Home Blog Page 413

“पहले टेस्ट में हार के बाद पुजारा का रिएक्शन-खिलाड़ियों को दी महत्वपूर्ण नसीहत”

भारत के पूर्व क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि अगर भारतीय टीम टर्निंग विकेट चाहती है, तो बल्लेबाजों को अलग तरीके से खेलना होगा. टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में खेले गए टेस्ट सीरीज के पहले मैच में 30 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी. दूसरी पारी में टीम इंडिया को जीत के लिए महज 124 रन का टारगेट मिला, लेकिन मेजबान टीम सिर्फ 93 रन पर सिमट गई.

मुकाबले के पहले दिन से ही पुजारा ने असमान उछाल और टर्न वाली पिच पर भारतीय बल्लेबाजों के रवैये पर सवाल उठाए थे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ बल्लेबाज ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं.

चेतेश्वर पुजारा ने ‘जियोस्टार’ पर कहा, “मैं नहीं मानता कि भारतीय टीम घरेलू मैदान पर बदलाव के कारण हार रही है. अगर आप इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया में बदलाव के कारण हार जाते, तो यह स्वीकार्य हो सकता था, लेकिन इस टीम में प्रतिभा और क्षमता है. आप यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल का प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड देखें. वाशिंगटन सुंदर ने इस मैच में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की. सभी के रिकॉर्ड बहुत अच्छे हैं. इसके बावजूद अगर आप घर पर हार जाते हैं तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है.”

उन्होंने कहा, “अगर आप यही मैच अच्छे विकेट पर खेलते, तो भारत के जीतने की संभावना बहुत ज्यादा होती. ऐसे ट्रैक पर आपके जीतने की संभावना कम हो जाती है और विरोधी टीम आपके बराबर होती है. भारत में इतनी प्रतिभा है कि भारत ए की टीम भी साउथ अफ्रीका को हरा सकती है. इसलिए अगर आप कहते हैं कि यह हार बदलाव के कारण मिली, तो यह स्वीकार्य नहीं होगा.”

पुजारा ने कहा, “आप इस तरह की विकेट के लिए सिर्फ बल्लेबाजों पर दोष नहीं मढ़ सकते क्योंकि सबसे पहले, अगर आप ऐसी विकेट पर खेलना चाहते हैं, तो आपकी तैयारी अलग होनी चाहिए. गौती भाई ने बताया कि उन्होंने इस तरह की विकेट मांगी थी, लेकिन इस पर बल्लेबाजी आसान नहीं थी. दोनों टीमों के आंकड़े देखिए, सिर्फ एक बल्लेबाज ने अर्धशतक लगाया. इससे पता चलता है कि यह अच्छी विकेट नहीं थी.”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “अगर आपको ऐसी पिचों पर खेलना है, तो बल्लेबाजों को उसी हिसाब से तैयार रहना होगा. ऐसा लग रहा था कि वे तैयार नहीं थे. उम्मीद थी कि यह विकेट थोड़ा अच्छा होगा, जिसमें थोड़ा टर्न होगा और यहां आप अच्छी बल्लेबाजी करके रन बना सकते हैं, लेकिन यह विकेट ऐसा नहीं था. अगर भारतीय टीम ऐसे टर्निंग विकेट चाहती है, तो बल्लेबाजों को अलग तरीके से खेलना होगा.”

भारतीय टीम दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है. सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाना है, जिसे जीतकर टीम इंडिया सीरीज को 1-1 से बराबरी पर खत्म करना चाहेगी.

Hidden Vitamin B12 Deficiency: “विटामिन B12 रिपोर्ट नॉर्मल होने के बाद भी थकान और पैरों में झुनझुनी महसूस हो रही है? तो तुरंत सतर्क हो जाएं.”

कई लोग मान लेते हैं कि अगर उनकी Vitamin B12 की रिपोर्ट नॉर्मल है, तो सेहत भी ठीक ही होगी. लेकिन अपोलो दिल्ली के सर्जन डॉ. अंशुमान कौशल, जो सोशल मीडिया पर The Angry Doc के नाम से जाने जाते हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि नॉर्मल रिपोर्ट हमेशा सच नहीं बताती. बहुत से लोग थकान, पैरों में झनझनाहट, भूलने की आदत और चिड़चिड़ापन जैसी दिक्कतों से जूझते रहते हैं, जबकि उनकी रिपोर्ट बिल्कुल सामान्य लगती है.

