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Liver cirrhosis stages: लिवर सिरोसिस कितना खतरनाक है? जानिए किस स्टेज पर यह कैंसर में बदल जाता है

लिवर हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है, यह सिर्फ ब्लड को फिल्टर ही नहीं करता, इसके साथ यह मेटाबॉलिज्म, पाचन और डिटॉक्सिफिकेशन जैसे कई काम भी करता है. हालांकि बदलती लाइफस्टाइल के चलते इसको काफी नुकसान हो रहा है. इसमें से एक है लिवर सिरोसिस. जब लिवर को लगातार नुकसान पहुंचता है, तो धीरे-धीरे वह अपनी हेल्दी सेल्स को खोने लगता है और उनकी जगह पर स्कार टिश्यू बन जाते हैं. अक्सर लोग इसको हल्के में लेते रहते हैं, लेकिन बाद में यह काफी दिक्कत देती है. चलिए आपको बताते हैं कि लिवर सिरोसिस कितना खतरनाक है और किस स्टेज में यह कैंसर बन जाता है.

लिवर सिरोसिस कितना खतरनाक?

सवाल यह आता है कि जिस लिवर सिरोसिस को हम हल्के में लेते हैं, वह कितना खतरनाक होता है. तो आपको बताते चलें कि लिवर सिरोसिस एक क्रॉनिक डिजीज है, यानी यह लंबे समय तक चलती है और धीरे-धीरे बढ़ती है. शुरुआत में जब यह बीमारी होती है, तो लिवर का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खराब होता है. इस समय तक हमें कोई दिक्कत नहीं दिखती है, लेकिन जैसे ही यह दिक्कत बढ़ती है इसके तमाम लक्षण दिखने लगते हैं. इसमें थकान और कमजोरी, भूख कम लगना, पेट में सूजन, बार-बार इंफेक्शन और खून की उल्टी या ब्लीडिंग शामिल होती हैं. अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा बन जाती है. कई रिसर्च और American Liver Foundation की रिपोर्ट्स बताती हैं कि लिवर कैंसर के लगभग 80 से 90 प्रतिशत मरीजों में सिरोसिस मौजूद होता है.

कब हो जाता है यह खतरनाक?

लिवर सिरोसिस को चार स्टेज में बांटा जाता है, और हर स्टेज पर कैंसर का खतरा अलग होता है. इसमें पहला स्टेज है कम्पेन्सेटेड सिरोसिस, इसमें शुरुआत होती है. दूसरा होता है कम्पेन्सेटेड सिरोसिस विद वैरिसीज, इसमें नसों पर दबाव बढ़ जाता है और कैंसर का रिस्क पहले से बढ़ जाता है. तीसरा स्टेज होता है डी-कम्पेन्सेटेड सिरोसिस, इसमें लिवर को काम करने में दिक्कत होने लगती है. इसके बाद आता है चौथा स्टेज एंड-स्टेज सिरोसिस, इसमें लिवर काम करना पूरी तरह बंद कर देता है और मरीज का बचना मुश्किल हो जाता है. इसके साथ ही इस स्टेज में कैंसर की संभावना काफी बढ़ जाती है. मेडिकल रिसर्च के अनुसार, हर साल 1 से 8 प्रतिशत सिरोसिस के मरीजों में लिवर कैंसर विकसित हो सकता है. हालांकि अगर सिरोसिस हेपेटाइटिस B या C की वजह से है, तो खतरा और ज्यादा है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

पीएम मोदी से फोन पर बात करते हुए ट्रंप ने ट्रेड पर चर्चा की, साथ ही रूसी तेल को लेकर फिर किया बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की है और दोनों नेताओं ने व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने पीएम मोदी को बेहतरीन इंसान और अच्छे दोस्त बताया. उन्होंने भारत के लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं.

ट्रंप ने कहा, ‘मैं भारत के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं. आज मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई. हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही… वह शानदार व्यक्ति हैं और समय के साथ मेरे अच्छे मित्र बन गए हैं. हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन मुख्य रूप से व्यापार पर बात हुई.’

#WATCH | Washington, DC | On being asked by ANI if tariffs would be imposed on China for buying crude oil from Russia, US President Trump says. “… Right now, as of November 1st, China will have about 155% tariffs put on it. I don’t think it’s sustainable for them. I want to be… pic.twitter.com/WGtOBK3HiF

— ANI (@ANI) October 21, 2025

रूसी तेल खरीद को लेकर फिर किया दावा

यूएस राष्ट्रपति और पीएम मोदी बातचीत ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने फिर दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर भारत ऐसा नहीं करता तो उसे भारी टैरिफ देना जारी रखना होगा.

ट्रंप ने फिर कही ये बड़ी बात

उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की और उन्होंने कहा कि भारत अब रूसी तेल का सौदा नहीं करेगा.’ हालांकि जब भारत ने इस दावे को खारिज किया कि दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर कोई फोन कॉल हुई थी तो ट्रंप ने जवाब दिया, ‘अगर वे ऐसा कहना चाहते हैं तो उन्हें भारी टैरिफ चुकाते रहना होगा और वे ऐसा नहीं चाहेंगे.’

