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Sports News:“विश्व चैंपियनशिप में मीराबाई चानू का कमाल, 199 किलो वजन उठाकर अपने नाम किया सिल्वर मेडल”

मीराबाई चानू ने नॉर्वे के फ़ोर्डे में चल रहे विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत लिया है. यह इस टूर्नामेंट के इतिहास में उनका तीसरा मेडल है. वह भारत के लिए सबसे ज्यादा विश्व चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली तीसरी वेटलिफ्टर बन गई हैं. इससे पहले उन्होंने 2017 (Anaheim) विश्व चैंपियनशिप में के 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था. 2022 (Bogota) में उन्होंने 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था.

चीन की खिलाड़ी से हुई कांटे की टक्कर

मीराबाई चानू ने 48 किग्रा वर्ग में कुल 199 किग्रा के साथ रजत पदक जीता. उन्होंने स्नैच में 84 और क्लीन एंड जर्क में 115 किलोग्राम भार उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया. उत्तर कोरिया की रि सांग गुम ने गोल्ड जीता, उन्होंने कुल 213 किलोग्राम भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता. चीन की थान्याथन का मीराबाई से कड़ा मुकाबला हुआ.

थान्याथन ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता. बता दें कि स्नैच राउंड में थान्याथन मीराबाई से 4 किलोग्राम से आगे चल रही थी, लेकिन क्लीन एंड जर्क राउंड में मीराबाई ने कमाल करते हुए चीन की खिलाड़ी को पीछे किया और 1 किलोग्राम की लीड लेकर सिल्वर मेडल जीता.

Phenomenal lift by @mirabai_chanu to win a silver medal at the #WorldChampionships. Mirabai, 48kg, lifts iron more than twice her body weight to win a third World Championships medal – and second silver. pic.twitter.com/Q20Bvdw9zR

— Mihir Vasavda (@mihirsv) October 2, 2025

जीत के बाद मीराबाई चानू सीधा अपने कोच विजय शर्मा के पास गईं और उनका धन्यवाद किया. चोट के कारण मीराबाई चानू के लिए पिछले कुछ साल मुश्किल भरे रहे थे. मीराबाई ने इसी साल अहमदाबाद में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था.

“कश्मीर पर बयान देकर घिरीं PAK की पूर्व खिलाड़ी सना मीर, अब सफाई में बोलीं – ‘मेरे दिल…’”

एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि महिला विश्व कप में एक नया बवाल खड़ा हो गया. पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान सना मीर कमेंट्री पैनल का हिस्सा थीं. बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच के दौरान उन्होंने एक ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसने खेल से ज्यादा राजनीतिक रंग ले लिया. यह घटना पाकिस्तान की पारी के 29वें ओवर में हुई, जब नतालिया परवेज बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरीं. सना मीर ने पहले कहा कि नतालिया कश्मीर से हैं, लेकिन तुरंत ही बयान बदलते हुए कहा कि ‘आजाद कश्मीर’ से हैं. नतालिया पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से आती हैं, जिसे पाकिस्तान आजाद कश्मीर कहता है. इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भारत में भारी विरोध शुरू हो गया.

पूर्व कप्तान सना मीर ने बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सफाई दी. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरी टिप्पणी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और खेल जगत के लोगों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है. मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि मेरी बात का उद्देश्य केवल एक खिलाड़ी की पृष्ठभूमि और उसके संघर्षपूर्ण सफ़र को उजागर करना था. मैंने महिला विश्व कप 2025 में जिस खिलाड़ी का उल्लेख किया, वह पाकिस्तान के एक खास क्षेत्र से आती हैं और मेरी मंशा केवल उनकी यात्रा और चुनौतियों को दर्शाने की थी. कमेंट्री के दौरान हम अक्सर खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियां साझा करते हैं चाहे वे किसी भी देश या क्षेत्र से हों. उसी तरह मैंने उस खिलाड़ी का ज़िक्र किया, जैसा मैंने उसी दिन अन्य दो खिलाड़ियों के लिए भी किया.

Sana Mir is doing commentary for the ICC World Cup…
If someone is afraid of losing his/her respect
he/she thinks 10 times before saying anything
but she is from a country where there is no such thing as respect..

