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Sports News :दीपक हुड्डा के दोहरे शतक से राजस्थान ने बनाया विशाल स्कोर, यशस्वी जायसवाल ने भी गेंदबाजों की खूब खबर ली।

यशस्वी जायसवाल के मैच के दूसरे अर्धशतक से मुंबई ने सोमवार को यहां रणजी ट्रॉफी ग्रुप डी मैच के तीसरे दिन राजस्थान के खिलाफ दूसरी पारी में बिना विकेट खोए 89 रन बनाए. राजस्थन ने इससे पहले दीपक हुड्डा के दोहरे शतक से पहली पारी छह विकेट पर 617 रन पर घोषित करके 363 रन की बढ़त हासिल की.

दूसरे दिन शतक पूरा करने वाले हुड्डा ने 335 गेंद में 248 रन की पारी खेली. कार्तिक शर्मा ने भी राजस्थान के लिए 139 रन बनाए.nदिन का खेल खत्म होने पर मुंबई की ओर से जायसवाल 56 जबकि मुशीर खान 32 रन बनाकर खेल रहे थे.

मुंबई की टीम अब भी राजस्थान से 274 रन से पीछे है. नयी दिल्ली में पुडुचेरी ने दिल्ली के 294 रन के जवाब में 481 रन बनाकर पहली पारी में बढ़त हासिल की. पुडुचेरी की तरफ से अजय रोहेरा ने 151 रन बनाए जबकि जयंत यादव (71) और अमन खान (66)ने भी अर्धशतक जड़े.

दिल्ली ने दूसरी पारी में बिना विकेट खोए 76 रन बना लिए हैं. अर्पित राणा 40 जबकि सनत सांगवान 24 रन बनाकर खेल रहे हैं.  दिल्ली की टीम अब भी पुडुचेरी से 111 रन से पीछे है.

यशस्वी ने इससे पहले भी की थी शानदार बल्लेबाजी

इससे पहले यशस्वी ने इंग्लैंड दौरे पर भी अपना दम दिखाया था. इंग्लैंड के खिलाफ यशस्वी के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 10 पारियों में कुल 411 रन बनाए थे. इस दौरान यशस्वी ने दो शतक और दो अर्धशतक लगाया था.

हेल्थ टिप्स :बीमारियों से दूर रहने का आसान उपाय! रोजाना पिएं 5 ड्राई फ्रूट्स का पानी, इम्युनिटी होगी मजबूत और शरीर बनेगा फौलादी।

भागदौड़ भारी जिंदगी के चक्कर में खुद की सेहत का ध्यान रखना पाना मुश्किल हो जाता है। बिजी लाइफस्टाइल होने की वजह से लोग अपने शरीर का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखते हैं। शरीर के रोगों से लड़ने के लिए इम्युनिटी स्ट्रांग होना काफी जरुरी है। अगर हमारे बॉडी की इम्युनिटी कमजोर होगी, तो हम बार-बार सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य इंफेक्शन के चपेट नहीं आएंगे। बदलते मौसम में इम्युनिटी को मजबूत रखना काफी जरुरी है। बढ़ते हुए प्रदूषण में अपने सेहत का ध्यान रखना काफी जरुरी है। अगर आप अपनी डाइट में भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स का पानी एड ऑन करते हैं, तो यह किसी वरदान से कम नहीं है।

इम्युनिटी बढ़ाने वाले 5 ड्राई फ्रूट्स का पानी

यदि आप भी अपनी बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना चाहते हैं, तो रात के समय इन 5 ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट इनका पानी पिएं।

बादाम

बादाम सेहत के लिए काफी हेल्दी होते हैं। बादाम में विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। इसके सेवन से दिमाग तेज होता है, इसके साथ ही इम्यून सिस्टम की कोशिकाएं भी हेल्दी होती है। रात के समय में 5-6 बादाम भिगोकर रख दें। सुबह बादाम निकालकर रख लें और बचा हुआ पानी पी लें।