फंक्शनल B12 डेफिशिएंसी: जब रिपोर्ट ठीक, पर शरीर में रहती है कमी

डॉ. कौशल ने एक वीडियो में कहा कि “क्या आपने ऐसे लोगों को देखा है जो हमेशा थके रहते हैं, भूलते हैं, डिप्रेस रहते हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट में B12 नॉर्मल आता है? यह फंक्शनल B12 डेफिशियेंसी है.” उन्होंने समझाया कि इसमें खून में B12 मौजूद होता है, लेकिन शरीर की सेल्स उसे इस्तेमाल नहीं कर पातीं. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि “कागज पर B12 लेवल परफेक्ट दिखता है, लेकिन असल में सेल्स के पास कुछ नहीं होता. जैसे बैंक अकाउंट में पैसे हों, पर ATM कार्ड न हो, दिखने में अमीर, महसूस में कंगाल.”

क्यों भरोसेमंद नहीं होते नॉर्मल टेस्ट?

डॉ. कौशल के मुताबिक, ज्यादातर लैब केवल serum B12 मापकर रिपोर्ट दे देती हैं, जबकि असली कमी सेल्स के स्तर पर होती है. उन्होंने कहा, “B12 और फोलेट बैटमैन-रॉबिन की तरह काम करते हैं. DNA रीपेयर से लेकर RBC बनाने और न्यूरॉन बचाने तक दोनों साथ चलते हैं. इनमें से एक भी कमी हो जाए तो दिमाग ‘गॉथम मोड’ में चला जाता है. तनाव, सुन्न हाथ-पैर, झनझनाहट सब मुफ्त में मिलते हैं.”

किन लोगों में ज्यादा खतरा?

डॉ. कौशल बताते हैं कि कुछ ग्रुप्स पहले से ही रिस्क जोन में आते हैं. इनमें metformin या acidity की दवाएं लेने वाले, दूसरे नम्बर पर वीगेन डाइट पर रहने वाले तीसरे नम्बर पर bariatric surgery करा चुके लोग होते हैं.  उनका कहना है कि अगर लक्षण बने हुए हैं लेकिन रिपोर्ट नॉर्मल है, तो MMA, homocysteine या active B12 की जांच जरूरी है. उन्होंने कहा कि “कई बार टैबलेट असर नहीं करतीं और इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है. समस्या विटामिन की नहीं, ऑब्जर्बेशन की होती है.” फंक्शनल डेफिशियेंसी का मतलब है कि आपकी कोशिकाएं B12 को सही से इस्तेमाल नहीं कर रहीं. नंबरों पर मत जाएं, फंक्शन मायने रखता है. अपने न्यूरॉन्स बचाइए और ऊर्जा के लिए B12 gummies पर भरोसा मत कीजिए. यह बायोकेमिस्ट्री है, बॉलीवुड नहीं.

दूसरे डॉक्टर भी दे चुके हैं चेतावनी

अपोलो के ही न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने भी X पर बताया कि B12 की कमी होने पर थकान, भूलेपन और सुस्ती की शिकायतें आम हैं, और नॉर्मल रिपोर्ट हमेशा पूरी कहानी नहीं बताती. उन्होंने कहा कि खून में मौजूद B12 का बड़ा हिस्सा एक ऐसे प्रोटीन से जुड़ा रहता है, जो विटामिन को सेल तक पहुंचाता ही नहीं. इससे रिपोर्ट में B12 सामान्य दिखता है, लेकिन शरीर को उसका फायदा नहीं मिलता. यही वजह है कि टेस्ट सही आने के बावजूद थकान और ब्रेन फंक्शन से जुड़ी समस्याएं बनी रह सकती हैं.

