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कम खर्च में शानदार हनीमून: भारत के ये 6 डेस्टिनेशन जहां आपकी ट्रिप यादगार बन जाएगी।

भारत में शादियों का सीजन शुरु हो चुका है। शादी के बाद कपल्स का हनीमून पर जरुर जाते हैं। अगर आप भारत में हनीमून के लिए डेस्टिनेशन खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। वैसे भी भारत में घूमने-फिरने की जगहों की भरमार है। यहां आपको एक से बढ़कर एक एडवेंचर, रोमांटिक जगहें, जहां आप पार्टनर संग घूमने जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको भारत में ही हनीमून प्लान करने के लिए कुछ रोमांटिक डेस्टिनेशन्स के बारे बताने जा रहे हैं। इन जगहों पर आपको सुकून, शांति मिलेगी और कम बजट में ट्रिप भी शानदार बन जाएगी।

गोवा

भारत की सबसे फेवरेट हनीमून डेस्टिनेशन में से एक है गोवा। यहां की बीच लाइफ एक्सपीरियंस सबसे शानदार होता है। गोवा के बीच के किनारे आप पत्नी संग रोमांटिक पल बिता सकते हैं। इसके अलावा, गोवा की नाइट लाइफ पार्टी को एन्जॉय करने का एक अलग ही मजा होता है। यहां पर घूमने के लिए कैलेंगुट बीच, अंजुना बीच, बागा बीच, बागाटोर बीच, सिंकेरियन बीच, पालोलेम बीच। गोवा में घूमने के लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं होता है। पहले ही होटल बुकिंग कर लें, वरना बाद में महंगी हो जाती है।

शिमला

यदि आपका पहाड़ पर घूमने का प्लान हैं, तो आप शिमला घूमने जरुर जाएं। शिमला में देवदार, चीड़ और माजू के जंगलों में आप घूम सकते हैं।  बर्फीले घाटियां और सुंदर नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे।  हनीमून के लिए शिमला घूमना एक परफेक्ट डेस्टिनेशन में से एक है।

मनाली

हिमाचल प्रदेश का खूबसूरत शहर है मनाली। यह जगह हनीमून डेस्टिनेशन के लिए सबसे बढ़िया है। यहां आप सुंदर सी बर्फीली वादियां देख सकते हैं। मनाली में हनीमून मनाना सबसे यादगार हो सकता है। मनाली में  दिसंबर-जनवरी के महीने में स्नोफॉल का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां आप ट्रेकिंग, स्नो स्कीइंग का तुत्फ उठा सकते हैं।

दार्जिलिंग

क्वीन ऑफ हील्स दार्जिलिंग को कहा जाता है। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही रोमांटिक है। यहां पर चाय के बागन,बर्फ से ढके सुंदर पहाड़, देवदार के जंगल, प्राकृतिक सुंदरता, कल-कल करते झरने देखकर आप इस जगह में खो जाएंगे। कम बजट के अंदर है यह एक शानदार हनीमून की जगह हो सकती है।

श्रीनगर

हनीमून के लिए परफेक्ट डेस्टिशन है श्रीनगर। कश्मीर घाटी में बसा श्रीनगर सुंदर नजारे और घाटियों के लिए जाना जाता है। यहां पर मुख्य आकर्षण केंद्र है डल झील। यहां पर आप मुगल गार्डन, झीलें, सुंदर घाटियों में घूम सकते हैं। यह जगह हनीमून के लिए परफेक्ट है।

माउंट आबू

राजस्थान का स्वर्ग कहा जाने वाल माउंट आबू, हनीमून के लिए एकदम परफेक्ट जगह है। यदि आप भारत में हनीमून के लिए नई जगह पर जाना चाहते हैं, तो माउंट आबू का प्लान जरुर बनाएं। यहां पर आप वाइल्ड लाइफ का मजा ले सकते हैं। यहां पर आप तरह-तरह के पक्षियां, जानवर देखने को मिलेंगे। पहाड़ों पर घूमने या ट्रेकिंग का प्लान कर सकते हैं।

