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ICC Women’s World Cup 2025: ICC ने जारी की महिला वर्ल्ड कप की सर्वश्रेष्ठ टीम, 3 भारतीय खिलाड़ियों ने बनाई जगह।

भारत की महिला टीम ने वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इस टूर्नामेंट की “टीम ऑफ द टूर्नामेंट” का ऐलान किया है, जिसमें भारत की तीन खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. इनमें सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना, स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और भरोसेमंद बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिग्स के नाम शामिल हैं. इन तीनों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर भारत की पहली वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई है.

स्मृति मंधाना का जलवा

स्मृति मंधाना ने इस टूर्नामेंट में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 434 रन बनाए. उनका औसत रहा 54.25, जबकि उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक भी जड़े. न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका 109 रन का शतक भारत की जीत की नींव बना. उनकी निरंतरता और शांत स्वभाव ने पूरे टूर्नामेंट में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई जिसके चलते उन्हें अब ICC की टीम में जगह मिली.

दीप्ति शर्मा भी टीम में शामिल

टीम इंडिया की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा का प्रदर्शन वर्ल्ड कप के इतिहास में याद रखा जाएगा. उन्होंने बल्ले से 215 रन बनाए और गेंद से 22 विकेट झटके. फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 58 रन और 5 विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया. यही वजह रही कि उन्हें “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” चुना गया और ICC ने उन्हें बेस्ट टीम में शामिल किया.

जेमिमा रॉड्रिग्स की क्लासिक बल्लेबाजी

मध्यक्रम की धुरी बनीं जेमिमा रॉड्रिग्स ने इस टूर्नामेंट में 292 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उनका 127 रन का नाबाद पारी खेलना टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत की कुंजी साबित हुआ. शांत स्वभाव और सटीक शॉट सेलेक्शन के लिए जेमिमा की तारीफ हर तरफ हुई. उनकी इस शानदर बल्लेबाजी के लिए उन्हें ICC की टीम में जगह मिली.

बाकी देशों के सितारे भी चमके

आईसीसी की बेस्ट टीम में साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वुलवार्ट को कप्तान चुना गया है, जिन्होंने 571 रन बनाकर रिकॉर्ड तोड़ा. उनके साथ मारिजेन कप्प और नादिन डी क्लार्क को भी टीम में जगह मिली. ऑस्ट्रेलिया की ओर से एश गार्डनर, एनाबेल सदरलैंड और एलाना किंग को चुना गया है. इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन, पाकिस्तान की विकेटकीपर सिद्रा नवाज और 12वें खिलाड़ी के रूप में नैट साइवर-ब्रंट टीम में शामिल हैं.

इस तरह ICC की यह टीम दुनिया की उन खिलाड़ियों को सम्मानित करती है जिन्होंने महिला वर्ल्ड कप 2025 को यादगार बना दिया. भारत की तीन शेरनियों का इस टीम में शामिल होना पूरे देश के लिए गर्व का पल है.

ICC की टीम ऑफ द टूर्नामेंट

1. स्मृति मंधाना (भारत) 2. लौरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान) (दक्षिण अफ्रीका) 3. जेमिमा रोड्रिग्स (भारत) 4. मारिजाने कप्प (दक्षिण अफ्रीका) 5. ऐश गार्डनर (ऑस्ट्रेलिया) 6. दीप्ति शर्मा (भारत) 7. एनाबेल सदरलैंड (ऑस्ट्रेलिया) 8. नादिन डी क्लार्क (दक्षिण अफ्रीका) 9. सिदरा नवाज (विकेट कीपर) (पाकिस्तान) 10. अलाना किंग (ऑस्ट्रेलिया) 11. सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड) 12वां खिलाड़ी: नैट साइवर-ब्रंट (इंग्लैंड).