ट्रंप बार-बार रूसी तेल खरीद पर बयान ऐसे समय में दे रहे हैं, जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है. अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50% तक का शुल्क लगाया हुआ है, जिसमें 25% अतिरिक्त शुल्क अगस्त में रूस से तेल खरीद को लेकर लगाया गया था. वहीं भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद का निर्णय बाज़ार की स्थिति और राष्ट्रीय हितों पर आधारित है, न कि किसी राजनीतिक दबाव पर. भारत ने हमेशा यह दोहराया है कि अपने नागरिकों के लिए सस्ती और स्थायी ऊर्जा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है.

अफगानिस्तान से तनाव के बाद महंगाई का कहर, पाकिस्तान में टमाटर के दाम 700 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गए

अफगानिस्तान के साथ हाल ही में हुए संघर्ष के बाद पाकिस्तान के घरेलू बाजार का बुरा हाल हो गया है. पाकिस्तान में टमाटर की कीमतों को पंख लग गए है. लाहौर-कराची समेत देश के कई बड़े शहरों में टमाटर का दाम 700 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है. रसोई की सबसे जरूरी सामग्री में शामिल टमाटर की कीमत कुछ हफ्ते पहले तक पाकिस्तान में 100 रुपये प्रति किलो थी, लेकिन अब कई गुना बढ़ोत्तरी के बाद टमाटर के दाम आसमान छूने लगे हैं. टमाटर के दामों में कई गुना इजाफा होने से इसका सबसे ज्यादा असर पाकिस्तान के आम लोगों को हुआ है. देश के लोग इसे लेकर काफी परेशान हैं. वहीं, इस बढ़ोत्तरी के पीछे कई स्थानीय कारणों के साथ-साथ अफगानिस्तान से हुआ संघर्ष भी कहा जा रहा है.

पाकिस्तान की समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई हिस्से बाढ़ग्रस्त हैं, इससे खेतों में लगी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. इसके साथ ही व्यापार में बाधा आने और आपूर्ति में कमी होने के कारण पाकिस्तान में टमाटर के दाम आसमान छूने लगे हैं. दरअसल, पाकिस्तान के बाजार में ईरानी टमाटर आ रहे हैं, लेकिन सीमा पर बढ़े तनाव और सैन्य संघर्ष के बाद अफगानिस्तान निर्यात के निलंबन से पूरे पाकिस्तान में टमाटर समेत कई सब्जियों में दाम में भारी इजाफा हो गया है.

पाकिस्तान का पंजाब प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में टमाटरों के दाम में आए उछाल का सबसे ज्यादा प्रभाव पंजाब प्रांत के झेलम और गुजरांवाला में देखा गया है. जहां, झेलम में टमाटर के दाम 700 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं, वहीं, गुजरांवाला में इसकी ब्रिकी 575 रुपये प्रति किलो हो रही है.

पाकिस्तान के अन्य इलाकों की बात करें, तो मुल्तान में टमाटर की कीमत 450 रुपये प्रति किलो है, तो फैसलाबाद में 500 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि प्रशासन की आधिकारिक दर सूची के मुताबिक टमाटर की अधिकतम कीमत 170 रुपये प्रति किलो है. वहीं, लाहौर में सरकारी रेट के तहत टमाटर का दाम 175 रुपये है, लेकिन बाजारों में टमाटर 400 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं.

Sports News:बाबर आजम फिर नाकाम, शान मसूद शतक बनाने से चूके; रावलपिंडी टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान ने गंवाए 5 विकेट

पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच रावलपिंडी में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान ने 5 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए. स्टम्प्स के समय सऊद शकील 42 और सलमान आगा 10 रनों पर नाबाद लौटे. दक्षिण अफ्रीका के लिए केशव महाराज और साइमन हार्मर ने दो-दो विकेट चटकाए. वहीं स्टार बल्लेबाज बाबर आजम इस टेस्ट में भी फ्लॉप रहे

कप्तान शान मसूद शतक से चूके 

दूसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान का हाल पहले टेस्ट की तरह रहा. टॉप ऑर्डर ने दमदार शुरुआत दिलाई, लेकिन मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फेल रहा. एक समय पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 146 रन था. वहीं 246 तक पाक टीम ने 5 विकेट गंवा दिए. कप्तान शान मसूद शतक से चूक गए. उन्होंने 176 गेंद में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 87 रन बनाए. मसूद को केशव महाराज ने आउट किया. ओपनर अब्दुल्लाह शफीक ने भी अर्धशतक लगाया. शफीक ने 146 गेंद में चार चौकों की मदद से 57 रन बनाए.

बाबर आजम फिर फ्लॉप 

लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे बाबर आजम एक बार फिर फ्लॉप रहे. बाबर ने 22 गेंद में तीन चौकों की मदद से 16 रन बनाए. इस टेस्ट में रिजवान का बल्ला भी नहीं चला. रिजवान 19 रन बनाकर आउट हुए. बाबर को केशव महाराज ने आउट किया, वहीं रिजवान को रबाडा ने पवेलियन भेजा.

