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Sports News:मुंबई इंडियंस से अलग होंगे अर्जुन तेंदुलकर, IPL 2026 ऑक्शन से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ हो सकती है ट्रेड डील

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को मुंबई इंडियंस ने पिछले संस्करण के लिए हुए मेगा ऑक्शन में उनके बेस प्राइस में खरीदा था. हालांकि अर्जुन 2025 में एक भी मैच नहीं खेले, अब IPL 2026 से पहले दिसंबर में मिनी ऑक्शन होने जा रहा है. 15 नवंबर को रिटेंशन लिस्ट जारी होगी और साफ़ होगा कि किस फ्रेंचाइजी ने किस प्लेयर को रिटेन और रिलीज़ किया. इस बीच बड़ी खबर आ रही है कि मुंबई अर्जुन तेंदुलकर का साथ छोड़ सकती है.

अर्जुन तेंदुलकर की जगह किस प्लेयर को लेगी मुंबई इंडियंस?

रिपोर्ट के अनुसार अर्जुन तेंदुलकर और शार्दुल ठाकुर को लेकर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच बातचीत चल रही है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दोनों की अदला बदली हो सकती है, हालांकि ये पूरी तरह से कैश ट्रांसफर हो सकता है.

आईपीएल ट्रेड नियम के अनुसार बीसीसीआई ही किसी भी ट्रांसफर की आधिकारिक घोषणा कर सकता है, इसलिए शायद दोनों फ्रेंचाइजियां कुछ बोलना नहीं चाहती. मुंबई क्रिकेट से जुड़े एक सूत्र ने क्रिकबज को पुष्टि की है कि इन दोनों के बीच ट्रेड होने की संभावना है. इसकी घोषणा कुछ दिनों में हो सकती है.

पिछले सीजन कैसा था शार्दुल ठाकुर का प्रदर्शन

शार्दुल ठाकुर पिछले साल हुए मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहे थे, जिसके बाद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 2 करोड़ रुपये में रिप्लेसमेंट के तौर पर अपने स्क्वाड का हिस्सा बनाया था. ठाकुर ने 2025 संस्करण में कुल 10 मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 13 विकेट चटकाए थे. ठाकुर अच्छी बल्लेबाजी भी करते हैं, हालांकि पिछले संस्करण में उन्होंने बल्ले से कोई ख़ास योगदान नहीं दिया था.

वहीं अर्जुन तेंदुलकर की बात करें तो पिछले संस्करण में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. पहले सीजन (2023) से अर्जुन मुंबई के साथ हैं, लेकिन कुछ ख़ास प्रभाव नहीं छोड़ पाए. 2023 में अर्जुन ने 4 मैच खेले थे, जिसमें कुल 3 विकेट लिए. 2024 में उन्हें सिर्फ 1 ही मैच खेलने को मिला, जिसमें वह कोई विकेट नहीं ले पाए थे.

Sports News:टीम इंडिया को तगड़ा झटका, भारत-दक्षिण अफ्रीका पहले टेस्ट से बाहर हुआ स्टार ऑलराउंडर; कोच ने दी अहम जानकारी

भारत बनाम साउथ अफ्रीका पहला टेस्ट 14 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला जाएगा. इससे पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है, स्टार ऑलराउंडर पहले टेस्ट से बाहर हो गया है. टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने खुलासा किया है कोलकाता में ध्रुव जुरेल का खेलना तय है. हालांकि ऋषभ पंत भी प्लेइंग 11 में रहेंगे, जो इंग्लैंड में चोटिल होने के बाद अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलेंगे.

रयान टेन डोशेट ने पुष्टि की है कि ऋषभ पंत के साथ ध्रुव जुरेल भी साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला टेस्ट खेलेंगे. जुरेल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था, उन्होंने पिछले हफ्ते साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट की दोनों पारियों में नाबाद शतकीय (132, 127) पारी खेली थी. वह शानदार फॉर्म में हैं.

पहले टेस्ट से बाहर हुए नितीश कुमार रेड्डी?

नितीश कुमार रेड्डी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल हुए थे, उनकी फिटनेस को लेकर सवाल थे. हालांकि वह टेस्ट स्क्वाड का हिस्सा हैं, लेकिन सहायक कोच ने कहा कि जुरेल का खेलना तय हैं इसलिए नितीश पहला टेस्ट नहीं खेल पाएंगे. वहीं एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नितीश को पहले टेस्ट के लिए स्क्वाड से ही अलग किया जा सकता है, वह डोमेस्टिक खेल सकते हैं.