अखरोट

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स की भरपूर मात्रा होती है, यह शरीर की सूजन को कम करने में मदद करता है। अखरोट का पानी पीने से इम्युनिटी बूस्ट होती है। इसके लिए 2 अखरोट की गिरी रात भर भिगो दें। सुबह खाली पेट इसे खाकर इसका पानी पी लें।

किशमिश

किशमिश किसी सुपरफूड से कम नहीं है। इसमें आयरन और विटामिन-सी का खजाना है। किशमिश खून बढ़ाने और संक्रमण से लड़ने में सहायक होता है। यह पोषक तत्वों का खजाना है। किशमिश सेवन करने से पाचन भी दुरुस्त रखता है। इसके लिए 8 से 10 किशमिश को एक कप पानी में भिगो दें। सुबह किशमिश खाएं और बचा हुआ मीठा पानी पी लें।

अंजीर

अंजीर में फाइबर, पोटैशियम और कई महत्वपूर्ण विटामिन्स होते हैं। यह गट हेल्थ के लिए सबसे बढ़िया होता है। इसके साथ ही यह इम्युनिटी बढ़ाता है। 2 सूखे अंजीर रात को भिगो दें। सुबह इसका पानी पीने से पेट साफ रहेगा और ताकत बढ़ेगी।

मुनक्का

मुनक्का को बड़ी काली किशमिश के नाम से भी जाना जाता है। मुनक्का में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने और खून साफ करने में मदद करता है, इससे शरीर बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ता है। आप 5 से 7 मुनक्के को भिगोकर, सुबह उनका पानी पीने से मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।

इस तरह से डाइट में शामिल कर सकते है

अगर आप चाहे तो इन सभी 5 ड्राई फ्रूट्स (बादाम, अखरोट, किशमिश, अंजीर, मुनक्का) को एक-साथ थोड़ी-थोड़ी मात्रा में रात भर में पानी में भिगों दें। अगले दिन सुबह खाली पेट इसे पी लें और बाद में ड्राई फ्रूट्स तो चबाकर खा लें। ऐसा करने से आप पूरे दिन ऊर्जावन बनें रहेंगे और आपकी इम्यूनिटी मजबूत होगी। 

लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल की जोड़ी कैसे बनी? संगीत की इस मशहूर साझेदारी में लता मंगेशकर की थी ज़रूरी भूमिका।

भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे प्रसिद्ध और सफल संगीतकार जोड़ी की बात होती है तो लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का नाम तुरंत जेहन में आ जाता है. इस जोड़ी ने अपने संगीत से करीब चार दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया.

अपने संगीत के बदौलत 1964 में आई फिल्म “दोस्ती” ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर दिया. इस फिल्म के गीत “चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे” और “राही मनवा दुख की चिंता क्यों सताती है” को कौन भूल सकता है?

लक्ष्मीकांत का बचपन बीता गरीबी में

हम बात कर रहे हैं दिवंगत लक्ष्मीकांत शांताराम कुडालकर की, जिनका जन्म 3 नवंबर, 1937 को मुंबई में हुआ था. उन्होंने 500 से ज्यादा फिल्मों में संगीतकार और गीतकार के तौर पर काम किया, लेकिन उन्हें प्रसिद्धि संगीतकार प्यारेलाल के साथ मिलकर काम करने के बाद ही मिली.

बचपन में पिता के निधन के बाद गरीबी और कर्ज की वजह से छोटी उम्र में ही उनके कंधों पर घर संभालने का बोझ आ गया. उन्होंने पढ़ाई छोड़कर बाल कलाकार के तौर पर काम करना शुरू कर दिया. परिवार के लिए पैसे कमाने थे, तो उन्होंने वाद्य यंत्र खरीदने का विचार किया. वाद्य यंत्र खरीदने के साथ उन्होंने 2 साल तक हुसैन अली से उसे बजाना सीखा और अपने हुनर को निखारते हुए बेहतरीन संगीत का निर्माण किया.