सलमान आगा और सऊद शकील नाबाद लौटे 

सऊद शकील 105 गेंद में तीन चौकों की मदद से 42 रनों पर नाबाद लौटे. वहीं सलमान आगा 25 गेंद में एक चौके के साथ 10 रन पर हैं. दोनों के बीच अभी 13 रनों की साझेदारी ही हुई है. दूसरे दिन पाक टीम को इन दोनों से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी.

39 साल के खिलाड़ी का टेस्ट डेब्यू 

पाकिस्तान ने इस टेस्ट में 39 साल के आसिफ अफरीदी को डेब्यू का मौका दिया है. इस समय उनकी उम्र 47 साल 284 दिन है, लेकिन दिसंबर में वह 39 साल के पूरे हो जाएंगे. आसिफ पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा उम्र में डेब्यू करने वाले क्रिकेटर बन गए हैं. टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी मिरान बक्श हैं, जिन्होंने 1955 में टीम इंडिया के खिलाफ 47 साल 284 दिन की उम्र में डेब्यू किया था.

सर्पगंधा: सेहत का तोहफा या घातक जहर? जानिए, इसे इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह क्यों अनिवार्य है

कोविड महामारी के बाद से न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर में आयुर्वेद के इलाज को काफी ज्यादा प्राथमिकता मिलने लगी है। घरेलू उपायों और जड़ी बूटियों से मिलने वाले फायदों के बारे में हर कोई जानने का प्रयास करता है। आयुर्वेद में बहुत सारी जड़ी बूटियां शामिल हैं, जिनमें सर्पगंधा भी है। यह आमतौर पर सांप को भगाने वाला पौधा माना जाता है, क्योंकि इसकी खूशबू के कारण इस पौधे से सांप दूर भागते हैं। आयुर्वेद में इसको एक औषधीय पौधा माना जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सर्पगंधा से मिलने वाले फायदे, नुकसानों और इलाज के तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।

सर्पगंधा के फायदे

सर्पगंधा के इस्तेमाल से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफी मदद मिलती है। यह नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डालकर बीपी को कम करने में सहायता करता है।

बता दें कि यह नेचुरल नींद लाने वाली औषधि के रूप में भी काम करती हैं। यह दिमाग की उत्तेजना को शांत करके नींद लाने में सहायता करती है। सर्पगंधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है, जोकि अनिद्रा की समस्या से पीड़ित हैं।

इसके साथ ही सर्पगंधा को कुछ हद तक ब्रेन टॉनिक के रूप में भी जाना जाता है। क्योंकि यह घबराहट, तनाव, बेचैनी और चिड़चिड़ेपन को शांत करने में सहायता करता है।

इस औषधि को सिजोफ्रेनिया, साइकोसि और अन्य मानसिक समस्याओं में भी फायदेमंद माना जाता है। इसका इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए।

माना जाता है कि सर्पगंधा पुरुषों के लिए काफी फायदेमंद होता है। क्योंकि यह तनाव की वजह से होने वाली यौन दुर्बलता को कम करने के साथ ही अनिद्रा की वजह से होने वाली थकावट को भी दूर करता है।

सर्पगंधा के नुकसान

अगर किसी व्यक्ति का बीपी कम है, तो सर्पगंधा का सेवन करने से मरीज का स्थिति अधिक खराब हो सकती है। इसका सेवन करने से बेहोशी, चक्कर आने जैसी स्थिति आ सकती है।

माना जाता है कि यदि लंबे समय तक सर्पगंधा को एक्सट्रैक्ट फॉर्म में लिया जाता है, तो यह निगेटिव सोच को बढ़ावा दे सकता है। खासकर मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित लोगों को सावधानी से इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

लंबे समय तक और अधिक मात्रा में सर्पगंधा के इस्तेमाल से फेफड़ों पर निगेटिव असर पड़ सकता है। जोकि फेफड़ों की काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

अधिक मात्रा में सर्पगंधा का सेवन करना लिपिड लॉस का कारण बन सकता है, जोकि पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को बढ़ा सकता है।

किसे नहीं करना चाहिए सर्पगंधा का इस्तेमाल

जिन लोगों का बीपी कम होता है, उनको सर्पगंधा का उपयोग नहीं करना चाहिए।

रात में अगर सांस लेने में समस्या होती है, तो इन लोगों को भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

दिल से जुड़ी बीमारी होने पर भी सर्पगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए।

प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

बच्चों और बुजुर्गों को बिना डॉक्टर के सलाह के सर्पगंधा देने से बचना चाहिए।

कैसे करें सर्पगंधा का सेवन

बता दें कि आप कई तरीके से सर्पगंधा का सेवन कर सकते हैं। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना इसके इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आप चूर्ण या फिर टैबलेट के रूप में इसको मरीज को खिला सकते हैं। सर्पगंधा चूर्ण को शहद या गुनगुने पानी के साथ लेना अधिक फायदेमंद होता है। ध्यान रखें कि एक दिन में सिर्फ 500 mg से 1 ग्राम या फिर दिन में एक या दो बार इसको दे सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।