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महिमा चौधरी ने ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि हर साल जांच करवाना बेहद जरूरी है।

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मशहूर हस्तियां अक्सर आगे आती रहती हैं. इस कड़ी में बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस महिमा चौधरी ने महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए.

सालाना जांच करवाने पर जोर दिया महिमा चौधरी ने

महिमा चौधरी ने आईएएनएस से कहा, ”सभी महिलाओं के लिए सालाना जांच और स्क्रीनिंग करवाना बहुत जरूरी है. मेरा मानना ​​है कि घर के सभी पुरुषों को इसके प्रति संवेदनशील होना चाहिए और साल में एक दिन महिलाओं की जांच के लिए समर्पित करना चाहिए. उन्हें पास के स्वास्थ्य शिविरों में जांच के लिए ले जाना चाहिए.”

महिमा ने आगे बताया कि कई स्वास्थ्य शिविरों में यह जांच मुफ्त में की जाती है, इसलिए साल में कम से कम एक बार घर की महिलाओं की जांच करवाना आवश्यक है. उनका कहना है कि स्तन कैंसर किसी भी उम्र की महिलाओं को हो सकता है, और यहां तक कि कम उम्र की लड़कियों में भी इसका खतरा बढ़ता जा रहा है.

महिमा चौधरी ने दी जरूरी सलाह

उन्होंने कहा कि इस बीमारी का इलाज है और जितना जल्दी इसका पता चलता है और इलाज शुरू होता है, उतनी ही जल्दी महिला पूरी तरह स्वस्थ हो सकती है.

स्तन कैंसर, जिसे ब्रेस्ट कैंसर भी कहा जाता है, महिलाओं के स्तन में कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने और ट्यूमर बनने की प्रक्रिया है. यह बीमारी प्रारंभिक अवस्था में पहचान ली जाए तो इसका इलाज संभव है.

स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में स्तन का आकार या बनावट बदलना, किसी हिस्से में गांठ महसूस होना, निपल से असामान्य स्राव या त्वचा का रंग बदलना शामिल हैं.

कई बॉलीवुड एक्ट्रेस कर चुकी हैं इस ब्रेस्ट कैंसर का सामना

बॉलीवुड और टीवी की दुनिया में कई अभिनेत्रियों ने इस बीमारी का सामना किया है. इनमें खुद महिमा चौधरी, ताहिरा कश्यप, हमसा नंदनी, मुमताज, छवि मित्तल और हिना खान जैसी अभिनेत्रियां शामिल हैं. ताहिरा कश्यप, जो अभिनेता आयुष्मान खुराना की पत्नी हैं, ने 2018 में इस बीमारी से लड़ाई लड़ी और पूरी हिम्मत के साथ इस चुनौती का सामना किया.

साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक्ट्रेस हमसा नंदनी ने 2021 में ब्रेस्ट कैंसर से जंग जीती और इलाज के बाद फिल्मों में वापसी की. बॉलीवुड की पुरानी अदाकारा मुमताज को 2002 में 50 साल की उम्र में इस बीमारी का सामना करना पड़ा. उन्होंने इलाज करवाया और आज वह स्वस्थ जीवन जी रही हैं.

एक्ट्रेस छवि मित्तल ने 2022 में इस बीमारी को मात दी और हिना खान ने कीमोथेरेपी के जरिए कैंसर से जंग जीती.

Symptoms of Mouth Ulcers:मुंह में बार-बार छाले होना हल्के में न लें—ये किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

 मुंह में छाला तब बनता है जब अंदर की नाजुक परत यानम्यूकस मेम्ब्रेन किसी वजह से घिस जाती है या कट जाती है. इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे आम वजह है चोट जैसे अचानक गाल के अंदर वाली सतह को काट लेना. इसके अलावा दवाइयों के असर, कुछ तरह के चकत्ते, वायरल बैक्टीरियल, फंगल इंफेक्शन, केमिकल्स और कुछ मेडिकल कंडीशंस भी छालों की वजह बन सकते हैं. अगर कोई छाला लंबे समय तक ठीक न हो, तो यह मुंह के कैंसर का संकेत भी हो सकता है. क्योंकि अधिकतर मामलों में छाले हानिरहित होते हैं और बिना किसी इलाज के 10 से 14 दिन में खुद ठीक हो जाते हैं

