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दूसरे मंडे भी ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, कमाई करोड़ों में पहुंची

सनी देओल और वरुण धवन स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने सिनेमाघरों में जबरदस्त शुरुआत के बाद पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के चलते पहले हफ्ते में भी अच्छी कमाई की थी और फिर इसका दूसरा वीकेंड भी धमाकेदार रहा. हालांकि रिलीज के 11वें दिन इंडियन बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म को काफी धीमा रिस्पॉन्स मिला और इस वॉर ड्रामा फिल्म की कमाई में सोमवार को भारी गिरावट आई.चलिए यहां जानते हैं ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे मंडे को कितना कलेक्शन किया है?

‘बॉर्डर 2’ ने 11वें दिन कितनी की कमाई?
अनुराग सिंह निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ ने 23 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. बड़े पर्दे पर आने के बाद फिल्म की कहानी और इसकी स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस की खूब तारीफ हुई और इसी के साथ इस फिल्म ने पहले हफ्ते में ही 200 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली थी. फिर दूसरे वीकेंड पर भी ये फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रही लेकिन वीकडेज में एंट्री करते ही इसकी कमाई को बड़ा झटका लगा है. बता दें कि दूसरे मंडे को फिल्म ने पहली बार सिंगल डिजिट में कलेक्शन किया है.

  • सैकनिल्क के अर्ली ट्रेड आंकड़ों के मुताबिक ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे मंडे को 5.75 करोड़ की कमाई की है.
  • जिसके बाद इस फिल्म का 11 दिनों का कुल कलेक्शन अब 281 करोड़ रुपये हो गया है.
  • बता दें कि फिल्म ने रिलीज़ के पहले हफ़्ते में 224.25 करोड़ रुपये कमाए थे. इसके बाद 8वें दिन इस फिल्म ने 10.75 करोड़, 9वें दिन 17.75 करोड़ और 10वें दिन 22.50 करोड़ रुपये  कमाए.

इन फिल्मों का तोड़ा रिकॉर्ड
‘बॉर्डर 2’ की कमाई बेशक 11 वें दिन घटी लेकिन फिर भी इसने कई फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को मात दे दी है. फिल्मी बीट की रिपोर्ट के मुताबिक इसने ‘कबीर सिंह’ के 278.8 करोड़, ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ के 277.75 करोड़ और ‘टाइगर 3’ के 276.62 करोड़ी की लाइफटाइम कमाई को मात दे दी है.

‘बॉर्डर 2’ 300 करोड़ी बनने से कितनी दूर? 
‘बॉर्डर 2’ ने दूसरे वीकेंड तक दमदार परफॉर्म किया है और पहली बार इसके कलेक्शन में दूसरे सोमवार को भारी गिरावट देखी जा रही है. हालांकि ये फिल्म भारत में 300 करोड़ी बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है. इसे बस 19 करोड़ और कमाने की जरूरत है. उम्मीद है कि इस हफ्ते में फिल्म ये मील का पत्थर पार कर लेगी और इसकी 300 करोड़ के क्लब में एंट्री हो जाएगी.

बॉर्डर 2 के बारे में
अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित इस वॉर ड्रामा में सनी के अलावा वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी हैं. यह 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी. बॉर्डर 2, 1997 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है. इसे टी-सीरीज़ और जेपी फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है. इसमें मोना सिंह, सोनम बाजवा, अन्या सिंह, प्रणव वशिष्ठ और मेधा राणा भी अहम भूमिकाओं में हैं. 1997 की फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला की लड़ाई की घटनाओं पर आधारित थी, बॉर्डर 2 भी उसी संघर्ष के बैकग्राउंड पर बेस्ड है.

सनी ने बॉर्डर 2 की सक्सेस के मनाया था जश्न
हाल ही में, सनी देओल ने अपनी टीम के साथ दिल खोलकर डांस करते हुए बॉर्डर 2 की सफलता का जश्न मनाया था.  अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर, सनी ने खुद का और अपनी टीम का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे बहुत खुशी के साथ अपनी लेटेस्ट रिलीज फिल्म की सक्सेस को सेलिब्रेट करते नजर आ रहे थे.  क्लिप में, सनी ने टीम के साथ गाना गाया और केक काटाय

इससे पहले, सनी ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने बॉर्डर 2 पर मिले रिस्पॉन्स के लिए अपने फैंस और फॉलोअर्स को धन्यवाद दिया था. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक मैसेज के साथ एक क्लिप पोस्ट की। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “मेरी, आपकी, हमारी बॉर्डर 2 को इतना प्यार देने के लिए, आप सबको बहुत-बहुत थैंक्यू.”

