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बांग्लादेश में सियासी उथल-पुथल बढ़ती दिख रही है; शेख हसीना के चार बड़े यू-टर्न सुर्खियों में हैं।

बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अचानक एक नए राजनीतिक तेवर के साथ सामने आई हैं. उनके ताज़ा इंटरव्यू में दिए गए बयान न सिर्फ ढाका की राजनीति को, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया को चौंका रहे हैं. अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद हसीना जहां लगातार अमेरिका और पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराती रही थीं, अब वो बेहद नपा-तुला और संयमित रुख अपना रही है.

अगस्त 2024 में शासन बदलने के तुरंत बाद हसीना ने दावा किया था कि उनकी सरकार अमेरिकी दखल के कारण गिरी. उनके कई मंत्रियों तक ने कहा था कि वाशिंगटन ने राजनीतिक अस्थिरता का रास्ता तैयार किया, लेकिन अब हसीना बिल्कुल अलग लहजे में बात कर रही हैं. हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे किसी एक देश को दोषी नहीं मानतीं. उनके अनुसार, उन्हें गलत सूचनाएं देकर राजनीतिक हालात बिगाड़े गए और इस पूरी कहानी में मोहम्मद यूनुस की भूमिका ज्यादा अहम रही. यह उनके पुराने बयानों से बिल्कुल उलटा रुख है.

मोहम्मद यूनुस पर आरोपों से नरम हुईं हसीना

कभी यूनुस को अमेरिका का हथियार बताने वाली हसीना अब कहीं अधिक संतुलित बयान दे रही हैं. उन्होंने कहा कि यूनुस को केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पश्चिमी देशों का एक बड़ा नेटवर्क समर्थन देता है. साथ ही, वे यह भी कहती नजर आईं कि उन्हें अमेरिका से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है. उनका यह रुख संकेत देता है कि वे वाशिंगटन से रिश्ते सुधारने की तैयारी में हैं.

पाकिस्तान को लेकर भी बदली भाषा

हसीना ने तख्तापलट के बाद पाकिस्तान के खिलाफ बेहद कड़े बयान दिए थे, लेकिन अब वे बहुत सीमित टिप्पणी कर रही हैं और कह रही हैं कि ढाका-इस्लामाबाद के बीच राजनयिक संबंधों में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. उनका यह नरम स्वर दक्षिण एशियाई भू-राजनीति के लिहाज से बड़ा संकेत माना जा रहा है.

सेंट मार्टिन द्वीप पर विवाद से पीछे हटने के संकेत

लंबे समय से हसीना यह दावा करती रही थीं कि अमेरिका सेंट मार्टिन द्वीप पर अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है. कई बार उन्होंने कहा था कि इस दबाव का विरोध करने के कारण ही उनकी सरकार को कमजोर किया गया, लेकिन अब अपने इंटरव्यू में उन्होंने इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है. उनके शब्दों में कुछ बातें बंद दरवाज़ों के पीछे हुई थीं, जिन पर अभी चर्चा का सही समय नहीं है.

आखिर इतने बड़े राजनीतिक बदलाव क्यों?

विशेषज्ञों का मानना है कि हसीना के इन बड़े बदलावों के पीछे गहरी रणनीति है.बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव होने हैं और हसीना धीरे-धीरे अपने राजनीतिक समीकरण नए सिरे से साध रही हैं. इसके अलावा उनके समर्थक मौजूदा सरकार और यूनुस के खिलाफ खुलकर विरोध कर रहे हैं, जिससे देश की सत्ता व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है. दूसरी ओर, बीएनपी और जमात के रास्ते अलग होने से विपक्ष की स्थिति भी बिखरी हुई है, जिससे राजनीतिक तस्वीर और जटिल हो गई है.

थिएटर में धमाल मचाने के बाद ‘जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ’ अब ओटीटी पर भी स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है—जानें इसे कहाँ देखा जा सकता है।

‘जुरासिक वर्ल्ड’ फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्‍म ‘जुरासिक वर्ल्‍ड: रीबर्थ’ ने थिएटर्स में खूब बवाल मचाया है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की थी. अब ये ओटीटी पर भी दस्तक दे चुकी है. आप डायनासोर की कहानी के फैन हैं. तो अब इनकी दहाड़ का लुत्फ आप घर बैठे भी उठा सकते हैं. जानिए  इस फिल्म को आप कब और किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं.