Remove her @ICC from the panel
pic.twitter.com/gC6C9oaXR9

— AT10 (@Loyalsachfan10) October 2, 2025

खेल के दायरे में ही देखा जाए-सना मीर
सना मीर ने कहा कि कृपया इस टिप्पणी का राजनीतिकरण न करें. एक कमेंटेटर के तौर पर हमारा काम खेल, टीमों और खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित करना है और उनकी साहस और दृढ़ता की कहानियों को दुनिया के सामने लाना है. मेरे दिल में किसी के लिए भी कोई दुर्भावना नहीं है और न ही किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा था. जिस स्रोत से मैंने खिलाड़ी की पृष्ठभूमि पर जानकारी ली थी, उसमें यह विवरण उपलब्ध था. बाद में उसे बदला गया है, लेकिन मैंने उसकी जानकारी का उल्लेख किया था. मेरा निवेदन है कि इसे खेल के दायरे में ही देखा जाए.

Health Tips:“प्रेग्नेंसी से पहले शरीर को मजबूत बनाना चाहती हैं? रोज़ करें ये 5 आसान एक्सरसाइज”

मां बनना एक खूबसूरत एहसास होता है, लेकिन इसके साथ ही ये एक बड़ी जिम्मेदारी और शारीरिक चुनौती भी होती है. अक्सर जब कोई महिला प्रेग्नेंसी की प्लानिंग करती है, तो उसका फोकस ज्यादा तर डॉक्टर की सलाह, खानपान या दवाओं पर होता है,लेकिन एक चीज जो अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, वो शारीरिक तैयारी है. प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं को पीठ दर्द, पैरों में सूजन या थकान का सामना करना पड़ता है. इसका एक बड़ा कारण  शरीर का तैयार न होना है. जैसे किसी मैराथन के लिए हम महीनों पहले ट्रेनिंग शुरू करते हैं, वैसे ही मां बनने के इस खूबसूरत सफर के लिए भी शरीर को पहले से मजबूत बनाना बहुत जरूरी है.

शरीर को प्रेग्नेंसी के लिए तैयार करने का मतलब ये नहीं कि आपको कोई भारी-भरकम जिम वर्कआउट करना होगा. कुछ सिंपल और असरदार एक्सरसाइज, जिन्हें आप घर पर भी कर सकती हैं, ये आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनाएंगी, चोटों से बचाएंगी और आपकी प्रेग्रेंसी को आसान बना सकती हैं. तो आइए ऐसी 5 आसान और जरूरी एक्सरसाइज के बारे में जानते हैं, जिन्हें रोजाना करने से आप प्रेग्नेंसी से पहले अपने शरीर को अच्छे से तैयार कर सकती हैं.

प्रेग्नेंसी से पहले  5 आसान और जरूरी एक्सरसाइज 

1. कार्डियो एक्सरसाइज – प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में अगर आप पहले से कार्डियो एक्सरसाइज करती हैं, तो आपका दिल और फेफड़े पहले से ही इस बदलाव के लिए तैयार होंगे. प्रेग्नेंसी से पहले बॉडी को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए  आप रोजाना 30 मिनट की वॉक, लाइट जॉगिंग, साइकिल चलाना या स्वीमींग, ज़ुम्बा या डांस कर सकते हैं. इनकी मदद से हार्मोनल बदलावों से निपटना आसान होगा, वजन कंट्रोल में रहेगा और स्ट्रेस कम होगा.

2. कोर को मजबूत बनाएं – प्रेग्रेंसी में आपका पेट और उसके साथ रीढ़ की हड्डी पर दबाव भी बढ़ता है. अगर आपकी कोर मसल्स मजबूत नहीं होंगी, तो पीठ दर्द होना तय है. ऐसे में साइड प्लैंक और प्लैंक, ब्रिज पोज, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज, योग और पिलेट्स आपकी लिए फायदेमंद हो सकते हैं. इन्हें रोज करने से पीठ दर्द से बचाव, बेहतर बैलेंस और डिलीवरी के समय मांसपेशियों का अच्छा कंट्रोल रहता है.