When Is A Body Lump Dangerous:शरीर में बार-बार सूजन या गांठ बनने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें, जानिए कब यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है

 शरीर में कहीं भी अचानक सूजन या गांठ महसूस होना किसी के लिए भी चिंता की वजह बन सकता है. हालांकि, ज्यादातर गांठें सामान्य और नुकसान नहीं करती हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर बीमारी, यहां तक कि कैंसर का संकेत भी हो सकती हैं. उदाहरण के तौर पर, ब्रेस्ट में गांठ, खासकर 45 से 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में, ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों में से एक मानी जाती है. इसलिए शरीर में किसी भी तरह की असामान्य गांठ को समझना और सही समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है.

कब होती है दिक्कत?

Manipalhospitals की रिपोर्ट के अनुसार, शरीर में गांठ या सूजन कई कारणों से हो सकती है. कई बार यह पूरी तरह बेनाइन यानी बिना- कैंसर वाली होती है, जबकि कुछ स्थितियों में इसके पीछे इंफेक्शन या सूजन जिम्मेदार होती है. बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है या पस से भरी फुंसी बन सकती है, जिसमें दर्द और बुखार भी हो सकता है. इसके अलावा, सिस्ट यानी तरल पदार्थ से भरी थैलियां लिवर, किडनी या त्वचा के नीचे बन सकती हैं, जो आमतौर पर हानिकारक नहीं होतीं, लेकिन बड़ी होने या इंफेक्शन होने पर परेशानी पैदा कर सकती हैं.

कब होती है दिक्कत

रिपोर्ट में बताया गया है कि  चोट या सूजन के कारण भी शरीर के किसी हिस्से में गांठ बन सकती है, खासकर मांसपेशियों और जोड़ों के आसपास. वहीं, कुछ बेनाइन ग्रोथ जैसे लिपोमा  या फाइब्रोएडेनोमा  धीरे-धीरे बढ़ती हैं और आमतौर पर बिना दर्द के होती हैं. हालांकि, कुछ गांठें कैंसर के कारण भी हो सकती हैं, जो अक्सर सख्त होती हैं, हिलती नहीं हैं और तेजी से आकार में बढ़ती हैं. शुरुआती दौर में ये दर्द नहीं करतीं, जिससे लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं.

किन गांठ को लेकर कितनी चिंता करनी चाहिए?

गांठ की जगह भी यह समझने में मदद करती है कि मामला कितना गंभीर हो सकता है. गर्दन में गांठ , थायरॉयड या लार ग्लैंड्स से जुड़ी समस्या या कैंसर का संकेत हो सकती है. ब्रेस्ट में किसी भी तरह की गांठ को गंभीरता से लेना चाहिए, खासकर अगर वह सख्त हो, हिलती न हो, त्वचा या निप्पल में बदलाव के साथ दिखे या तेजी से बढ़ रही हो. बगल या जांघ के पास गांठ लिम्फ नोड्स की सूजन या लिम्फोमा जैसे कैंसर से जुड़ी हो सकती है. पट में गांठ हर्निया, अंगों के बढ़ने या ट्यूमर का संकेत भी हो सकती है.

किन लक्षणों को नहीं करना चाहिए इग्नोर?

कुछ लक्षण ऐसे होते हैं, जिन पर खास ध्यान देना जरूरी है. अगर गांठ का आकार या बनावट तेजी से बदल रही हो, बिना वजह वजन घट रहा हो, लगातार बुखार या रात में पसीना आता हो, या गांठ के ऊपर की त्वचा में लालिमा, गड्ढे या रंग बदलने जैसे संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Best Places to Visit in February in India: फरवरी में घूमने के लिए भारत की शानदार जगहें, Goa से Rishikesh तक

फरवरी साल का ऐसा महीना है, जब सर्दी थमती और मौसम मुस्कुराने लगता है। इस दौरान सफर करना भी सुहाना लगता है। घूमने के लिहाज से फरवरी का महीना सबसे बेस्ट होता है। क्योंकि फरवरी में न तो ठिठुरन परेशान करती है और न ही गर्मी अधिक होती है। इस दौरान समुद्र शांत होते हैं, पहाड़ साफ दिखते हैं और मैदानों में बसंत ऋतु की आहट होती है। ऐसे में अगर आप भी ट्रिप प्लान करने की सोच रहे हैं, तो फरवरी सबसे बेस्ट महीना है।