बार-बार होने वाले छाले

Betterhealth के अनुसार, कुछ लोग बार-बार छालों की समस्या से जूझते हैं. इन्हें एप्थस अल्सर कहा जाता है और यह लगभग 20 प्रतिशत लोगों में देखे जाते हैं. ज्यादातर व्यक्तियों में इसका कोई साफ कारण नहीं मिलता, लेकिन कुछ मामलों में विटामिन B, फोलेट या आयरन की कमी से भी यह समस्या हो सकती है. ये छाले होंठों के अंदर, गाल की स्किन, जीभ के किनारे, मुंह के नीचे वाले हिस्से, ऊपर के पीछे वाले हिस्से और टॉन्सिल के पास की नरम परत पर बनते हैं. ये आमतौर पर 5 मिमी से बड़े नहीं होते. कई बार एक से ज्यादा छाले एक साथ भी बन जाते हैं या आपस में मिल जाते हैं. ये 10 से 14 दिन में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बार-बार दोहराने की आदत रहती है.

जो छाले ठीक नहीं होते

अगर कोई छाला दो हफ्ते से अधिक समय तक ठीक न हो या बार-बार बनने लगे, तो दंत चिकित्सक या डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. खासकर अगर आप तंबाकू का सेवन करते हैं या शराब पीते हैं, तो ऐसे न भरने वाले छालों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें, क्योंकि दोनों चीजें मुंह के कैंसर का जोखिम बढ़ाती हैं.

छालों के लक्षण

कारण के हिसाब से लक्षण बदल सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये देखने को मिलते हैं

    • मुंह की त्वचा पर एक या अधिक दर्दनाक घाव
    • घावों के आसपास लालपन और सूजन
    • खाना चबाने या ब्रश करते समय दर्द
    • नमकीन, तीखा या खट्टा खाना खाने पर जलन
    • दांतों की गलत शेप, ब्रेसेस या डेंचर से रगड़कर छाला बढ़ना
    • कुछ रेयर मामलों में छाला बिल्कुल नहीं दर्द करता, ऐसा अक्सर तब होता है जब वजह गंभीर हो, जैसे मुंह का कैंसर.

छाले क्यों बनते हैं? कारण क्या हैं?

मुंह के छाले इन वजहों से हो सकते हैं, जैसे कि-

    • गलती से गाल काट लेना
    • ब्रश करते समय चोट लगना
    • गलत आकार के दांतों से लगातार रगड़
    • डेंचर या ब्रेसेस का घिसाव
    • गरम खाना खाते समय जलना
    • तेज केमिकल वाले माउथवॉश का असर
    • एप्थस अल्सर
    • वायरल इंफेक्शन, जैसे कोल्ड सोर वायरस
    • कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

बलूच नेता का दावा-“दिल्ली ब्लास्ट पाकिस्तान का युद्ध जैसे कदम उठाने का संकेत,” भारत से रखी बड़ी मांग।

दिल्ली में लाल किला के पास हुए आतंकी धमाका और इसके बाद श्रीनगर में हुए विस्फोट को लेकर बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच का बड़ा बयान सामने आया है. मीर ने कहा कि भारत में हुआ हमला पाकिस्तान की ओर से युद्ध का ऐलान है.

मीर यार ने कहा, ‘पिछले 78 सालों में दुनिया को पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखने से आतंकवाद, खूनखराबा, अस्थिरता, परमाणु हथियार, ब्लैकमेलिंग की रणनीति और देश की गिरती अर्थव्यवस्था को सहारा देने के बोझ के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है.’

