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पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने लगाया आरोप – अफगानिस्तान ने भारत के इशारे पर हमला किया

अफगानिस्तान के साथ हाल ही में हुए खूनी संघर्ष को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ बेतुका और मनगढ़ंत बयान दिया है. पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि अफगानिस्तान ने भारत की शह पर पाकिस्तान पर हमला किया था.

शरीफ ने कहा, ‘जिस वक्त अफगानिस्तान की ओर से पाकिस्तान पर हमला किया गया था, उस वक्त अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी नई दिल्ली की यात्रा पर थे और उनकी तस्वीरें भी सामने आई थी. इसी वजह से पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी.’

काबुल स्ट्राइक का बदला लेने के लिए अफगानिस्तान ने किया था हमला

अफगानिस्तान की सेना ने शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को शाम 7:23 बजे पाकिस्तान की 7 सीमाओं पर जोरदार हमला किया था. अफगानिस्तान ने यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना की ओर से पिछले हफ्ते गुरुवार (9 अक्टूबर, 2025) को काबुल और पक्तिका पर किए गए हमले के जवाब में किया था.

वहीं, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने भी स्पष्ट रूप से कहा, ‘हमला हमारी राजधानी काबुल पर हुए हमले का बदला लेने के लिए किया गया था, लेकिन भारत को अपनी समस्या का जिम्मेदार ठहराने वाले पाकिस्तान ने अब अफगानिस्तान के हमले को भी भारत की शह से किया गया हमला बता दिया.’

दर्जनों निर्दोष लोगों और सैनिकों की गई जान, सैकड़ों घायल

पाकिस्तान सेना ने पिछले दिनों अफगानिस्तान के कई शहरों और रिहायशी इलाकों को अपना निशाना बनाया है. पाकिस्तानी सेना ने कंधार और खोस्त शहर में रिहायशी इलाकों में एयर स्ट्राइक की. इसके अलावा, अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भी पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक करने का दावा किया. पाकिस्तान की ओर से अब तक किए गए हमलों में दर्जनों निर्दोष अफगानी नागिरकों ने अपनी जान गंवा दी. इसके साथ अफगानी सेना के सैनिकों की मौत हुई है. वहीं, पाकिस्तानी सेना के हमले के कारण 400 से ज्यादा अफगानी नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

पाकिस्तान का जिसे मारने का दावा किया गया, वह जिंदा मिला; TTP चीफ ने वीडियो में कहा – मैं पाकिस्तान में ही हूं

पाकिस्तान की सेना ने पिछले गुरुवार (9 अक्टूबर, 2025) को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के जिस प्रमुख नूर वली महसूद को मारने के लिए अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हवाई हमला किया था और अफगानिस्तान के साथ न सिर्फ अपने रिश्ते बिगाड़े बल्कि दो बार दोनों सेनाओं के भीषण टकराव भी हुआ, वो तहरीक-ए-तालिबान का प्रमुख नूर वली महसूद जिंदा निकला।

इतना ही नहीं, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का प्रमुख नूर वली महसूद, जिसके अफगानिस्तान में छुपे होने का दावा पाकिस्तान कर रहा है और अफगानिस्तान पर अंधाधुंध हमले कर रहा है वो पाकिस्तान की धरती पर घूम रहा है और वीडियो बना रहा है।

टीटीपी ने नूर वली महसूद का जारी किया वीडियो

आज गुरुवार (16 अक्टूबर, 2025) को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आधिकारिक चैनल उमर मीडिया की तरफ से उसके प्रमुख नूर वली महसूद उर्फ अबू मंसूर असीम की 7 मिनट 55 सेकंड की वीडियो जारी की गई, जिसके मुताबिक नूर वली महसूद पाकिस्तान के ही खैबर पख्तूनख़्वाह प्रांत के खैबर जिले की पहाड़ी क्षेत्र में रह रहा है, न कि अफगानिस्तान में. इसके साथ ही तहरीक-ए-तालिबान की ओर से जारी की गई वीडियो में नूर वाली महसूद ने दावा किया कि ख़ैबर पख्तूनख़्वाह की कुकी खेल और कंबर खेल क़बीले उसके साथ हैं।