Health Tips:उम्र बढ़ने के साथ लोग जो तीन गलतफहमियां अपनाते हैं, उन्हें जानकर आप बुढ़ापे में भी एक्टिव रह सकते हैं।

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, शरीर में कई बदलाव होते हैं. कई लोग सोचते हैं कि यह बदलाव सिर्फ झुर्रियों, वजन बढ़ने या हमारी जेनेटिक्स की वजह से होते हैं. इसके साथ ही उम्र बढ़ने के साथ हार्ट डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज, गठिया, कैंसर और मनोभ्रंश जैसी लंबी अवधि की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, लेकिन सही आदत और लाइफस्टाइल अपनाकर हम हेल्दी और एक्टिव बुढ़ापे की उम्मीद कर सकते हैं.

हालांकि, उम्र बढ़ने से जुड़ी गलतफहमियों को जानना भी बहुत जरूरी है. फंक्शनल मेडिसिन के डॉक्टर और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय भोजराज ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर शेयर किया कि उम्र बढ़ने को लेकर लोग तीन बड़ी गलतफहमियों में फंस जाते हैं. उनका कहना है कि अगर हम इन गलतफहमियों से बचें और सही आदतें अपनाएं, तो उम्र बढ़ने के प्रभाव को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं कि उम्र बढ़ने के बारे में आम गलतफहमियां क्या है.

1. उम्र बढ़ना सिर्फ झुर्रियों या जेनेटिक से संबंधित है – ज्यादातर लोग मानते हैं कि उम्र बढ़ने के लक्षण जैसे झुर्रियां, शरीर में वजन बढ़ना या धीमा मेटाबोलिज्म पूरी तरह से हमारे जीन पर निर्भर करता है. डॉ. भोजराज के अनुसार, ऐसा बिल्कुल नहीं है. सालों तक हार्ट पर काम करने और मरीजों का अध्ययन करने के बाद यह साफ हुआ कि हमारे जीवन की आदतें, खान-पान, एक्सरसाइज और मानसिक स्थिति हमारे शरीर और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावित करती हैं.

2. दिल आपकी उम्र को पहले दिखाता है – ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उम्र सिर्फ बाहरी बदलावों से पता चलती है, जैसे चेहरे की झुर्रियां या बालों का सफेद होना. जबकि सच यह है कि आपका दिल और ब्लड सेल्स आपके वास्तविक स्वास्थ्य और उम्र को पहले ही बता देते हैं. अगर आप हार्ट के स्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं तो आप अनजाने में अपने शरीर की उम्र को बढ़ा सकते हैं.

3. छोटी आदतें भी बड़ी भूमिका निभाती हैं – अक्सर लोग सोचते हैं कि उम्र बढ़ना सिर्फ खानपान की वजह से होता है या कभी-कभार हेल्दी खाना खाने या एक्सरसाइज करने से सब ठीक हो जाएगा. लेकिन डॉ. भोजराज कहते हैं कि रोजमर्रा की आदतें, जिन्हें हम सामान्य और स्वस्थ मानते हैं, हमारी सेल्स, आर्टरी और एनर्जी स्तर को प्रभावित कर सकती हैं. यही वजह है कि नियमित लाइफस्टाइल और छोटी-छोटी आदतें उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को स्लो या तेज कर सकती हैं.

लंबी उम्र और हेल्थ बनाए रखने की आदतें

1. रोजाना एक्सरसाइज करें – हल्की या तेज एक्सरसाइज, चाहे वॉकिंग, योग, या जिम, हार्ट और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखती है.

2. बैलेंस और हेल्दी डाइट लें – ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन हृदय और मेटाबॉलिज्म के लिए बेहद जरूरी हैं.

3. ज्यादा से ज्यादा आराम और नींद लें – नींद न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि शरीर की मरम्मत और एनर्जी बनाए रखने के लिए भी जरूरी है.

