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जन-समस्याओं से आगे, जन-स्वास्थ्य तक : सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की अनूठी पहल

  • सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने “आपका विधायक – आपके द्वार” शिविर को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा।
  • अपोलो, टी.एस. मिश्रा, के.के. और सन आई अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की शिविर में सक्रिय भागीदारी।
  • 300 से अधिक नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, 200 से ज्यादा लोगों को मिले चश्में।
  • चेतना डेंटल और एसकेडी एकेडमी पहले ही आयोजित कर चुके हैं सफल स्वास्थ्य शिविर।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह बोले – “स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध समाज की नींव हैं, और संस्थानों को जोड़ेंगे अभियान से।”

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह न केवल क्षेत्रीय विकास और जन समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि अब उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र को भी अपनी प्राथमिकता में शामिल कर लिया है। उनकी पहल “आपका विधायक – आपके द्वार” जन संवाद शिविर अब जन शिकायतों और समस्याओं को सुनने का मंच होने के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने का भी बड़ा अभियान बन गया है।

आपका विधायक – आपके द्वार शिविर : स्वास्थ्य सेवाओं का नया अध्याय

सरोजनीनगर के अलग-अलग इलाकों में पिछले चार सप्ताहों से लगातार निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में प्रतिष्ठित अस्पतालों और चिकित्सकीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही है।

  • अपोलो हॉस्पिटल
  • टी.एस. मिश्रा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
  • के.के. हॉस्पिटल
  • सन आई हॉस्पिटल

इन संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सैकड़ों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। खास बात यह रही कि जिन मरीजों को दृष्टि संबंधी समस्या थी, उन्हें तुरंत 200 से अधिक निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए गए।

स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर परामर्श तक

अब तक आयोजित शिविरों में

  • 300 से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
  • ब्लड प्रेशर, शुगर, आंखों की जांच और सामान्य स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
  • मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ और उपचार संबंधी दिशा-निर्देश निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।
  • जरूरतमंदों को मौके पर ही चश्में वितरित किए गए।

पूर्व में भी सफल रहा अभियान

इससे पहले चेतना डेंटल क्लीनिक और एस.के.डी. एकेडमी के सहयोग से दंत एवं सामान्य स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए थे, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया। इन शिविरों ने आमजन में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने का काम भी किया।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का विजन

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस अवसर पर कहा :
“स्वस्थ समाज ही समृद्ध समाज का आधार है। मेरा संकल्प है कि सरोजनीनगर के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सहज और निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँ। आने वाले समय में और अधिक अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को इस अभियान से जोड़कर इसका दायरा और व्यापक किया जाएगा।” उन्होंने साथ ही उन सभी चिकित्सकों, संस्थानों और सहयोगी स्टाफ का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सेवा कार्य में अपना योगदान दिया।

राजनीति से आगे बढ़कर ‘जन स्वास्थ्य सेवा’

सरोजनीनगर क्षेत्र में चल रहा यह अभियान यह साबित करता है कि विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की राजनीति केवल बुनियादी ढाँचे, सड़कों या बिजली तक सीमित नहीं है। उनका विजन स्पष्ट है — स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध समाज की नींव हैं।

इस सतत प्रयास ने “आपका विधायक – आपके द्वार” पहल को एक अलग पहचान दी है, जो आज जन स्वास्थ्य सेवा का आदर्श उदाहरण बन चुका है। डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल न सिर्फ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है, बल्कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ भी मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। आने वाले समय में यदि और संस्थान इस मुहिम से जुड़ते हैं, तो सरोजनीनगर क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने से कोई नहीं रोक सकता।

“Durga Puja Travel Tips: दुर्गा पूजा के लिए अगर पश्चिम बंगाल जा रहे हैं, तो इन 5 टिप्स को याद रखें — ट्रिप होगा बेहद खास”

नवरात्रि का पर्व अपनी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान लोग अपने घर आते हैं और बाहर घूमने भी जाते हैं। क्योंकि नवरात्रि के पावन मौके पर पूरे भारत में भव्य तरीके से पंडालों को सजाया जाता है। इन पंडालों की सजावट देखने लायक होती है। लेकिन अगर पूरे देश में कहीं का पंडाल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनता है, तो वह पश्चिम बंगाल का होता है। ऐसे में अगर आप भी इस नवरात्रि दुर्गा पूजा में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस दौरान आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मौसम की जानकारी

अगर आप अपने परिवार के साथ दुर्गा पूजा देखने के लिए कोलकाता जा रहे हैं, तो आपको वहां के मौसम की पहले से जानकारी रख लें। जिससे कि वहां पर जाने के बाद आपका मूड और समय दोनों ही बर्बाद न हों। क्योंकि भारी बारिश के कारण कोलकाता के कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी समस्या आ गई है। ऐसे में कोलकाता जाने से पहले आपको वहां पर एक बार मौसम की जानकारी जरूर ले लें।

