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Sports News:सचिन और धोनी से लेकर सूर्या, बुमराह और अय्यर तक – क्रिकेटरों ने अनोखे अंदाज़ में मनाई दिवाली, विराट ने दिया खास संदेश

देशभर में बड़ी धूमधाम से प्रकाश का त्योहार दिवाली मनाई जा रही है. भारतीय क्रिकेटरों ने खास अंदाज में दिवाली मनाई. दीपावली के मौके पर क्रिकेट दिग्गजों ने अपने फैंस को भी दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं. इसमें आईसीसी चेयरमैन जय शाह समेत कई दिग्गज क्रिकेटर शामिल हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया से विराट कोहली ने दिवाली के मौके पर खास मैसेज दिया.

VIRAT KOHLI WISHING HAPPY DIWALI TO ALL…!!! 🪔❤️ pic.twitter.com/94rgcC8kIX

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

From our home to yours, wishing you all the warmth, laughter, and light of Diwali. 🪔✨

आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ। pic.twitter.com/hb9nKGhY7A

— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) October 20, 2025

भारत की वनडे टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर ने लिखा, “सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं! आप सभी का जीवन प्रकाश, प्रेम और अनंत आनंद से भरा रहे.”

भारतीय टीम के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने लिखा, “रोशनी, खुशी और ढेर सारी सकारात्मकता. आप सभी को जगमगाती दीपावली की शुभकामनाएं!”

Jasprit Bumrah celebrating Diwali with his family. ❤️ pic.twitter.com/LZfdJj1GZe

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने लिखा, “सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं! इस पावन पर्व के प्रकाश से सारा अंधकार दूर हो जाए!”

दीपावली के मौके पर सचिन तेंदुलकर समेत तमाम मशहूर क्रिकेटर्स ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को शुभकामनाएं दी हैं. मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, “आपको खुशहाल और सुरक्षित दीपावली की शुभकामनाएं. आनंद लें और अपना ख्याल रखें.”

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यह दीपावली आपके जीवन को शांति, समृद्धि और अनंत खुशियों से भर दे. सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.”

ICC SPECIAL POSTER FOR DIWALI. ❤️🪔 pic.twitter.com/8cgZqK3THO

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने कहा, “आपको और आपके परिवार को शानदार और खुशहाल दीपावली की शुभकामनाएं! रोशनी का यह त्योहार आपके और आपके प्रियजनों के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए. सुरक्षित और आनंदमय दिवाली मनाएं.”

Wishing you and your family a sparkling and happy Diwali! May the festival of lights bring joy and prosperity to you and your loved ones. Have a safe and fun-filled Diwali🪔 pic.twitter.com/n7KPVvBP9X

— Jay Shah (@JayShah) October 20, 2025

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “जैसे रोशनी हर घर को जगमगाए, वैसे ही हर मन में शांति और आनंद का वास हो. सभी को दीपावली की शुभकामनाएं!”

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने लिखा, “दीपावली का दिव्य प्रकाश आपके जीवन को शांति, समृद्धि और आनंद से आलोकित करे। आप सभी को उज्ज्वल और सुंदर दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं!”

Shikhar Dhawan celebrating Diwali 🪔 pic.twitter.com/UWOAe3gtTB

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

MS Dhoni & his family celebrating Diwali 🪔 ❤️ pic.twitter.com/T4XG740qe2

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

MS Dhoni during the Diwali Celebration. 😍 pic.twitter.com/pXwXdMFrPa

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

MS Dhoni & his family celebrating Diwali 🪔 ❤️ pic.twitter.com/T4XG740qe2

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

स्वयं भगवान के अवतार होने पर भी प्रभु श्रीराम ने एक संघर्षपूर्ण जीवन का चयन किया।
14 वर्ष का वनवास, भीषण युद्ध, प्रियजनों से विरह झेलते हुए भी वे कभी उस मार्ग से पृथक नहीं हुए जो सिद्धांत, न्याय एवं परोपकार पर आधारित था।
दीपावली पर ये दीपक कदाचित श्रीराम के ही छोटे प्रारूप हैं… pic.twitter.com/kuYnLSopQk

