Home Blog Page 486

Travel Tips: हिमाचल प्रदेश के ऑफबीट हिल स्टेशन करें एक्सप्लोर, यहां की दिलकश वादियां आपको कर देंगी मंत्रमुग्ध

हिमाचल प्रदेश में घूमने के लिए कई सुंदर जगहें है। माउंटेन लवर घूमने के लिए नई-नई जगह की खोज करते हैं। खासतौर पर हिमाचल प्रदेश सुंदर पहाड़ी के लिए जाना जाता है। यहां पर कई अद्भुत और शानदार जगहें जहां आप घूमने के लिए जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको हिमाचाल प्रदेश के उस गांव के बारे में बताने जा रहे है, जहां पर पर्यटक घूमने जरुर जाते हैं। हिमाचल प्रदेश में स्थित कौमिक एक ऐसा गांव जिसकी खूबसूरती देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। आइए आपको इस अद्भुत जगह के बारे में बताते हैं।

कौमिक गांव की खासियत

हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले की स्पीति में स्थित कौमिक गांव अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। इस गांव को भारत के समेत दुनिया के सबसे खास गांव होने की ख्याति भी प्राप्त होती है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट पर मौजूद है। कौमिक गांव में बर्फ से ढके ढके सुंदर पहाड़ देखने को मिल जाएंगे। नीले-नीले असमान और क्रिस्टल भी अधिक साफ झील- झरने के लिए जाना जाता है। रात के दौरान यहां पर पर्यटक सबसे ज्यादा आते हैं। यहां का शांत और शुद्ध वातावरण भी सैलानियों को अट्रैक्ट करता है।

लुंडुप त्सेमो गोम्पा बौद्ध मठ

यहां पर खूबसूरती के साथ ही लुंडुप त्सेमो गोम्पा बौद्ध मठ सेंटर ऑफ अट्रैक्शन माना जाता है। इस मठ का इतिहास लगभग 500 साल पुराना है। यह बौद्ध मठ पहाड़ी की चोटी पर मौजूद है जिस वजह से लोगों का सपना होता है इसे एक्सप्लोर करना।

एडवेंचर से कम नहीं है यह जगह

दरअसल, कौमिक गांव सुंदर पहाडियों की खूबसूरती और गोम्पा बौद्ध मठ के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर प्रेमियों के लिए भी यह जगह स्वर्ग से कम नहीं है। यहां पर सबसे ऊंचे ट्रैकिंग और हाईकिंग के लिए जाना जाता है। सर्दियों के साथ ही गर्मियों भी यहां पर हजारों लोगों की ट्रैकिंग, कैम्पिंग और बाइक राइड के लिए जाते हैं। इसके अलवा, आप यहां पर रॉक क्लाइंब का भी शानदार लुत्फ उठा सकते हैं।

इस जगह पर कैसे पहुंचें

कौमिक गांव पहुंचने के लिए आप दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से बस लेकर स्पीति वैली पहुंच सकते हैं। बता दें कि, कश्मीरी गेट से स्पीति वैली के लिए बस भी चलती है। जब आप स्पीति वैली पहुंच जाएं तो रेंट पर बाइक लेकर कौमिक गांव पहुंच सकते हैं। आप चाहे तो शिमला से बस लेकर कौमिक गांव जा सकते हैं।

फ्रांस में राजनीतिक संकट! एक महीने में ही प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मैक्रों की मुश्किलें बढ़ीं

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने एक महीने से भी कम समय में अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वह पिछले डेढ़ साल में चौथे प्रधानमंत्री हैं, जो अपने पद का त्याग कर चुके हैं. साल 2017 में जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का चुनाव हुआ था, तब उन्हें शांति और स्थिरता का प्रतीक माना गया था. फ्रांस के पांचवें गणराज्य के पहले मध्यमार्गी राष्ट्रपति के रूप में मैक्रों ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘ला रिपब्लिक एन मार्शे’ के जरिए बड़ा समर्थन जुटाया था, जिसमें कई नए राजनीतिक चेहरे शामिल थे. पहले साल में यह स्थिरता दिखाई दी.