4. रिश्ते बनाए रखें – सामाजिक जुड़ाव और परिवार या दोस्तों के साथ संबंध मानसिक स्वास्थ्य और लाइफ  की क्वालिटी को बढ़ाते हैं.

5. हीट थेरेपी या सॉना शामिल करें – यह ब्लड फ्लो को बढ़ावा देता है और हार्ट और आर्टरी के लिए फायदेमंद हो सकता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

पाकिस्तान में बेरोजगारी की मार: दो करोड़ युवा नौकरी की तलाश में, अपराध दर में बढ़ोतरी।

पाकिस्तान में पहली बार डिजिटल जनगणना हुई और इसी आधार पर पता चल पाया कि यहां बेरोजगारी दर चरम पर है. 7.8 फीसदी युवाओं के पास नौकरी नहीं है यानि 24 करोड़ 15 लाख की आबादी वाले देश के करीब 1 करोड़ 87 लाख युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं.

पाकिस्तान ऑब्जर्वर नाम के अखबार ने देश की इस दुखती नब्ज को टटोला है. ये रिपोर्ट बेबस पाकिस्तानियों और बेपरवाह हुक्मरानों की पोल खोलती है. सिस्टम को लाचार बताते हुए कहती है कि ये बेरोजगारी दर उन पाकिस्तानियों की फिक्र नहीं करती जो नीट (NEET) हैं. नीट से मतलब पढ़ाई (एजुकेशन), रोजगार (एम्पलाईमेंट) और प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) से महरूम करना है.

बेरोजगारी की मार झेल रही एक-तिहाई पाकिस्तानी जनता

इस आर्टिकल में बताया गया है कि बेरोजगारी का संकट जितना दिखता है उससे कहीं अधिक गहरा है. 15 से 35 साल की उम्र के एक-तिहाई पाकिस्तानी इस समय बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं. प्रकाशित रिपोर्ट की मानें तो ‘वर्किंग एज पापुलेशन’ यानी काम करने की उम्र वाली आबादी की संख्या भी कुछ कम नहीं है. 17.17 करोड़ लोग जो काम करने में सक्षम हैं, उनमें से 11 फीसदी के पास कोई नौकरी नहीं है.

आर्टिकल में कहा गया है कि ‘नीट’ ग्रुप में वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने पूरी तरह से काम ढूंढना बंद कर दिया है, जो बिना वेतन वाले या असंगठित उपक्रमों से जुड़े हैं, या ऐसे फैमिली बिजनेस में फंसे हैं, जिसकी उत्पादन क्षमता कुछ खास नहीं है.

पाकिस्तान में बढ़ रही स्ट्रक्चरल बेरोजगारी

लेख में पाकिस्तानी महिलाओं की दयनीय स्थिति का भी विवरण है. रिपोर्ट के अनुसार, महिला श्रम बल भागीदारी दर भी काफी कम है. ‘नीट’ की समस्या तो है ही, इसके साथ ही देश की आधी आबादी की कम भागीदारी दर ने परिस्थिति को और भी सोचनीय बना दिया है.

ये घटती दरें साफ इशारा करती हैं कि लेबर फोर्स का कौशल अर्थव्यवस्था से कदम ताल नहीं कर पा रहा और इसी वजह से स्ट्रक्चरल बेरोजगारी (संरचनात्मक बेरोजगारी जिसमें नियोक्ता और रोजगार की तलाश कर रहे शख्स का कौशल मेल नहीं खा पाता) बढ़ रही है. इसका जिम्मेदार भी पाकिस्तानी शैक्षिक व्यवस्था को बताया गया है जो पुराने ढर्रे पर चल रहा है.