‘एक दीवाने की दीवानगी’ का क्रेज रुकने का नाम नहीं ले रहा, दूसरे मंगलवार को भी थिएटरों में छपे भरभराकर नोट

हर्षवर्धन राणे, सोनम बाजवा की ‘एक दीवाने की दीवानियत’  क्लियरली एक डार्क हॉर्स साबित हुई है. किसने सोचा होगा कि यह फिल्म दिवाली पर पॉपुलर हॉरर कॉमेडी जगत की फिल्म ‘थामा’ से क्लैश करने के बावजूद हिट हो जाएगी. दिलचस्प बात ये है कि ‘एक दीवाने की दीवानियत’ आयुष्मान खुराना स्टारर ‘थामा’ की तुलना में बहुत कम स्क्रीन पर रिलीज़ हुई थी. फिर भी इसने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिया और तगड़ा कलेक्शन कर लिया. चलिए यहां जानते हैं ‘एक दीवाने की दीवानियत’  ने रिलीज के 15वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को कितना कलेक्शन किया है?

‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने 15वें दिन कितनी की कमाई?
रोमांटिक ड्रामा ‘एक दीवाने की दीवानियत’ बॉक्स ऑफिस पर छाई हुई है. इस फिल्म ने कमाल का परफॉर्म किया है और ये ना केवल हिट हो चुकी है बल्कि अब खूब मुनाफा भी बटोर रही है. बता दें कि ये फिल्म अब भारत में 70 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब पहुंचने में कामयाब रही है. इस बीच, यह पहले ही दुनिया भर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है.

फिल्म के कलेक्शन की बात करें को पहले हफ्ते में 55 करोड़ रुपये कमाने के बाद, ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने दूसरे शुक्रवार को 2.35 करोड़ रुपये और उसके बाद दूसरे शनिवार को 3.15 करोड़ और दूसरे रविवार 3.75 करोड़ रुपये कमाने में सफल रही. वहीं सोमवार को इसकी कमाई गिर गई और इसने 1.65 करोड़ रुपये कमाए. लेकिन मंगलवार को टिकटों की कीमतों में छूट के कारण इसके कलेक्शन में 15वें दिन थोड़ी बढ़ोतरी हुई हैं,

    • सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रपोर्ट के मुताबिक ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने रिलीज के 15वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को 2 करोड़ रुपये कमाए हैं.
    • इसी के साथ इसका भारत में 15 दिनों का कुल कलेक्शन 68.05 करोड़ रुपये हो गया है.

‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने 2025 की इन रोमांटिक ड्रामा को पछाड़ा
इस साल बॉलीवुड में रोमांटिक जॉनर का रिवाइवल देखने को मिला है. जहां ‘सैयारा’ ने 575 करोड़ से ज़्यादा की कमाई के साथ अपना दबदबा बनाया, वहीं ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने अब बॉक्स ऑफिस पर कुल कमाई के मामले में ‘परम सुंदरी’ (86 करोड़ रुपये) और ‘भूल चूक माफ़’ (91 करोड़ रुपये) जैसी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है.

‘एक दीवाने की दीवानियत’ के बारे में
मिलाप जावेरी द्वारा निर्देशित, ‘एक दीवाने की दीवानियत’ को शुरुआत में मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था, लेकिन स्ट्रॉन्ग वर्ड ऑफ माउथ की वजह से इसे दर्शक मिले.  फिल्म में हर्षवर्धन राणे, सोनम बाजवा, शाद रंधावा, सचिन खेडेकर और अनंत नारायण महादेवन हैं.

हेल्थ न्यूज़ :दिल्ली का बढ़ता प्रदूषण खून में घुसकर नसों में सूजन फैला रहा है, धीरे-धीरे आम इंसान को मौत के करीब पहुंचा रहा है।

दिल्ली एनसीआर में बढ़ता हुआ एयर क्वालिटी इंडेक्स अब गंभीर चिंता का कारण बन गया है. दिल्ली की जहरीली हवा अब न केवल फेफड़ों तक सीमित रही बल्कि इसका असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली एनसीआर का प्रदूषण ऑटोइम्यून डिजीज जैसे रूमेटाइड आर्थराइटिस का कारण भी बन सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि दिल्ली एनसीआर की जहरीली हवा सिर्फ फेफड़े ही नहीं बल्कि दिमाग और दिल पर भी कैसे असर कर रही है.

दिल्ली की हवा से दिल की सेहत पर बढ़ता खतरा

दिल्ली की जहरीली हवा को देखते हुए एक्सपर्ट्स बताते हैं कि प्रदूषित हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे छोटे-छोटे कण खून में घुसकर नसों में सूजन पैदा कर देते हैं. वहीं यह सूजन ब्लड क्लोट बनने का कारण बनती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जिन लोगों को पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर या होर्डेड आर्टरीज की समस्या है, उनके लिए यह प्रदूषण और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे में एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि दिल को प्रदूषण के असर से बचाने के लिए लोगों में हवा के संपर्क को कम करना, साफ हवा की पहल को बढ़ावा देना, और हार्ट हेल्थ को लेकर जागरूकता जरूरी है.