मैक्रों ने राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर में धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को हराया था और उनके समर्थक चुप हो गए थे. विरोध सीमित था, लेकिन अब मैक्रों के पास प्रधानमंत्री नहीं बचा है, वह कोई महत्वपूर्ण कानून पारित नहीं कर पा रहे हैं और इस्तीफे की मांग बढ़ रही है.

2018 से शुरू हुईं इमैनुएल मैक्रों की मुसीबतें

मैक्रों के लिए समस्याएं 2018 में शुरू हुईं, जब गिलेट जॉन (येलो जैकेट आंदोलन) ने ईंधन कीमतों और उनकी आर्थिक योजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद कोविड महामारी आई, जो मैक्रों के पूर्ववर्तियों से बिल्कुल अलग चुनौती थी. 2022 में, मरीन ले पेन फिर से चुनाव के दूसरे दौर में पहुंचे और इस बार उनका मुकाबला 2017 से कहीं ज्यादा कड़ा था.

फ्रांस की राजनीतिक स्थिति को नया मोड़ देने के लिए, 2024 में मैक्रों ने गेब्रियल अटाल को प्रधानमंत्री नियुक्त किया, जो देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने. लेकिन यह प्रयास असफल साबित हुआ और जून 2024 के यूरोपीय चुनावों में मैक्रों की पार्टी को भारी हार का सामना करना पड़ा.

फ्रांस की राष्ट्रीय असेंबली में बढ़ गया था गतिरोध

इसके बाद, मैक्रों ने जुलाई 2024 में अपने राजनीतिक विरोधियों, खासकर मरीन ले पेन की पार्टी रासाम्बल्मां नेशनल के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया देने के लिए मध्यावधि चुनाव कराए. इसके परिणामस्वरूप फ्रांसीसी राष्ट्रीय असेंबली में गतिरोध बढ़ गया, जहां कोई भी प्रमुख राजनीतिक पार्टी बहुमत हासिल करने में असफल रही.

पीएम पद से इस्तीफा देते हुए क्या बोले सेबेस्टियन लेकोर्नू

इसके बाद प्रधानमंत्री पद पर एक के बाद एक कई बदलाव हुए. गेब्रियल अटाल, मिचेल बार्नियर और फ्रांस्वा बैरू के बाद, आखिरकार सेबेस्टियन लेकोर्नू को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया. लेकिन वह भी एक महीने से भी कम समय में इस्तीफा देने को मजबूर हो गए, यह बताते हुए कि संसद में विभिन्न दलों के बीच समझौते की कमी के कारण काम करना असंभव हो गया था.

फ्रांस में यह राजनीतिक अस्थिरता पिछले कुछ समय से गहरी हो गई है. हाल के ब्लोकोंस तौ! (सब कुछ रोक दो) विरोध आंदोलन ने देश के बड़े हिस्से को ठप कर दिया है और यातायात में भारी व्यवधान पैदा किया है.

फ्रांस की राजनीतिक हालत ठीक नहीं

राजनीतिक हालात अब फ्रांस के उस दौर की याद दिलाते हैं, जब देश को नाजियों से हार का सामना करना पड़ा था. भ्रष्टाचार, घोटाले और शाही राजनीतिक अधिकारियों के खिलाफ जारी खबरों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है. हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और मरीन ले पेन दोनों को भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराया गया है.

अब, मैक्रों को भविष्य के लिए युवा नेताओं की ओर देखना पड़ सकता है. वे गेब्रियल अटाल जैसे नेता को आगे बढ़ा सकते हैं, जो वामपंथी और दक्षिणपंथी दोनों के साथ काम कर सकते हैं, लेकिन इससे उनके आर्थिक सुधारों में कमी आनी तय है. या फिर, मैक्रों को एक और चुनाव की ओर जाना पड़ सकता है, जिसमें सभी प्रमुख उम्मीदवार युवा होंगे और पुराने भ्रष्टाचार के दाग से मुक्त होंगे. चाहे वह धुर दक्षिणपंथी जॉर्डन बार्डेला हों, ला फ्रांस इनसौमी के माथिल्दे पैनोट या फिर अटाल, सभी प्रमुख राजनीतिक खिलाड़ी 40 वर्ष से कम आयु के होंगे.