सरकारी नौकरी की ओर युवाओं का झुकाव

छात्रों को मांग के हिसाब से पाकिस्तानी सरकार उन्हें कुशल नहीं बना पा रही है. व्यावसायिक प्रशिक्षण भी सीमित है, तो दूसरी ओर पढ़े-लिखे युवाओं का झुकाव सरकारी नौकरियों की ओर ज्यादा है. सरकारी नौकरी आबादी के लिहाज से बहुत कम हैं और इसमें कम्पटीशन भी तगड़ा है. कुछ को नौकरी मिलती है तो कइयों के हाथ खाली रह जाते हैं और इस तरह पढ़े-लिखे बेरोजगारों की तादाद में भी इजाफा हो रहा है.

2025 में बेरोजगारी दर बढ़कर करीब 8 प्रतिशत हो गई है, जिसमें कुल लेबर फोर्स 8 करोड़ 51 लाख 80 हजार और बेरोजगारों की संख्या 68 लाख 10 हजार है. रिपोर्ट कहती है कि रोजगार दर लगभग 52.2 प्रतिशत है, जो बताता है कि काम करने की उम्र वाली लगभग आधी आबादी या तो बेरोजगार है या अल्प-रोजगार (योग्यता के मुताबिक नौकरी न मिलना) की समस्या झेल रही है.

बाढ़ के असर ने छोटे बिजनेस और लोकल जॉब मार्केट तबाह

महंगाई, विदेशी मुद्रा संकट, 2022 और हाल ही में 2025 की बाढ़ के असर ने छोटे बिजनेस और लोकल जॉब मार्केट को तबाह कर दिया है. विश्व बैंक के आपदा-पश्चात आवश्यकता आकलन (पोस्ट-डिजास्टर नीड्स असेस्मेंट) में अरबों डॉलर के नुकसान और लाखों लोगों के दोबारा गरीबी में चले जाने की बात सामने आई. रिपोर्ट सोच समझकर नीति बनाने की सलाह देती है और आगाह करती है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ये युवाओं और मुल्क को लंबे समय तक आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं.

आर्टिकल बेरोजगारी से सिर्फ आर्थिक तौर पर नुकसान की बात नहीं करता, बल्कि इससे उभरने वाली बड़ी समस्याओं की ओर भी इशारा करता है. बेरोजगारी की मार और पैसों की कमी के चक्कर में हाशिये पर पड़े युवा जबरन पलायन को मजबूर होते हैं, फिर अपराधी बन जाते हैं या चरमपंथी नेटवर्क का हिस्सा बन देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं. निराशा और हताशा के रूप में दिखने वाला मनोवैज्ञानिक असर बहुत गहरा और नुकसानदायक होता है.

पाकिस्तान में युवाओं की तस्करी बंधुआ मजदूरी 

देश के कुछ पिछड़े इलाकों से युवाओं की तस्करी बंधुआ मजदूरी के लिए की जाती है. इतना ही नहीं, उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता है या सेक्स ट्रेड में धकेल दिया जाता है. बलूचिस्तान की कोयला खदानें इस शोषण का भयानक प्रतीक बन गई हैं, जहां बुनियादी सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण मजदूर मर जाते हैं. ये दुखद घटनाएं कभी-कभार ही मीडिया में रिपोर्ट की जाती हैं और ये युवाओं को बचाने में सिस्टम की पूर्ण विफलता को दर्शाती हैं.

अंत में ये खबर पाकिस्तान के हुक्मरानों की वजह से फेल होते समाज की बात करती है. रिपोर्ट कहती है कि कुछ मदरसे और सोशल मीडिया पर दीन-हीन जीवन जीने को मजबूर युवाओं को इज्जत और रूतबा देने का करार किया जाता है और फिर इनके हाथों में हथियार थमा दिए जाते हैं. हथियार लहराते युवा समाज में खौफ का प्रतीक बनते हैं और यही एक समाज के तौर पर हमें फेल करता है, क्योंकि पाकिस्तानी सिस्टम इन्हें वो मकसद नहीं दे पा रहा जो देश की तरक्की के लिए जरूरी है.

