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हेल्थ न्यूज़ :छोटा सा आंवला, फायदे बेमिसाल! एक्सपर्ट्स ने बताया कैसे यह सुपरफूड बढ़ाता है इम्युनिटी और रखता है शरीर को फिट

आजकल की लाइफस्टाइल में जहां लोग अपनी हेल्थ को लेकर सीरियस हो गए हैं. वहीं हेल्दी रहने के लिए जैसे दुनिया भर में एवोकाडो को सुपरफूड का दर्जा दे रहे  है तो वहीं भारत के अपने सुपरफूड आंवले को अभी भी उतना सीरियस नहीं लिया जाता है. लेकिन यह छोटा सा दिखने वाला फल न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि शरीर और स्किन के लिए कई चमत्कारी गुणों से भी भरपूर है. इसे लेकर कई एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रोजाना एक छोटा आंवला खाने से आपकी हेल्‍थ पर वह असर पड़ सकता है, जो कई महंगे और हाइप वाले सुपर फूड भी नहीं दे सकते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि एक छोटा सा आंवला आपकी हेल्थ पर कैसे कमाल कर सकता है.

रोजाना एक आंवला खाने के कितने फायदे?

सिर्फ एक छोटा आंवला आपके पूरे दिन की विटामिन सी की जरूरत को पूरा कर सकता है. यह शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ावा देता है और मौसमी संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है. विटामिन सी की ज्यादा मात्रा के कारण आंवला इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर को हेल्दी बनाए रखता है.

हार्ट रोग से लेकर कैंसर के बचाव में भी फायदेमंद आंवला

आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल को ऑक्सिडाइज होने से रोकते हैं. इससे धमन‍ियां साफ रहती है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नियमित आंवाले का सेवन करने से हार्ट हेल्थ को बनाए रखने में भी मदद मिलती है और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है. इसके अलावा आंवला सिर्फ हार्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्लड शुगर को स्थिर रखने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद पॉलिफिनॉल्स में कैंसर रोधी गुण होते हैं और डीएनए को होने वाले नुकसान को धीमा करते हैं. इस तरह आंवला न सिर्फ आज की हेल्थ समस्याओं से बचाता है, बल्कि फ्यूचर में होने वाली बीमारियों के खतरे को भी कम करता है.

पारंपरिक सुपर फूड को बनाए आज की डायट

एक्सपर्ट्स के अनुसार ग्लोबल हेल्थ फैड्स आते जाते रहते हैं. लेकिन भारतीय सुपर फूड जैसे आंवला वर्षों से वैज्ञानिक रूप से साबित हेल्थ के लिए फायदेमंद रहा है. इसे लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अब समय आ गया है कि हम अपनी पारंपरिक खाद्य वस्तुओं को वहीं पहचान दे जो वह डिजर्व करते हैं. यह सिर्फ हेल्थ की दृष्टि से नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और पारंपरिक धरोहर के लिहाज से भी जरूरी है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

PAK-अफगान शांति वार्ता पर घिरा संकट के बादल, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव — झड़प में 5 पाकिस्तानी सैनिकों की हुई मौत

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है. अफगान सीमा के पास हुए ताज़ा हमलों में 5 पाकिस्तानी सैनिकों और 25 आतंकियों की मौत हो गई है. यह झड़प ऐसे समय पर हुई जब दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल तनाव कम करने के लिए इस्तांबुल में शांति वार्ता कर रहे थे.

सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि शुक्रवार और शनिवार को अफगानिस्तान की ओर से आतंकी समूहों ने पाकिस्तान की सीमा में घुसने की कोशिश की. ये घुसपैठ खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम और उत्तर वजीरिस्तान जिलों में हुई, जो बेहद कठिन पहाड़ी इलाके हैं और लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र माने जाते हैं.

पाकिस्तानी सेना ने जताई नाराजगी
पाकिस्तान की सैन्य मीडिया शाखा ने रॉयटर्स को बताया कि ‘अफगान सरकार की नीयत पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या वह अपनी जमीन से आतंकवाद रोकने के लिए गंभीर है या नहीं.’ सेना ने कहा कि हाल की घटनाओं ने ‘दोनों देशों के बीच भरोसे को नुकसान’ पहुंचाया है.

‘ओपन वॉर’ की चेतावनी
इससे एक दिन पहले, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि ‘अगर इस्तांबुल वार्ता में समझौता नहीं हुआ, तो यह खुली जंग में बदल सकती है.’ उन्होंने उम्मीद जताई थी कि अफगानिस्तान शांति चाहता है, लेकिन हाल की घटनाओं ने स्थिति को फिर से तनावपूर्ण बना दिया है.

