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Sports News:मैक्सवेल बाहर, क्लासेन हुए टीम में शामिल, और KKR की कप्तानी को लेकर बड़ा अपडेट—IPL 2026 रिटेंशन लिस्ट पर बड़ा खुलासा सामने आया है।

IPL 2026 के लिए रिटेंशन लिस्ट जारी करने की आखिरी तारीख 15 नवंबर है. कल शाम 5 बजे तक सभी टीमों को अपनी-अपनी रिटेंशन लिस्ट जमा करनी होगी. उससे पहले खबर है कि पंजाब किंग्स अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ग्लेन मैक्सवेल को रिलीज कर सकती है, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद हेनरिक क्लासेन पर एक बार फिर भरोसा दिखा सकती है. इसी बीच क्रिकबज की रिपोर्ट अनुसार अजिंक्य रहाणे IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान बने रह सकते हैं.

ग्लेन मैक्सवेल OUT, क्लासेन IN

मेगा ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने दक्षिण अफ्रीकी विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन को 23 करोड़ में रिटेन किया था. क्रिकबज की रिपोर्ट अनुसार क्लासेन को रिलीज किए जाने का कोई संकेत नहीं मिला है. वो अगले सीजन SRH में बने रहेंगे. क्लासेन ने IPL 2025 में हैदराबाद के लिए 14 मैचों में 487 रन बनाए थे.

दूसरी ओर ग्लेन मैक्सवेल ने पिछले सीजन पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए 7 मैचों में सिर्फ 48 रन बनाए थे. इसी रिपोर्ट में दावा किया गया कि मैक्सवेल का रिलीज होना तय लग रहा है. पिछले सीजन मिचेल ओवेन को मैक्सवेल के रिप्लेसमेंट के तौर पर लाया गया था, उन्हें भी पंजाब किंग्स से रिटेंशन मिलने की उम्मीद कम है.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लेकर भी अपडेट है कि लियाम लिविंगस्टोन, रसिख डार सलाम और मयंक अगरवाल भी रिलीज किए जा सकते हैं. मुंबई इंडियंस विल जैक्स को रिलीज कर सकती है. ये वही विल जैक्स हैं, जिन्हें नीलामी में खरीदने के बाद आकाश अंबानी RCB टीम मैनेजमेंट से हाथ मिलाने पहुंच गए थे.

KKR का कप्तान कौन?

कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी पिछले सीजन अजिंक्य रहाणे ने की थी. KKR टीम ने दिल्ली कैपिटल्स के साथ केएल राहुल को ट्रेड करने का प्रयास किया था, लेकिन वो डील किसी कारणवश पूरी नहीं हो पाई. अगर राहुल केकेआर में आते, तो संभवतः कप्तानी उन्हें मिलने वाली थी. फिलहाल रहाणे कप्तान बने रह सकते हैं.

Vitamin B12 Deficiency: क्या विटामिन B12 की कमी याददाश्त को कमजोर कर सकती है? जानें इससे जुड़ी और कौन-कौन सी समस्याएँ हो सकती हैं।

भूलने की समस्या और सोचने की गति धीमी पड़ना अक्सर उम्र, तनाव या काम के दबाव का असर माना जाता है, लेकिन कई बार इसकी असली वजह विटामिन B12 की कमी होती है. दिमाग और नसों की सेहत के लिए जरूरी यह पोषक तत्व खासकर बुजुर्गों, शाकाहारी लोगों और कुछ मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे मरीजों में कम पाया जाता है. अगर इसे समय रहते पहचान लिया जाए, तो याददाश्त कमजोर होने और सोचने की क्षमता घटने जैसी बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है.

साइंटफिक स्टडी में लगातार सामने आया है कि उम्र या तनाव के साथ-साथ पोषण की कमी भी दिमाग के कामकाज पर असर डालती है. इनमें सबसे ज्यादा ध्यान विटामिन B12 की कमी पर दिया जा रहा है. यह पानी में घुलने वाला विटामिन है, जिसे ज्यादातर हम मांस, मछली, अंडे और डेयरी उत्पादों से प्राप्त करते हैं. यह दिमाग की सेल्स को सुरक्षित रखने, नर्व सिग्नल सही तरह से पहुंचाने और शरीर में होमोसिस्टीन के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है. जब शरीर में B12 की कमी होती है, तो ये सभी प्रक्रियाएं गड़बड़ा जाती हैं और नतीजतन याददाश्त कमजोर होना, सोचने में समय लगना और ध्यान कम होना जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं.