पहले बुक कर लें होटल

त्योहार-पर्व के दौरान होटलों में जगह मिलना काफी मुश्किल होता है। कोलकाता जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों में और ज्यादा होटल मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अगर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आप पहले से होटल में कमरा बुक कर लें। जिससे कि परिवार के लोगों को स्टे करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

हल्के कपड़े रखें

अक्सर लोग बाहर घूमने के लिए बहुत भारी भरकम कपड़े रख लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। बाहर जाने के दौरान हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर हम कहीं होटल में कमरा लेकर रहेंगे, तो वहां पर कपड़ों को सुखाने में परेशानी हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए हमेशा अपने साथ हल्के कपड़े रखने चाहिए, जिससे कि अगर आप बारिश में भीग भी जाएं, तो कपड़ों को सूखने में ज्यादा समय न लगे।

पूजा के बाद करें प्लान

अगर आपको कोलकाता में पूजा पंडाल शांति से घूमना है, तो आप विजयादशमी के बाद घूमने का प्लान कर सकते हैं। क्योंकि इस दौरान भीड़ कम हो जाती है और इसके साथ ही आप पंडाल की बारीकियों को देखते हुए घूम पाएंगे।

“नेतन्याहू ने दोहा हमले के लिए मांगी माफी, वहीं इज़रायली मंत्री ने कतर पर ही ठोका इल्ज़ाम”

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से  व्हाइट हाउस में मुलाकात की. इजरायल ने इस महीने के शुरुआत में हमास नेताओं को निशाना बनाते हुए कतर में हमला कर दिया. गाजा जंग के मुद्दे पर अमेरिका हमेशा से ही इजरायल के साथ खड़ा है, लेकिन कतर पर हमला करने के बाद से ट्रंप नेतन्याहू से नाराज हैं.

नेतन्याहू ने दोहा हमले के लिए माफी मांगी- रिपोर्ट

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस से कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी को फोन किया और उनसे दोहा पर किए गए हमले को लेकर माफी मांगी. इजरायल हमले में हमास के सीनियर लीडर खलील अल-हय्या के बेटे और उसके सहयोगी जिहाद लबाद समेत पांच लोग मारे गए थे. हालांकि इसके बाद इजरायल राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन ग्विर ने दोहा हमले को जरूरी और न्यायसंगत बताया है.

आतंकवाद को उकसाता है कतर- बेन ग्विर

बेन ग्विर ने कतर को दुश्मन देश करार देते हुए कहा, “जो कोई भी बच्चों को जलाने, महिलाओं के साथ रेप करने और बुजुर्ग महिलाओं का अपहरण करने के लिए राक्षसों को भेजता है, उसे पता होना चाहिए कि दुनिया में कोई भी जगह ऐसी नहीं है जहां वह सुरक्षित हो.”

उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अब समय आ गया है कि दुनिया को सच बताया जाए. कतर एक ऐसा देश है जो आतंकवाद का समर्थन करता है. वह आतंकियों को फंड करता है और उसे उकसाता है. कोई भी पैसा उनके हाथों से आतंकवाद को खत्म नहीं कर सकता.”

गाजा के प्लान को लेकर कतर ने निभाई अहम भूमिका

इजरायल-हमास के बीच सीजफायर, गाजा में बंधकों की रिहाई और जंग खत्म होने के बाद गाजा के प्लान को लेकर बातचीत में कतर ने अहम भूमिका निभाई है. 9 सितंबर के हमले के बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह आपराधिक हमला सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का घोर उल्लंघन है. कतरवासियों और कतर में रहने वाले निवासियों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है.”

Asia Cup 2025:एशिया कप में फील्डिंग से चमके ये 5 खिलाड़ी, भारत के दो सितारे भी शामिल

 भारत ने एशिया कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है. रोमांचक फाइनल में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया और रिकॉर्ड 9वीं बार एशिया की बादशाह बनी. इस खिताबी सफर में भारत ने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही. बल्लेबाजी और गेंदबाजी के अलावा इस बार फील्डिंग ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं. कई शानदार कैच ने मैच का पासा पलटा और जीत की राह आसान की. आइए जानते हैं उन 5 खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा कैच लपके.

बांग्लादेश के सैफ हसन बने कैच मास्टर

बांग्लादेश के सैफ हसन ने अपनी चुस्ती और तेज नजर से सभी को प्रभावित किया है. उन्होंने महज 4 मैचों में 5 कैच लपककर लिस्ट में टॉप किया है. उनकी फील्डिंग ने कई मौकों पर बांग्लादेश को मजबूत बनाया है.

तिलक वर्मा ने दिखाई फुर्ती

भारत के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने इस टूर्नामेंट में बल्ले के साथ-साथ फील्डिंग में भी बेहतरीन योगदान दिया. उन्होंने 7 मैचों में 5 कैच पकड़े और यह दिखाया कि टीम इंडिया का नया चेहरा मैदान पर कितना भरोसेमंद है.

निजाकत खान का धमाल

हांगकांग के निजाकत खान ने साबित किया कि फील्डिंग सिर्फ बड़ी टीमों का गुण नहीं है. उन्होंने सिर्फ 3 मैचों में 4 कैच पकड़कर सबको चौंका दिया. उनकी फुर्तीले मूवमेंट ने विरोधियों को कई बार हैरान किया है.

