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Health News:भारत से मैच से पीछे हटा पाकिस्तान, ICC पर कार्रवाई न कर पाने का दावा, पूर्व चेयरमैन का बड़ा बयान

भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करने के बावजूद पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से किसी तरह की सख्त कार्रवाई होना मुश्किल बताया जा रहा है। यह दावा आईसीसी के पूर्व चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख एहसान मनी ने किया है। उनका कहना है कि जब कोई टीम अपनी सरकार के निर्देशों के अनुसार फैसला लेती है, तो उस पर दंड नहीं लगाया जा सकता।

दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसकी राष्ट्रीय टीम आगामी टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ निर्धारित मुकाबले में हिस्सा नहीं लेगी। हालांकि इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक वजह स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखी गई है, लेकिन इसे हाल के कुछ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

सरकारी निर्देशों का हवाला

एहसान मनी का कहना है कि अगर कोई टीम अपनी सरकार की सलाह या निर्देशों का पालन करती है, तो उसे सजा देना उचित नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इससे पहले भी सरकार के निर्देशों के कारण टीमें अपने फैसले ले चुकी हैं और उस समय किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने आईसीसी पर आरोप लगाया कि क्रिकेट से जुड़े मामलों में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर परिषद का रवैया हमेशा स्पष्ट नहीं रहा है और कई बार वह ऐसे मामलों में मूकदर्शक बनी रहती है।

मामला क्यों है अलग?

हालांकि, मौजूदा हालात को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि यह मामला पहले की परिस्थितियों से अलग है। टूर्नामेंट का कार्यक्रम पहले ही घोषित किया जा चुका था और पाकिस्तान के मैच पहले से ही तटस्थ स्थान पर खेले जाने तय थे। इसके बावजूद आखिरी समय में भारत के खिलाफ मुकाबले से इनकार करना विवाद की वजह बन गया है।

इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में यह बहस तेज हो गई है कि क्या आईसीसी इस पर कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर यह मामला भी सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रह जाएगा।

Health News:महिलाओं की सेहत के लिए वरदान है सेब का हलवा, इसके फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

बिजी लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान रखना भूल ही गईं है। वैसे कहा जाता है कि फलों का सेवन करने से सेहत बढ़िया रहती है। एक कहावत भी है कि‘रोज एक सेब खाओ, डॉक्टर से दूर रहो’। सेब का सेवन करना सबसे हेल्दी होता है, क्योंकि यह मल्टी विटामिन और फाइबर से भरपूर होता है। आजकल लोगों को सेब खाना बिल्कुल भी पसंद नहीं आता है। कुछ लोग तो फायदे जानते हुए भी इसे नहीं खाते हैं। इसकी जगह आप  सेब का हलवा बनाकर खा सकते हैं जो काफी टेस्टी होने के साथ हेल्दी भी होता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए सेब का हलवा शरीर को एनर्जी देने के साथ कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करता है जिससे महिलाओं की सेहत बेहतर होती है। आइए आपको बताते हैं सेब का हलवा खाने के फायदे।

महिलाओं को क्यों खाना चाहिए सेब का हलवा

सेब का हलवा एक पौष्टिक और स्वाद से भरपूर मिठाई माना जाता है। अगर इसे संतुलित मात्रा में और बिना अतिरिक्त चीनी के बनाया जाए, तो यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है। इतना ही नहीं, सेब का हलवा हर उम्र और हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा और मजबूती प्रदान करते हैं।

प्रीबायोटिक है सेब का हलवा

सेब सबसे ज्यादा प्रीबायोटिक्स का अच्छा स्त्रोत माना जाता हैं। यह आंतों में मौजूद स्वस्थ बैक्टीरिया के लिए पोषण का काम करता है। यह बिगड़े हुए गट हेल्थ को भी सुधार करता है। पेट की सेहत बेहतर बनीं रहती है। इसके सेवन से मेटाबॉलिज्म सही होता है और महिलाओं को क्रेविंग कंट्रोल करके वेट लॉस करने में मदद कर सकता है।

फाइबर से भरपूर

सेब के हलवे में भरपूर मात्रा में फाइबर भी होता है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। पेट फूलने की समस्या को कम करने में मदद करता है। सेब का हलवा नियमित तौर पर खाने से  ब्लोटिंग की समस्या में कमी आ सकती हैं और बार-बार खाना खाने के बाद होने वाली गैस और भारीपन जैसे लक्षणों में कमी आ सकती है।

एंजिंग कम करने वाला

सेब में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है तो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है और बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करते हैं। सेब का हलवे खाने से चेहरे पर चमक आती है, यदि आप इसे नियमित तौर पर खाते हैं।