विटामिन B12 दिमाग पर कैसे असर डालता है?

विटामिन B12 दिमाग और नर्वस सिस्टम को कई तरीकों से सपोर्ट करता है. इसका एक सक्रिय रूप मिथाइलकोबालामिन शरीर में होमोसिस्टीन को मेथिओनिन में बदलने में मदद करता है. यह प्रक्रिया DNA बनाने और न्यूरोट्रांसमीटर तैयार करने में जरूरी है. जब B12 कम होता है, तो होमोसिस्टीन बढ़ने लगता है, जिससे दिमाग की सेल्स और नुकसान झेलती हैं. इससे याददाश्त, सीखने की क्षमता और ध्यान पर असर पड़ता है. कई रिसर्च बताते हैं कि बढ़ा हुआ होमोसिस्टीन हिप्पोकैम्पस और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में बदलाव ला सकता है, जो दिमाग के वे हिस्से हैं जो याद रखने और सोचने का काम संभालते हैं.

विटामिन B12 का दूसरा रूप एडेनोसिलकोबालामिन ऊर्जा निर्माण और माइलिन शीथ, जो नसों को सुरक्षित रखने वाली परत है. उसको मजबूत बनाए रखने में मदद करता है. इसकी कमी से नसों में सिग्नल धीमे हो जाते हैं, जिससे भूलने की आदत, ध्यान में कमी और सोचने की क्षमता में गिरावट दिखाई देती है. कई मामलों में लंबे समय तक कमी बनी रहने पर डिमेंशिया का खतरा भी बढ़ सकता है.

कौन लोग B12 की कमी से ज्यादा प्रभावित होते हैं?

    • बुजुर्गों में अक्सर पेट के एसिड की मात्रा कम हो जाती है, जिससे भोजन से B12 ठीक से एवजोर्व नहीं हो पाता.
    • शाकाहारी और वीगन लोग भी जोखिम में होते हैं क्योंकि पौधों में प्राकृतिक रूप से B12 मौजूद नहीं होता.
    • पाचन तंत्र संबंधी समस्याएं, जैसे सेलिएक, क्रोहन रोग, पर्निशियस एनीमिया या आंतों की सर्जरी भी अब्जोर्वेशन को प्रभावित करती हैं.
    • लंबे समय तक मेटफॉर्मिन या एसिडिटी की दवाएं लेने पर भी B12 का स्तर घट सकता है.
    • डायबिटीज, किडनी संबंधी समस्याएं और प्रदूषण जैसे पर्यावरणीय कारण भी जोखिम बढ़ाते हैं.

यानी B12 की कमी अक्सर एक ही वजह से नहीं, बल्कि कई वजहों के मिलकर होने से सामने आती है.

B12 की कमी के शुरुआती संकेत कैसे पहचानें?

शुरुआत में बहुत हल्के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे चीजें भूलना, ध्यान न लगना, सोचने की गति धीमी पड़ना या समस्या हल करने में दिक्कत. इसके साथ ही चिड़चिड़ापन, उदासी या चिंता जैसे मूड में बदलाव भी हो सकते हैं.

इसकी रोकथाम कैसे करें?

B12 से भरपूर आहार लें. मांस, मछली, अंडे और डेयरी में यह खूब मिलता है. शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड फूड या सप्लीमेंट लें.

जरूरत पड़े तो सप्लीमेंट लें, गोली, ड्रॉप या इंजेक्शन किसी भी रूप में लिया जा सकता है.

रिस्क ग्रुप की जांच जरूरी, बुजुर्ग, पाचन रोग वाले मरीज और लंबे समय से दवाएं ले रहे लोग समय-समय पर जांच कराएं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sports News:IPL 2026 की तैयारी में टीमों के संभावित रिलीज़ खिलाड़ियों की लिस्ट चर्चा में है, जिसमें MI और CSK के बड़े नामों को भी हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है!