— Suresh Raina🇮🇳 (@ImRaina) October 20, 2025

A SPECIAL DIWALI CELEBRATION AT EKANA STADIUM BY LSG FAMILY. 🪔❤️

– Lucknow Super Giants lit up whole stadium and invited childrens for celebrating the special day. 👏 pic.twitter.com/B0wNCBRTjV

— Johns. (@CricCrazyJohns) October 20, 2025

धीरे-धीरे इंसान को भीतर से तोड़ने वाली यह खतरनाक बीमारी, जिसने असरानी की जिंदगी छीन ली

अपने चुटीले अंदाज से हर किसी को हंसाने वाले बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन असरानी (84 साल) अपने चाहने वालों को रोता-बिलखता छोड़कर इस दुनिया से कूच कर गए. उन्होंने सोमवार (20 अक्टूबर) दोपहर करीब 3 बजे आखिरी सांस ली. बताया जा रहा है कि असरानी फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. आइए जानते हैं कि फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए पॉल्यूशन कितना खतरनाक होता है?

कैसे बिगड़ती गई असरानी की तबीयत?

जानकारी के मुताबिक, असरानी 5 दिन से मुंबई के आरोग्य निधि अस्पताल में एडमिट थे. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज (COPD) बिगड़ गई थी. सांस लेने में दिक्कत इतनी बढ़ गई थी कि उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा. डॉक्टरों की मानें तो ऐसे मरीजों के लिए पटाखों के धुएं से होने वाला पॉल्यूशन काफी ज्यादा खतरनाक होता है. दरअसल, फायरक्रैकर्स से निकलने वाले सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड फेफड़ों की नलियों को सिकोड़ देते हैं. इससे सांस फूलने, खांसी और ब्रॉन्काइटिस आदि की दिक्कत बढ़ जाती है. ऐसे पॉल्शून की वजह से असरानी जैसे बुजुर्गों में फेफड़ों की क्षमता 30 पर्सेंट तक कम हो जाती है.

मुंबई में कितना रहा पॉल्यूशन?

दिवाली वाले दिन यानी 20 अक्टूबर की बात करें तो देश की आर्थिक राजधानी मुंबई भी पॉल्यूशन से जूझती नजर आई. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की वेबसाइट के मुताबिक, मुंबई में 20 अक्टूबर को दिनभर पीएम 2.5 औसतन 339  माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो डब्ल्यूएचओ की लिमिट 50 से करीब 6 गुना ज्यादा है. हवा में मौजूद पीएम 2.5 के कण फेफड़ों के अंदर घुसकर सूजन पैदा करते हैं. इंडियन चेस्ट सोसायटी की रिपोर्ट कहती है कि दिवाली के बाद रेस्पिरेटरी इंफेक्शन 40 पर्सेंट बढ़ जाते हैं.

फेफड़ों के मरीजों के लिए पॉल्यूशन कितना खतरनाक?

डॉक्टरों का कहना है कि दिवाली का प्रदूषण फेफड़ों के लिए जहर है. दिल्ली के विनायक हेल्थ हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. राधिका शर्मा के मुताबिक, दिवाली के बाद स्मॉग का असर एक हफ्ते तक रहता है. इससे फेफड़ों की फंक्शनिंग 25 पर्सेंट कम हो जाती है. वहीं, क्रॉनिक बीमारियों जैसे COPD या अस्थमा वाले मरीजों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है. दरअसल, PM2.5 के कण खून में घुसकर हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ाते हैं.

दिवाली के पॉल्यूशन से कैसे बचें?

दिल्ली AIIMS में अडिशनल प्रोफेसर सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन डॉ. हर्षल आर सल्वे के मुताबिक, दिवाली का प्रदूषण शॉर्ट-टर्म में अस्थमा और COPD बढ़ाता है. वहीं, लॉन्ग-टर्म में कार्डियो-रेस्पिरेटरी डिजीज, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा AQI 335 पर सांस की बीमारियां 40 पर्सेंट तक बिगड़ जाती है. ऐसे में किसी भी तरह की दिक्कत से बचने के लिए मास्क लगाना चाहिए.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Nighttime heart failure: रात में नींद के दौरान क्यों थम सकती है दिल की धड़कन? इन साइलेंट संकेतों को नजरअंदाज करना हो सकता है खतरनाक।