मैक्रों के खिलाफ फ्रांस में तेज हो सकती है इस्तीफे की मांग

मैक्रों को विश्व मंच पर अपनी भूमिका निभाते हुए उम्मीद करनी होगी कि उनके समर्थक वामपंथी गठबंधन को साथ लाने में सफल होंगे. यदि ऐसा नहीं हुआ, तो अगले दो साल इंतजार करना लंबा हो सकता है और यदि कोई रास्ता नहीं निकला तो मैक्रों के खिलाफ इस्तीफे की मांग और तेज हो सकती है.

‘थामा’ से नोरा फतेही का नया आइटम सॉन्ग रिलीज, कातिलाना डांस मूव्स ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम

‘स्त्री 2’ के बाद मैडॉक फिल्म्स एक बार फिर थिएटर्स में हॉरर-कॉमेडी का तड़का लगाने आ रही है. मैडॉक फिल्म्स ने अपकमिंग फिल्म ‘थामा’ का एक नया गाना ‘दिलबर की आंखों का’ रिलीज कर दिया है. इस गाने में नोरा फतेही ने हमेशा की तरह एक बार फिर अपने जबरदस्त डांस मूव्स से फैंस का दिल जीत लिया है. गाना रिलीज होते ही लोगों के जुबां पर चढ़ गया है.

आज ‘थामा’ फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म का नया गाना ‘दिलबर की आंखों का’ रिलीज कर फैंस को खुश कर दिया है. इस गाने के साथ उन्होनें ने कैप्शन में लिखा, ‘दिवाली और भी ज्यादा गरम हो गई. दिलबर की आंखों का आ गया है और नोरा फतेही डांस फ्लोर पर आग लगाने के लिए वापस आ गई हैं. 21 अक्तूबर को, दुनिया भर के सिनेमाघरों में थामा के साथ एक खूनी प्रेम कहानी लेकर आ रहा है.’


फैंस कर रहे ऐसे-ऐसे कमेंट्स
गाने ‘दिलबर की आंखों का’ में नोरा फतेही के शानदार डांस मूव्स देख पैंस उनकी तारीफ करते नही थक रहे हैं. यूजर्स अलग अलग तरह के कॉमेंट करके उन पर प्यार लुटा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- ‘रानी वापस आ गई है ‘, तो वहीं दूसरे ने लिखा- ‘धमाकेदार’.

‘तुम मेरे न हुए’ गाना
फिल्म ‘थामा’ के गाने ‘दिलबर की आंखों का’ से पहले एक और का टाइटल सॉन्ग ‘तुम मेरे न हुए’ रिलीज किया गया था. इस गाने में रश्मिका मंदाना ने काफी कमाल का डांस किया है. इस गाने में रश्मिका के साथ आयुष्मान खुराना भी नजर आए. ये गाना दर्शकों के बीच काफी पसंद किया गया.

फिल्म ‘थामा’ के बारे में
बता दें कि, फिल्म ‘थामा’ एक रोमांटिक कॉमेडी हॉरर लव स्टोरी है. इसका निर्देशन आदित्य सरपोतदार ने किया है और इसकी पटकथा नीरेन भट्ट, सुरेश मैथ्यू और अरुण फलारा ने मिलकर लिखी है. वहीं इस फिल्म का निर्माण दिनेश विजन और अमर कौशिक ने मिलकर किया है.  फिल्म में आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और परेश रावल ने मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. यह फिल्म दिवाली के अवसर पर 21 अक्तूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

Shikhar Dhawan And Yuzvendra Chahal Video: ‘तेरी शादी भी करवा देंगे’, शिखर धवन ने युजवेंद्र चहल से किया मजेदार वादा? वीडियो ने जीता फैंस का दिल

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी शिखर धवन अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में रहते हैं. शिखर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं और अपनी गर्लफ्रेंड सोफी शाइन के साथ वीडियो भी शेयर करते हैं. शिखर के सोशल मीडिया हैंडल पर कई फनी वीडियो भी देखे जा सकते हैं. वहीं युजवेंद्र चहल भी इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव हैं. चहल का हाल ही में धनश्री के साथ तलाक हुआ था, लेकिन इस खिलाड़ी को कई बार अब रुमर्ड गर्लफ्रेंड राजे माहवेश के साथ स्पॉट किया गया है. अब शिखर धवन और युजवेंद्र चहल ने सोफी शाइन के साथ मिलकर एक वीडियो बनाया है.