पहले टेस्ट के लिए भारत की संभावित प्लेइंग 11

केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह.

26 सालों से भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीता साउथ अफ्रीका

साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम ने भारत में अपनी पहली और आखिरी टेस्ट सीरीज 1999 में जीती थी. इसके बाद 5 बार टीम भारत टेस्ट सीरीज खेलने आई, लेकिन कभी जीत नहीं पाई.

टेस्ट में हेड टू हेड की बात करें तो दोनों के बीच कुल 44 मैच हुए हैं. 18 बार टीम इंडिया और 10 बार साउथ अफ्रीका टीम जीती है. 10 मैच ड्रा पर समाप्त हुए हैं.

भारत बनाम साउथ अफ्रीका पहले टेस्ट का शेड्यूल

    • तारीख: 14 से 18 नवंबर, 2025
    • वेन्यू: ईडन गार्डन्स स्टेडियम, कोलकाता
    • समय: सुबह 9:30 बजे से
    • लाइव प्रसारण: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क
    • लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप/वेबसाइट.

Health Tips:“खराब अंडा खाने से पेट के अंदर सड़न शुरू, जानें यह कितना नुकसान पहुंचा सकता है?”

अंडा हमारे रोजाना के खाने का अहम हिस्सा होता है. सुबह के नाश्ते से लेकर डाइट प्लान तक अंडे को हेल्दी प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर अंडा खराब हो जाए और आप उसे गलती से भी खा ले तो यह हेल्दी फूड आपके लिए कितना खतरनाक बन सकता है. दरअसल खराब अंडा खाने से पेट में इन्फेक्शन, उल्टी, दस्त और यहां तक कि फूड प्वाइजनिंग तक हो सकती है. वहीं खराब अंडा खाने से आपका पेट अंदर से सड़ने तक लग जाता है. इसलिए जरूरी है कि अंडा खाने से पहले उसकी ताजगी जरूर चेक करनी चाहिए. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि खराब अंडा खाने से अंदर से पेट कैसे सड़ने लगता है और यह खराब अंडे कितना नुकसान कर सकते हैं.

खराब अंडा खाने से क्या होता है असर?

खराब अंडे में साल्मोनेला बैक्टीरिया पनप सकता है जो शरीर में जाकर संक्रमण फैलता है. इसे साल्मोनेला बैक्टीरिया कहा जाता है. यह बैक्टीरिया पेट की आंतों में सूजन पैदा करता है, जिससे खाने का पाचन रुक जाता है और पेट में गैस, जलन और दर्द बढ़ने लगता है. ऐसे में अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह इन्फेक्शन खून तक पहुंच सकता है. वहीं कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.

ऐसे पहचानें अंडा खराब है या नहीं

    • गंध से पहचानें- अगर अंडा फोड़ते ही उसमें सड़ी या बदबूदार महक आए तो समझ जाए कि वह अंडा खराब है ‌.
    • पानी टेस्ट करें- आप अंडे की पहचान का टेस्ट पानी से भी कर सकते हैं. इसके लिए कटोरे में पानी भरें और उसमें अंडा डालें. अगर अंडा नीचे बैठ जाए तो वह ताजा है और अगर ऊपर तैरने लगे तो समझ जाए कि वह खराब हो चुका है.
    • रंग और बनावट चेक करें- अगर अंडे की सफेदी बहुत पतली हो या पीला दाग लगा हुआ हो और वह टेस्ट में भी फिका लगे तो उसे तुरंत फेंक दें. क्योंकि ऐसे अंडे खराब हो जाते हैं.
    • छिलका चेक करें- अंडा खराब है या नहीं यह जांचने के लिए आप अंडे के छिलके को भी चेक कर सकते हैं. दरअसल फटा हुआ, चिपचिपा या फफूंदीदार अंडा खाने लायक नहीं होता है. वह खराब होता है.

अंडे को खराब होने से कैसे बचाएं?