वहीं फरवरी में घूमने का प्लान करते हैं, तो आपको होटल और फ्लाइट के दाम संतुलित मिल सकते हैं। इस महीने भीड़ कम होती है और आप घूमने का अच्छा अनुभव ले सकते हैं। वहीं आप इस मौसम में अच्छी फोटोग्राफी कर सकते हैं, क्योंकि मौसम साफ होता है। वहीं आपको ज्यादा कपड़े और पैकिंग करना आसान होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि फरवरी के महीने में भारत की किन जगहों पर आप सफर के लिए जा सकते हैं।

जयपुर

राजस्थान का यह गुलाबी शहर फरवरी के महीने में बसंती रंग में रंग जाता है। फरवरी में जयपुर का मौसम एकदम सुहावना होता है। इस महीने जयपुर में हल्के गर्म दिन और ठंडी रातें होती हैं। जयपुर शहर संस्कृति, इतिहास और शाही ठाठ का सुंदर मेल है।

यहां घूमें

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (अक्सर जनवरी-फरवरी में)

आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस

लोकल बाज़ार और राजस्थानी खाना

ऋषिकेश

उत्तराखंड का ऋषिकेश को आध्यात्म की नगरी भी कहा जाता है। य़हां आप सुकून के साथ साहस दोनों को मौका दे सकते हैं। फरवरी के महीने में अधिक ठंडक नहीं होती है और भीड़ कम होती है। यह जगह उन लोगों के लिए खास है, जो सफऱ में शांति और थोड़ा रोमांच चाहते हैं।

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रिवर राफ्टिंग (सीज़न की शुरुआत)

गंगा आरती का आध्यात्मिक अनुभव

योग, ध्यान और कैफे कल्चर

गोवा

फरवरी के महीने में गोवा में न्यू ईयर की भीड़ जा चुकी होती है। लेकिन इस महीने मौसम काफी शानदार होता है। ऐसे में इस महीने में यहां पर पार्टी से ज्यादा खूबसूरत बीच पर शांत और सुकून भरा समय बिताने का मौका मिलता है।

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नॉर्थ गोवा में नाइटलाइफ़, साउथ गोवा में सुकून

साफ़ समुद्र, सुनहरी रेत

सीफ़ूड और सनसेट

कच्छ

बता दें कि गुजरात का कच्छ सफेद रण और लोक संस्कृति का केंद्र माना जाता है। फरवरी के महीने में रण का उत्सव आखिरी होने के साथ सबसे बेहतरीन समय होता है। यहां की यात्रा सिर्फ देखने की नहीं बल्कि एक्सपीरियंस करने की भी है।

यहां घूमें

लोकनृत्य, कच्छी हस्तशिल्प

सफेद नमक का रेगिस्तान

चांदनी रात में रण का जादू

वाराणसी

उत्तर प्रदेश का वाराणसी शहर दुनियाभर में फेमस है। फरवरी के महीने में वाराणसी का मौसम बेहद आरामदायक होता है और काशी आपको बदल सकती है। यहां का सुकून और दिव्य अनुभव आपके मन को शांति और शुद्धता देने का काम करेंगे।

यहां घूमें

काशी विश्वनाथ दर्शन

गंगा घाट और सुबह की नाव यात्रा

बनारसी खाना और गलियां

Health News:पेट में बार-बार होने वाला दर्द अनदेखा न करें, यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है

अक्सर लोग पेट में होने वाले दर्द को मामूली गैस, थकान या गलत खानपान का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर पेट दर्द बार-बार हो रहा है और लंबे समय तक बना रहता है, तो यह किसी गंभीर अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. पेट दर्द के साथ जलन, भारीपन, उल्टी जैसा मन होना, भूख कम लगना बार-बार दस्त या कब्ज, पेट फूलना, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई देना शरीर की चेतावनी हो सकती है.

कुछ मामलों में पेट दर्द के साथ सिर दर्द या चक्कर आने की भी शिकायत होती है. यह दर्द रोजमर्रा के कामों में परेशानी पैदा करने लगे तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अगर आपको बार-बार पेट दर्द हो रहा है तो कौन सी खतरनाक बीमारी हो सकती है.

