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Health Tips: दिवाली पर जिमीकंद खाने की परंपरा का रहस्य: केवल शुभ ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी यह है वरदान

दिवाली के दौरान हर एक के घर में कई सारे पकवान बनते हैं। इस दिन किचन में बनने वाले भोजन ऐसी कई चीजें हैं, जो ट्रेडिशन के साथ ही शुभता का प्रतीक माने जाते हैं। ऐसी ही एक सब्जी है , जो दिवाली पर जरुर बनाई जाती है। जिमीकंद हर एक घर में खाई जाती है, इसको सूरन के नाम से भी जाना जाता है। ज्यादातर घरो में इसकी सब्जी बनाई जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा, यह सब्जी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। आइए आपको बताते हैं जिमीकंद खाने के फायदे।

जिमीकंद में पोषक तत्वों का खजाना है

जिमीकंद में कई सारे न्यूट्रिशन पाएं जाते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी 1, बी 6, फोलिक एसिड, बीटा-कौरोटीन, विटामिन सी, पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और कॉपर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

जिमीकंद सब्जी खाने के फायदे

वजन घटाने में मदद करता

इस सब्जी में सबसे ज्यादा फाइबर पाया जाता है और इसमें कैलोरी भी कम होती है। जिमीकंद खाने से पेट भरा रहता है। व्यक्ति को बार-बार भूख नहीं लगती और यह सब्जी वजन करने में मदद करती है।

हार्ट को हेल्दी रखता

जिमीकंद में पोटैशियम अधिक मात्रा में पाया जाता है और यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। इसके अलावा, दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक है।

इम्यूनिटी बढ़ाता है

दिवाली पर जिमीकंद की सब्जी खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। जिमीकंद में विटामिन-सी मौजूद होता है, जो प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रांग करता है और इसके सेवन से इंफेक्शन खतरा कम होता है।

पाचन तंत्र मजबूत होता है

जिमीकंद में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है और यह पाचन क्रिया को सुधारने में मदद भी करता है। यह मल को मुलायम करता है, जिससे कब्ज की समस्या में राहत मिलती है। इतना ही नहीं, जिमीकंद बवासीर मरीजों के लिए भी लाभदायक होता है। कब्ज को बवासीर का मुख्य कारण माना जाता है। इसके सेवन से पाचन संबंधी सभी समस्या दूर हो जाएगी।

स्किन और हेयर्स के लिए फायदेमंद

जिमीकंद में विटामिन ए और ई अधिक मात्रा में पाई जाती है। यह त्वचा और बालों के लिए भी काफी फायदेमंद है। विटामिन बी, विशेष रुप से बी3 (नियासिन) और बी7 (बायोटिन), त्वचा की चमक और बालों का स्ट्रांग करता है। 

दिग्गज अभिनेता असरानी के निधन के पीछे की असली वजह सामने आई, जानें कौन सी बीमारी ने ली उनकी जिंदगी

वरिष्ठ अभिनेता गोवर्धन असरानी उर्फ असरानी का सोमवार दोपहर मुंबई में निधन हो गया था. अपनी यादगार कॉमेडी जॉनर और शोले के मशहूर डायलॉग  “हम अंग्रेजों के ज़माने के जेलर हैं” के लिए खूब फेमस हुए 84 साल के अभिनेता को सांस संबंधी समस्याओं की वजह से जुहू में भारतीय आरोग्य निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

उनके निधन से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई. वहीं फैंस भी अपने फेवरेट एक्टर की मौत से सदमे में हैं. इन सबके बीच अब असरानी के निधन की असल वजह भी सामने आ गई है.

किस वजह से हुआ असरानी का निधन
उनके मैनेजर बाबूभाई थिबा ने पीटीआई से इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा, “वह थोड़े अस्वस्थ थे. सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में डॉक्टरों ने बताया कि उनके फेफड़ों में पानी जमा हो गया था. दोपहर करीब 3:00 बजे उनका निधन हो गया.” असरानी का अंतिम संस्कार उसी शाम सांताक्रूज़ श्मशान घाट पर किया गया, जहां उनके करीबी परिवार और दोस्त ने उन्हें अंतिम विदाई द

असरानी करियर
जयपुर में जन्मे असरानी ने 1960 के दशक में अभिनय की शुरुआत करने से पहले, पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) से ट्रेनिंग ली थी. 1960 के दशक में अपने करियर की शुरुआत करने वाले असरानी ने पांच दशकों में 300 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया थी. उन्होंने कॉमेडी ही नहीं सीरियस रोल और सपोर्टिंद भूमिकाएं भी सहजता से निभाई और नमक हराम, बावर्ची, गुड्डी, चुप चुप के, हेरा फेरी, हलचल, दीवाने हुए पागल और वेलकम जैसी फ़िल्मों में काम कर खूब नाम कमाया. बदलते सिनेमाई दौर के साथ तालमेल बिठाने की असरानी की क्षमता ने उन्हें उन गिने-चुने अभिनेताओं में से एक बना दिया जिनका हास्य हर पीढ़ी में गूंजता रहा.