अंडे को खराब होने से रोकने का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है कि खरीदते वक्त अंडे का कार्टन खोलकर चेक करें. अगर उसमें कोई दरार या गंदगी नजर आए तो वह अंडा न खरीदें. वहीं घर पर भी अंडों को तुरंत रेफ्रिजरेटर में रखें. आप अंडों की एक्सपायरी डेट देखकर ही उनका इस्तेमाल करें.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

“धर्मेंद्र ने कहा, ‘रेखा सोनी कुड़ी है जी’, एक्ट्रेस को बताया ‘परिवार की लाडली’”

बॉलीवुड के चार्मिंग सुपरस्टार रहे धर्मेंद ना सिर्फ अपनी फिल्मों बल्कि दोस्ती-यारी को लेकर भी इंडस्ट्री में खूब सुर्खियां बटोरते हैं. बी-टाउन में कई ऐसे स्टार्स हैं. जिनके साथ धर्मेंद्र की गहरी दोस्ती रही है. इसमें से एक अमिताभ बच्चन भी हैं. वहीं एक बार एक्टर ने एवरग्रीन एक्ट्रेस रेखा संग उनका रिश्ता कैसा इसका भी जिक्र किया था. जानिए वो क्यो बोले थे….

रेखा संग कैसा है धर्मेंद्र का रिश्ता?

धर्मेंद्र जब आपकी अदालत में पहुंचे थे. तब उन्होंने अपने दिलचस्प किस्सों के साथ स्टार्स के साथ दोस्ती पर भी बात की थी. रेखा को लेकर एक्टर ने कहा था, ‘ वो मेरी अच्छी दोस्त रही हैं और देओल परिवार की लाडली हैं. दोस्ती जब एक दफा हो जाती है तो किसी भी मुकाम पे मिलो दोस्त, दोस्त बनकर ही मिलता है. कोई उसमें कोई दर्जा नहीं रहता है. मैंने ये मुकाम बना लिया है अपना इंडस्ट्री में. लोग मुझे जो आज से 10-20 साल पहले मिलते थे, आज भी वही मिलते हैं क्योंकि मेरी दोस्ती स्पॉटबॉय से लेके प्रोड्यूसर तक थी. मेरा व्यवहार सबसे साथ एक जैसा था.’

रेखा ने खुद को बहुत अच्छे से मेंटेन किया है – धर्मेंद्र

एक्टर ने आगे कहा था, ‘रेखा बड़ी सोनी कुड़ी है जी. उसने अपने आपको बहुत मेंटेन किया है अच्छी तरह से. आप देखिए अभी भी कैसे रहती हैं. मैं भी उनके साथ लगा रहता हूं कि मैं भी वैसे ही रहूं. आपको भी यही फील होता होगा हमेशा कि हम अच्छे लगे. हमारी चाल अच्छी हो, हमारा किरदार अच्छा हो. ये ह्यूमन नेचर है तो बदलती नहीं है किसी की भी और अच्छी बात है इसी को लेके आदमी अपने आप को मेंटेन भी करता है.’

अस्पताल में भर्ती हैं धर्मेंद्र

बता दें कि दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र इस वक्त मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं. जहां उनकी लगातार मॉनिटरिंग चल रही है. एक्टर की पूरी फैमिली ऐसे वक्त में उनके साथ खड़ी है. अस्पताल में उनसे मिलने हेमा मालिनी, ईशा देओल, बॉबी देओल, सनी देओल और अभय देओल आज पहुंचे थे.

Health Tips:“वज़न कम करना या फैट घटाना… ब्लड शुगर मरीजों के लिए कौन सा तरीका है सही?”

आजकल लोग हेल्दी रहने और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए सबसे पहले वजन घटाने की सलाह देते हैं.  हर कोई यही सोचता है कि अगर वजन कम हो गया तो डायबिटीज का खतरा भी कम हो जाएगा. लेकिन सच यह होता है कि वेट लॉस और फैट लॉस दोनों एक जैसी चीज नहीं होती है. कई बार वजन तो घट जाता है लेकिन शरीर के अंदर मौजूद फैट नहीं घटता और यही कारण है कि ब्लड शुगर और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर असर नहीं पड़ता है.

दरअसल वजन घटाने से शरीर का नंबर यानी स्केल पर दिखने वाला आंकड़ा तो कम हो सकता है, लेकिन असली सुधार तब होता है जब शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा फैट खासकर पेट और लिवर के आसपास जमा विसरल फैट घटता है. यही फैट इन्सुलिन रेजिस्टेंस की बड़ी वजह बनता है. जिसका मतलब है कि अगर आप ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे हैं तो सिर्फ वजन घटाने की बजाई फैट लॉस पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद होता है.