‘जुरासिक वर्ल्‍ड: रीबर्थ‘ ने दी ओटीटी पर दस्तक

स्कारलेट जोहानसन और गैरेथ एडवर्ड्स द्वारा निर्देशित ‘जुरासिक वर्ल्‍ड: रीबर्थ’ ये फिल्म जुलाई 2025 में थिएटर्स में रिलीज हुई थी. जिसने दुनियाभर में शानदार बिजनेस किया था. वहीं फिल्म की ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था. अगर आपने फिल्म को थिएटर्स में मिस कर दिया है. तो आपके लए गुड न्यूज है. अब ये ओटीटी पर दस्तक दे चुकी है

कौन से प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही फिल्म?

दरअसल ‘जुरासिक वर्ल्‍ड: रीबर्थ’ पहले सिर्फ अमेज़न प्राइम वीडियो और बुक माई शो स्ट्रीम पर रेंट के लिए ही उपलब्ध थीय लेकिन 14 नवंबर, 2025 से ‘जुरासिक वर्ल्‍ड: रीबर्थ’ ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है. अब आप फिल्म को फ्री में घर बैठे ही देख सकते हैं. अगर आप डायनासोर के फैन हैं तो आपका ये वीकेंड शानदार बनने वाला है. खास बात ये है कि फिल्म सिर्फ इंग्लिश ही नहीं तेलुगु, तमिल और हिंदी में स्ट्रीमिंग हो रही है.

फिल्म की स्टारकास्ट के बारे में

बता दें कि फिल्म की सिर्फ कहानी ही नहीं स्टारकास्ट भी दमदार है. इस पार्ट में महर्षि अली, जोनाथन बेली, रूपर्ट फ्रेंड के अलावा कई उम्दा स्टार्स नजर आएंगे. निर्माता फ्रैंक मार्शल और पैट्रिक क्रॉली के साथ फिल्म से एलेक्जेंडर डेस्प्लेट भी जुड़े हुए हैं.

Travel Tips:सिर्फ दो दिनों में जोधपुर घूमने का पूरा प्लान—जानें ब्लू सिटी की ट्रिप को कैसे बनाएं खास और यादगार।

सर्दियों के मौसम में राजस्थान घूमने का एक अलग ही मजा होता है। जब बात राजस्थान की हो रही है,तब जोधपुर का नाम जरुर आता है। जोधपुर को ब्लू सिटी के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर के नीले रंग की तंग गलियां, ऊंचे किले, हवेलियां, राजसी ठाठ-बाठ और राजस्थानी लजीज खाना मिलता है। अगर आप भी वीकेंड ट्रिप का प्लान कर रहे हैं, जोधपुर जरुर जाएं। दो दिन में आप यहां आराम से घूम सकते हैं। जोधपुर के पॉपुलर स्पॉट्स देख सकते हैं और जोधपुर के मैजिक को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे दो दिनों का पूरा प्लान, जो आपकी ट्रिप को यादगार है।

पहले दिन करें इन जगहों को एक्सप्लोर

मेहरानगढ़ किला

जोधपुर की ट्रिप बिना मेहरानगढ़ ट्रिप के अधूरी है। इस किले की भव्यता देखकर आप दंग रह जाएंगे। मेहरानगढ़ किला की बनावट, नक्काशी और बाहर दिखता नीला शहर, सब कुछ ड्रिमी प्लेस से कम नहीं है।

नाचौकिया की नीली गालियां

जोधपुर जाएं तो यहां की गलियों में घूमना एक ही अनोखा सुकून मिलता है। इन संकरी, चमचमाती गलियों में ही तो असली जोधपुर बसता है। यहां के हर एक मोड़ पर आपको फोटो क्लिक करने का मन करेगा।

