कि ये फिल्म 100 करोड़ी बनने से बस इंचभर दूर है. इस मील के पत्थर को पार करने के लिए ‘जॉली एलएलबी 3’ को महज 6.50 करोड़ और चाहिए. इसके बाद ये फिल्म 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली अक्षय कुमार की साल की तीसरी फिल्म बन जाएगी. इससे पहले स्काई फोर्स और हाउसफुल 5 ये उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं.
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने दरोगाखेड़ा काशीराम कॉलोनी में 137वाँ “आपका विधायक – आपके द्वार” शिविर आयोजित किया।
शिविर में 37 जनसमस्याएँ दर्ज हुईं और उनके समाधान के लिए तुरंत संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत आई कैंप में 104 लोगों का नेत्र परीक्षण हुआ और 50 वृद्धजनों को मुफ्त चश्में बांटे गए।
मेधावी छात्रों को सरोजनीनगर गौरव सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया और युवाओं के लिए सरोजनीनगर यूथ क्लब की घोषणा की गई।
शिविर ने स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए क्षेत्रीय विकास की नई दिशा दिखाई।
लखनऊ, शिवसागर सिंह चौहान: Editor- TrueNewsUP : सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की जनसेवा परक पहल “आपका विधायक – आपके द्वार” निरंतर क्षेत्र की जनता को राहत और समाधान उपलब्ध करा रही है।
इसी श्रंखला में रविवार को दक्षिण प्रथम मंडल के अंतर्गत दरोगाखेड़ा काशीराम कॉलोनी में 137वाँ शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर ने एक बार फिर यह साबित किया कि जनता से सीधा संवाद और त्वरित कार्यवाही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त है।
जनसमस्याओं का त्वरित समाधान
इस शिविर में सबसे अधिक महत्व आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देने को दिया गया। क्षेत्रवासियों ने सड़क, नाली, प्रधानमंत्री आवास और साइकिल जैसी बुनियादी ज़रूरतों से जुड़ी कुल 37 समस्याएँ दर्ज कराईं। इनमें से कई मुद्दों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जबकि बाकी समस्याओं को शीघ्र समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया। इसके अतिरिक्त, शिविर के दौरान सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं का लाभ भी सीधे जनता तक पहुँचाया गया। 10 आयुष्मान कार्ड, 2 आभा कार्ड, 3 वोटर आईडी और 1 राशन कार्ड बनाए गए, साथ ही एक किसान सम्मान निधि की केवाईसी भी पूरी कराई गई। यह पहल साबित करती है कि डॉ. राजेश्वर सिंह केवल समस्याएँ सुनने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनका लक्ष्य जनता की तकलीफ़ों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करना है।
सन आई हॉस्पिटल के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर
शिविर का एक और महत्वपूर्ण पहलू स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना रहा। इस अवसर पर सन आई हॉस्पिटल के सहयोग से नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 104 लोगों की आँखों की जाँच की गई, जबकि 50 वृद्धजनों को मुफ्त चश्में उपलब्ध कराए गए। इस स्वास्थ्य शिविर ने न केवल लोगों को तुरंत राहत दी, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। वृद्धजन, जिन्हें लंबे समय से आँखों की समस्या थी, नए चश्में पाकर बेहद संतुष्ट दिखे। इस पहल ने स्पष्ट किया कि विधायक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
मेधावी छात्रों का सम्मान – “गाँव की शान पहल”
डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि शिक्षा और प्रतिभा किसी भी समाज के विकास की नींव होती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए शिविर में “गाँव की शान पहल” के अंतर्गत मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शानदार अंक प्राप्त करने वाले छात्रों अंशिका गुप्ता, शिवानी, सौम्य अवस्थी और करण गौतम को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल छात्रों की मेहनत को सराहता है बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में शिक्षा को लेकर सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया।