IPL 2026 के लिए टीमों को कल हर हाल में अपनी-अपनी रिटेंशन लिस्ट जारी करनी होगी. संजू सैमसन से लेकर रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी के ट्रेड की खबरों ने पिछले दिनों इंटरनेट पर बवाल मचाया हुआ है. मुंबई इंडियंस तो शेरफान रदरफोर्ड और शार्दुल ठाकुर को क्रमशः गुजरात टाइटंस और LSG से ट्रेड भी कर चुकी है.

मेगा ऑक्शन में 23.75 करोड़ में बिके वेंकटेश अय्यर से लेकर लियाम लिविंगस्टोन और डेवोन कॉनवे के रिलीज होने की अटकलें चरम पर हैं. यहां जान लीजिए कि IPL 2026 के लिए सभी टीम किन खिलाड़ियों को रिलीज कर सकती हैं. बताते चलें कि इस बार एक टीम कितने भी खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है, उसी हिसाब से रिलीज हुए खिलाड़ियों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है. हालांकि स्क्वाड में 18-25 खिलाड़ियों की लिमिट सेट है. वहीं सभी खिलाड़ियों पर टीम द्वारा खर्च किया गया पैसा 120 करोड़ या उससे कम ही होना चाहिए.

सभी टीमों की संभावित रिलीज लिस्ट:

चेन्नई सुपर किंग्स- राहुल त्रिपाठी, विजय शंकर, डेवोन कॉनवे, दीपक हुड्डा, श्रेयस गोपाल, नाथन एलिस, मुकेश चौधरी, शेख रशीद

गुजरात टाइटंस- जयंत यादव, दासुन शनाका, करीम जन्नत, मानव सुथर, कुलवंत खेजरोलिया, कुमार कुशाग्र, गुरनूर ब्राड़

कोलकाता नाइट राइडर्स- क्विंटन डी कॉक, वेंकटेश अय्यर, एनरिक नॉर्टजे, मोईन अली, स्पेन्सर जॉनसन, मनीष पांडे, चेतन सकारिया

मुंबई इंडियंस- रीस टॉपली, कर्ण शर्मा, लिजाद विलियम्स, रघु शर्मा, सत्यनारायण राजू, लिजाद विलियम्स

दिल्ली कैपिटल्स- टी नटराजन, जेक फ्रेजर मैकगर्क, हैरी ब्रूक, डोनोवन फरेरा, दुशमंता चामीरा

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, टिम सीफर्ट, स्वप्निल सिंह, अभिनंदन सिंह, मोहित राठी

सनराइजर्स हैदराबाद- मोहम्मद शमी, अभिनव मनोहर, सचिन बेबी, राहुल चाहर, वियान मुल्डर

राजस्थान रॉयल्स- शिमरोन हेटमायर, तुषार देशपांडे, नितीश राणा, क्वेना मफाका, आकाश मधवाल, नांद्रे बर्गर, महीश तीक्षणा, वानिंदु हसरंगा, फजलहक फारूकी

पंजाब किंग्स- ग्लेन मैक्सवेल, अजमतुल्लाह ओमरजई, आरोन हार्डी, जेवियर बार्टलेट, काइल जैमीसन, प्रवीण दुबे, हरनूर पन्नू

लखनऊ सुपर जायंट्स- शमार जोसेफ, अर्शिन कुलकर्णी, मोहसिन खान, आर्यन जुयाल, मयंक यादव, मैथ्यू ब्रीत्जके

पाकिस्तान में 27वें संविधान संशोधन पर मुहर लगते ही सुप्रीम कोर्ट के दो सीनियर जजों ने विरोध जताते हुए अपने पद छोड़ दिए।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के 2 सीनियर जजों ने गुरुवार को 27वें संवैधानिक संशोधन के विरोध में इस्तीफा दे दिया. उनका आरोप है कि ये संशोधन पाकिस्तान के संविधान को कमजोर करता है और ज्यूडिशियरी की आजादी को खत्म करने वाला है. बता दें कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के विवादास्पद 27वें संविधान संशोधन को मंजूरी दिए जाने के महज कुछ ही घंटों बाद जस्टिस मंसूर अली शाह और अतहर मिनल्लाह ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया.