पाकिस्तान के हारीस रऊफ रहे भरोसेमंद

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारीस रऊफ सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि फील्डिंग में भी टीम के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. उन्होंने 5 मैचों में 4 कैच पकड़े और कई बार टीम को अहम विकेट दिलाने में मदद की.

अभिषेक शर्मा का डबल रोल

भारत के अभिषेक शर्मा पूरे टूर्नामेंट में अपनी शानदार बल्लेबाजी के चलते सुर्खियों में रहे हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी फील्डिंग भी दमदार रही है. 7 मैचों में उन्होंने 4 कैच पकड़े और हर बार टीम को सही समय पर बढ़त दिलाई है.

“जिंगल्स से की थी शुरुआत, फिर कैसे बने म्यूज़िक इंडस्ट्री के सबसे बड़े ‘शान’? जानें उनकी सफलता का सफर”

बॉलीवुड के मशहूर गायक शान का नाम संगीत की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाने वालों में शामिल है. उनकी आवाज ने ना सिर्फ हिंदी सिनेमा को बल्कि कई भाषाओं के संगीत को भी एक नई दिशा दी है. शान की गायकी की शुरुआत कुछ खास अंदाज में हुई थी, जो बहुत कम लोग जानते हैं.

शान ने सीधे फिल्मों में गाने की बजाय पहले कई विज्ञापनों के लिए जिंगल्स गाए. यह उनका पहला कदम था, जिसने उन्हें संगीत की दुनिया में मजबूत पकड़ दिलाई. इस सफर में कई मुश्किलें आईं, लेकिन शान ने कभी हार नहीं मानी और आज वह बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा गायकों में से एक हैं. आइए जानते हैं कैसा रहा उनका ये सफर.

परिवार चलाने के लिए छोटी उम्र से ही शुरू किया काम 
शान का असली नाम शांतनु मुखर्जी है. उनका जन्म 30 सितंबर 1972 को मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में हुआ था. वे एक बंगाली परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उन्हें बचपन से ही संगीत का शौक था. उनके दादा जाहर मुखर्जी एक मशहूर गीतकार थे, जबकि उनके पिता मानस मुखर्जी एक म्यूजिक डायरेक्टर थे. इस वजह से शान के अंदर भी बचपन से ही संगीत के प्रति गहरा लगाव था. वह केवल चार साल के थे जब उन्होंने गाना शुरू कर दिया था.

छोटी उम्र से ही कर रहे काम
महज 13 साल की उम्र में शान के सिर से पिता का साया उठ गया था. ऐसे में उन्होंने अपने परिवार की मदद करने के लिए छोटी उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था. शान ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापनों के लिए जिंगल्स गाकर की. यह दौर उनके लिए बेहद अहम था क्योंकि जिंगल्स ने उनकी आवाज को पहचान दिलाई और उनकी गायकी को एक मंच मिला. कई बार उनके जिंगल्स इतने लोकप्रिय हुए कि लोग उनकी आवाज को पहचानने लगे.

आर.डी. बर्मन के रीमिक्स गाने ने दिलाया पहचान 
इसके बाद शान ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘परिंदा’ (1989) से की. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 17 साल थी और उन्होंने फिल्म के एक गाने में पार्श्व गायक के रूप में अपनी आवाज दी. बाद में शान ने आर.डी. बर्मन के लोकप्रिय गाने ‘रूप तेरा मस्ताना’ का रीमिक्स वर्जन गाया, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया. इस गाने ने उन्हें बॉलीवुड में और भी आगे बढ़ने का मौका दिया.

1999 में शान के करियर में सुनहरा मोड़ आया, जब उन्होंने फिल्म ‘प्यार में कभी कभी’ के लिए गाना ‘मुसू मुसू हासी’ गाया. इस गाने को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और यह उनकी पहली बड़ी हिट साबित हुई. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी जैसे ‘लगान’, ‘साथिया’, ‘फना’, ‘भूल भुलैया’ , ‘ओम शांति ओम’ और ‘दिल चाहता है’ के गानों को खासा लोकप्रिय बनाया

कई पुरस्कार किए अपने नाम 
शान ने न सिर्फ हिंदी में, बल्कि बंगाली, मराठी, उर्दू, तेलुगु, कन्नड़ और कई अन्य भाषाओं में भी गाने गाए हैं. उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें एक बहुभाषी सिंगर के रूप में स्थापित किया. इसके साथ ही उन्होंने कई म्यूजिक रियलिटी शो जैसे ‘सारेगामापा’, ‘सारेगामापा लिटिल चैम्प्स’, और ‘स्टार वॉइस ऑफ इंडिया’ को होस्ट भी किया है, जिससे उन्हें अलग पहचान मिली.

अपने करियर में शान को कई पुरस्कार मिले हैं. उन्हें दो फिल्मफेयर पुरस्कार और तीन अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी (आईफा) पुरस्कार मिल चुके हैं.