कैसे बनी थी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी

संगीतकार लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल की मुलाकात का किस्सा भी अनूठा है. दोनों की मुलाकात प्रतिष्ठित भारतीय सिंगर लता मंगेशकर की वजह से हुई थी. दरअसल कोलाबा के रेडियो क्लब में पहली बार लक्ष्मीकांत ने लता मंगेशकर को देखा था. क्लब में लक्ष्मीकांत ने भी अपनी प्रस्तुति से सबको प्रभावित किया.

लता मंगेशकर भी लक्ष्मीकांत से बहुत प्रभावित हुईं और उन्होंने सुरील कला केंद्र में उनका दाखिला करा दिया. सुरील कला केंद्र का संचालन लता जी का परिवार ही करता था, जो गरीब बच्चों को संगीत की शिक्षा प्रदान करता है.

इसी केंद्र में पहली बार लक्ष्मीकांत की मुलाकात प्यारेलाल के साथ हुई. 12 साल की उम्र से लक्ष्मीकांत ने म्यूजिक कंपोज करना शुरू कर दिया था और 10 साल की उम्र में प्यारेलाल भी उनके साथ थे.

दोनों ने ही छोटी उम्र से साथ काम किया और यंग एज तक आते-आते दोनों ने कई हिट गाने और सुरीले म्यूजिक से हिंदी सिनेमा को नवाजा. दोनों की हिट जोड़ी ने लगभग 750 गानों में संगीत दिया और लिरिक्स भी लिखे.

हेल्थ टिप्स : सर्दियों में वजन घटाना है तो इन गलतियों से जरूर बचें!

ठंड का अपना ही एक अलग मजा होता है। गर्म कम्बल में लेटकर गरमा-गरम चाय या कॉफी का लुत्फ उठाने का एक अलग ही अनुभव होता है। यह एक बेहद ही कंफर्टेबल मौसम होता है, जिसमें आराम करना अच्छा लगता है। लेकिन अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रही हैं तो ऐसे में ठंड के दिनों में आपको थोड़ी ज्यादा परेशानी हो सकती है, क्योंकि मौसम में ठंडक आपको आराम करने, कंफर्टेबल फूड खाने और चैन की नींद लेने पर मजबूर करता है। वहीं अगर इसके साथ आपकी कुछ छोटी-छोटी गलतियां वेट लॉस जर्नी पर भारी पड़ जाती हैं।

अगर आप सच में वजन कम करना चाहती हैं तो आपको यह समझना होगा कि ठंड का मौसम अपने साथ कुछ चुनौतियां लेकर आता है। जिसे जानकर और सही तरीके अपनाकर आपको उनसे निपटना होगा। यूं तो ठंड में आपका मेटाबॉलिज्म ज्यादा तेज़ होता है और इसलिए आप बेहतर तरीके से फैट बर्न कर सकती हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ छोटी-छोटी गलतियों से बचें। तो चलिए आज इस लेख में मुदितम आयुर्वेद की क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट नेहल जोशी आपको कुछ ऐसी ही छोटी-छोटी गलतियों के बारे में बता रही हैं, जिन्हें आपको ठंड में वजन कम करते समय करने से बचना चाहिए-

कम पानी पीना

ठंड के मौसम में हम सभी को प्यास काफी कम लगती है, इसलिए अक्सर हम पानी बहुत कम पीते हैं। लेकिन ऐसा करने से वजन कम करने में काफी परेशानी होती है। दरअसल, पानी कम पीने से मेटाबॉलिज़्म स्लो हो जाता है और अक्सर प्यास को भूख समझकर हम ज्यादा स्नैकिंग करने लगते हैं। इसलिए, ठंड के दिनों में भी अपने वाटर इनटेक का ध्यान रखें। आप इस मौसम में गुनगुना पानी, हर्बल चाय या ग्रीन टी पीते रहें।