Sports News:चेन्नई सुपर किंग्स इन 4 खिलाड़ियों को रिलीज कर सकती है, जिसमें एक स्टार बल्लेबाज भी शामिल है।

इंडियन प्रीमियर लीग के अगले संस्करण से पहले दिसंबर में ऑक्शन होना है, इसके लिए सभी फ्रेंचाइजियों को अपने रिलीज़ और रिटेन प्लेयर्स की लिस्ट 15 नवंबर तक बोर्ड को सौंपनी है. अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 5 बार चैंपियन बना चुके एमएस धोनी का अगले सीजन में खेलना लगभग तय है. जानिए सीएसके किन 4 प्लेयर्स को ऑक्शन में अपने पर्स की वैल्यू बढ़ाने के लिए रिलीज कर सकती है.

अगले साल आईपीएल का 19वां संस्करण खेला जाना है. इससे पहले दिसंबर के मध्य (दूसरे या तीसरे हफ्ते में) में आईपीएल ऑक्शन हो सकता है. ये भारत से बाहर यूएई में कराने पर विचार चल रहा है. सभी फ्रेंचाइजियों के लिए 15 नवंबर अपने रिटेन और रिलीज़ किए गए प्लेयर्स की लिस्ट सौंपने की डेडलाइन है. यहां हम सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स टीम की बात कर रहे हैं कि ये फ्रेंचाइजी किन 4 प्लेयर्स को रिलीज कर सकती है.

दीपक हूडा

दीपक हूडा को सीएसके ने ऑक्शन में 1.7 करोड़ रुपये में खरीदा था. इससे पहले वह लखनऊ सुपर जायंट्स में थे, लेकिन सीएसके में पिछले संस्करण (2025) में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. 7 मैच खेले, जिसमें खेली 5 पारियों में 6.20 की एवरेज से कुल 31 रन बनाए. सीएसके उन्हें रिलीज कर सकती है ताकि वह अगले संस्करण के लिए किसी इम्पैक्टफुल बल्लेबाज को खरीद सके, जो उनके लिए मैच फिनिशर बन सके.

दीपक हूडा ने 2015 में अपना आईपीएल डेब्यू किया था, पहले सीजन राजस्थान रॉयल्स में खेलने के बाद वह हैदराबाद में फिर पंजाब और फिर लखनऊ में शामिल हुए. पिछले सीजन वह सीएसके में आए, उन्होंने आईपीएल में खेले 125 मैचों में 1496 रन बनाए हैं, इसमें 8 अर्धशतक शामिल हैं.

राहुल त्रिपाठी

राहुल को सीएसके ने पिछले संस्करण के लिए 3.40 करोड़ रुपये में खरीदा था, उन्हें टीम में कई क्रम पर खिलाया गया लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए. उन्होंने 5 पारियों में 11 की एवरेज से सिर्फ 55 रन बनाए. बाद में उन्हें प्लेइंग 11 से ही बाहर किया गया, उन्हें भी फ्रेंचाइजी रिलीज़ कर सकती है.

उनके आईपीएल प्रदर्शन की बात करें तो 2017 से खेल रहे राहुल त्रिपाठी 5 फ्रेंचाइजियों के लिए कुल 100 मैच खेल चुके हैं, इसमें उन्होंने 26.33 की एवरेज से 2291 रन बनाए हैं.

डेव्हन कॉनवे

चेन्नई सुपर किंग्स ने डेव्हन कॉनवे को पिछले सीजन के लिए 6.25 करोड़ रुपये में अपनी टीम का हिस्सा बनाया था, वह उससे पहले 2 सीजन में भी इसी टीम का हिस्सा थे. हालांकि पिछले संस्करण में शुरुआत के मैचों में सीएसके ने उनकी जगह रचिन रवींद्र को प्राथमिकता दी, लेकिन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने के बाद कॉनवे को खिलाया गया. उन्होंने 6 पारियों में 26 की औसत से 156 रन बनाए, इसमें 2 अर्धशतक शामिल रहे. ऑक्शन के लिए पर्स में अधिक रकम के लिए टीम उन्हें रिलीज़ कर सकती है.