दिमाग और मेंटल हेल्थ पर भी असर

दिल्ली की जहरीली हवा अब सिर्फ फेफड़ों ही नहीं बल्कि मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर डाल रही है. एक्सपर्ट्स के अनुसार लंबे समय तक जहरीली हवा के संपर्क में रहने से दिमाग पर खतरनाक असर पड़ सकता है. प्रदूषण के कारण न्यूरो इन्फ्लेमेशन यानी दिमाग में सूजन हो सकती है, जिससे न्यूरॉनकनेक्शन कमजोर होते हैं. न्यूरोट्रांसमीटर का संतुलन बिगड़ता है और अल्जाइमर व पार्किंसंस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जहरीली हवा ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाती है जिससे मेमोरी, ध्यान और निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ता है. वहीं बच्चों में यह कंडीशन और गंभीर हो सकती है क्योंकि इस समय उनके दिमाग की ग्रोथ चल रही होती है. ऐसे में प्रदूषित हवा से बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर और ADHD जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां बढ़ सकती है.

डिप्रेशन और आत्महत्या का खतरा भी बढ़ रहा

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जो लोग पिछले 5 सालों से प्रदूषण के हाई लेवल वाले इलाकों में रह रहे हैं, उनमें डिप्रेशन और सुसाइड के थॉट्स और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट जैसे लक्षण बढ़ रहे हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि विशेष रूप से बच्चे इसके ज्यादा खतरे में है, क्योंकि उनके विकसित होते दिमाग पर प्रदूषण का सीधा असर पड़ता है. इससे डिप्रेशन, स्किजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर और सुसाइडल थॉट्स का खतरा बढ़ जाता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Harmanpreet Kaur Big Achievement: सचिन, धोनी और कोहली के बाद अब हरमनप्रीत कौर का भी लगेगा स्टैच्यू — जानिए कब और कहां लगाया जाएगा ये मूर्ति?

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने वो करिश्मा कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद भारत को सालों से थी. टीम इंडिया ने वीमेंस वर्ल्ड कप 2025 का टाइटल हासिल कर लिया है. भारत को ये खिताब जीतने में 52 सालों का इंतजार करना पड़ा. लेकिन आखिरकार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने ये मुकाम हासिल कर लिया है. हरमनप्रीत कौर का क्रिकेटिंग करियर काफी शानदार रहा है, इसी के चलते अब सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की तरह हरमनप्रीत कौर को भी एक बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है. राजस्थान की राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ किले में सचिन, धोनी और कोहली के साथ ही अब हरमनप्रीत कौर का भी स्टेचू लगेगा.

हरमनप्रीत कौर को मिलेगा बड़ा सम्मान

हरमनप्रीत कौर ने टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताकर अपना नाम इतिहास में दर्ज करा दिया है. इसी के लिए नाहरगढ़ किले में शीश महल के अंदर जयपुर वैक्स म्यूजियम में हरमनप्रीत कौर का स्टेचू लगाया जाएगा. इस स्टेचू का उद्घाटन इंटरनेशनल वीमेंस डे के दिन 8 मार्च, 2026 को किया जाएगा. भारत को वर्ल्ड कप जिताने के लिए हरमनप्रीत कौर को ये सम्मान दिया जा रहा है. इसके साथ ही स्पोर्ट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी ये कदम उठाया जा रहा है.

जयपुर वैक्स म्यूजियम के फाउंडर अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि हरमनप्रीत उस साहस और विश्वास को बताती हैं जो ये दिखाता है कि भारत की महिलाएं सबसे बड़े मंच पर भी लीड कर सकती हैं. अनूप श्रीवास्तव ने आगे कहा कि इस म्यूजियम में केवल फेमस पर्सनेलिटी को दिखाना ही हमारा काम नहीं है, बल्कि हम उन लोगों को सम्मानित भी करना चाहते हैं, जिन्होंने इस समाज को इंस्पायर करने में बड़ी भूमिका निभाई है.

