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इज़राइल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह ठिकानों पर बरसाए बम, IDF का बयान – नहीं बढ़ने देंगे उनकी शक्ति

इजरायल ने गुरुवार  को एक बार फिर लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए. इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक्स पर पोस्ट कर हिज्बुल्लाह के खिलाफ हवाई हमले की पुष्टि की.

हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल का हमला

आईडीएफ की ओर से साझा जानकारी के अनुसार उन्होंने हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया है. हिजबुल्लाह के इन ठिकानों को पिछले साल तबाह कर दिया गया था. हालांकि, फिर से इन्हीं ठिकानों का इस्तेमाल उपकरणों को बनाने के लिए किया जा रहा था. इजरायल का कहना है कि ऐसा करके सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है.

इजरायली मीडिया के अनुसार, हमास ने इजरायल के स्टाफ सार्जेंट इते चेन के अवशेषों वाला ताबूत शव मंगलवार (4 नवंबर 2025) रात को आईडीएफ को सौंप दिया था. वह गाजा पट्टी में अमेरिकी नागरिकता वाले अंतिम मृत बंधक थे.

‘हिज्बुल्लाह को ताकतवर नहीं बनने देंगे’

इजरायल सरकार के प्रवक्ता शोश बेडरोसियन ने गुरुवार को कहा, “हम हिजबुल्लाह को पुनः हथियारबंद होने, संगठित होने, इजरायल को धमकी देने के लिए अपनी ताकत बढ़ाने की अनुमति नहीं देंगे.” यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और उनकी सरकार बेरूत में बैठक कर रहे थे, ताकि देश में हिजबुल्लाह और अन्य गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों को निरस्त्र करने की योजना पर कार्रवाई की जा सके.

लेबनान के अधिकारियों को हिज्बुल्लाह का पत्र

दूसरी ओर हिज्बुल्लाह ने लेबनान के शीर्ष अधिकारियों को एक लेटर लिखा है. इस लेटर में हिज्बुल्लाह ने इजरायल के साथ वार्ता करने के बजाय युद्धविराम के नियमों का अनुसरण करने के लिए मजबूर करने का आग्रह किया है. हिज्बुल्लाह ने यह लेटर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष को लिखा है.

हिज्बुल्लाह ने कहा है कि हथियारों के एकाधिकार के संबंध में सरकार के जल्दबाजी में लिए गए फैसले ने इजरायल को स्थिति का फायदा उठाने का मौका दिया है. हथियारों के मुद्दे पर देश के अंदर चर्चा की जानी चाहिए. हथियारों को लेकर इजरायल या किसी अन्य विदेशी मांग के आगे नहीं झुकना चाहिए था.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जो सीजफायर प्लान पेश किया था, उसके तहत न केवल बंधकों और कैदियों की रिहाई बल्कि हथियार डालने की बात पर भी सहमति बनी थी. इस पूरे पीस प्लान में अहम मुद्दा हथियार डालना था. वहीं इजरायल का कहना है कि अगर इन समूहों की तरफ से हथियार नहीं हटाए गए, तो हमले फिर से शुरू हो जाएंगे.

Sports News:SRH 23 करोड़ के खिलाड़ी को करेगी रिलीज, IPL 2026 ऑक्शन से पहले दिग्गज की भविष्यवाणी ने सबको चौंकाया।

इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण (IPL 2026) के लिए ऑक्शन प्रक्रिया दिसंबर के मध्य में होने की संभावना है. फ्रेंचाइजियों के लिए अपने रिटेन और रिलीज़ किए गए प्लेयर्स की लिस्ट सबमिट कराने की डेडलाइन 15 नवंबर है, इस बीच खबर है कि सनराइजर्स हैदराबाद हेनरिक क्लासेन को रिलीज़ कर सकती है. ये चौंकाने वाला इसलिए भी होगा क्योंकि टीम ने उन्हें पिछले संस्करण में 23 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. हालांकि को भारत के पूर्व क्रिकेटर को नहीं लगता कि हैदराबाद क्लासेन को रिलीज़ करेगी.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि सनराइजर्स हैदराबाद हेनरिक क्लासेन को रिलीज़ करेगी, इसकी संभावना बहुत कम है. हालांकि पूर्व खिलाड़ी ने ये भी कहा कि पिछले कुछ सालों में आईपीएल में हमें अजीबोगरीब चीजें देखने को मिली हैं.