उन्होंने “आज की ताज़ा खबर” और “चला मुरारी हीरो बनने” जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिकाएं ही नहीं निभाईं, बल्कि इन फिल्मों का निर्देशन भी किया था.

असरानी की शोले की ‘जेलर’ की भूमिका की गई खूब पसंद
असरानी ने अपने जबरदस्त ह्यूमर और भावनात्मक गहराई खोए बिना दर्शकों को हँसाने की अनोखी क्षमता के ज़रिए भारतीय सिनेमा में एक ख़ास जगह बनाई थी. रमेश सिप्पी की फ़िल्म शोले (1975) में उनके द्वारा निभाया गया सनकी जेलर का किरदार हिंदी फ़िल्म इतिहास के सबसे पसंदीदा कॉमिक परफॉर्मेंस से एक है. यह किरदार ‘द ग्रेट डिक्टेटर’ में चार्ली चैपलिन की भूमिका से इंस्पायर

“ट्रेड डील नहीं बनी, तो टैरिफ 155% तक बढ़ सकता है” — डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को दी कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन को सख्त आर्थिक चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौता नहीं होता है तो चीन को 155 फीसदी तक के टैरिफ (शुल्क) का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ बैठक के दौरान दिया, जहां दोनों नेताओं ने खनिज संसाधनों पर एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए.

ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हम चीन के साथ एक शानदार व्यापार समझौता करने जा रहे हैं. यह सौदा दोनों देशों और पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद होगा.” उन्होंने बताया कि वे जल्द ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं. संभवतः अगले कुछ हफ्तों में दक्षिण कोरिया में यह बैठक हो सकती है.

चीन को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि चीन अब अमेरिका का बहुत सम्मान करता है. वे पहले ही हमें 55% टैरिफ के रूप में भारी रकम दे रहे हैं. लेकिन अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो 1 नवंबर से यह दर 155% तक बढ़ जाएगी.”

उन्होंने आगे कहा, “पहले कई देशों ने अमेरिका का आर्थिक फायदा उठाया, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. हम अपने हितों की रक्षा कर रहे हैं. यह सौदा ऐसा होगा जो अमेरिका और चीन दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा.”

क्यों अहम है यह बयान

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन ने स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा तकनीकों में इस्तेमाल होने वाले रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लगाए हैं. ये खनिज अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद जरूरी हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह टैरिफ वाला कदम चीन के इन निर्यात प्रतिबंधों का सीधा जवाब है. इससे अमेरिका-चीन के बीच पहले से चल रहे व्यापार युद्ध (Trade War) की आग और भड़क सकती है.

ट्रंप प्रशासन पहले भी चीन पर भारी टैरिफ लगा चुका है, खासकर 2018-19 में जब दोनों देशों के बीच सैकड़ों अरब डॉलर के व्यापार पर शुल्क बढ़ाए गए थे. अब एक बार फिर ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर चीन अनुचित व्यापार नीतियों पर कायम रहा तो अमेरिका अपने उद्योगों और रोजगारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा.

Heart Attack Prevention:धमनियों में जमी चर्बी और कोलेस्ट्रॉल होगा पानी की तरह साफ, जानिए हार्ट अटैक से बचने के आसान तरीके

 हार्ट अटैक के मामले पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं. इसमें से एक कारण है आर्टरी में प्लाक जमना, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है. यह हार्ट अटैक का बड़ा कारण है. यह चिपचिपी परत वसा, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और अन्य पदार्थों से बनती है, जिससे आर्टरी की दीवारें कठोर और संकरी हो जाती हैं और हार्ट तक खून का प्रवाह घट जाता है. लंबे समय तक माना जाता रहा कि एक बार प्लाक बनने के बाद इसे हटाया नहीं जा सकता और इसका इलाज केवल दवाओं, स्टेंट या सर्जरी से ही संभव है. न्यूयॉर्क के बोर्ड-प्रमाणित इमरजेंसी मेडिसिन डॉक्टर डॉ. वसिली एलिएपोलोस कहते हैं कि प्लाक जमना हमेशा स्थायी नहीं होता. उनका मानना है कि यदि जड़ कारणों पर ध्यान दिया जाए, तो जोखिम घटाए जा सकते हैं और प्लाक को उल्टा भी किया जा सकता है.