जयपुर के इस म्यूजियम में हरमनप्रीत कौर के स्टेचू के बाद दो वर्ल्ड कप विनिंग कप्तानों के स्टेचू होंगे, जिसमें भारत की मेन्स टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी का नाम भी शामिल है. वहीं इस म्यूजियम में क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली का भी स्टेचू लगा है.

हेल्थ टिप्स : भागदौड़ भरी जिंदगी में मन को चाहिए सुकून? योग-मेडिटेशन नहीं, हमिंग से पाएं तुरंत सुकून।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग बीमारियों का तेजी से शिकार हो रहे है। आजकल के दौर में स्ट्रेस यानी की तनाव भी एक आम समस्या हो गई है। परिवार की जिम्मेदारियां, काम का दबाव और हर वक्त की दौड़ती सोच हमें थका देती है। ऐसे में लोग तनाव से छुटकारा पाने और मन को शांत करने के लिए दवा, योग और मेडिटेशन आदि का सहारा लेते हैं। लेकिन हर किसी के बाद इन चीजों का समय नहीं होता है।

तनाव को कम करने के लिए ‘हमिंग’ यानी की हल्की गुनगुनाहट ही काफी होती है। बता दें कि यह कोई जादू नहीं बल्कि साइंस से जुड़ी एक बेहद आसान टेक्निक है। एक्सपर्ट के मुताबिक जब हम गुनगुनाते हैं, तो हमारी बॉडी की एक खास नस, जिसको वागस नर्व कहते हैं, वह एक्टिव हो जाती है। वागस नर्व दिमाग को शांत करती है और दिल की धड़कन को नॉर्मल बनाने के साथ सांसों को संतुलित रखती है। ऐसे में बिना दवा, योग या मेडिटेशन के सिर्फ कुछ मिनट की ‘हमिंग’ से आप अपने मन को शांत और शरीर को आराम पहुंचा सकते हैं।

जानिए क्या है हमिंग

हमिंग का मतलब धीरे-धीरे गुनगुनाने या फिर होंठ बंद करके आवाज निकालना है। जब हम कोई गाना गुनगुनाते हैं या फिर ‘ऊँ’ का उच्चारण करते हैं, तो यह बहुत नॉर्मल लगता है, लेकिन उसके पीछे भी साइंस है।

जानिए कैसे काम करती है ये ट्रिक

आपके मन में यह सवाल चल रहा होगा कि आखिर यह ट्रिक काम कैसे करती हैं। तो बता दें कि जब भी हम ‘हमिंग’ करते हैं, तो हमारे शरीर में मौजूद वागस नर्व एक्टिव हो जाती है। यह वागस नस दिमाग को लंग्स, हार्ट और डाइजेस्टिव सिस्टम से जोड़ती है।

वागस नर्व हमारे शरीर के पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम का हिस्सा होती है। यह वही हिस्सा होता है, जो शरीर को संतुलन और आराम की स्थिति में रखता है। वहीं जब हम गुनगुनाते हैं, तो यह नस दिमाग को सिग्नल भेजती है कि सब ठीक है, अब कोई खतरा नहीं है। यह सिग्नल मिलने पर दिल की धड़कन सामान्य होती है, सांसें स्थिर होती हैं और हमारा दिमाग भी शांत महसूस करता है।

कब करना चाहिए हमिंग

बता दें कि जब भी घबराहट, तनाव या फिर बेचैनी महसूस हो, तो गहरी सांस लें और धीरे-धीरे हमिंग करना शुरू करें। आप किसी भजन, मंत्र या ‘ओम्’ का जाप भी इस तरह से कर सकती हैं। अगर आप रोजाना कुछ मिनट के लिए हमिंग करती हैं, तो धीरे-धीरे शरीर खुद ही तनाव को शांत करना सीख जाएगा।

ऐसे में आप बिना किसी खर्च, दवा या योग के सिर्फ कुछ मिनट की हमिंग से शरीर और मन दोनों को आराम पहुंचा पाएंगी। वहीं अगली बार जब आपको तनाव या घबराहट महसूस हो, तो दिमाग को शांत करने के लिए गुनगुनाना शुरूकर दें। इससे आपको फर्क खुद ब खुद महसूस होगा।