विटामिन B12 क्या है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, B12 एक जरूरी पोषक तत्व है जो नर्व और रेड ब्लड सेल्स को स्वस्थ रखता है और DNA बनाने में मदद करता है. शरीर इसे खुद नहीं बनाता, इसलिए इसे भोजन से लेना पड़ता है जैसे मांस, मछली, अंडे, डेयरी और फोर्टिफाइड फूड. आम तौर पर वयस्कों को रोज लगभग 2.4 माइक्रोग्राम B12 चाहिए होता है, जबकि गर्भवती और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं की जरूरत इससे अधिक होती है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

“बांग्लादेश में शेख हसीना को सजा-ए-मौत मिलने पर मोहम्मद यूनुस ने प्रतिक्रिया दी-‘कानून सबके लिए समान है।”

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगी के खिलाफ एक विशेष न्यायाधिकरण के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि फैसले ने एक बुनियादी सिद्धांत की पुष्टि करते हुए ताकत की परवाह किए बिना यह स्पष्ट कर दिया कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश (ICT-BD) ने 78 वर्षीय शेख हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को पिछले साल के छात्र विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई.

कोर्ट ने शेख हसीना को पहले भगोड़ा किया था घोषित

पिछले साल पांच अगस्त को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के कारण बांग्लादेश से भागने के बाद से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में रह रही हैं. इससे पहले अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था. यूनुस ने एक बयान में कहा, ‘आज बांग्लादेश के न्यायाधिकरण ने जिस स्पष्टता के साथ अपनी बात कही है उसकी गूंज पूरे देश और उसके बाहर भी सुनाई देती है. दोषसिद्धि और सजा एक बुनियादी सिद्धांत की पुष्टि करती है, जबकि यह बताती है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे उसके पास कितनी भी शक्ति क्यों न हो.’

छात्र प्रदर्शन के बाद शेख हसीना की 16 साल की सत्ता खत्म

पिछले साल बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना का 16 साल का शासन खत्म हो गया और वह भारत आ गई थी, जिसके बाद पिछले साल अगस्त में यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला था. फैसले पर प्रतिक्रिया में हसीना ने आरोपों को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताते हुए इनकार किया और कहा कि यह फैसला एक गैर-अधिकृत न्यायाधिकरण की ओर से दिया गया है, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार की ओर से की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है. अपने बयान में यूनुस ने कहा कि यह फैसला जुलाई और अगस्त 2024 के विद्रोह में प्रभावित हुए हजारों लोगों और उन परिवारों को न्याय प्रदान करता है जो अब भी अपने नुकसान को झेल रहे हैं.

Travel Tips:“लैंसडाउन ही नहीं, उसके आसपास भी हैं उत्तराखंड के ये 5 ऑफबीट हिल स्टेशन—जहाँ सुकून और रोमांच दोनों मिलेंगे.”

देश की राजधानी दिल्ली से करीब 276 किमी दूर स्थित लैंसडाउन उत्तराखंड का एक बेहद खूबसूरत और मनमोहक हिल स्टेशन है। माना जाता है कि यह जगह अंग्रेजों द्वारा राइफल्स प्रशिक्षण केंद्र की देखभाल के लिए बसाया गया था। दिल्ली एनसीआर के पास में होने के कारण लैंसडाउन में अमूमन पर्यटकों की भीड़ रहती है। इसलिए कई लोग आसपास स्थित कुछ शानदार और हिल स्टेशन्स की तलाश करते हैं, जिससे कि वह सुकून के पल बिता सकें। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको लैंसडाउन से करीब 100 किमी के आसपास में बसी कुछ बेहतरीन और शानदार हिल स्टेशन्स के बारे में बताने जा रहे हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली, दोस्तों और पार्टनर के साथ आ सकते हैं।

घनसाली

लैंसडाउन के आसपास स्थित किसी मनमोहक, खूबसूरत और शांत जगह घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले घनसाली का नाम लेते हैं। टिहरी गढ़वाल जिले में घनसाली एक बेहद खूबसूरत और शानदार हिल स्टेशन है, यहां पर कम ही पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।

घनसाली के शांत और शुद्ध वातावरण में आप अपनों के साथ हसीन और यादगार पल बिता सकते हैं। गर्मी के मौसम में यहां पर ठंडी हवाएं चलती हैं। वहीं घनसाली में आप एडवेंचर एक्टिविटी का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

सतपुली हिल्स

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में सतपुली हिल्स स्थित है। यह उत्तराखंड का हसीन छिपा हुआ खजाना माना जाता है। खासकर सतपुली को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यह जगह कोटद्वार से करीब 50 किमी दूर है।