ऑक्शन से पहले सभी 10 टीमों के लिए अपने रिटेंशन खिलाड़ियों की घोषणा करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर होने की संभावना है. ऑक्शन अगले महीने (दिसंबर) दूसरे हफ्ते में हो सकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, सनराइजर्स हैदराबाद मैनेजमेंट ऑक्शन से पहले क्लासेन को रिलीज़ करने पर विचार कर रहा है. अपने YouTube चैनल पर बात करते हुए, चोपड़ा ने इस रिपोर्ट पर अपने विचार साझा किए और कहा कि शायद हैदराबाद क्लासेन को को रिलीज़ करने के लिए उत्सुक नहीं है.

आकाश चोपड़ा ने कहा, “हेनरिक क्लासेन को लेकर काफ़ी चर्चा हो रही है. ऐसी ख़बरें हैं कि सनराइजर्स हैदराबाद उन्हें रिलीज़ करने पर विचार कर सकता है क्योंकि इससे 23 करोड़ रुपये बचेंगे. मैं सोच रहा हूं, आप किसी खिलाड़ी को सिर्फ़ एक साल के लिए रखने के लिए 23 करोड़ रुपये में नहीं खरीदते. फिर, आप उसे रिलीज़ करके वापस खरीद लेते हैं. मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा. जहां तक मुझे पता है, कोई आरटीएम (Right To Match) भी नहीं होगा क्योंकि यह मिनी ऑक्शन होगा.”

आकाश चोपड़ा ने आगे कहा, “वे उसे क्यों छोड़ेंगे? मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक अफवाह है. मुझे नहीं लगता कि हेनरिक क्लासेन को इतनी आसानी से रिलीज़ करके नीलामी में भेजा जाएगा. लेकिन, पहले भी अजीबोगरीब चीज़ें हुई हैं, तो देखते हैं. हम इंतज़ार करेंगे और देखेंगे.”

शांति वार्ता शुरू होते ही पाकिस्तान ने तोड़ा संघर्षविराम, अफगानिस्तान पर दागे गोले और मोर्टार।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच गुरुवार  को चमन बॉर्डर पर फिर से गोलीबारी हुई. अफगानिस्तान की मीडिया ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना ने अफगान सेना पर गोलीबारी के अलावा मोर्टार भी दागे. ये झड़प ऐसे समय में हो रही है जब तुर्किए में दोनों देशों के प्रतिनिधि तीसरे दौर की वार्ता कर रहे हैं.

शांति वार्ता शुरू होते ही PAK ने दागे मोर्टार

तुर्किए में दोनों देश के बीच शांति वार्ता शुरू होते ही पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन कर दिया. चमन बॉर्डर क्रॉसिंग अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक को जोड़ती है. यहीं के लुकमान गांव में पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए अफगानिस्तान के सैन्य ठिकानों पर फायरिंग शुरू कर दी है. पाकिस्तानी सेना ने अफगान सेना पर हमले के अलावा गांव में स्थित एक शॉपिंग काम्प्लेक्स को भी निशाना बनाया है जिसके बाद पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.

पाकिस्तान ने रिहाइशी इलाकों को भी बनाया निशाना

दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे पर अंधाधुंध फायरिंग की. 19 अक्टूबर को दोनों देशों के बीच दोहा में हुई पहली दौर की बातचीत के बाद सीजफायर करने पर सहमति बनी थी. इसके बाद दूसरे दौर की वार्ता में सीजफायर को 6 नवंबर तक बढ़ाने पर सहमति बनी थी. अब तीसरे दौर की वार्ता शुरू होते ही पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए अफगानिस्तानी सेना और रिहाइशी इलाकों पर फिर से हमला कर दिया.

सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को लेकर दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच मतभेद इस कदर हावी रहा कि वार्ता का दूसरा दौर बिना किसी प्रगति के समाप्त हो गया.पाकिस्तान ने बार-बार तालिबान शासन पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) समूह का समर्थन करने का आरोप लगाता रहा और अफगानिस्तान से लिखित गारंटी मांगता रहा कि वह ऐसे समूहों को अफगान धरती पर सक्रिय होने से रोकेगा.

Travel Tips: उत्तराखंड में सिर्फ देवभूमि ही नहीं, ये 5 बड़े शहर भी छुपाए हैं अद्भुत संस्कृति और खूबसूरती।

जब भी देश के खूबसूरत पहाड़ी राज्यों में घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले उत्तराखंड का नाम लेते हैं। साल 2000 में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश से अलग होकर नया राज्य बना था। उत्तराखंड को कई लोग ‘देव भूमि’ के नाम से भी जाना जाता है। उत्तराखंड को दो प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है, कुमाऊं और गढ़वाल। जब भी उत्तराखंड में घूमने की बात होती है, तो कई लोग मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, औली या चकराता जैसी जगहों का नाम लेते हैं।

लेकिन क्या आप उत्तराखंड के 5 सबसे बड़े शहरों के बारे में जानते हैं और आप यहां पर भी घूमने के लिए पहुंच सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उत्तराखंड के 5 सबसे बड़े शहरों के बारे में बताने जा रहे हैं। जोकि बेहद शानदार और अद्भुत हैं।

देहरादून

बता दें कि उत्तराखंड के 5 सबसे बड़े शहरों में पहला नाम देहरादून शहर का आता है। यह उत्तराखंड की राजधानी होने के साथ एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। देहरादून को ‘दून घाटी’ के नाम से भी जाना जाता है। यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ ऐतिहासिक महत्व और कई खूबसूरत पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। इस शहर को शिक्षा का केंद्र भी माना जाता है, क्योंकि इस शहर में कई प्रतिष्ठित स्कूल और कॉलेज हैं।

मुख्य आकर्षण

टपकेश्वर मंदिर

मालसी डियर पार्क

सहस्त्रधारा

रॉबर्स गुफा

हरिद्वार

उत्तराखंड का दूसरा सबसे बड़ा शहर हरिद्वार है। गंगा नदी के तट पर स्थित हरिद्वार भारत के पवित्र और आध्यात्मिक शहरों में से एक है। यह शहर हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला पूरी दुनिया में फेमस है। हरिद्वार में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं। हरिद्वार शहर गंगा आरती के लिए फेमस मानी जाती है।

मुख्य आकर्षण

हर की पौड़ी

मनसा देवी मंदिर

चंडी देवी मंदिर

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान

हल्द्वानी

हल्द्वानी उत्तराखंड का तीसरा सबसे बड़ा शहर माना जाता है। हल्द्वानी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक और खूबसूरत शहर है। यह शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत और शुद्ध वातावरण के लिए जाना जाता है। काठगोदाम से लेकर गौला बांध तक हल्द्वानी फैला हुआ है। इसके अलावा इस शहर को कुमाऊं क्षेत्र का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। हल्द्वानी से नैनीताल की दूरी करीब 43 किमी है।

मुख्य आकर्षण

शीतला देवी मंदिर

गौला बांध

हिडिंबा पर्वत

कालीचौड़ मंदिर

रुड़की

रुकड़ी शहर को उत्तराखंड का चौथा सबसे बड़ा शहर माना जाता है। यह शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ आई आई टी रुकड़ी के लिए सबसे ज्यादा फेमस है। यह उत्तराखंड का एक ऐसा शहर है, जोकि दो नदियों गंगा और यमुना नदी के बीच स्थित है। रुकड़ी खूबसरत शहर होने के साथ ही अपने फेमस पर्यटन स्थलों के लिए भी जाना जाता है।

