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यूक्रेन नहीं, अब अमेरिका की भी बढ़ी परेशानी! रूस ने की ‘अदृश्य’ परमाणु मिसाइल की टेस्टिंग, मचा हड़कंप

यूक्रेन के खिलाफ जंग के बीच रूस ने एक ऐसी न्यूक्लियर मिसाइल का परीक्षण किया है जिसकी रेंज असीमित है और कई महीनों तक आसमान में रह सकती है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुताबिक,  इस मिसाइल ने फिलहाल 14 हजार किलोमीटर की रेंज में 15 घंटे तक उड़ान भरी है. इस दौरान बुरेवेस्तनिक नाम की ये अदृश्य मिसाइल दुनिया की नजरों से पूरी तरह ओझल रही.

15 घंटे उड़ी, 14,000 किलोमीटर का सफर तय किया
रविवार को पुतिन ने रूस-यूक्रेन के रणभूमि का दौरा किया और फील्ड कमांडरों से मुलाकात की. सैनिकों के संबोधित करते हुए पुतिन ने बुरेवेस्तनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण की जानकारी साझा की. पुतिन ने बताया कि रूसी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (सेना प्रमुख) वालेरी गेरासिमोव ने जानकारी दी है कि 21 अक्टूबर को मिसाइल ने 14,000 किलोमीटर की दूरी तय की और दुनिया की सभी एयर डिफेंस सिस्टम को मात देने की क्षमता का प्रदर्शन किया. क्योंकि इस मिसाइल को दुनिया की कोई भी रक्षा प्रणाली डिटेक्ट करने में नाकाम साबित हुई.

पुतिन के मुताबिक, दुनिया के किसी भी देश के पास बुरेवेस्तनिक क्रूज मिसाइल जैसी कोई चीज नहीं है, जिसकी मारक क्षमता असीमित है. पुतिन ने कहा कि “बुरेवेस्तनिक क्रूज मिसाइल एक ऐसा हथियार जो परमाणु इंजन से संचालित होता है और जिसकी मारक क्षमता असीमित है.” यानी ये मिसाइल दुनिया के किसी भी कोने में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. हालांकि, रूस ने इस मिसाइल से जुड़ा कोई सबूत पेश नहीं किया है.

पुतिन ने इसे वर्तमान और भविष्य की मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए “अजेय” बताया है. रूस के दावों की मानें तो यह लगभग अनिश्चित काल तक उड़ सकती है और मध्य-उड़ान में अपनी प्रक्षेपवक्र को बदल सकती है, जिससे अवरोधन अत्यंत कठिन हो जाता है.

पिछले 32 महीनों से यूक्रेन युद्ध जारी है और अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों के मध्यस्थता के बावजूद रुकने का नाम नहीं ले रहा है. रूस ने यूक्रेन के डोनबास (दोनेत्स्क, लुहांस्क, जपोरिजिया और खेरसोन) प्रांत को जीतकर यूक्रेन के करीब 20-25 प्रतिशत इलाके पर कब्जा कर लिया है. हाल के दिनों में रूसी सेना ने यूक्रेन के सुमी और खारकीव प्रांतों में भी आगे बढ़ना शुरु कर दिया है. साथ ही राजधानी कीव में भी मिसाइल अटैक किए हैं. पिछले साढ़े तीन वर्षों में रूस ने अपने आयुध की कई मिसाइल (हाइपरसोनिक इत्यादि) का प्रयोग यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया है.

कैसी है यह मिसाइल – ‘ब्यूरोवेस्टनिक’?
9M730 ब्यूरोवेस्टनिक एक ग्राउंड-लॉन्च्ड, लो-फ्लाइंग क्रूज मिसाइल है, जो परमाणु वारहेड ले जा सकती है और परमाणु रिएक्टर से संचालित होती है. इसकी खासियत यह है कि यह अनलिमिटेड रेंज तक उड़ान भर सकती है, क्योंकि इसे पारंपरिक ईंधन की जरूरत नहीं पड़ती. न्यूक्लियर थ्रेट इनिशिएटिव की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मिसाइल कई दिनों तक हवा में रह सकती है और निचली ऊंचाई पर उड़कर रडार सिस्टम को चकमा दे सकती है. 50 से 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ने से यह दुश्मन की नजरों से लगभग ओझल रहती है. इसे NATO ने SSC-X-9 Skyfall नाम दिया है.