शिखर-चहल का वायरल वीडियो

शिखर धवन ने युजवेंद्र चहल और सोफी शाइन के साथ कोलेबोरेशन में एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में धवन, चहल से कहते हैं कि ‘तेरी शादी भी करवा देंगे बेटा, पहले मेरी शादी तो हो जाए’. इस पर चहल शौक होते हुए कहते हैं कि ‘पापा, आपकी शादी’. इसके बाद धवन, सोफी की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं कि ‘ये है तेरी तीसरी मां’. इसके बाद चहल को झटका लगता है और वो अपना सिर पकड़कर कहने लगते हैं कि ‘थर्ड मम्मी’.

शिखर धवन के शेयर किए इस फनी वीडियो में चहल, धवन के बेटे का रोल निभा रहे हैं, जो अपने पापा से अपनी शादी की बात करने आया है. धवन, चहल से वादा कर रहे हैं कि वे अपनी शादी के बाद चहल की शादी भी करवा देंगे. युजवेंद्र चहल, शिखर धवन और सोफी शाइन के इस वीडियो का रियलिटी से कोई ताल्लुक नहीं है. वे केवल मौज-मस्ती के लिए ही ऐसे वीडियो बनाते हैं. ये वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया है.

‘आसिम मुनीर देंगे करारा जवाब…’, पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह ने PM मोदी को दी धमकी

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ और पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी दी है। वायरल हो रहे क्लिप में सैफुल्लाह ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की जमकर तारीफ की। आतंकी सैफुल्लाह कासूरी 4 सितंबर को पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी देखा गया था।

सैफुल्लाह ने PM मोदी को दी धमकी

आतंकी सैफुल्लाह ने कहा, “मैं फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से अनुरोध करता हूं कि वे पीएम मोदी को वैसा ही सबक सिखाएं जैसा हमने 10 मई 2025 को सिखाया था।” हालांकि पूरी दुनिया जानती है कि 10 मई की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान में ऐसी कार्रवाई की थी, जिसे वह लंबे समय तक नहीं भूल पाएगा। पाकिस्तानी सरकार अपनी जनता को खुश करने के लिए भारत के खिलाफ झूठी खबरें फैला रही है।

भारत पर वाटर टेररिज्म का आरोप

पाकिस्तान में भारत विरोधी बयानबाजी के कई वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनलों पर आतंकी सैफुल्लाह को यह कहते हुए दिखाया गया कि वह बाढ़ राहत कार्यों में जुटा है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का करीबी सैफुल्लाह ने भारत पर “वाटर टेररिज्म” का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भारत ने जानबूझकर पाकिस्तान में बाढ़ लाने की साजिश रची है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 26 सितंबर 2025 को सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए भारत पर इसके प्रावधानों के उल्लंघन और समझौते को स्थगित करने का आरोप लगाया। उनके बयान के बाद सैफुल्लाह का वीडियो सामने आया, जो यह दिखाता है कि पाकिस्तान की आतंकी मशीनरी और राजनीतिक नेतृत्व मिलकर भारत के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं।

आतंकवाद पर पाकिस्तान की चुप्पी

संयुक्त राष्ट्र महासभा में शहबाज शरीफ ने एक बार भी आतंकवाद रोकने के लिए किसी ठोस कदम का जिक्र नहीं किया। बेइज्जती से बचने के लिए पाकिस्तान हर बार आतंकवाद के मुद्दे पर चुप रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद बंद नहीं करता, तब तक उससे किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है।