3. बॉडी फ्री एक्सरसाइज – अगर आपको पहले से पीठ दर्द, साइटिका, प्लांटर फेशिआइटिस, या कूल्हों में अकड़न जैसी कोई समस्या है, तो ये प्रेग्नेंसी में और भी ज्यादा बढ़ सकती है. इसलिए अगर आप प्रेग्नेंसी की सोच रही हैं, तो सबसे पहले फिजियोथेरेपिस्ट से मिलें और इन समस्याओं का कम करें. इसके अलावा रोज हल्की स्ट्रेचिंग करें, गर्म पानी से सिकाई करें और जरूरत हो तो फिजियोथेरेपी लें. इससे आपके शरीर की स्पीड बढ़ेगी, दर्द में राहत मिलेगी और आप एक्टिव महसूस करेंगी.

4. पैरों और हिप्स की ताकत बढ़ाएं – प्रेग्रेंसी में आपके पैरों को ज्यादा वजन उठाना पड़ेगा, और बच्चे के जन्म के बाद भी बार-बार उसे उठाना होगा. इसलिए जरूरी है कि आपके ग्लूट्स और पैरों की मांसपेशियां मजबूत हों. प्रेग्नेंसी से पहले बॉडी को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए स्क्वाट, डेडलिफ्ट, ब्रिज एक्सरसाइज, हील रेजेज करें. इससे पैरों में थकान कम होगी, चलना-फिरना आसान रहेगा और रीढ़ पर दबाव भी कम पड़ेगा.

5. पेल्विक फ्लोर की एक्सरसाइज – पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां आपकी ब्लैडर, यूट्रस और रेक्टम को सहारा देती हैं. प्रेग्नेंसी में इन पर बहुत दबाव पड़ता है. इसलिए इनको पहले से मजबूत करना जरूरी है. ऐसे में इसके लिए कीगल एक्सरसाइज करें यानी अपनी पेल्विक मसल्स को 5-10 सेकंड के लिए टाइट करें और छोड़ें. इसके अलावा स्क्वाट्स और लंजेस करें और हैप्पी बेबी पोज करें. इससे डिलीवरी आसान हो सकती है, लीकिंग या बेचैनी की समस्या नहीं होगी, और रिकवरी भी जल्दी होगी.

Childhood Hypertension: “केवल 7 वर्ष के बच्चों में भी हार्ट डिज़ीज़ का खतरा बढ़ रहा है, जानें इसे पहचानने के तरीके”

इस समय हार्ट से जुड़ी तमाम बीमारियां महामारी की तरह फैल रही हैं, महामारी इन मायनों में कि पहले जो बीमारी 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को होती थी, अब उसके चपेट में 7 साल की उम्र के बच्चे भी हैं. भारत में एडल्ट लोगों की कुल आबादी में से 20 से 25 प्रतिशत आबादी ऐसी है, जो हाई बीपी की समस्या से जूझ रही है. अगर इसको आसान और मेडिकल टर्म में समझा जाए तो इसे हाइपरटेंशन कहा जाता है. पहले लोगों को लगता था कि बीपी की समस्या 30 से 40 साल के लोगों को होती थी, लेकिन आज 7 से लेकर 12 साल के ऐसे तमाम बच्चे आपको देखने को मिल जाएंगे, जो इसकी चपेट में हैं. इस बात का जिक्र तमाम स्टडी में पता चला है. चलिए आपको बताते हैं कि आप कैसे इसका पता लगा सकते हैं.

क्यों छोटी उम्र में हो रहा है खतरा

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की रिपोर्ट के अनुसार, नई स्टडी के अनुसार अगर किसी को 7 साल की उम्र में बीपी की समस्या होती है, तो 50 साल की उम्र तक मरने की संभावना काफी ज्यादा हो जाती है. इस पूरी स्टडी के अनुसार, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों समय को लंबे समय तक ट्रैक किया गया. इससे पहले की स्टडी में यह बताया गया था कि अगर किसी को 12 साल की उम्र में बीपी की समस्या होती है, तो एडल्ट होते-होते हार्ट की बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है. लेकिन अब नई स्टडी में 7 साल की उम्र में खतरे की बात कही गई है.