युवाओं का सशक्तिकरण और खेल संसाधन
शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए भी शिविर में उल्लेखनीय कदम उठाए गए। डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर इस अवसर पर 150वाँ बॉयज़ यूथ क्लब और 88वाँ गर्ल्स यूथ क्लब गठित किया गया। इसके साथ ही युवाओं को खेल किट्स भी वितरित की गईं, ताकि वे खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इस कदम ने युवाओं में उत्साह और जोश भर दिया। यह पहल न केवल खेल प्रतिभाओं को सामने लाएगी बल्कि युवाओं को नशे और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
सामाजिक सहभागिता और विकास कार्यों की जानकारी
शिविर ने सामाजिक सहभागिता की भावना को भी मजबूती दी। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष के.के. श्रीवास्तव, सेक्टर संयोजक डॉ. अजीत गुप्ता, बूथ अध्यक्ष सीमा सिंह, पार्षद गीता देवी, पूर्व आईपीएस ऋषि और कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी का स्वागत अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। इसके अतिरिक्त, जनता को सरोजनीनगर विकास दर्शन रथ के माध्यम से क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, तारा शक्ति नि:शुल्क रसोई के माध्यम से उपस्थित लोगों को पौष्टिक और ताज़ा भोजन उपलब्ध कराया गया। इस प्रयास ने कार्यक्रम को केवल एक शिविर नहीं बल्कि सामाजिक सद्भाव और सहभागिता का उत्सव बना दिया।
लोकतंत्र का जमीनी उदाहरण
137वाँ “आपका विधायक – आपके द्वार” शिविर लोकतंत्र की वास्तविकता का जीवंत प्रमाण बना। इस शिविर ने दिखाया कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच निरंतर संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है। स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, सामाजिक सम्मान और युवाओं का सशक्तिकरण—इन सभी पहलुओं का समावेश इस शिविर को समग्र विकास मॉडल बनाता है। जनता का विश्वास और संतुष्टि इस बात का प्रमाण है कि डॉ. राजेश्वर सिंह का नेतृत्व वास्तव में संवेदनशील और समावेशी है। यह पहल सरोजनीनगर को न केवल एक विकसित क्षेत्र बना रही है बल्कि इसे अन्य विधानसभाओं के लिए एक मिसाल भी स्थापित कर रही है।
आज इंसान जिन बीमारियों से सबसे ज्यादा परेशान है, उनमें से एक है हाई ब्लड प्रेशर. इसे “साइलेंट किलर” के नाम से भी जाना जाता है. शुरुआत में इसके ज्यादा लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन समय के साथ ही यह खतरनाक होता चला जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे शरीर को वह कौन सा अंग है, जो सबसे पहले हाई बीपी के लक्षण का संकेत देने लगता है, अगर नहीं पता है, तो हम आपको बता देते हैं कि वह अंग है आंख. चलिए आपको बताते हैं कि आंख से हाई बीपी के लक्षण का पता चलता है और किस तरह इससे आंख को नुकसान हो सकता है.
आंखों से कैसे पता चलता ह
ऐसी कई बीमारियां हैं, जिनके लक्षण आंखों से दिखने लगते हैं, वैसा ही कुछ हाई ब्लड प्रेशर में भी होता है. रेटिना में होने वाले बदलाव से इसके बारे में पता चलता है कि आप कितना हाई बीपी के चपेट में आ चुके हैं और इससे शरीर के बाकी अंगों को कितना नुकसान हो चुका है, इसका भी अंदाजा लगाया जा सकता है. आंखों की रेटिना में छोटी ब्लड वेसल्स आपको मामूली ब्लड प्रेशर में बदलाव को भी आसानी से बता देती हैं, क्योंकि यह काफी सेंसिटिव होती हैं. आप आंख को देखकर इस तरह भी अंदाजा लगा सकते हैं कि जैसे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, तुरंत छोटी ब्लड वेसल्स पहले की तुलना में सख्त और संकरी नजर आने लगती हैं. इसका असर हमारी आंख पर साफ दिखाई देता है.