क्या प्लाक हमेशा के लिए रहता है?

डॉ. वसिली एलिएपोलोस इसके बारे में बताते हुए कहते हैं, “हमें बताया जाता है कि प्लाक स्थायी है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है. आर्टरी में जमा प्लाक बिना स्टेंट और सर्जरी के भी घटाया जा सकता है.” वे आगे बताते हैं कि हार्ट अटैक का बड़ा कारण सिर्फ कैल्शियम जमा नहीं होता, बल्कि सॉफ्ट प्लाक का फटना होता है. इसमें कई बार आपका स्ट्रेस टेस्ट नॉर्मल आता है और फिर भी रिस्क बना रहता है. सर्जरी या स्टेंटिंग तुरंत राहत तो देती है और जान भी बचा सकती है, लेकिन यह बीमारी की जड़ पर काम नहीं करती. इसी वजह से जरूरी है कि जड़ कारण पर काम करके हार्ट अटैक से बचाव किया जाए.

कैसे कर सकते हैं इलाज?

डॉ. वसिली के अनुसार, इसके लिए सबसे पहले एडवांस टेस्टिंग जरूरी है ताकि असली खतरे की पहचान हो सके. साधारण कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट पूरी तस्वीर नहीं दिखाती. वे बताते हैं कि इसमें सबसे पहला जो टेस्ट होता है वह है APOB टेस्ट, जो असली लिपिड पार्टिकल लोड बताता है. इसके बाद दूसरे नंबर पर आता है हाई सेंसिटिव CRP और LP-PLA2, जिसमें सूजन के वे मार्कर दिखते हैं जो प्लाक को बढ़ाते हैं. तीसरे नंबर पर CCTA स्कैन से इसके बारे में पता लगाया जाता है, जो दिखाता है कि प्लाक कहां बन रहा है और किस प्रकार का है. इस तरह आप किसी बड़े दिक्कत से बच सकते हैं. वहीं, अगर आप इसको इग्नोंर करते हैं, तो आपको काफी दिक्कत हो सकती है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Travel Tips: कम बजट में हनीमून का परफेक्ट अनुभव—सुकून और रोमांस का डबल मज़ा

हनीमून ट्रिप का प्लान करने के लिए कपल्स ऐसी जगह की तलाश करते हैं, जोकि कम बजट होने के साथ भीड़भाड़ भी कम हो। बजट में ट्रिप प्लान करने वाले लोगों को लोकेशन के साथ खर्चों का भी ध्यान रखना होता है। यही कारण है कि लोग ट्रिप प्लान करने से पहले बार-बार लोकेशन पर विचार करते हैं। हालांकि भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जोकि हनीमून ट्रिप प्लान करने के लिए खास मानी जाती है। इस जगहों पर आपको मौसम भी ठंडा मिलेगा और खर्च भी अधिक नहीं होगा। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हनीमून प्लान करने के लिए कुछ अच्छी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।

मसूरी

मसूरी में 4 दिन का ट्रिप आप 20 हजार में आराम से पूरा कर सकते हैं। खूबसूरत होने के साथ यहां का मौसम भी ठंडा रहता है। इस जगह की खासियत यह है कि आपको यहां पर हम मौसम में कम भीड़ देखने को मिलेगी। यह उत्तराखंड का बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। आप कम बजट में किसी पहाड़ी जगह पर हनीमून प्लान करने की सोच रहे हैं, तो आपको मसूरी आने का प्लान बनाना चाहिए।

नैनीताल

नैनीताल उत्तराखंड का एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां पर भी आपका ज्यादा खर्च नहीं होने वाला है। इस जगह की खासियत यह है कि यह एक रोमांटिक हिल स्टेशन माना जाता है। अगर आप कम बजट में पहाड़ों, झीलों और शांत वातावरण में हनीमून मनाने का प्लान कर रहे हैं, तो नैनीताल यकीनन बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। 20 हजार के अंदर ट्रिप प्लान करने वाले कपल्स यहां आ सकते हैं।

लैंसडाउन और धनोल्टी

बता दें कि यह दोनों ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको अधिक पर्यटकों की भीड़ देखने को नहीं मिलेगी। इसलिए यह जगह हनीमून ट्रिप के लिए आपको जरूर पसंद आएगी। इन दोनों ही जगहों पर ज्यादा पर्यटक नहीं होते हैं, इसलिए यहां पर आपको होटल आदि भी सस्ते में मिल जाएंगे। आप 4-5 दिन का ट्रिप 20 हजार में आराम से पूरा कर सकते हैं। वहीं अगर आप पार्टनर के साथ सुकून और रोमांटिक पल बिताना चाहते हैं, तो आप यहां पर आने का प्लान बना सकते हैं।