विजय शंकर

आईपीएल के पिछले सीजन के लिए विजय शंकर को चेन्नई सुपर किंग्स ने 1.2 करोड़ रुपये में खरीदा था, शंकर ने 2025 में खेली 5 पारियों में 39.33 की एवरेज से 118 रन बनाए. हालांकि सीएसके के लिए उन्होंने गेंदबाजी नहीं की. सीएसके उन्हें रिलीज़ करने के बारे में सोच सकती है.

विजय शंकर के प्रदर्शन की बात करें तो आईपीएल में उन्होंने कुल 78 मैच खेले हैं, जिसमें खेली 65 पारियों में 1233 रन बनाए हैं. उनके नाम 9 विकेट भी हैं.

Sports News:RCB बिकने की तैयारी में, IPL 2026 से पहले विराट कोहली की टीम को मिलेगा नया मालिक!

इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण के लिए होने वाले ऑक्शन की तैयारी चल रही है, इस बीच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बिकने से जुड़ी एक नई खबर आई है. पिछले कुछ दिनों से इसकी खबर थी, लेकिन अब रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आरसीबी की बिक्री प्रक्रिया शुरू हो गई है. अगले सीजन से पहले ये प्रक्रिया खत्म हो जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक खुद फ्रेंचाइजी के मौजूदा मालिक डियाजियो (Diageo) ने इसका एलान किया है. 2008 से लीग का हिस्सा रही आरसीबी ने पिछले संस्करण (2025) अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था, ये विराट कोहली का भी पहला खिताब था जो पहले सीजन से इस टीम के लिए खेल रहे हैं.

आरसीबी की पुरुष टीम IPL और महिला टीम WPL में खेलती हैं. पिछले काफी समय से आरसीबी के बिकने की अटकलें थी, लेकिन अब खुद फ्रेंचाइजी के मालिक डियाजियो (Diageo) ने इसकी पुष्टि की है. क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार टीम की बिक्री की जानकारी खुद डियाजियो ने दी है.

रिपोर्ट के अनुसार बुधवार  को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दिए गए एक संदेश में, ब्रिटिश कंपनी ने इसे डियाजियो की भारतीय सहायक कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी, रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) में निवेश की ‘रणनीतिक समीक्षा’ बताया.

कंपनी ने अपने खुलासे में कहा, “USL अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी RCSPL में निवेश की रणनीतिक समीक्षा शुरू कर रही है. RCSPL के कारोबार में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फ्रेंचाइजी टीम का स्वामित्व शामिल है, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले पुरुष इंडियन प्रीमियर लीग और महिला प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेती है.”

बिक्री सौदे के करीब है डियाजियो

स्टॉक एक्सचेंज को लिखे अपने कवरिंग लेटर में, डियाजियो और यूएसएल ने खुलासा किया “उम्मीद है कि यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2026 तक पूरी हो जाएगी.” क्रिकबज की रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे मामलों से परिचित लोगों का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि यूएसएल/डियाजियो एक सौदे के करीब हैं और इसीलिए तारीख की घोषणा की गई है.

2008 में विजय माल्या ने खरीदी थी RCB टीम

इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत 2008 में हुई थी, तब बीसीसीआई ने शुरूआती में खेलने वाली 8 टीमों के लिए बोली लगाई थी. आरसीबी टीम की बोली विजय माल्या ने जीती थी, उन्होंने करीब 600 करोड़ रुपये में इस फ्रेंचाइजी को खरीदा था. यूनाइटेड स्पिरिट्स के मालिक तब विजय माल्या ही थे. 2014 में USL में 54 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी के साथ पूरा मालिकाना हक़ डियाजियो के पास आ गया था.