बलूच कार्यकर्ता मीर ने क्या कहा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मीर ने कहा, ‘पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिसका इतिहास गढ़ा गया है, जिसकी अर्थव्यवस्था बलूचिस्तान के विशाल संसाधनों के दोहन से चलती है और जिसकी सेना ने आतंकवादी समूहों को बढ़ावा दिया और ट्रेनिंग दी, जिससे कभी न खत्म होने वाले संघर्ष का एक चक्र चलता रहता है. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान एक बार फिर भारत में 1990 के दशक जैसी स्थितियां पैदा करने के लिए तैयार है.’

No Pakistan No Problem,

Mir Yar Baloch
15 November 2025
Over seventy-eight years, the world has gained nothing from maintaining its relationship with Pakistan except terrorism, bloodshed, instability, nukes blackmailing tactics and the burden of supporting Pakistan’s failing… pic.twitter.com/eJnic1QwRN

— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) November 15, 2025

उन्होंने कहा, ‘बलूचिस्तान के रक्षा विश्लेषकों ने निष्कर्ष निकाला है कि पाकिस्तान का आतंकवाद छोड़ने का कोई इरादा नहीं है और इसलिए जैसा कि इजरायल ने किया है, दिल्ली को भी बड़े पैमाने पर निर्णायक कार्रवाई पर विचार करना चाहिए. इजरायल एक साथ कई और अधिक शक्तिशाली देशों पर हमले करता रहता है, जबकि पाकिस्तान भारत से एक महीने तक भी लगातार टकराव नहीं झेल पाएगा. इसलिए भारत के लिए यह जरूरी है कि वह पाकिस्तान के आतंकवादी हमलों से शुरू हुए संघर्ष को निर्णायक रूप से समाप्त करे.’

मीर ने यह भी कहा, ‘अफगानिस्तान में, भारत को बगराम के साथ-साथ कम से कम दस अतिरिक्त हवाई अड्डे बनाने चाहिए ताकि अफगानिस्तान की जमीन से सैन्य अभियान शुरू किए जा सकें और उसे अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा और पाकिस्तानी हवाई हमलों को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम और लंबी दूरी की मिसाइलें उपलब्ध करानी चाहिए.‘

अफगानिस्तान में सैन्य एयरबेस बनाए भारत: मीर यार बलोच

मीर ने जोर देते हुए कहा कि भारत को बलूचिस्तान और अफगानिस्तान, दोनों को आपातकालीन आधार पर खुले तौर पर रक्षात्मक और सैन्य सहायता प्रदान करनी चाहिए.

मीर ने कहा कि ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए दिल्ली और काबुल को संयुक्त रूप से एक भारत-अफगानिस्तान-बलूचिस्तान त्रिपक्षीय सम्मेलन की मेजबानी करनी चाहिए ताकि पाकिस्तानी सेना द्वारा छेड़े गए आतंकवाद और छद्म युद्धों का मुकाबला करने के रास्ते तलाशे जा सकें.

उन्होंने कहा कि बलूच नेताओं को भारत आमंत्रित करना पाकिस्तान के दशकों पुराने आतंकवाद के ताबूत पर आखिरी कील साबित होगा. भारत और अफगानिस्तान में स्थायी शांति तभी संभव है जब बलूचिस्तान एक स्वतंत्र राज्य बने.

Sports News:शुभमन गिल को अस्पताल से मिली छुट्टी, दूसरे टेस्ट में खेलने को लेकर भी आया बड़ा अपडेट—यहां पढ़ें पूरी जानकारी।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. गिल को भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहले टेस्ट मैच में चोट आई थी. उन्हें पहली पारी में बल्लेबाजी के दौरान गर्दन में खिंचाव की समस्या आई थी. इंडिया टुडे के मुताबिक गिल अब होटल वापस लौट आए हैं और जांच रिपोर्ट से पता चला है कि गिल अब पहले से बेहतर हैं, ठीक से चल पा रहे हैं और गर्दन को ठीक से हिला पा रहे हैं. खबर है कि गिल की गर्दन में दर्द भी कम हुआ है.