महसूद के वीडियो से ध्वस्त हो गया पाकिस्तान का झूठ

पाकिस्तान बीते कई सालों से झूठा प्रोपेगंडा फैला रहा है कि तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) का प्रमुख अफगानिस्तान में है और भारत उसकी मदद कर रहा है. लेकिन आज नूर वली महसूद की वीडियो आने के बाद ना सिर्फ़ पाकिस्तान का ये झूठ ध्वस्त हो गया कि नूर वली महसूद अफगानिस्तान में है, बल्कि नूर वली महसूद की वीडियो ने पाकिस्तान की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों पर भी सवाल उठा दिए हैं जो ना सिर्फ पाकिस्तान में होने के बावजूद नूर वली महसूद को पकड़ने में नाकाम हैं बल्कि नूर वली महसूद को मारने के लिए अफगानिस्तान की राजधानी काबुल तक में उन्होंने झूठे और बेबुनियाद इनपुट के आधार पर हमला किया. लेकिन वीडियो आने के बाद अब साफ हो गया कि नूर वली महसूद काबुल में पाकिस्तान की ओर से 9 अक्टूबर को किए गए हमले में था ही नहीं, न ही वो मारा गया और न ही उसके शरीर पर खरोच आई. क्योंकि पाकिस्तानी मीडिया से लेकर उसके प्रोपेगंडा एकाउंट्स तक ने दावा किया था कि काबुल पर 9 अक्टूबर के हमले में जिस लैंड क्रूजर कार को निशाना बनाया गया, उसमें नूर वली महसूद था।

काबुल पर हमला पाकिस्तान की घात लगाकर की गई साजिश

ऐसे में अब साफ हो गया कि काबुल और अफगानिस्तान के अन्य इलाकों पर पाकिस्तानी हमला पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी की ना सिर्फ नाकामी थी, बल्कि जानबूझकर आम लोगों को मारने की साजिश थी. अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर हमला करने की आड़ में पाकिस्तानी सेना पिछले 7 दिनों में 23 से ज़्यादा मासूम अफगानियों की जान ले चुकी है और 400 से ज़्यादा लोगों की जान ले चुकी है।

दुनिया के सबसे धनवान शाही परिवार की संपत्ति है 30 लाख करोड़ रुपए, जानें यह कौन सा घराना है

कुवैत का नाम सुनते ही तेल और धन-दौलत की तस्वीरें सामने आती हैं. इस छोटे से खाड़ी देश पर 1752 से शासन कर रहा अल-सबाह परिवार आज दुनिया के सबसे अमीर शाही परिवारों में गिना जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस परिवार की कुल नेटवर्थ 360 अरब डॉलर (लगभग 30.07 लाख करोड़ रुपये) है. यह रकम इतनी बड़ी है कि अमेरिका या यूरोप के कई अरबपतियों की कुल संपत्ति भी इसके आगे फीकी पड़ जाती है.

वर्तमान में कुवैत के अमीर (राजा) हैं मिशअल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह, जो देश के सर्वोच्च शासक हैं. कुवैत में आज भी लोकतंत्र नहीं बल्कि संवैधानिक राजशाही (Constitutional Monarchy) व्यवस्था है, जहां अल-सबाह परिवार की पकड़ हर स्तर पर बनी हुई है.

अल-सबाह परिवार की तीन शताब्दियों पुरानी विरासत

अल-सबाह वंश की शुरुआत 1752 में तब हुई, जब उन्होंने कुवैत के छोटे से समुद्री तटीय क्षेत्र पर शासन स्थापित किया. उस समय यह क्षेत्र व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था, लेकिन तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के बाद इसकी किस्मत ही बदल गई. तेल की आमदनी ने इस परिवार को अरब जगत के सबसे प्रभावशाली घरानों में शामिल कर दिया. आज इस परिवार में 1000 से अधिक सदस्य हैं, जिनमें से कई राजनीति, व्यवसाय और अंतरराष्ट्रीय निवेश से जुड़े हैं. इस परिवार की शक्ति और संपत्ति इतनी विशाल है कि कुवैत की अधिकांश बड़ी कंपनियों, तेल उत्पादक इकाइयों और वित्तीय संस्थानों में उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है.

कहां से आता है अल-सबाह परिवार का इतना पैसा

कुवैत की संपन्नता की जड़ें तेल के भंडार में छिपी हैं. यह देश दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है. अल-सबाह परिवार का सबसे बड़ा आय स्रोत तेल निर्यात है, जो चीन, भारत, जापान और यूरोप जैसे देशों को जाता है. इसके अलावा इस परिवार ने अपने धन को अमेरिकी शेयर बाजार, रियल एस्टेट, टेलीकॉम, बंदरगाह, हवाई अड्डे और बिजली वितरण जैसी परियोजनाओं में भी निवेश किया है. कहा जाता है कि अल-सबाह परिवार की एक बड़ी हिस्सेदारी अमेरिकी ब्लू-चिप कंपनियों (Blue Chip Stocks) में है. उनका निवेश इतना विविध है कि चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो या वैश्विक बैंकिंग, हर जगह उनकी आर्थिक मौजूदगी महसूस की जा सकती है.