थकान नहीं होती है 

सेब में आयरन के साथ-साथ विटामिन सी भी पाया जाता है, जो शरीर में आयरन के सही अवशोषण में मदद करता है और कमजोरी व थकान को कम करता है। जब सेब का हलवा दूध या सूखे मेवों के साथ तैयार किया जाता है, तो यह हड्डियों को मजबूत बनाने और हार्मोन संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है। सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर का समग्र स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

Sports News:भारत से मुकाबले पर अड़ा पाकिस्तान, मैच बहिष्कार के बाद अब ICC को भी नहीं देगा आधिकारिक सूचना

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले को लेकर विवाद और गहरा गया है। भारत के खिलाफ मैच न खेलने के फैसले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अब एक और अहम कदम उठाया है। बोर्ड ने तय किया है कि वह इस बहिष्कार को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को कोई औपचारिक पत्र या सूचना नहीं देगा।

पाकिस्तान की ओर से पहले ही यह साफ किया जा चुका है कि उसकी टीम टूर्नामेंट में हिस्सा तो लेगी, लेकिन ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले से दूर रहेगी। हालांकि इस फैसले को लेकर अब तक कोई आधिकारिक सूचना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को नहीं भेजी गई है, जिससे स्थिति और अधिक उलझती नजर आ रही है।

बिना औपचारिक सूचना के उलझा मामला

यदि पाकिस्तान की ओर से कोई लिखित सूचना नहीं दी जाती है, तो भारत-पाकिस्तान मुकाबला आधिकारिक तौर पर शेड्यूल में बना रहेगा। ऐसी स्थिति में इस मैच को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी और अंतिम समय तक विवाद खत्म होने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद भी इस पूरे मामले में पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। जब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती, तब तक आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति असमंजस में बनी रह सकती है।

भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार करेगी तैयारी

विवाद के बावजूद भारतीय टीम अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी। टूर्नामेंट में भारत अपने शुरुआती मुकाबले अन्य टीमों के खिलाफ खेलेगा और पाकिस्तान के खिलाफ निर्धारित मैच के लिए भी तय स्थान पर पहुंचेगा। मुकाबले से पहले होने वाली औपचारिक गतिविधियों में भी भारत की ओर से प्रतिनिधि शामिल होंगे।

अगर तय समय पर पाकिस्तान की टीम मैदान पर नहीं उतरती है, तो नियमों के अनुसार भारत को वॉकओवर मिल सकता है और अंक तालिका में उसे पूरे अंक दिए जाएंगे।

यह पूरा घटनाक्रम क्रिकेट के मैदान से ज्यादा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसलों के कारण चर्चा में है, जिससे टूर्नामेंट की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

मंडे टेस्ट में ‘मर्दानी 3’ का प्रदर्शन कैसा रहा? चौथे दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन जानें

रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने 30 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. ये फिल्म क्राइम थ्रिलर फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त है, जिसकी शुरुआत 2014 में ‘मर्दानी’ से हुई थी और 2019 में ‘मर्दानी 2’ के साथ जारी रही थी. वहीं लेटेस्ट चैप्टर में रानी ने एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में दमदार परफॉर्मेंस दी है और इसी के साथ ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है. यहां तक कि ‘बॉर्डर 2’ के तूफान के आगे भी ‘मर्दानी 3’ पूरा दमखम दिखा रही है. ठीक ठाक शुरुआत के बाद इसने अपने ओपनिंग वीकेंड में शानदार कमाई की थी. चलिए यहां जानते हैं अपने पहले मंडे टेस्ट में ‘मर्दानी 3’ ने कैसा परफॉर्म किया है?

‘मर्दानी 3’ ने पहले मंडे कितनी की कमाई?
रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ सोमवार को बॉक्स ऑफिस पर थोड़ी धीमी रही, हालांकि ‘बॉर्डर 2’ जैसी बड़ी फिल्म से मुकाबला कर रही इस क्राइम थ्रिलर की कमाई के आंकड़े बिल्कुल भी निराशाजनक नहीं हैं! एक ठीक-ठाक ओपनिंग वीकेंड के बाद, फिल्म को सोमवार के मुश्किल टेस्ट का सामना करना पड़ा, और नतीजे ठीक-ठाक रहे हैं.

फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘मर्दानी 3’ ने फ्रेंचाइजी में सबसे बड़ी ओपनिंग दर्ज की थी और , पहले दिन 4 करोड़ रुपये कमाए थे. वहीं शनिवार को फिल्म में 50 परसेंट की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और इसने 6 करोड़ रुपये कमाए. वहीं तीसरे दिन, रानी मुखर्जी के इस कॉप ड्रामा ने एक बार फिर थोड़ी ग्रोथ दिखाई, 7.25 करोड़ रुपये और जोड़े और भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपने ओपनिंग वीकेंड का कुल कलेक्शन 17.25 करोड़ रुपये नेट कर लिया.