अमेरिका तक मार करने की क्षमता
अंतरराष्ट्रीय रक्षा अध्ययन संस्थान (IISS) के अनुसार, यह मिसाइल 20,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है, यानी रूस से दागी गई मिसाइल सीधे अमेरिका के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह मिसाइल ‘पूरे अमेरिका को निशाने पर रखने’ में सक्षम है, जिसमें वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया जैसे शहर भी शामिल हैं.

पश्चिमी देशों की चिंता
कई पश्चिमी विशेषज्ञों ने इस मिसाइल की क्षमता पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इतनी लंबी दूरी और परमाणु ऊर्जा से उड़ने वाली मिसाइल रेडिएशन फैलाने का खतरा पैदा कर सकती है. इसके अलावा, मिसाइल की धीमी गति इसे आसानी से ट्रैक करने योग्य भी बनाती है. इस मिसाइल के परीक्षण में पहले कई विफलताएं आई हैं.

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, व्हाइट सी में एक परीक्षण के दौरान हुए विस्फोट में पांच रूसी वैज्ञानिकों की मौत हो गई थी. पुतिन ने बाद में उन वैज्ञानिकों की विधवाओं को सम्मानित किया और कहा कि वे ‘ऐसे हथियार पर काम कर रहे थे जो दुनिया में बेजोड़ है.’ पुतिन ने कहा कि ‘ब्यूरोवेस्टनिक रूस की सुरक्षा को नई दिशा देगा’ और इसे जल्द ही रक्षा प्रणाली में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल अगर पूरी तरह तैनात हो गई, तो पूरे अमेरिका की सुरक्षा रणनीति को चुनौती दे सकती है.

पाकिस्तानी कमांडर से बढ़ती नजदीकियां, बांग्लादेश की गतिविधियों पर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में बढ़ी टेंशन

जिस पाकिस्तानी सेना की क्रूरता के चलते बांग्लादेश ने भारत की मदद से स्वतंत्र राष्ट्र बनाया, आज उसी बांग्लादेश के शासक पाकिस्तान के मिलिट्री कमांडर के साथ गलबहियां करने में जुटे हैं. इतना ही नहीं, भारत के खिलाफ साजिश रचने में भी जुटे हैं. ढाका के दौरे पर पहुंचे पाकिस्तानी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन, जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद युनूस से खास मुलाकात की है.

इस दौरान, जनरल मिर्जा ने दोनों देशों को एक-दूसरे को समर्थन करने का दम भरा. हालांकि, ये साफ नहीं है कि ये समर्थन किस तरह का है, लेकिन इसके सैन्य मायने निकाले जा रहे हैं. पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के बाद जनरल मिर्जा, पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े मिलिट्री कमांडर हैं.

भारत के संवेदनशील चिकन-नेक पर पाकिस्तान की नजर

भारत के लिए ये मुलाकात इसलिए संदिग्ध है, क्योंकि यूनुस ने मिर्जा को एक ऐसी पेंटिंग भेंट की है, जिसमें असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है. खबर इस बात की भी है कि अपने बांग्लादेश दौरे के दौरान, पाकिस्तानी कमांडर भारत के संवेदनशील चिकन-नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) से सटे बांग्लादेशी सैन्य ठिकानों का दौरा कर सकता है.

दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर में पटखनी खाने के बाद पाकिस्तान ने अब भारत के पूर्वी सीमा पर साजिश रचने की तैयारी की है. खास बात है कि पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ (2001-08) के बाद पहली बार कोई फोर स्टार जनरल ढाका के दौरे पर गया है.

तख्तापलट के बाद नजदीक आए पाकिस्तान-बांग्लादेश

1971 की जंग में भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश के रूप में नया देश बनाने में मदद की थी. नया देश बनने के कई दशक बाद तक भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में सामान्य संबंध नहीं रहे थे, लेकिन पिछले वर्ष शेख हसीना के खिलाफ तख्तापलट होने और यूनुस के अंतरिम सरकार बनने के बाद से पाकिस्तान और बांग्लादेश काफी करीब आ गए हैं. यूनुस सरकार को भारत-विरोधी माना जा रहा है.