तालिबान का नहीं आया कोई जवाब
अफगान तालिबान सरकार ने अभी तक पाकिस्तान के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, पहले दिए गए बयानों में तालिबान ने कहा था कि ‘पाकिस्तान के हमले अफगान संप्रभुता का उल्लंघन हैं’ और उन्होंने आतंकियों को शरण देने के आरोपों को खारिज किया था.

2021 के बाद सबसे भीषण झड़प
पाक-अफगान सीमा पर यह 2021 में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद सबसे बड़ा संघर्ष बताया जा रहा है. झड़पों में कई नागरिकों की भी मौत हुई है. संघर्ष की शुरुआत काबुल में हुए धमाकों से हुई थी, जिनका आरोप तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर लगाया था. इसके जवाब में पाकिस्तान ने सीमा पार हवाई हमले किए.

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया जब तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर था. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति न केवल दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि भारत की कूटनीतिक रणनीति को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि पाकिस्तान अब तालिबान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश में है.

स्पोर्ट्स न्यूज़ :19 साल के शानदार क्रिकेट सफर का अंत! वर्ल्ड कप के दौरान दिग्गज खिलाड़ी ने किया संन्यास का ऐलान, उनकी रिटायरमेंट स्पीच सुनकर फैंस की आंखें नम हो गईं

न्यूजीलैंड की दिग्गज क्रिकेटर सोफी डिवाइन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले ली है. रविवार को उन्होंने महिला वर्ल्ड कप 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर का आखिरी मैच खेला. न्यूजीलैंड पहले ही सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी थी, लेकिन सोफी डिवाइन जीत की यादों के साथ क्रिकेट को अलविदा नहीं कह सकीं. इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हरा दिया.

सोफी डिवाइन का इंटरनेशनल करियर 19 साल से भी ज्यादा समय तक चला. उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वो वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले लेंगी. मैच समाप्त होने के बाद उनके टीम मेंबर्स, विपक्षी टीम के खिलाड़ी और फैंस ने भी उनके प्रति सम्मान दिखाया. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 23 रन बनाए और गेंदबाजी में एक विकेट भी लिया.

सोफी डिवाइन की रिटायरमेंट स्पीच

सोफी डिवाइन ने अपनी रिटायरमेंट स्पीच में कहा, “मैं सबका धन्यवाद करना चाहती हूं. टीम मेंबर्स, सपोर्ट स्टाफ, मीडिया और अपोनेंट टीम का आभार. यह मेरे लिए सम्मान की बात रही कि मुझे इतने वर्षों तक क्रिकेट खेलने का अवसर मिला. मैंने इस खेल को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा है, मैं जानती हूं कि आगे भी मैदानों पर विचरण करने वाली हूं.”

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके करियर की शुरुआत हुई तब महिला क्रिकेट को अधिक महत्व नहीं दिया जाता था, लेकिन आज महिला क्रिकेट नई ऊंचाइयों को छू रहा है.

सोफी डिवाइन ने 36 साल की उम्र में अपने इंटरनेशनल करियर का समापन किया. उन्होंने अपने 159 मैचों के वनडे करियर में 4279 रन बनाए. अपने एकदिवसीय करियर में उन्होंने 9 शतक और 18 हाफ-सेंचुरी लगाने के साथ-साथ गेंदबाजी में 111 विकेट भी लिए. उन्होंने अपने करियर में 146 टी20 मैच भी खेले, जिनमें उनके नाम 3431 रन हैं और बॉलिंग करते हुए उन्होंने 119 विकेट भी लिए.

हेल्थ टिप्स :रात को डिनर कितनी देर पहले करना है सही? जानिए, सोने से 2, 3 या 4 घंटे पहले खाना खाना क्यों माना जाता है फायदेमंद

रात का खाना हमारी हेल्थ के लिए सबसे जरूरी खाना माना जाता है. यह सिर्फ भूख मिटाने के लिए नहीं बल्कि हमारे पाचन तंत्र, ऊर्जा लेवल और बॉडी पार्ट्स की सेहत को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है. ऐसे में सही समय पर और संतुलित मात्रा में डिनर करना शरीर के लिए कई तरीके से फायदेमंद होता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार रात का खाना लेट खाने से भी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि दो, तीन या चार रात को सोने से कितनी देर पहले डिनर कर लेना चाहिए और इसका सही तरीका क्या होता है.

सोने से कितने दिन पहले कर लेना चाहिए डिनर?