पिछले कुछ सालों में हार्ट फेल्योर की घटना काफी बढ़ गई है. बदलती लाइफस्टाइल, तनाव और खानपान इसको खूब ट्रिगर कर रहे हैं. इसमें सबसे बड़ी समस्या जो है, वह क्रॉनिक हार्ट फेल्योर को लेकर है. यह अचानक आने वाले हार्ट अटैक की तुलना में धीरे-धीरे शरीर में विकसित होता है और बढ़ता है. यह तब तक नजरअंदाज हो जाता है जब तक कि यह गंभीर न हो जाए. इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि इसमें हार्ट को रात में ज्यादा दिक्कत होती है, जब शरीर आराम की स्थिति में होता है और दिल दिन की तुलना में अलग तरह से काम करता है. कभी-कभी यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं कि इसके शुरुआती लक्षण को कैसे पहचाना जा सकता है और इसको रोकने के लिए क्या-क्या उपाय हो सकते

नींद के दौरान हार्ट फेल्योर

रात में जब इंसान सोने के लिए लेटता है, तो शरीर में तरल पैरों से छाती की तरफ आ जाता है. इससे होता यह है कि फेफड़ों और दिल पर दबाव बढ़ जाता है. हार्ट फेल्योर वाले मरीजों के लिए यह और खतरनाक होता है, क्योंकि उनका दिल पहले से कमजोर होता है, इस वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है. इसे पैरॉक्सिस्मल नॉक्टर्नल डाइस्पनिया कहते हैं, यानी अचानक नींद में उठकर हांफना. कई लोगों की स्थिति इससे भी खराब होती है, उनको ऑर्थोप्निया होता है, यानी सीधा लेटने पर सांस लेने में परेशानी होने लगती है.

नींद में ही क्यों असर

अब सवाल आता है कि आखिर नींद में ही यह इतना असर क्यों डालता है. इसके पीछे कई कारण होते हैं. जैसे कि धीमी धड़कन, नींद में दिल की धड़कन धीमी हो जाती है. कमजोर दिल वालों के लिए यह खतरनाक है क्योंकि दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता. इसके साथ ही CHF मरीजों को रात में बार-बार पेशाब आता है, जिससे नींद टूटती रहती है. कई बार ऑक्सीजन की कमी भी इसका कारण बनती है.

रात में दिखने वाले शुरुआती लक्षण

अगर बात करें कि रात में इसके शुरुआती लक्षण कौन से होते हैं, तो इनमें सीधा लेटने पर सांस फूलना, इससे बचने के लिए आराम से सांस लेने के लिए कई तकियों की जरूरत पड़ना. दूसरा, रात में कई बार उठकर बाथरूम जाना. तीसरा, नींद के बीच सांस के लिए परेशान होना. चौथा, धड़कन का कंट्रोल में न होना और सीने पर भारीपन लगना. पांचवा लक्षण है कि पूरी नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करना. अगर आपको इस तरह की कोई दिक्कत दिख रही है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. रिसर्च बताती है कि 45 साल की उम्र से पहले पुरुषों को हार्ट फेल्योर का खतरा ज्यादा होता है. लेकिन 50 साल के बाद पुरुष और महिलाएं दोनों ही समान जोखिम में रहते हैं. महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हार्मोन बदलने से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है.

हार्ट फेल्योर के स्टेज और रात का असर

रात में हार्ट फेल्योर के 4 स्टेज नजर आते हैं. पहले स्टेज में हल्के लक्षण, जैसे रात में हल्की सांस फूलना या ज्यादा पेशाब आने की दिक्कत होती है. दूसरे स्टेज में सीधा लेटने पर सांस फूलना, कई तकियों का सहारा लेना या खांसते हुए उठने के लक्षण दिखाई देते हैं. तीसरे स्टेज में भी यह लक्षण होते हैं और चौथे स्टेज में मरीज बिल्कुल लेटकर सो नहीं पाते, बार-बार रात में दिल की दिक्कत होती है. इस स्थिति में अस्पताल में इलाज या हार्ट ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है. इससे बचने के लिए आप कुछ नियम अपना सकते हैं, जैसे कि ज्यादा तकिए या एडजस्टेबल बेड का इस्तेमाल करें, सोने से पहले ज्यादा पानी न पिएं ताकि बार-बार पेशाब न लगे और नमक कम खाएं, इससे शरीर में पानी कम रुकेगा और दिल पर दबाव घटेगा.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

‘कांतारा 1’ के मुकाबले मजबूती से जमी हुई है ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’, जानें क्या वसूल कर पाई अपना है बजट?

‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने बॉक्स ऑफिस पर दो हफ्ते पूरे कर लिए हैं और इस रोमांटिक-कॉमेडी ड्रामा ने बॉक्स ऑफिस पर औसत परफॉर्म किया है. इसकी टिकट खिड़की पर टक्कर ‘कांतारा: चैप्टर 1’ से हुई थी, लेकिन इसकी तुलना इस मैग्नम ऑप्स से नहीं की जा सकती क्योंकि दोनों ही जॉनर, बजट और रिलीज के मामले में बिल्कुल अलग हैं. इसी के साथ जहां ‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने छप्परफाड़ कमाई कर ली है. ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’  रिलीज के तीसरे हफ्ते में एंट्री करने के बाद भी अपना बजट वसूल नहीं कर पाई है. चलिए यहां जानते हैं ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने रिलीज के 16वें दिन यानी तीसरे फ्राइडे कितना कलेक्शन किया है?

‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने 16वें दिन कितनी की कमाई?
‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाई है. शशांक खेतान निर्देशित रोमांटिक-कॉमेडी ड्रामा में वरुण धवन, जाह्नवी कपूर, सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ ने अहम रोल प्ले किया है. हालांकि ना तो इस फिल्म का कहानी ना ही फिल्म की स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस दर्शकों को इम्प्रेस कर पाई है. इसीलिए ओपनिंग वीकेंड के बाद ही फिल्म पटरी से उतर गई और तीसरे हफ्ते में पहुंचते-पहुंचते तो अब ये बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह ढीली पड चुकी है. हालांकि ये ‘कांतारा: चैप्टर 1’ से तगड़े मुकाबले के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर डटी हुई है और करोड़ों में ही कलेक्शन कर रही है.

फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो 9.25 करोड़ से खाता खोलने वाली ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने पहले हफ्ते में 41.1 करोड़ रूपये जोड़े थे. वहीं दूसरे हफ्ते में इसने 65.94 फीसदी की गिरावट के साथ महज 14 करोड़ का ही कलेक्शन किया.

    • अब सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने रिलीज के 16वें दिन यानी तीसरे शुक्रवार को 1 करोड़ का कलेक्शन किया है.
    • इसी के साथ वरुण धवन स्टारर फिल्म की 16 दिनों की कुल कमाई अब 56.10 करोड़ रुपये हो गई है.

‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ बजट वसूलने से कितनी दूर?
‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने रिलीज के 16 दिनों में 56 करोड़ से ज्यादा की नेट कमाई कर रही है. वैसे फिल्म की लागत 60 से 70 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यानी अभी इसे अपनी लागत वसूलने के लिए कई करोड़ और कमाने की जरूरत है. अगर दीवाली वीकेंड पर फिल्म की कमाई में तेजी आती है तो ममुकिन है ये अपना बजट वसूल कर ले. देखने वाली बात होगी कि ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ तीसरे शनिवार और तीसरे रविवार को कितना कलेक्शन कर पाती है.

‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ का पैकअप कराने आ रही ‘थामा’!
वहीं 21 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘थामा’ रिलीज हो रही है. ऐसे में पहले से ‘कांतारा चैप्टर 1’ की वजह से नुकसान झेल रही ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ को ‘थामा’ के आने से बड़ा झटका लग सकता है और इसका बॉक्स ऑफिस पर से ही खेल खत्म हो सकता है. यानी इसके पास जोर दिखाने के दिए दो ही दिन का वक्त बचा है.

अमेरिकी डॉक्टर की वार्निंग : लीवर को स्वस्थ रखना है तो इन चीजों से रहें दूर , वरना बढ़ सकता है लीवर डैमेज का खतरा।

हमारे शरीर में कई जरूरी अंग हैं, लेकिन लीवर एक ऐसा अंग है जो अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. यह शरीर की सफाई करने वाली फैक्ट्री की तरह काम करता है. खून को साफ करना, टॉक्सिन्स को निकालना, पोषण को पचाने में मदद करना और एनर्जी स्टोर करना इसका मुख्य काम है. लेकिन आज की बिजी और जंक फूड से भरी लाइफस्टाइल में लीवर पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ रहा है.