  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘मर्दानी 3’ ने रिलीज के चौथे दिन यानी मंडे को 2.15 करोड़ का कलेक्शन किया है.
  • इसी के साथ ‘मर्दानी 3’ की 4 दिनों की कुल कमाई अब 19.65 करोड़ रुपये हो गई है.

क्या ये रानी की टॉप 10 में शामिल होगी?
यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘मर्दानी 3’ रानी मुखर्जी की टॉप 10 सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल होती है या नहीं. फिलहाल, 10वें नंबर पर 2011 की हिट फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’ है, जिसने 29 करोड़ रुपये कमाए थे. वहीं  अभी तक, यह फीमेल कॉप सीक्वल उस टोटल तक पहुंचने से लगभग 9 करोड़ रुपये दूर है. मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए, ये फिल्म अपने दूसरे वीकेंड तक रानी मुखर्जी के करियर की टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट में अपनी जगह बना सकती है.

‘मर्दानी 3’ के बारे में
‘मर्दानी’ का निर्देशन वेटरेन फिल्म मेकर प्रदीप सरकार ने किया था, जिनका 2023 में निधन हो गया था वहीं ‘मर्दानी 2’ को गोपी पुथरन ने डायरेक्ट किया था. जबकि ‘मर्दानी 3’ का निर्देशन अभिराज मीनावाला ने किया है. ये फिल्म इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी. इसे आदित्य चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया है. ‘मर्दानी 3’, हार्ड-हिटिंग, सामाजिक रूप से रेलिवेंट कहानी कहने की फ्रेंचाइजी की विरासत को आगे बढ़ाती है. जहां ‘मर्दानी’ ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग की गंभीर दुनिया पर रोशनी डाली थी और ‘मर्दानी 2’ ने एक क्रूर सीरियल अपराधी के खौफनाक दिमाग को दिखाया था तो  वहीं तीसरी किस्त एक और अंधेरे और ज़रूरी सामाजिक मुद्दे में उतरती है.

एपस्टीन फाइल्स में जॉर्ज बुश का नाम सामने आने के बाद मची हलचल, गंभीर आरोपों ने बढ़ाई चर्चा

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट में ट्रांसपेरेंसी कानून के तहत जेफरी एपस्टीन से जुड़े डॉक्यूमेंट का आखिरी हिस्सा जारी किया है. इन में जॉर्ज बुश पर चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं. बुश का नाम एपस्टीन के पर्सनल लॉग में नहीं है. उनका नाम एपस्टीन के एक कथित पीड़ित की तरफ से NYPD में की शिकायत में आया है. यह एक डिटेक्टिव ब्यूरो चाइल्ड एक्सप्लॉयटेशन की शिकायत में आया है.

एपस्टीन के एक पीड़ित ने इंटरव्यू में जॉर्ज बुश-I से जुड़े चौंकाने वाले आरोपों पर बात की है. हालांकि, यह पता नहीं कि इसमें राष्ट्रपति बुश की बात हो रही है या नहीं. इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है.

क्या आरोप हैं
यह बातचीत ईमेल में दर्ज की गई है. इसमें एपस्टीन के कथित पीड़ित का बयान है. उसने लिखा है कि थैंक्स एम. मुझे नहीं पता था कि बुश ने उसका रेप किया था. इसके अलावा पीड़ित से जुड़े कई दस्तावेज जारी किए गए हैं. इनमें लिखा है कि जब वह इस यॉट पर था तो उसने अफ्रीकी अमेरिकी पुरुषों को सुनहरे बालों वाली महिलाओं के साथ फिजिकल रिलेशन बनाते हुए देखा. उसने बच्चों के यॉट पर टुकड़े होते देखे. उनकी आंते निकाली गईं. इसके अलावा उसने कई चौंकाने वाले दावे किए,लेकिन इनका कोई ठोस सबूत नहीं रखा.

क्या है एपस्टीन फाइल्स केस
जेफरी एपस्टीन एक फाइनेंसर था, जो अपनी अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक पहुंच के लिए खूब जाना जाता था. उसके खिलाफ जांच की शुरुआत साल 2005 में हुई थी, जब एक नाबालिग लड़की के परिवार ने उस पर यह आरोप लगाया था कि उसके साथ एपस्टीन की हवेली में यौन उत्पीड़न हुआ. इसके बाद साल 2006 में अधिकारियों ने उस पर नाबालिग के साथ अवैध यौन संबंध बनाने के कई आरोप लगाए और यह मामला ग्रैंड जूरी को सौंपा गया था. जूरी ने एपस्टीन को वेश्यावृति के लिए उकसाने के एक आरोप में भी अभियुक्त बनाया.