ये संशोधन पाकिस्तानी संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के बाद कानून बनाने की दिशा में अंतिम कदम था. संशोधित कानून के तहत पाकिस्तान में एक संघीय संवैधानिक अदालत (Federal Constitutional Court) का गठन होगा, जो संवैधानिक मामलों की सुनवाई करेगी. मौजूदा सुप्रीम कोर्ट केवल सिविल और आपराधिक मामलों तक सीमित रहेगा.

मंसूर अली शाह ने अपने त्याग पत्र में क्या लिखा
जस्टिस मंसूर अली शाह ने अपने त्याग पत्र में लिखा कि यह संशोधन पाकिस्तान के संविधान पर गंभीर हमला है. यह सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों को समाप्त करता है. न्यायपालिका को कार्यपालिका के अधीन लाता है और संवैधानिक लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार करता है. देश के सर्वोच्च न्यायालय की एकता को खंडित करके इस संशोधन ने न्यायिक स्वतंत्रता और अखंडता को पंगु बना दिया है और देश को दशकों पीछे धकेल दिया है.. संवैधानिक व्यवस्था का यह विध्वंस बहुत समय तक ऐसे ही नहीं रहने वाला और समय के साथ इसे उलट दिया जाएगा, लेकिन तब तक यह इस संस्था को गहरे घाव दे जाएगा.

उन्होंने कहा कि अपने पद पर बने रहना न केवल एक संवैधानिक गलती को चुपचाप स्वीकार करने के समान होगा, बल्कि इसका मतलब एक ऐसी अदालत में बैठे रहना भी होगा जिसकी संवैधानिक आवाज को दबा दिया गया है. ऐसे कमजोर न्यायालय में सेवा करते हुए मैं संविधान की रक्षा नहीं कर सकता.

जस्टिस मिनल्लाह ने अपने इस्तीफे की क्या वजह बताई
जस्टिस मिनल्लाह ने अपने त्याग पत्र में लिखा कि 27वें संशोधन के पारित होने से पहले मैंने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि इसके प्रस्तावित प्रावधान हमारी संवैधानिक व्यवस्था के लिए क्या मायने रखते हैं. उनकी चुप्पी के बीच अब वे आशंकाएं सच साबित हो गई हैं. जिस संविधान की रक्षा करने की मैंने शपथ ली थी, वह अब नहीं रहा. इसकी स्मृति पर इससे बड़ा कोई हमला नहीं हो सकता कि 27वें संविधान संशोधन की नींव, उस संविधान के कब्र पर टिकी है, जिसे बनाए रखने की मैंने शपथ ली थी. अब वह संविधान नहीं रहा. नई व्यवस्था में मेरे लिए न्यायाधीश की पोशाक को धारण करना अब विश्वासघात का प्रतीक बन गया है इसलिए मैं इस पद पर नहीं बना रह सकता.

27वें संविधान संशोधन से क्या बदलाव होगा
सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेंगे. चेयरमैन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का पद 27 नवंबर 2025 को समाप्त हो जाएगा. नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड का प्रमुख पाकिस्तान की थल सेना से होगा. फील्ड मार्शल, मार्शल ऑफ एयर फोर्स, एडमिरल ऑफ द फ्लीट जैसे पद जीवनभर के लिए होंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि यह संशोधन न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा हमला है.

वीरांगना उदा देवी पासी प्रतिमा अनावरण: डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी व राजनाथ सिंह का किया स्वागत, योगी-राजेश्वर के हल्के-फुल्के पलों ने खींचा सबका ध्यान

लखनऊ। वीरांगना उदा देवी पासी जी के पराक्रम और बलिदान को नमन करते हुए, रविवार को सरोजनीनगर के वृंदावन योजना सेक्टर–19 स्थित पासी चौराहे पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सरोज़नीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह जी ने प्रतिमा भेंटकर दोनों माननीय नेताओं का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के दौरान डॉ. सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के बीच सौहार्दपूर्ण, हल्की मुस्कान से भरे आत्मीय क्षण भी देखने को मिले, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बने।