बयान पैलेस शाही वैभव का प्रतीक

कुवैत के अल-सबाह परिवार की शाही लाइफस्टाइल का अंदाजा उनके महलों से लगाया जा सकता है. उनका सबसे प्रसिद्ध महल बयान पैलेस कहलाता है, जिसे बनवाने में ही 1045 करोड़ रुपये खर्च हुए. यह महल न सिर्फ शाही निवास है, बल्कि इसमें कूटनीतिक मीटिंग्स, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और शाही आयोजनों का भी आयोजन होता है. महल के अंदर सोने की जड़ी हुई सजावट, संगमरमर की दीवारें और निजी संग्रहालय हैं, जो कुवैत की शाही विरासत को दर्शाते हैं.

शौक भी शाही लग्जरी कारें और घोड़े

अल-सबाह परिवार की जिंदगी में शाही ठाठ-बाट हर जगह झलकता है. उनके पास रोल्स रॉयस, फेरारी F40, पोर्शे कैरेरा जैसी सैकड़ों लग्जरी कारों का कलेक्शन है. इतना ही नहीं, यह परिवार घुड़सवारी और रेसिंग के शौक के लिए भी जाना जाता है. कुवैत में कई रॉयल स्टेबल्स (Royal Stables) हैं, जहां अरबियन नस्ल के बेहतरीन घोड़े पाले जाते हैं.इन घोड़ों की कीमत करोड़ों रुपये तक जाती है.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव

अल-सबाह परिवार सिर्फ धनवान ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद प्रभावशाली है. कुवैत की विदेश नीति, रक्षा सौदे और ऊर्जा कूटनीति (Energy Diplomacy) पर इस परिवार का निर्णायक नियंत्रण है. उनके कई सदस्य संयुक्त राष्ट्र, ओपेक (OPEC), और अंतरराष्ट्रीय बैंकों में उच्च पदों पर रह चुके हैं. इससे यह साफ होता है कि अल-सबाह परिवार की शक्ति सीमाओं से परे जाकर वैश्विक स्तर तक फैली हुई है.

4–5 साल की मेहनत के बाद बाथरूम में प्रोड्यूसर से हुई मुलाकात, तभी इस पॉपुलर एक्टर का सपना हुआ साकार

एक्टर गोविंदा और चंकी पांडे लंबे समय से दोस्त हैं. दोनों ने साथ में फिल्में भी की हैं. हाल ही में वो ट्विंकल खन्ना और काजोल के टॉक शो टू मच में पहुंचे थे. इस शो में चंकी ने बताया कि कैसे उन्हें पहली फिल्म मिली.

चंकी को कैसे मिली पहली फिल्म?

चंकी पांडे ने कहा कि उन्हें रोल्स के लिए स्ट्रगल करना पड़ा था क्योंकि उन्हें कई ऑफर नहीं मिल रहा था. चंकी ने कहा, ‘मैं एक्टर बनना चाहता था. लेकिन मेरी फैमिली में कोई एक्टर नहीं था. हां, मेरे मामा कैरेक्टर रोल्स प्ले करते थे. मुझे पहली फिल्म के लिए 4-5 साल स्ट्रगल करना पड़ा. लेकिन अगर मैं फिल्म लाइन में आ पाया तो ये सिर्फ गोविंदा की वजह से है.’ फिर गोविंदा ने कहा- मैंने फिल्म छोड़ दी थी तो इसे मिल गई.