किन बीमारियों का संकेत हो सकता है पेट दर्द?

एक्सपर्ट्स के अनुसार पेट में बार-बार दर्द कई तरह की बीमारियों से जुड़ा हो सकता है. इसमें इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, सूजन आंत्र रोग, गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज, सीलिएक रोग और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याएं शामिल है. इसके अलावा बैक्टीरियल संक्रमण, पित्ताशय की पथरी अपेंडिसाइटिस, पैनक्रिएटाइटिस और किडनी स्टोन भी पेट दर्द की वजह बन सकते हैं. कुछ लोगों में यह दर्द अल्सर, हर्निया, फूड एलर्जी फूड एलर्जी या लैक्टोज इनटॉलेरेंस के कारण भी हो सकता है. लंबे समय तक तनाव, गलत लाइफस्टाइल और संतुलित खानपान भी पेट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं.

दर्द के साथ दिखें ये लक्षण तो रहे सतर्क

अगर पेट दर्द के साथ बार-बार दस्त, खून वाला या कला मल, पेशाब में जलन, बुखार, निगलने में परेशानी, उल्टी में खून या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें तो यह किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा हो सकता है. ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

पेट दर्द से कैसे करें बचाव?

पेट से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में सुधार जरूरी है. समय पर संतुलित भोजन करें, ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और गैस बनाने वाला खाना कम करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्की एक्सरसाइज या टहलने की आदत डालें. खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें और रात का खाना जल्दी खाएं. साफ सफाई और हाइजीन का ध्यान रखें. अगर किसी खास फूड से एलर्जी है, तो उसे डाइट से दूर रखें. तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान भी फायदेमंद हो सकता है.

डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी?

अगर पेट में दर्द 24 से 48 घंटे तक ठीक न हो, तेज दर्द हो जाए या बार-बार लौटकर आए तो डॉक्टर से जांच करना जरूरी है. उल्टी, दस्त में खून, तेज बुखार, कमजोरी या वजन तेजी से कम होना गंभीर संकेत हो सकते हैं. इसके अलावा बच्चों, बुजुर्ग और गंभीर गर्भवती महिलाओं में पेट दर्द को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

ट्रंप ने इंडिया गेट की तस्वीर की सराहना, अमेरिका में बनाए जाने वाले ‘सबसे बड़े’ स्मारक की योजना का किया खुलासा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रसिद्ध युद्ध स्मारक इंडिया गेट की सराहना करते हुए एक बयान दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने इसे एक खूबसूरत विजय स्मारक बताया और साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका में बनने वाला प्रस्तावित स्मारक इन सभी से कहीं अधिक भव्य होगा।

ट्रंप ने कहा कि दुनिया के कई बड़े शहरों में विजय मेहराब मौजूद हैं, लेकिन अमेरिकी राजधानी में ऐसा कोई स्थायी स्मारक नहीं है। उनके मुताबिक यह एक असामान्य स्थिति है, जिसे बदला जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है और उसकी राजधानी में भी ऐसा ही भव्य स्मारक होना चाहिए।

वॉशिंगटन में विजय मेहराब बनाने की योजना

राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि वॉशिंगटन डीसी में प्रस्तावित विजय मेहराब को अमेरिका की बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियों और युद्धों की याद में बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह संरचना अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी होगी और इसे खास तौर पर डिजाइन किया जाएगा।

ट्रंप ने यह भी कहा कि यह स्मारक अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के आयोजनों का अहम हिस्सा बन सकता है। उनका मानना है कि यह संरचना देश के गौरव और शक्ति का प्रतीक होगी।

डिजाइन और स्थान को लेकर चर्चा

बताया गया है कि प्रस्तावित मेहराब का डिजाइन यूरोप के प्रसिद्ध विजय स्मारकों से प्रेरित होगा। ट्रंप ने निजी बैठकों में इसके अलग-अलग आकारों के मॉडल भी देखे हैं और संकेत दिए हैं कि वह सबसे बड़े आकार को प्राथमिकता देंगे। उनके अनुसार, जितना बड़ा और प्रभावशाली स्मारक होगा, उतना ही बेहतर संदेश जाएगा।

संभावना जताई जा रही है कि यह स्मारक वॉशिंगटन के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के पास बनाया जा सकता है, ताकि यह शहर की पहचान का एक नया केंद्र बन सके।