हाल के दिनों में युनूस समेत कई बांग्लादेशी अधिकारियों ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर और उत्तर-पूर्वी राज्यों को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए हैं. दरअसल, सिलीगुड़ी कॉरिडोर के करीब बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों में द्वितीय विश्वयुद्ध की कुछ हवाई पट्टियां हैं. इन हवाई पट्टियों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना ने चीन में जापान के खिलाफ ऑपरेशन में किया था, लेकिन लंबे समय से ये हवाई पट्टियां बंद हैं.

बांग्लादेश हवाई पट्टियों को लेकर अटकलें

हाल ही में बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार जमां ने भी चिकन नेक के करीब द्वितीय विश्वयुद्ध की पुरानी पड़ चुकी हवाई पट्टियों का दौरा किया था. ऐसे में अटकलें इस बात कि लगाई जा रही हैं कि बांग्लादेश इन हवाई पट्टियों को एक बार फिर अमेरिका या फिर पाकिस्तान को सौंपने की तैयारी कर रहा है.

दरअसल बांग्लादेश की अंतरिम (युनूस) सरकार पाकिस्तान के साथ करीबी संबंध बनाने में जुटी है. पिछले एक वर्ष से पाकिस्तानी सेना की एक टुकड़ी बांग्लादेशी सेना को ट्रेनिंग दे रही है. वहीं, अमेरिका के स्पेशल फोर्सेज के कमांडो की मौजूदगी भी बांग्लादेश में देखी गई है.

असम के मुख्यमंत्री की चेतावनी

भारत की तरफ से पाकिस्तानी सैन्य कमांडर के बांग्लादेश दौरे को लेकर हालांकि कोई बयान सामने नहीं आई है, लेकिन हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने भारत के चिकन नेक के करीब बांग्लादेश की खिचड़ी को लेकर सख्त लहजे में चेतावनी दी थी. शर्मा ने कहा था कि बांग्लादेश की दो-दो चिकन नेक को तोड़ दिया जाएगा. उनका इशारा, बांग्लादेश के चटगांव (चतोग्राम) और रंगपुर इलाकों को लेकर था.

स्पोर्ट्स न्यूज़ : हर्षित राणा की आलोचना पर सुनील गावस्कर भड़क उठे, पूर्व क्रिकेटर को सुनाई खरी-खरी – उनकी बात सुनकर आप भी रह जाएंगे हैरान

ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर ODI सीरीज के लिए जब हर्षित राणा का टीम इंडिया में चयन हुआ, तो उनकी जमकर आलोचना की गई थी। पूर्व क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने दावा किया था कि उन्हें गौतम गंभीर के करीबी होने के कारण टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, हर्षित ने तीसरे वनडे में 4 विकेट लेकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया।

अब हर्षित राणा को लेकर जारी बहस में सुनील गावस्कर भी सामने आए हैं। उन्होंने हर्षित की तारीफ करते हुए कहा कि 4 विकेट लेना शानदार प्रदर्शन है, खासकर तब जब उन पर लगातार सवाल उठ रहे थे। गावस्कर ने कहा कि किसी खिलाड़ी की आलोचना किसी मैच या सीरीज से पहले करना गलत है, क्योंकि इससे उसका मनोबल टूट सकता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी भारतीय टीम में चुना जाता है, तो सभी को उसका समर्थन करना चाहिए और टीम की जीत की कामना करनी चाहिए। गावस्कर ने यह भी जोड़ा, “अंततः ये हमारी टीम है, पूरे भारत की टीम।”

सीरीज से पहले क्रिस श्रीकांत ने कहा था कि हर्षित राणा का चयन समझ से परे है और चयन प्रक्रिया में निरंतर बदलाव खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कम कर सकते हैं। उनका कहना था कि कुछ खिलाड़ियों को लगातार मौका मिलता है, जबकि अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

उर्वशी रौतेला नैनीताल पहुंचीं, जहां उन्होंने फैंस से मुलाकात की और मशहूर मोमो का आनंद लिया। एक्ट्रेस ने मुस्कुराते हुए बोला, “नैनीताल मेरा ननिहाल है।”

फेमस बॉलीवुड एक्ट्रेस और उत्तराखंड की ब्रांड एंबेसडर उर्वशी रौतेला रविवार को नैनीताल पहुंचीं. शहर में उनके आने की खबर फैलते ही फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी. जैसे ही उर्वशी नैनीताल के मॉल रोड पहुंचीं, लोगों ने उन्हें घेर लिया और सेल्फी लेने के लिए लाइन लग गई.