वर्कआउट को स्किप करना

ठंड के दिनों में अक्सर बिस्तर छोड़ने का मन नहीं करता है और इसलिए हम बार-बार वर्कआउट स्किप कर देती हैं। जब आप ज्यादा एक्टिव नहीं रहती हैं तो इससे मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और फैट स्टोर ज्यादा होता है। इसलिए, अगर इस मौसम में आपका बाहर जाने का मन नहीं है तो ऐसे में घर पर ही वर्कआउट करें। आप डांस से लेकर योग आदि कर सकती हैं।

बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पीना

यह सच है कि ठंड के दिनों में हमें बार-बार कुछ गरमागरम खाने या पीने की इच्छा होती है और इसलिए हम बार-बार चाय या कॉफी पीती हैं। हालांकि, ऐसा करने से आपके लिए वजन कम करना मुश्किल हो जाता है। जब आप ज्यादा कैफीन व शुगर लेती हैं, तो इससे डिहाइड्रेशन व एसिडिटी की शिकायत हो सकती है। साथ ही साथ, आपका कैलोरी काउंट भी बढ़ जाता है। बेहतर होगा कि आप दिन में दो कप से ज्यादा चाय या कॉफी ना लें। इसकी जगह हर्बल टी या सूप लें।

स्पोर्ट्स न्यूज़ :वर्ल्ड चैंपियन बनी टीम इंडिया पर बरसी ICC की बंपर प्राइज मनी, दक्षिण अफ्रीका को भी मिला शानदार इनाम।

भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार ODI वर्ल्ड कप जीत लिया है. नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना. 2005 और 2017 के बाद यह भारतीय टीम तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल खेल रही थी, आखिरकार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने कप जीत ही लिया. इस ऐतिहासिक जीत के लिए भारतीय टीम को लगभग 42 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड प्राइज मनी मिली है. महिला वर्ल्ड कप के लिए तकरीबन 123 करोड़ रुपये का प्राइज पूल तैयार किया गया था.

वर्ल्ड कप विजेता को कितनी प्राइज मनी?

वर्ल्ड कप 2025 का चैंपियन बनने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को लगभग 42 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली है. यह रकम 2023 मेंस वर्ल्ड कप विजेता ऑस्ट्रेलिया को मिली इनामी राशि से भी ज्यादा है. इसके अलावा विजेता बनने पर BCCI पहले ही टीम इंडिया को 125 करोड़ रुपये की इनामी राशि देने की घोषणा कर चुकी है. ऑस्ट्रेलिया को उस समय करीब 33 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली थी. मगर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 42 करोड़ रुपये की राशि दी गई. वहीं उपविजेता रही दक्षिण अफ्रीकी टीम को लगभग 20 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली है.

सेमीफाइनल में जाने वाली टीमों, यानी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड पर भी पैसों की बारिश हुई है. दोनों टीमों को 11.95 करोड़ रुपये मिले हैं. कोई भी टीम खाली हाथ घर नहीं लौटी, क्योंकि लीग स्टेज में ही बाहर हो जाने वाली टीमों पर भी जमकर पैसा बरसा है.

टेबल में पांचवें (श्रीलंका) और छठे (न्यूजीलैंड) स्थान पर रहने वाली प्रत्येक टीम को 7.8 करोड़ रुपये मिले हैं. वहीं सातवें (बांग्लादेश) और आठवें नंबर पर रही पाकिस्तान, दोनों को 4.5 करोड़ रुपये मिले.

    • चैंपियन (भारत) – 42 करोड़
    • उपविजेता (दक्षिण अफ्रीका) – 20 करोड़
    • तीसरा स्थान (ऑस्ट्रेलिया) 11.95 करोड़
    • चौथा स्थान (इंग्लैंड) – 11.95 करोड़
    • पांचवां स्थान (श्रीलंका) – 7.8 करोड़
    • छठा स्थान (न्यूजीलैंड) – 7.8 करोड़
    • सातवां स्थान (बांग्लादेश) – 4.5 करोड़
    • आठवां स्थान (पाकिस्तान) – 4.5 करोड़