घने जंग, बादलों से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, देवदार के बड़े-बड़े पेड़ और झील-झरने सतपुली की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। यहां के शांत और शुद्ध वातावरण में आप अपने परिवार या पार्टनर के साथ सुकून के दो पल बिता सकते हैं। सतपुली में आप बूल्ला तालाब, सतपुली सैन और धौंरिघोरा जैसी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।

रिखणीखाल

रिखणीखाल समुद्र तल से करीब 6 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह एक छोटा और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह जगह पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। यह कॉर्बेट नेशनल पार्क से कुछ दूरी पर स्थित है।

रिखणीखाल अपने शुद्ध और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। हालांकि इस जगह के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, इसलिए यहां पर भीड़ भी काफी कम होती है। रिखणीखाल की वादियों में आप ट्रैकिंग, हाईकिंग और कैंपिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

ये जगहें भी करें एक्सप्लोर

बता दें कि लैंसडाउन से करीब 100 किमी के आसपास में कई अन्य खूबसूरत और शानदार जगहें मौजूद हैं। जिनको आप एक्सप्लोर कर सकते हैं। लैंसडाउन से करीब 56 किमी दूर एकेश्वर, 45 किमी दूर अमोठा और 39 किमी दूर कोटद्वार को एक्सप्लोर कर सकते हैं

Sports News:“पाकिस्तान में सुरक्षा को लेकर सवाल बढ़े, दो श्रीलंकाई क्रिकेटर देश लौट गए; जानें पूरा मामला.”

श्रीलंका क्रिकेट टीम के 2 सीनियर खिलाड़ी अपने देश वापस लौट आए हैं. पिछले दिनों इस्लामाबाद में धमाके के बाद कई श्रीलंकाई प्लेयर्स ने सुरक्षा कारणों से श्रीलंका वापस लौट जाने की बात कही थी. हालांकि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी से मिलने और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के कहने के बाद श्रीलंका टीम ने ODI सीरीज खेलनी जारी रखी थी. अब कप्तान चरिथ असालंका और तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो अपने देश वापस लौट आए हैं, लेकिन उनके वापस लौटने का कारण कुछ और है.

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने X पर पोस्ट के माध्यम से स्टेटमेंट जारी करके बताया, “2 खिलाड़ी श्रीलंका व लौट रहे हैं. कप्तान चरिथ असालंका और तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो बीमार पड़ने के कारण घर लौट रहे हैं. ये दोनों खिलाड़ी श्रीलंका, पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली ट्राई सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगे.”

बोर्ड ने असालंका और फर्नांडो के बीमार पड़ने पर अधिक जानकारी साझा नहीं की है. असालंका की गैरमौजूदगी में दासुन शनाका टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि फर्नांडो को टी20 स्क्वाड में पवन रत्नायके से रिप्लेस कर दिया गया है.

Sri Lanka Tour of Pakistan 2025 #PAKvSL
▫️ Two Players Returning Home
Captain Charith Asalanka and fast bowler Asitha Fernando, both suffering from illness, will return home.
The two players will not take part in the upcoming tri-series featuring Sri Lanka, Pakistan, and… pic.twitter.com/71Z3RVQPQW

— Sri Lanka Cricket 🇱🇰 (@OfficialSLC) November 17, 2025

श्रीलंकाई टीम को पाकिस्तान में खेली गई वनडे सीरीज में 3-0 से हार झेलनी पड़ी. अब जिम्बाब्वे, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच 18 नवंबर से ट्राई सीरीज का आगाज होने वाला है, जिसके सारे मैच रावलपिंडी में खेले जाएंगे. यह ट्राई सीरीज पहले 17 नवंबर को शुरू होने वाली थी, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए शेड्यूल आगे बढ़ाकर पहला मैच 18 नवंबर को शिफ्ट कर दिया गया.

पहले ट्राई सीरीज के 5 मैचों की मेजबानी लाहौर को मिलने वाली थी, लेकिन इस्लामाबाद में सुसाइड ब्लास्ट के बाद सुरक्षा कारणों के चलते सभी मैच रावलपिंडी में करवाने पर सहमति बनी थी.