उर्वशी ने भी अपने फैंस से मुस्कुराते हुए मुलाकात की और बच्चों से बातें कीं.

उर्वशी ने नैनीताल के फेमस मोमो का लिया स्वाद

नैनीताल पहुंचकर उर्वशी ने यहां के मशहूर मोमो का स्वाद लिया और कहा कि उन्हें नैनीताल का मौसम, झील और यहां का शांत वातावरण बेहद पसंद है, उन्होंने कहा नैनीताल मेरा ननिहाल है, यहां आकर हमेशा बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं. यह जगह मेरे दिल के बेहद करीब है.

उर्वशी ने बताया कि उनका बचपन से ही नैनीताल और आसपास के इलाकों से गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सुंदरता, संस्कृति और यहां की सादगी हमेशा उन्हें अपनी ओर खींचती है. उर्वशी ने कहा कि वह जब भी फुर्सत में होती हैं, पहाड़ों की गोद में कुछ वक्त जरूर बिताना चाहती हैं.

इससे पहले उर्वशी जागेश्वर धाम और कैंची धाम में भी दर्शन कर चुकी हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब तेजी से विकसित हो रहा है और खासकर पर्यटन व फिल्म इंडस्ट्री के लिए यहां अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि अब राज्य में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है. जिससे यहां आना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है

नैनीताल में फिल्म शूट की संभावनाओं पर बोलीं उर्वशी

उर्वशी ने बताया कि अब पंतनगर एयरपोर्ट से नैनीताल तक पहुंचना सुविधाजनक हो गया है, जिससे फिल्म यूनिट्स के लिए भी यहां शूटिंग करना पहले से कहीं आसान हो गया है. उन्होंने कहा कि नैनीताल और आसपास के क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं जो किसी भी फिल्म के लिए एक परफेक्ट शूटिंग लोकेशन साबित हो सकते हैं.

अंत में उर्वशी ने कहा कि वह चाहेंगी कि आने वाले समय में उत्तराखंड में और फिल्में शूट हों ताकि राज्य की खूबसूरती को देश-दुनिया के लोग और करीब से जान सकें. फैंस ने भी उम्मीद जताई कि उर्वशी जल्द ही नैनीताल में किसी फिल्म की शूटिंग करती नजर आएंगी.

संवाद, समाधान और सम्मान का अभियान: सरोजनीनगर के जहानाबाद में लगा 141वां “आपका विधायक – आपके द्वार” शिविर

  • 141वां ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ शिविर जहानाबाद में आयोजित।
  • 30 स्थानीय शिकायतों पर तुरंत समाधान और जनभागीदारी।
  • स्वास्थ्य शिविर में 35 स्वास्थ्य जांच, 60 नेत्र परीक्षण और 50 चश्मे वितरित।
  • 4 मेधावी छात्रों को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित।
  • 3 नए यूथ क्लबों का गठन, खेल किट वितरण और युवा सशक्तिकरण।

लखनऊ। सरोजनीनगर की मिट्टी में सेवा और जनकल्याण की गंध हर रविवार नई कहानी लिखती है। इसी परंपरा के तहत रविवार को ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ अभियान का 141वां शिविर ग्रामसभा जहानाबाद में आयोजित किया गया। इस शिविर में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने जनता से संवाद करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं और स्थानीय विकास से जोड़ने का प्रयास किया।

ग्राम के खुले आकाश तले आयोजित यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र का जीवंत स्वरूप और जनता-केंद्रित शासन का प्रतीक बन गया। हर परिवार, हर नागरिक के मुद्दे सामने आए और उनके समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए गए।

जनभागीदारी और शिकायतों का समाधान

शिविर में स्थानीय जनता ने प्रधानमंत्री आवास योजना, हैंडपंप, सड़क, नाली, सोलर लाइट और अन्य स्थानीय समस्याओं से जुड़ी 30 शिकायतें और सुझाव प्रस्तुत किए।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए। उनका कहना था:

“हमारा उद्देश्य केवल सुनवाई करना नहीं, बल्कि समाधान सुनिश्चित करना है। जनता की समस्याओं का वास्तविक समाधान ही शासन की सफलता का पैमाना है।”

इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ अभियान जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देता है और उनके समाधान के लिए तत्पर रहता है।

स्वास्थ्य शिविर – सन आई हॉस्पिटल के सहयोग से

जनकल्याण के इस प्रयास में स्वास्थ्य भी एक महत्वपूर्ण घटक रहा। सन आई हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित शिविर में कुल 145 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण और नेत्र परीक्षण किया गया।

विशेष गतिविधियाँ:

  • 35 ग्रामीणों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण
  • 60 ग्रामीणों का नेत्र परीक्षण
  • 50 जरूरतमंदों को चश्मे वितरित
  • 2 ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनवाए गए, जिससे वे सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जुड़ सके
  • इस शिविर ने यह सुनिश्चित किया कि सरोजनीनगर क्षेत्र का हर नागरिक सुरक्षित, स्वस्थ और समर्थ बने।

मेधावी छात्रों का सम्मान – ‘गाँव की शान’ पहल

शिक्षा और मेधावियों को सम्मान देना इस अभियान की प्रमुख विशेषता है। इस शिविर में चार बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया:

रोली (74%), निधि गौतम (73%), मोहित (72%), और अंजलि (71%)

छात्रों को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह सम्मान केवल अंकपत्र का नहीं, बल्कि भविष्य की नींव और गाँव के उज्जवल युवा नेतृत्व का प्रतीक है।

यूथ क्लबों का गठन – युवा सशक्तिकरण

शिविर में तीन नए यूथ क्लबों का गठन कर युवा सशक्तिकरण को नई दिशा दी गई:

  • 90वां गर्ल्स यूथ क्लब
  • 153वां और 154वां बॉयज़ यूथ क्लब

इन क्लबों को कैरम, वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट किटें प्रदान की गईं। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि इन क्लबों का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और खेल के माध्यम से स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देना है।

प्रबुद्ध नागरिकों का सम्मान

शिविर में उन नागरिकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने ग्राम विकास में सक्रिय योगदान दिया है। प्रमुख सम्मानित नागरिक:
विवेक राजपूत, बृजेश कुमार, शिव सागर सिंह, शिव प्यारी रावत, बीना श्रीवास्तव, मुकेश कुमार श्रीवास्तव, विकास सिंह, आकाश सिंह, अंकित सिंह, मोनू, अमरजीत, विक्रम सिंह, राजरानी, राजकुमारी, मंजू, किरन, नीतू, सुशीला, कृष्णावती, गिरधारी, गंगा प्रसाद आदि।

यह सम्मान उनके सतत योगदान और गाँव की प्रगति में भागीदारी का प्रतीक है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाले प्रबुद्ध नागरिक ही गाँव को जनांदोलन की दिशा में अग्रसर करते हैं।

मानवीय पहल – ताराशक्ति निःशुल्क रसोई

शिविर की एक अन्य उल्लेखनीय पहल ताराशक्ति निःशुल्क रसोई रही।

  • सभी ग्रामीणों को ताजा और पौष्टिक भोजन परोसा गया
  • यह केवल अन्न नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का प्रतीक था
  • इस पहल ने डॉ. राजेश्वर सिंह के जनसेवा दृष्टिकोण को जीवंत किया

संदेश और उपलब्धियाँ

‘आपका विधायक – आपके द्वार’ शिविर यह संदेश देता है कि विकास केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि संवाद, समाधान और संवेदना से संभव है।

इस शिविर की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • 30 शिकायतों का समाधान
  • 35 स्वास्थ्य परीक्षण और 60 नेत्र जांच
  • 4 मेधावी छात्रों का सम्मान
  • 3 नए यूथ क्लबों का गठन और खेल किट वितरण
  • प्रबुद्ध नागरिकों को सम्मान
  • ताराशक्ति निःशुल्क रसोई द्वारा पौष्टिक भोजन वितरण

इस प्रकार यह शिविर स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मान के त्रिवेणी को साकार करता है और जनकल्याण का जीवंत मॉडल प्रस्तुत करता है।