2023 के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल दुनिया भर में करीब 20 लाख लोग लीवर की बीमारियों की वजह से अपनी जान गंवाते हैं यानी हर 25 में से 1 मौत लीवर की खराबी की वजह से होती है. और यह संख्या युवाओं में लगातार बढ़ रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में ही लगभग 45 लाख लोगों को लीवर की बीमारी का पता चल चुका है. वहीं भारत में भी फैटी लीवर और लिवर सिरोसिस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में लीवर हेल्थ के लिए अमेरिकी डॉक्टर की चेतावनी भी सामने आई है, तो चलिए जानते हैं कि लीवर हेल्थ के लिए किन चीजों से बचें नहीं तो लीवर डैमेज तय है.

अमेरिकी डॉक्टर की चेतावनी

इन दिनों एक बीमारी बड़ी तेजी से फैल रही है, जिसका नाम नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) है. यह बीमारी शराब पीने से नहीं, बल्कि खराब खानपान और खराब लाइफस्टाइल  से होती है. अमेरिकन लिवर फाउंडेशन के अनुसार, अमेरिका में हर चार में से एक व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित है. इस बीमारी में लीवर में धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है, जिससे उसका कामकाज प्रभावित होता है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारी लीवर फेलियर या कैंसर जैसी घातक स्थिति में बदल सकती है.

अब तक लोगों को लगता था कि घी, मक्खन या मांस जैसे भारी-भरकम खाने लीवर के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह होते हैं. लेकिन अमेरिका के एक फेमस कार्यात्मक चिकित्सक, डॉ. एड्रियन स्जनाइडर, इससे बिल्कुल अलग राय रखते हैं.उन्होंने हाल ही में एक वीडियो में बताया कि, लीवर के लिए सबसे खतरनाक चीज कोई तेल या मांस नहीं, बल्कि  हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप है.

हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप (HFCS) क्या है?

HFCS एक तरह की आर्टिफिशियल शुगर होती है, जिसे आमतौर पर प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड में मिठास के लिए डाला जाता है. यह खासतौर पर कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक, कुकीज, केक, कैंडी, ब्रेकफास्ट सीरियल, रेडीमेड सॉस और जूस, फ्लेवर्ड योगर्ट चीजों में पाई जाती है. डॉ. स्जनाइडर बताते हैं कि HFCS ग्लूकोज की तुलना में लीवर में बहुत तेजी से फैट में बदलता है, जिससे लीवर पर सीधा असर पड़ता है.

फ्रुक्टोज एक नेचुरल शुगर है जो फलों और सब्जियों में भी पाई जाती है, लेकिन आर्टिफिशियल फ्रुक्टोज जैसे HFCS या पैक्ड शुगर में आर्टिफिशियल शुगर होती है, जिससे नुकसान होता है. जब आप इस तरह की फ्रुक्टोज ज्यादा मात्रा में खाते हैं, तो यह आंतों की सेहत बिगाड़ता है, फायदेमंद बैक्टीरिया को कम करता है, लिवर में फैट स्टोर करता है, लीवर में सूजन और डैमेज का कारण बनता है. यही वजह है कि HFCS को लीवर के लिए सबसे खतरनाक माना जा रहा है.

लीवर की सुरक्षा के लिए क्या करें?

डॉ. स्जनाइडर और कई अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, अगर आप अपने लीवर को लंबे समय तक हेल्दी रखना चाहते हैं, तो आपको कुछ आदतों में बदलाव करना जरूरी है.  कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक, केक, बिस्कुट, कैंडी, प्रोसेस्ड स्नैक्स, रेडीमेड ड्रेसिंग, चिली सॉस, टमाटर सॉस, ज्यादा मीठे दही और फ्लेवर्ड योगर्ट जैसी चीजों से बचें.  ताजे फल और सब्जियां खाएं, घर का बना ताजा खाना खाएं, ज्यादा पानी पिएं, रोजाना थोड़ी एक्सरसाइज करें, शराब और तंबाकू से दूर रहें.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.