क्यों हो रहा कम उम्र में खतरा

इतनी कम उम्र में हार्ट डिजीज बढ़ने के कई कारण हैं, जैसे कि बचपन से ही अनहेल्दी लाइफस्टाइल (ज्यादा जंक फूड, मोबाइल-टीवी पर घंटों बैठना, कम शारीरिक गतिविधि) हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ा देता है. मोटापा और बीपी की समस्या के चलते दिल की बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जाता है. कुछ बच्चों में इस तरह की बीमारियां जेनिटिक या कॉनजेनिटल हार्ट प्रॉब्लम्स की वजह से होती हैं.

पहचान कैसे करें

अगर आपको पता करना है कि आपको कम उम्र में ही हार्ट डिजीज हो रहा है कि नहीं, तो आप ऐसे पता लगा सकते हैं-

    • थोड़ी सी एक्टिविटी के बाद सांस फूलना
    • खेलने या दौड़ने पर जल्दी थक जाना
    • बार-बार सीने में दर्द या असुविधा
    • तेज धड़कनें
    • होंठ या त्वचा का नीला पड़ना (कम ऑक्सीजन सप्लाई का संकेत)
    • वजन सही से न बढ़ना या बार-बार कमजोरी लगना

इसके रोकथाम के लिए जरूरी है कि बच्चों को हेल्दी डाइट दें और कोशिश करें कि उनकी डाइट से जंक फूड और ज्यादा चीनी कम हो. इसके अलावा अगर फैमिली हिस्ट्री है तो समय-समय पर डॉक्टर से हार्ट चेकअप कराना चाहिए.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

वरिष्ठजनों को समर्पित डॉ. राजेश्वर सिंह : अयोध्या दर्शन बस सेवा, स्वास्थ्य व समाधान शिविरों से गाँव-गाँव तक पहुँच रही कल्याणकारी पहल

  • अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया।
  • समारोह में उन्होंने कहा कि वृद्धजन भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति के निर्माता हैं।
  • डॉ. सिंह ने सीनियर सिटीजन क्लब के सदस्यों के लिए 10 निःशुल्क रामरथ अयोध्या यात्रा बसों की घोषणा की।
  • क्लब की वार्षिक पत्रिका ‘सक्षम’ का लोकार्पण भी विधायक द्वारा किया गया।
  • उन्होंने शिक्षा विस्तार में वृद्धजनों के योगदान और राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
  • सरोजनीनगर में ‘रामरथ श्रवण यात्रा’, स्वास्थ्य शिविर और ओपन जिम जैसी योजनाओं को वृद्धजन कल्याण की मिसाल बताया।
  • यूपी बजट को 2 लाख करोड़ से 8 लाख करोड़ तक पहुँचाने और 40 लाख करोड़ निवेश प्रस्तावों पर उन्होंने जोर दिया।
  • लखनऊ को ईज ऑफ लिविंग पैरामीटर पर देश के शीर्ष 10 शहरों में शामिल करने का श्रेय वरिष्ठजनों की मेहनत और नेतृत्व को दिया।

लखनऊ। अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सीनियर सिटीजन क्लब द्वारा अटल बिहारी वाजपेई सभागार, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया और वरिष्ठ नागरिकों का अभिनंदन किया।

डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, “वृद्धजनों की सकारात्मक ऊर्जा ही देश को आलोकित कर रही है। यही ऊर्जा है जिसके बल पर भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी GSDP है और सबसे बड़े बजट वाला राज्य है।”

राष्ट्रनिर्माण में वृद्धजनों का योगदान :
आज़ादी के समय देश में मात्र 1350 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन होता था, आज यह बढ़कर 4 लाख मेगावाट हो चुका है।
स्वतंत्रता के समय 50 विश्वविद्यालय थे, आज वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन और परिश्रम से देश में 1500 से अधिक विश्वविद्यालय हैं, जहाँ 4.25 करोड़ छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। हरित क्रांति और श्वेत क्रांति से लेकर अनाज निर्यातक बनने तक, भारत ने जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उसका श्रेय वरिष्ठजनों की मेहनत और त्याग को जाता है। भारत आज भव्य राम मंदिर का निर्माण कर, आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक कर, और चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगा लहराकर महाशक्ति के रूप में स्थापित हो चुका है।