आंखों को कितना नुकसान होता है
अगर हाई बीपी की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर आंखों में साफ दिखाई पड़ता है. रेटिना को नुकसान होने लगता है, जिसे मेडिकल टर्म में ‘हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी’ कहा जाता है. इस दौरान रेटिना की आर्टरीज पहले की तुलना में काफी सख्त और मोटी होने लगती हैं. काफी समय तक अगर इसका असर रहता है, तो आर्टरीज के चारों तरफ सिल्वर वायरिंग होने लगती है. बाद में यही सख्त आर्टरीज वेन्स में ब्लड के फ्लो को भी बाधित करने लगती हैं, जिसे आर्टीरियोवेनस निकिंग कहा जाता है.
अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही, तो इससे देखने की क्षमता पर असर होने लगता है. इसके अलावा रेटिनल वेन ऑक्लूजन, रेटिनल आर्टरी ऑक्लूजन, मैलिग्नेंट हाइपरटेंशन और सूजन और फ्लूएड का रिसाव जैसी स्थिति भी बनने लगती है. अगर यह स्थिति लंबे समय तक रहती है, फिर इसके असर हार्ट और किडनी के साथ-साथ आंखों पर इसका काफी असर पड़ता है.
क्या कहते हैं डॉक्टर
रोहिणी, नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में कार्यरत प्रतिष्ठित नेत्र चिकित्सक डॉ. रामचंद्र सिंह बताते हैं, “हाई बीपी का असर सिर्फ हार्ट और किडनी पर ही नहीं होता, इसका असर आंखों पर भी होता है, अगर हम समय पर ध्यान न दें तो इससे आंखों को काफी नुकसान पहुंच सकता है. हाई बीपी के मरीजों को समय-समय पर आंखों की जांच करवाते रहना चाहिए.”
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
दुनियाभर में 29 सितंबर को World Heart Day मनाया जाता है. इसके पीछे का मकसद जो है वह लोगों को हार्ट के बारे में जानकारी देना होता है कि अपने हार्ट को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है. आजकल लोगों को पास अपने आप पर ध्यान देने के लिए समय ही नहीं बचा है, जिसके चलते गलत खान पान और लाइफस्टाइल का नतीजा यह हुआ है कि हार्ट अटैक के मामले पहले की तुलना में काफी गुना बढ़ गए हैं. पहले जहां इसकी चपेट में उम्रदराज लोग रहते थे, आज हर उम्र के लोग इसकी चपेट में हैं. चलिए आज आपको वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर बताते हैं कि हार्ट अटैक आने के बाद कैसी होनी चाहिए लाइफस्टाइल और इसके पहले 90 डे की जिंदगी कैसी होनी चाहिए.
हार्ट अटैक में रिकवरी
हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें इंसान के शरीर को रिकवरी करने की जरूरत होती है. एक बार अस्पताल से छुट्टी मिलने का मतलब यह नहीं होता कि आप पूरी तरह फिट हो गए हैं और आपको आराम की जरूरत नहीं है. इसमें अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद असली जंग शुरू होता है, जिसमें आपको पहले 90 दिन अपना ध्यान रखना होता है. इस पीरियड को “गोल्डन विंडो ऑफ रिकवरी” के नाम से जाना जाता है, जिसमें शरीर और हार्ट मसल्स रिकवर करते हैं. सबसे जरूरी जिस बात का ध्यान लोगों को रखना होता है, वह है कि इसी पीरियड के दौरान दोबारा हार्ट अटैक आने की संभावना होती है. रिसर्च और रिपोर्ट बताते हैं कि अगर इस दौरान सही से ध्यान रखा जाए, तो दोबारा हार्ट अटैक आने का खतरा 23 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है.
इन बातों का ध्यान रखना होता है जरूरी
डॉक्टर से संपर्क– रिकवरी के दौरान आपको डॉक्टर के संपर्क में रहने की जरूरत होती है, जिससे रेगुलर चेकअप होती रहे. इन चेकअप में ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट बीट की जांच शामिल होती है.