मुख्य आकर्षण

क्रिस्टल वर्ल्ड

पिरान कलियार शरीफ

सोलानी पार्क

अपर गंगा कैनाल

रुद्रपुर

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में स्थित रुद्रपुर राज्य का 5वां सबसे बड़ा शहर है। वहीं यह शहर कुमाऊं मंडल का दूसरा सबसे बड़ा शहर माना जाता है। माना जाता है कि इस खूबसूरत शहर का निर्माण राजा रुद्र चंद ने किया था। इस खूबसूरत शहर को कुमाऊं का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। रुद्रपुर अपनी खूबसूरती के अलावा आध्यात्मिकता, मृद्ध इतिहास और स्थानीय परंपरा के लिए फेमस है।

मुख्य आकर्षण

मोटेश्वर महादेव मंदिर

अटरिया मंदिर

लेक पैराडाइज

जोहरान ममदानी की जीत के बाद बोले, ‘न्यूयॉर्क चुनाव के नतीजों से रिपब्लिकंस को सबक लेना चाहिए’।

अमेरिका में तीन अहम चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक हिदायत दी है. उनकी हिदायत में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में जोहरान ममदानी की जीत भी शामिल है.

विवेक रामास्वामी ने बुधवार  को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसके कैप्शन में रामास्वामी ने लिखा, ‘आज रात के सबक, बिना किसी लाम-लपेट के. (Lessons from Tonight, no sugar coating.)’

उन्होंने कहा, ‘हम न्यू जर्सी, वर्जीनिया और न्यूयॉर्क सिटी, तीनों जगह बुरी तरह से हार गए. डेमोक्रेट्स ने तीनों जगह जीत दर्ज की. इन नतीजों से रिपब्लिकन पार्टी को दो अहम सबक लेने चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘रिपब्लिकन ध्यान से सुनें, इन चुनावों से दो मुख्य सबक हैं.’

विवेक रामास्वामी ने रिपब्लिकन नेताओं को समझाए सबक

उन्होंने कहा, ‘पहला सबक यह है कि पार्टी को महंगाई और जीवनयापन की लागत पर ध्यान देना चाहिए. सबसे पहले, हमारी पार्टी को किफायती जीवन पर फोकस करना चाहिए. अमेरिकियों के सपने को फिर से सस्ता बनाना चाहिए. बिजली, राशन, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास की लागत घटाने पर काम करना चाहिए और यह स्पष्ट बताना चाहिए कि हम यह कैसे करेंगे.’

Lessons from tonight, no sugar coating. pic.twitter.com/CMZCIH4g2O

— Vivek Ramaswamy (@VivekGRamaswamy) November 5, 2025

उन्होंने कहा कि दूसरा सबक पहचान की राजनीति (आइडेंटिटी पॉलिटिक्स) से जुड़ा है. रामास्वामी ने रिपब्लिकन नेताओं से अपील की कि वे इस तरह की राजनीति से दूर रहें और साझा मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने कहा, “दूसरा सबक, आइडेंटिटी पॉलिटिक्स को पूरी तरह खत्म करें. यह रिपब्लिकन पार्टी के लिए नहीं है. यह वोक लेफ्ट का खेल है, हमारा नहीं. हमें आपकी स्कीन के रंग या धर्म की परवाह नहीं है, हमें आपके चरित्र की गहराई की परवाह है. यही हमारी पहचान है.’

तेजी से वायरल हो गया विवेक रामास्वामी का वीडियो पोस्ट

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के चुनाव के बाद विवेक रामास्वामी का यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में इसे 20 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. विवेक के इस वीडियो ने इंटरनेट पर बहस को भी छेड़ दिया, जहां कई लोगों ने महंगाई और आइडेंटिटी पॉलिटिक्स पर उनके विचारों से सहमति जताई.