राव जोधा डेजर्ट पार्क में देखें सनसेट

अगर आप रेगिस्तान देखने का एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं, तो आप शोर से दूर रेगिस्तान के पेड़-पौधों के बीच हवा में बैठकर सनसेट का सुंदर नजारा देख सकते हैं। 

टूर्जी का झलरा कैफे में डिनर करें

रात के समय इस कैफे में बैठकर डिनर कर सकते हैं। यहां पर गरम-गरम राजस्थानी खाना को एन्जॉय कर सकते हैं। यहां पर दिन की थकान को दूर कर सकते हैं और आपकी शाम राजस्थानी खाना खाकर मजेदार हो जाएगी।

दूसरे दिन करें इन जगहों को एक्सप्लोर

उम्मेद भवन पैलेस

ट्रिप के दूसरे दिन आप ऐतिहासिक उम्मेद भवन पैलेस घूमने जा सकते हैं। यहां का खूबसूरत आर्किटेक्चर, लॉन और म्यूजियम आपको रॉयल फील कराएगी।

सरदार मार्केट और मिश्रीलाल लस्सी

जोधपुर के लोकल मार्केट एक्सप्लोर करने का एक अलग ही अनुभव होता है। आप चाहे तो सरदार मार्केट में शॉपिंग कर सकते हैं। अगर आप शॉपिंग के दौरान थक गए हैं, तो फेमस मिश्रीलाल की लस्सी को जरुर पिएं। 

कल्चरल शो और डेजर्ट डाइनिंग का मजा लें

पूरे दिन को अच्छे से बिताने के बाद शाम को आप कोई भी राजस्थानी कल्चरल शो देख सकते हैं या फिर डेजर्ट डाइनिंग का मजा लें सकते हैं। तारों के नीचे, खुली हवा में राजस्थानी खाना खा सकते हैं।  आपकी ट्रिप भी शानदार बन जाएगी। 

Health Tips:तलाक के बाद सानिया मिर्जा को पैनिक अटैक का सामना करना पड़ा था; जानें ऐसी स्थिति कब गंभीर रूप ले सकती है।

टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने हाल ही में पहली बार अपने तलाक को लेकर खुलकर बात की है. दुनिया की सबसे सफल भारतीय खिलाड़ियों में शामिल सानिया मिर्जा अपनी जिंदगी को लेकर खुलकर कम बात करती है. हाल ही में उन्होंने पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से तलाक के बाद पहली बार खुलकर बात की है.

सानिया मिर्जा ने अपने नए यूट्यूब टॉक शो, सर्विंग इट अप विद सानिया के पहले एपिसोड में तलाक के बाद आए पैनिक अटैक को लेकर बात की. सानिया के इस शो में उनके करीबी दोस्त फराह खान पहली गेस्ट थीं. सानिया ने अपने यूट्यूब वीडियो में बताया कि कैसे एक सिंगल मदर के रूप में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ी और तलाक के समय उन्होंने मानसिक रूप से कैसा महसूस किया था.

पैनिक अटैक वाले दिन को याद कर भावुक हुई सानिया

टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने कड़े विरोधों और आलोचनाओं के साथ 2010 में पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी की थी. 2018 में उनका एक बेटा हुआ था. हालांकि, सानिया और शोएब का रिश्ता ज्यादा नहीं चला और दोनों ने 2024 की शुरुआत में तलाक ले लिया. तलाक को लेकर शो में बातचीत के दौरान सानिया ने कहा कि तलाक के बाद एक समय ऐसा आया जब वह बिल्कुल टूट चुकी थीं. सानिया ने बताया कि जिस दिन उन्हें पैनिक अटैक आया था, उस दिन उन्हें एक लाइव शो भी करना था. इसे लेकर उन्होंने कहा कि मैं उसे दिन बहुत कांप रही थी, वहीं अगर फराह वहां नहीं आती तो शायद वह शो नहीं कर पाती. इसे लेकर फराह खान ने भी बताया कि उन्होंने सानिया को ऐसी कंडीशन में पहली बार देखा था.