बाथरूम में हुई पहलाज निहलानी से मुलाकात

आगे चंकी ने कहा, ‘मैं पहलाज निहलानी से बाथरूम में मिला था. मेरा करियर वहां से शुरू हुआ. पहलाज ने गोविंदा के साथ इल्जाम फिल्म की थी, जो कि सुपरहिट थी. लेकिन  जब मैं उनसे बाथरूम में मिला तो मैं उन्हें नहीं जानता था. उस वक्त सोशल मीडिया नहीं था. लोगों को नहीं पता था कि कौन कैसा दिखता है. तो हम दोनों बाथरूम में थे. मेरा नाड़ा नहीं खुल रहा था. मुझे किसी की मदद की जरुरत थी, उसे खोलने में. उन्होंने मेरी मदद की. तो मैंने उनसे पूछा कि वो क्या करते हैं. तो उन्होंने कहा कि वो प्रोड्यूसर हैं और उनका नाम पहलाज निहलानी है. तो मैं शॉक्ड रह गया था. तो मैंने खुद को इंट्रोड्यूस किया कि मेरा नाम चंकी पांडे है. तो उन्होंने कहा कि कितना अजीब नाम है. तो मैंने कहा हां, लेकिन मैं फिल्में करना चाहता हूं. तो उन्होंने फिर मुझे अगले दिन अपने घर बुलाया. मुझसे मुलाकात की और फिर मुझे रोल मिल गया.’

बता दें कि चंकी की पहली फिल्म आग ही आग थी.

Sports News: विराट ऑस्ट्रेलिया रवाना, पीछे छोड़ गए आलीशान कोठी और लग्जरी फ्लैट – जानें कितनी प्रॉपर्टी सौंपी भाई को

विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के साथ अभी पर्थ में हैं, जहां भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया 3 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा. इस साल मार्च में हुए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद पहली बार कोहली इंटरनेशनल मैच खेलेंगे. बता दें कि वह आईपीएल फाइनल के बाद लंदन चले गए थे, 14 अक्टूबर को वह दिल्ली लौटे और फिर 15 अक्टूबर को टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए. लेकिन ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले वह कुछ ऐसा कर गए, जिसकी हर जगह चर्चा हो रही है. दरअसल उन्होंने अपनी गुरुग्राम वाली प्रॉपर्टीज को अपने भाई विकास कोहली के नाम GPA (जनरल पावर ऑफ़ अटॉर्नी) कर दी है.

भाई के नाम क्यों की पावर ऑफ़ अटॉर्नी?

विराट कोहली अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ लंदन में रहते हैं. वह जब क्रिकेट नहीं खेल रहे होते तो अधिकतर समय लंदन में ही बिताते हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि कोहली लंदन शिफ्ट हो गए हैं, हालांकि विराट ने कभी खुद इस बात को कंफर्म नहीं किया.

अधिकतर समय देश से बाहर बिताने के चलते कोहली ने अपने बड़े भाई विकास कोहली को जनरल पावर ऑफ़ अटॉर्नी दिया है ताकि प्रॉपर्टीज से संबंधित किसी तरह के सरकारी काम या कोई कानूनी फैसला लेने में कोहली को बार-बार परेशान न होना पड़े.

तहसील ऑफिस में 1 घंटे तक रहे विराट कोहली

15 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले विराट 14 अक्टूबर को लंदन से दिल्ली आए थे. उन्होंने गुरुग्राम के तहसील ऑफिस में जाकर कागजों पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान उन्हें देखने के लिए वहां भी भीड़ जमा हो गई थी. कर्मचारियों ने भी उनके साथ फोटो और सेल्फी ली.

गुरुग्राम में विराट कोहली की प्रॉपर्टी

विराट की गुरुग्राम के DLF सिटी फेज-1 में एक आलीशान कोठी है. इस कोठी को विराट ने साल 2021 में खरीदा था. इसके आलावा गुरुग्राम में ही उनके पास एक लग्जरी फ्लैट भी है. अब ये दोनों प्रॉपर्टी उनके बड़े भाई विकास कोहली संभालेंगे.

बता दें कि विराट का मुंबई में भी घर है, इसके आलावा भी उनकी कई प्रॉपर्टी हैं. देशभर में विराट के कई रेस्टोरेंट (One8 Commune) भी हैं.

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज 2025

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम कुल 8 मैच खेलेगी, शुरुआत 3 मैचों की वनडे सीरीज से होगी. इसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा भी खेलेंगे, जबकि टी20 से दोनों संन्यास ले चुके हैं. संभावना है कि कोहली ऑस्ट्रेलिया से ही लंदन चले जाएंगे. वनडे सीरीज की बात करें तो पहला मैच 19 अक्टूबर को पर्थ में खेला जाएगा. दूसरा 23 अक्टूबर को एडिलेड और तीसरा मैच 25 अक्टूबर को सिडनी में होगा. तीनों मुकाबले भारतीय समयनुसार सुबह 9 बजे से शुरू होंगे.