डॉ. सिंह ने कहा, “वृद्धजनों ने भारत को आर्थिक ही नहीं, सांस्कृतिक महाशक्ति बनाया है। आज वे युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं, उनके सपनों को दिशा देने और कट्टरवाद जैसी चुनौतियों के विरुद्ध खड़ा करने का दायित्व भी हमारे वरिष्ठजनों का है।”

यूपी के विकास पर प्रकाश :
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज निवेश और उद्योग का केंद्र बन रहा है।
प्रदेश को अब तक 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं।
यूपी का बजट 2 लाख करोड़ से बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, जिसमें 2.25 लाख करोड़ रुपये नई योजनाओं पर व्यय किए जा रहे हैं।
ईज ऑफ लिविंग पैरामीटर पर लखनऊ देश के शीर्ष 10 शहरों में शामिल है।

सरोजनीनगर में वृद्धजन कल्याण की पहलें :
डॉ. सिंह ने कहा कि “वृद्धजन समाज की धरोहर हैं। सरोजनीनगर में पिछले ढाई वर्षों से ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ निरंतर संचालित की जा रही है। अब तक 136 सप्ताहों से यह सेवा जारी है। इसके अतिरिक्त ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ शिविर, वृद्धाश्रमों में सुविधाओं का विस्तार, पेंशन शिविर, स्वास्थ्य शिविर, दवाइयाँ व परामर्श तथा पार्कों में ओपन जिम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।”

उन्होंने विशेष रूप से घोषणा की कि :
सीनियर सिटीजन क्लब से जुड़े सदस्यों के लिए 10 रामरथ श्रवण अयोध्या यात्राओं (निःशुल्क बस सेवा) का संचालन किया जाएगा। इस अवसर पर क्लब की वार्षिक पत्रिका ‘सक्षम’ का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में क्लब फाउंडर सीए अतुल दूबे, फाउंडर मेंबर अतुल टंडन, प्रो. राजकुमार मित्तल (वीसी – बीबीएयू), जस्टिस एस.के. सिंह, डॉ. संगीता गुप्ता (निदेशक – लोकबंधु अस्पताल), डॉ. मयंक सोमानी (निदेशक – अपोलो अस्पताल), श्री सुधीर कुमार गुप्ता (सीजीएम – इंडियन बैंक), डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी (लोकबंधु अस्पताल), डॉ. एस.के.डी. सिंह (फाउंडर – एसकेडी ग्रुप), डॉ. विनीता दास (अपोलो अस्पताल), श्रीमती कुसुम बत्रा (एसकेडी स्कूल्स), श्रीमती नीरा दूबे, डॉ. विनोद मिश्रा, भाजपा नेता शंकरी सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

10 से अधिक दुर्गा पूजा, दशहरा मेला और जागरण कार्यक्रमों में सहभागिता
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न दुर्गा पूजा कार्यक्रमों में सहभागिता की और माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया। जिनमें नवदुर्गा पूजा समिति – रॉयल सिटी फेज 2, औरंगाबाद जागीर, बिजनौर रोड, लखनऊ, प्रगति मेला एवं रामकथा (प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट) – सेक्टर M, निकट आशियाना गुरुद्वारा, 35वाँ गीतांजलि दुर्गा पूजा – सेक्टर D1, पराग चौराहा, 38वाँ दीप कुंज सर्वजनिन पूजा समिति – कमेटी हॉल, सेक्टर D, LDA कॉलोनी, कानपुर रोड, डांडिया नाइट मल्टी एक्टिविटी सेंटर, आशियाना, 10वाँ दुर्गोत्सव (श्री श्री दुर्गा पूजा समिति) रुस्तमविहार चौराहा, निकट सिपेट कॉलेज, नादरगंज, 44वाँ अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया कल्चरल सोसायटी दुर्गा उत्सव – नादरगंज, कानपुर रोड, 23वाँ विशाल माँ भगवती जागरण (सरोजनीनगर जागरण एवं जनकल्याण समिति) – सरोजनीनगर हाउज़िंग सोसाइटी, कानपुर रोड, 13वाँ विशाल माँ भगवती जागरण – शीतला माता मंदिर, धावापुर, बंथरा आदि कार्यक्रम प्रमुख हैं।