फराह के अनुसार, तलाक के बाद सानिया ने अपने बेटे की परवरिश और करियर दोनों को खुद संभाला है जो बहुत मुश्किल दौर था. वहीं सानिया ने भी माना कि तलाक के बाद एक सिंगल मदर के रूप में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई थी. काम, बेटे की देखभाल और नॉर्मल माहौल बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा था. उन्होंने कहा कि उनका बेटा एक नॉर्मल फैमिली स्ट्रक्चर में नहीं बड़ा हो रहा है इसलिए वह हर कदम सोच समझ कर उठाती है.

क्या होता है पैनिक अटैक?

पैनिक अटैक अचानक आने वाली जोर की घबराहट, बेचैनी और डर का दौरा होता है. जिसमें व्यक्ति को ऐसा लगता है कि बहुत कुछ बुरा होने वाला है. वहीं पैनिक अटैक मेंटली और फिजिकली दोनों तरह से असर डालता है. इस दौरान दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांस फूलने लगती है, हाथ पैर कांपने लगते हैं, पसीना आने लगता है, सीने में दर्द होने लगता है, चक्कर आने लगता है और अचानक मौत जैसा डर भी महसूस होने लगता है.

कब खतरनाक हो जाता है पैनिक अटैक?

अगर पैनिक अटैक बार-बार आए और आपकी रोजाना की जिंदगी को प्रभावित करने लगे या हर छोटी बात ट्रिगर बनने लगे तो यह पैनिक डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है. ऐसे में आपका पैनिक अटैक और ज्यादा खतरनाक हो सकता है. वहीं पैनिक अटैक खतरनाक होने पर आपके रोजाना के काम पर असर पड़ने लगता है. अकेले रहने में डर लगने लगता है, अवसाद बढ़ जाता है और नींद खराब होने लग जाती है. इसके अलावा बाहर जाने तक में झिझक होने लगती है. इसलिए कई एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लगातार पैनिक अटैक के लक्षण दिखाई देने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

CBI को बड़ी उपलब्धि—भगोड़े जगदीश पुनेठा को UAE से पकड़कर भारत लाया गया।

देश छोड़कर विदेश भागे भगोड़े अपराधियों को पकड़ने में एक बार फिर एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपे भगोड़े जगदीश पुनेठा को भारत वापस लाने में सफल रही है. पुनेठा को गुरुवार को इंटरपोल चैनल्स और UAE के अधिकारियों की मदद से पकड़कर वापस भारत लाया गया.

बता दें कि जगदीश पुनेठा के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने 2021 में पिथौरागढ़ थाने में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया था. केस दर्ज होने के बाद आरोपी पुनेठा UAE भाग गया था. उत्तराखंड पुलिस की रिक्वेस्ट पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने 6 मई 2025 को इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करवाया था.

CBI और UAE के अधिकारियों ने मिलकर किया काम
रेड नोटिस जारी होने के बाद से CBI लगातार UAE के अधिकारियों के संपर्क में बनी रही और उनके साथ मिलकर पुनेठा को ट्रैक किया गया. UAE की पुलिस ने जगदीश पुनेठा को पकड़ा और फिर CBI ने उसे भारत लाने की पूरी प्रक्रिया को कोऑर्डिनेट किया. बता दें कि उत्तराखंड पुलिस की एक टीम भी UAE गई और 13 नवंबर को उसे लेकर दिल्ली पहुंची.

क्या होता है रेड नोटिस और कैसे काम करता है 
रेड नोटिस इंटरपोल का एक इंटरनेशनल अलर्ट होता है, जिसे दुनिया भर की पुलिस एजेंसियों को भेजा जाता है. किसी भी देश में छिपे अपराधी को पकड़ने में ये नोटिस बड़ी मदद करता है. भारत में CBI इंटरपोल की नेशनल एजेंसी है और BHARATPOL सिस्टम के जरिए पूरे देश की एजेंसियों को इंटरपोल से जुड़ी सूचनाएं भेजती है. CBI और इंटरपोल के तालमेल से पिछले कुछ सालों में 150 से ज्यादा भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है. इसी कड़ी में जगदीश पुनेठा को वापस भारत आना केंद्रीय एजेंसी के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है.