दवाइयों का ध्यान– रिकवरी के दौरान आपको कुछ दवाइयां मिलती हैं, जिसमें ब्लड थिनर, बीटा-ब्लॉकर और स्टैटिन्स शामिल होती हैं, इनको ध्यान से खाने की जरूरत होती है.
ब्लड प्रेशर और शुगर की निगरानी- आप इस 90 दिन के रिकवरी के दौरान ब्लड प्रेशर और शुगर को घर पर ध्यान रख सकते हैं, जिससे डॉक्टर को इलाज के दौरान मदद मिलती है.
हल्की एक्सरसाइज– रिकवरी के दौरान या फिर उसके बाद भी रोज 10 से 15 मिनट पैदल चलना शुरू करें.
लाइफस्टाइल में बदलाव– सबसे जरूरी जो चीज है, वह है अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करें. फैटी और प्रोसेस्ड फूड कम करें. फल, सब्ज़ियां, ओट्स, मछली, और नट्स को प्राथमिकता दें.
डॉक्टर क्या कहते हैं?
फेमस कर्डियोलॉजिस्ट (Max Super Speciality Hospital, Mohali) डॉ. सुधीर सक्सेना अपने वीडियो में बताते हैं कि गोल्डन विंडो ऑफ रिकवरी के दौरान हमें काफी चीजों का ध्यान रखना जरूरी होता है. लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ-साथ हमें दवाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है ताकि दोबारा से हार्ट अटैक आने का चांस काफी कम हो जाए.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
सऊदी अरब ने उमराह 2025 के तीर्थयात्रियों के लिए नए वीजा नियमों की घोषणा की है. सऊदी अरब के अधिकारियों ने उमराह तीर्थयात्रियों के लिए अब वीजा आवेदन करने से पहले होटल बुकिंग और परिवहन की व्यवस्था करने को अनिवार्य कर दिया है. इसका मतलब अब जो भी तीर्थयात्री उमराह के लिए सऊदी अरब के वीजा के लिए आवेदन देंगे, तो उन्हें सबसे पहले अपने होटल बुकिंग और परिवहन की व्यवस्था को पूरी पुष्ट जानकारी को साझा करना होगा. इसके बाद ही उन्हें उमराह 2025 के लिए सऊदी अरब का वीजा दिया जाएगा.
दरअसल, सऊदी अरब ने इस नए नियम की घोषणा इसलिए की है ताकि तीर्थयात्रियों के आवाजाही का बेहतर ढंग से प्रबंधन हो और उन्हें आवास संबंधी धोखाधड़ी वाले प्रस्तावों से बचाया जा सके. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में उमराह संचालक पहले ही अपने यात्रियों से इस बात की अपील कर रहे हैं कि वे उमराह के लिए वीजा आवेदन जमा करने से पूर्व ही सऊदी अरब के आधिकारिक नुसुफ प्लेटफॉर्म या लाइसेंस प्राप्त एजेंटों के जरिए अपनी बुकिंग करा लें.
सऊदी अरब ने वीजा नियम के बारे में दी जानकारी
सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों ने इस साल से उमराह के लिए प्रवेश नियमों को काफी कड़ा कर दिया है, ताकि वीजा का अप्रूवल स्वीकृत आवासों, आमतौर पर नुसुक मसार और नुसुक उमराह प्लेटफॉर्म के जरिए सत्यापित होटल कॉन्ट्रैक्ट्स और स्थानीय परिवहन व्यवस्था के प्रमाण पर निर्भर हो.
यह कदम उमराह सेवाओं को डिजिटल और सेट्रलाइज करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत उमराह के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को वीजा जारी होने से पहले सत्यापित बुकिंग अपलोड या लिंक करनी होगी.
तीर्थयात्रियों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए उठाया गया कदम
सऊदी के अधिकारियों ने कहा कि इस बदलाव तीर्थयात्रियों को धोखाधड़ी से बचाता है और भीड़भाड़ और व्यस्तता के समय में भीड़ और आवास प्रबंधन को मजबूत करता है.