वेट लॉस का मतलब फैट लॉस नहीं

जब लोग डाइटिंग शुरू करते हैं या एक्सरसाइज करते हैं तो जल्दी वजन घटने लगता है. लेकिन शुरुआती दिनों में जो वजन कम होता है, वह ज्यादातर पानी ग्लाइकोजन और कभी-कभी मसल्स लॉस की वजह से होता है. रिसर्च के अनुसार अगर वजन कम करते समय मसल्स भी घट जाए तो इसका ब्लड शुगर कंट्रोल पर नेगेटिव असर पड़ सकता है. क्योंकि मसल्स ही ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने का सबसे अहम जरिया मानी जाती है. जिसका मतलब है कि वजन घटने के बावजूद मेटाबॉलिक हेल्थ नहीं सुधर पाती है.

फैट लॉस से कैसे सुधरती है इंसुलिन सेंसिटिविटी?

फैट लॉस का मतलब शरीर में मौजूद फैट टिश्यू खासकर पेट और लिवर के आसपास जमा विसरल फैट को घटना होता है. यही फैट इन्सुलिन रेजिस्टेंस की जड़ में होता है. जब यह फैट कम होता है तो शरीर में सूजन घटती है और इंसुलिन पर असर करने वाले फैटी एसिड्स भी कम हो जाते हैं. एक रिसर्च में यह सामने आया है कि शरीर की कुल फैट मात्रा में सिर्फ 10 प्रतिशत की कमी से इन्सुलिन सेंसटिविटी करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, भले ही कुल वजन में बहुत बदलाव न आए. वहीं शरीर में जमा हर फैट एक जैसा नहीं होता है. स्किन के नीचे जमा सबक्यूटेनियस फैट कम नुकसानदायक होता है. लेकिन अंगों के आसपास जमा विसरल फैट सबसे ज्यादा खतरनाक होता है. यही फैट लिवर पैंक्रियाज और आंतों के आसपास जमा होकर ब्लड शुगर को बढ़ाता है. लिवर में जमा फैट इतना खतरनाक होता है कि यह शरीर में ग्लूकोज रिलीज करता है. भले ही ब्लड शुगर पहले से हाई हो. यही वजह है कि कई बार लोग जिन लोगों का वजन सामान्य दिखता है वह भी डायबिटीज का शिकार हो जाते हैं. इसे मेटाबॉलिकली ओबेस नॉर्मल वेट कहा जाता है.

क्या बिना ज्यादा वजन घटाएं फैट घटाना मुमकिन है?

दरअसल बिना ज्यादा वजन घटाएं फैट घटाना मुमकिन है और यही तरीका हेल्दी भी माना जाता है. कई लोग फैट घटाते हुए मसल्स को बनाए रखते हैं. इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार आता है और मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर होती है. भले ही स्केल पर ज्यादा वजन ना बदले. एक रिसर्च के अनुसार जो लोग रेजिस्टेंस ट्रेनिंग को डाइटिंग के साथ जोड़ते हैं उनका ब्लड शुगर कंट्रोल सिर्फ डाइटिंग करने वालों की तुलना में ज्यादा अच्छा होता है. इसकी वजह यह मानी जाती है कि मसल्स ग्लूकोज को अवशोषित कर उसे एनर्जी में बदलने का काम करते हैं.

फैट लॉस के लिए असरदार तरीके

    • फैट लॉस करने के लिए रेजिस्टेंस और एरोबिक ट्रेनिंग करें, जिससे मसल्स भी बने रहेंगे और फैट बर्न होगा.
    • इसके अलावा फैट लॉस के लिए प्रोटीन युक्त भोजन लें, ताकि मसल्स लॉस न हो.
    • वहीं फाइबर हेल्दी फैट और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें.
    • फैट लॉस के लिए पूरी नींद लें, क्योंकि नींद की कमी इन्सुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाती है.
    • फैट लॉस के लिए फास्ट डाइट या एक्सट्रीम डिटॉक्स प्लान से बचना भी ज्यादा सही माना जाता है. ‌

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.