एक्सपर्ट्स बताते है कि रात का खाना सही समय पर खाना हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार डिनर हमेशा सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए. जैसे अगर आप रात में 10 बजे सोते हैं तो आपको 7 बजे तक डिनर कर लेना चाहिए. इसके अलावा देर रात खाना खाने से पाचन में भी दिक्कत आ सकती है.

डिनर देर से करने के नुकसान

लेट डिनर से वजन बढ़ने का खतरा रहता है क्योंकि सोने के तुरंत बाद खाना खाने से कैलोरी बर्न नहीं होती और शरीर में एक्स्ट्रा फैट जमा हो जाता है. कई रिसर्च में यह भी पाया गया है कि देर रात खाना खाने वाले लोगों में डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा होता है. इसके अलावा इसका असर नींद पर भी पड़ता है, देर रात खाना खाने से नींद दिक्कत आती है और अनिद्रा, बेचैनी जैसी समस्याएं भी हो सकती है.

सही समय पर डिनर करने के फायदे

– वजन रहता है कंट्रोल में- रात में सही समय पर डिनर करने से वजन कंट्रोल में रहता है.सोने से 3 घंटे पहले खाना खाने और खाने के बाद वॉक करना वजन कंट्रोल में रखने के लिए सबसे जरूरी होता है.
– अगले दिन रहते हैं एनर्जेटिक- जल्दी डिनर करने से सुबह हल्का और फ्रेश महसूस होता है. जिससे दिनभर एनर्जी बनी रहती है.
– पाचन तंत्र रहता है बेहतर- जल्दी डिनर करने और थोड़ी वॉक के बाद सोने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और पेट को राहत मिलती है.
– डाइट साइकिल की रहता है हेल्दी- सही समय पर खाना खाने से अगले दिन का डाइट साइकिल पर बेहतर रहता है और शरीर फ्रेश महसूस होता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sports News :क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली भी छोड़ेंगे IPL? खबरें हैं कि दोनों जल्द ही एक विदेशी लीग में खेल सकते हैं, जहां रविचंद्रन अश्विन पहले ही कर चुके हैं करार।

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने सिडनी में दिखाया कि वो अब भी वनडे क्रिकेट में रनों की बारिश कर सकते हैं. रोहित ने 121 रन और विराट ने 74 रन बनाए थे, उनकी पारयों की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया था. मैच के बाद दोनों ने संकेत भी दिए कि यह शायद बतौर क्रिकेटर ऑस्ट्रेलिया में उनका आखिरी मैच रहा. संभवतः उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को अलविदा कह दिया है, लेकिन इसी बीच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने रोहित-विराट को BBL में लाने का संकेत दिया है.

आपको बताते चलें कि बिग बैश लीग (BBL) के अगले सीजन में रविचंद्रन अश्विन, सिडनी थंडर के लिए खेलते नजर आएंगे. इसे बीबीएल इतिहास की सबसे बड़ी साइनिंग कहा गया था, लेकिन अश्विन रिटायरमेंट के बाद बीबीएल में खेलेंगे. मगर अश्विन ऐसे पहले कैप्ड भारतीय क्रिकेटर होंगे जो ऑस्ट्रेलियाई लीग में खेलेंगे.

BBL में खेलेंगे रोहित-विराट?

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग से यह भी पूछा गया कि क्या BBL में कभी रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्तर के खिलाड़ी खेल पाएंगे. इस पर ग्रीनबर्ग ने कहा, “किन्हीं परिस्थितियों में यह संभव हो सकता है. हमें बातचीत जारी रखनी होगी.”

ग्रीनबर्ग ने रविचंद्रन अश्विन की डील को इसका सबसे बड़ा सबूत बताया कि BBL में रोहित और विराट जैसे स्तर के खिलाड़ियों का आना असंभव नहीं है. उन्होंने BBL को एक प्राइवेट लीग बनाए जाने की बात भी कही, जिसपर फिलहाल चर्चा जारी है.

क्या BBL में खेल सकते हैं रोहित-विराट?

आर अश्विन चाहे सिडनी थंडर के लिए खेलने वाले हैं, लेकिन ऐसा उनके इंटरनेशनल और IPL रिटायरमेंट के बाद ही संभव हो पाया है. रोहित शर्मा और विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट से पूरी तरह रिटायर भी हो जाते हैं तब भी वो BBL में नहीं खेल पाएंगे. आईपीएल से भी संन्यास लेने के बाद ही वो बीबीएल में खेलने के योग्य होंगे.