अभी टीम होटल में शुभमन गिल मेडिकल टीम की निगरानी में हैं. वो दूसरे टेस्ट मैच के लिए गुवाहाटी जाएंगे या नहीं, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है. अगले दिनों गिल कितना जल्दी रिकवर कर पाते हैं, दूसरे टेस्ट में उनका खेलने इसी बात पर निर्भर करेगा.

आपको याद दिला दें कि शुभमन गिल गर्दन में खिंचाव के चलते दूसरी पारी में बैटिंग करने नहीं आए थे. पहली पारी में भी वो सिर्फ 3 गेंद खेल सके थे. 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम दूसरी पारी में 93 रनों पर सिमट गई थी. नतीजन उसे 30 रनों से चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा.

पहली पारी में दर्द की समस्या के बाद गिल मैदान से बाहर चले गए थे. उसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल में ले जाया गया था. यहां तक कि उन्हें गर्दन पर पट्टा बांधे हुए देखा गया था. रविवार को भारत के पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के मौजूदा प्रेसिडेंट सौरव गांगुली कुछ देर अस्पताल शुभमन गिल का हाल जानने पहुंचे थे. गांगुली ने बताया कि गिल अब बेहतर हैं.

2 टेस्ट मैचों की सीरीज में दक्षिण अफ्रीका 1-0 से आगे है. दूसरा मैच 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा.

Sports News:पाकिस्तानी गेंदबाज़ों ने टीम इंडिया को कम स्कोर पर ढेर किया, वैभव सूर्यवंशी फिफ्टी से रह गए; भारत ने 137 रन का लक्ष्य दिया।

भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए 136 रन बनाए हैं. एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट के इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया को बढ़िया शुरुआत दिलाई थी, लेकिन मिडिल ओवरों में पाक बॉलर्स की कसी हुई गेंदबाजी ने टीम इंडिया को 150 के स्कोर से नीचे ही रोक दिया. वैभव सूर्यवंशी ने 45 रन बनाए, वहीं नमन धीर ने 35 रनों का योगदान दिया.

वैभव सूर्यवंशी ने मैच की पहली गेंद पर चौका लगाया. उन्होंने चौके-छक्कों की बारिश करते हुए टीम को तेजतर्रार शुरुआत दिलाई. सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य 10 रन बनाकर आउट हो गए. नमन धीर ने कुछ देर एक छोर संभालते हुए वैभव सूर्यवंशी के साथ मिलकर 49 रनों की पार्टनरशिप की. नमन ने 20 गेंद में 35 रनों की तूफानी पारी खेली.

अंतिम 9 ओवरों में सिर्फ 43 रन

वैभव सूर्यवंशी और नमन धीर के अलावा कोई भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाया. एक समय टीम इंडिया ने 2 विकेट के नुकसान पर 91 रन बना लिए थे और उस समय तक 10 ओवर भी पूरे नहीं हुए थे. 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर भारतीय टीम का दसवां विकेट गिरा. टीम इंडिया आखिरी 9 ओवरों में सिर्फ 43 रन बना पाई और इस दौरान अपने 8 विकेट गंवाए.

कप्तान जीतेश शर्मा ने सिर्फ 5 रन, वहीं नेहल वाढ़ेरा सिर्फ 8 रन बनाकर चलते बने. अपने फिनिशिंग किरदार के लिए पहचान बनाने वाले आशुतोष शर्मा खाता तक नहीं खोल पाए.

पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा विकेट शाहिद अजीज ने लिए, जिन्होंने भारत के 3 बल्लेबाजों को आउट किया. साद मसूद और माज सदाकत ने दो-दो विकेट लिए. उबैद शाह, अहमद दनियल और सुफियान मुकीम ने एक-एक विकेट लिया. बताते चलें कि इस मैच के विजेता कि एशिया कप राइजिंग स्टार्स के सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की हो जाएगी.