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Sports News:सिर्फ छक्कों की बारिश! ईशान किशन ने 20 गेंदों में ठोका तूफानी अर्धशतक, वर्ल्ड कप से पहले भारत का दमदार संकेत

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम ने अभ्यास मुकाबले में ही अपनी आक्रामक सोच साफ कर दी है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए वॉर्मअप मैच में ईशान किशन ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली कि विपक्षी गेंदबाज बैकफुट पर चले गए।

इस मुकाबले में ईशान किशन को ओपनिंग का मौका मिला और उन्होंने इस मौके को पूरी तरह भुनाते हुए चयनकर्ताओं के सामने अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी।

20 गेंद, 53 रन और छक्कों की झड़ी

ईशान किशन ने महज 20 गेंदों में 53 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी की सबसे खास बात रही छक्कों की भरमार। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 7 शानदार छक्के लगाए और सिर्फ 2 चौके जड़े, जिससे साफ नजर आया कि उनका इरादा शुरू से ही गेंदबाजों पर हावी रहने का था।

पहली गेंद से ही आक्रामक तेवर

किशन ने पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। दूसरी ही गेंद पर उन्होंने बड़ा शॉट लगाकर अपना खाता खोला। इसके बाद उनका असली रूप पांचवें ओवर में देखने को मिला, जब उन्होंने एक ही ओवर में लगातार बड़े शॉट्स खेलते हुए रन बटोर लिए और मैच का रुख पलट दिया।

अगले ओवर में एक और छक्का जड़ते हुए उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। यह पारी भारतीय टीम के लिए तेज शुरुआत की मिसाल बन गई।

ओपनिंग स्लॉट के लिए मजबूत दावेदारी

इस विस्फोटक पारी ने यह साफ कर दिया है कि ईशान किशन टी20 वर्ल्ड कप में ओपनिंग की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालिया सीरीज में भी उनका फॉर्म शानदार रहा है और इस वॉर्मअप मैच में उन्होंने उसी लय को बरकरार रखा।

टीम इंडिया के लिए यह एक बड़ा सकारात्मक संकेत है कि टूर्नामेंट से पहले टॉप ऑर्डर में आक्रामक विकल्प पूरी तरह फिट और फॉर्म में नजर आ रहे हैं।

Valentine Month Honeymoon: फरवरी में कपल्स के लिए बेस्ट हैं ये 5 रोमांटिक डेस्टिनेशन

शादी की डेट फिक्स होने या फिर शादी के फौरन बाद किसी भी कपल के लिए हनीमून पर जाना एक खास अनुभव होता है। यह वह समय होता है, जब आप एक-दूसरे को करीब से जानते हैं। एक तरह से हनीमून वैवाहिक जीवन की शुरूआत का पल होता है। जब भी कपल्स हनीमून का प्लान बनाते हैं, तो वह ऐसी जगहों को ढूंढते हैं, जो रोमांटिक होने के साथ सुविधाएं भी आसानी से मिल जाएं।

फरवरी के महीने में वैलेंटाइन डे वीक भी पड़ता है। इसलिए इस महीने हनीमून और भी अधिक रोमांटिक हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी फऱवरी में हनीमून के लिए रोमांटिक और हसीन जगहों की तलाश कर रहे हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप हनीमून ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।

उदयपुर

उदयपुर शहर के टॉप वेडिंग डेस्टिनेशन के अलावा इंडिया के टॉप हनीमून में शामिल रहता है। यहां की खूबसूरती इस कदर प्रचलित है कि कई बॉलीवुड के सितारे भी यहां पर वेडिंग के लिए पहुंचते हैं। झीलों के बीच स्थित यह शहर किसी जन्नत से कम नहीं लगता है।

आप उदयपुर में राजशाही अंदाज में हनीमून मना सकते हैं। फरवरी में गुलाबी सर्दियों के बीच उदयपुर में हनीमून ट्रिप चार चांद लगा देगा। उदयपुर में आप जग मंदिर, जगदीश मंदिर, सिटी पैलेस, पिछोला झील, सहेलियों-की-बारी, फतेह सागर झील और मानसून पैलेस जैसी बेहतरीन जगहों पर घूम सकते हैं।

डलहौजी

हिमाचल प्रदेश में अगर आप हनीमून ट्रिप प्लान करने की सोच रहे हैं। तो आपको एक बार डलहौजी की खूबसूरती को देखने आना चाहिए। बता दें कि डलहौजी में ही ‘मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया’ के नाम से फेमस खजियार मौजूद है। यहां पर कई कपल्स हनीमून मनाने के लिए पहुंचते हैं।

फरवरी के महीने में यहां पर स्नोफॉल के बीच आपका हनीमून यादगार हो सकता है। यहां पर आप पंचपुला, बकरोटा हिल्स, खाज्जिअर, सतधारा झरना, सच पास और डैनकुंड पीक जैसी मनमोहक जगहों को देख सकते हैं।

अल्लेप्पी

अल्लेप्पी को दक्षिण भारत का स्वर्ग माना जाता है। इस खूबसूरत राज्य में कई मनमोहक और हसीन जगहें मौजूद हैं, जहां पर दर्जन भर से अधिक कपल्स हनीमून के लिए आते हैं। ऐसे में अगर आप फरवरी महीने में दक्षिण भारत की किसी खूबसूरत और रोमांटिक जगह पर जाना चाहते हैं, तो अल्लेप्पी परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

अल्लेप्पी में बैकवाटर्स, झील-झरने, समुद्र तट और खूबसूरत बागान देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। आप अल्लेप्पी में कुमारकोम पक्षी अभयारण्य, अल्लेप्पी बीच, कुट्टनाड और वेम्बनाड झील को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा आप यहां पर हाउसबोट्स का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

लक्षद्वीप

अगर भारत में किसी जगह पर समुद्री तट की खूबसूरती मौजूद है, तो उस जगह का नाम लक्षद्वीप है। इस जगह की खूबसूरती का उदाहरण तो भारत के प्रधानमंत्री भी दे चुके हैं।

समुद्र की हसीन लहरों को पसंद करने वाले कपल्स के लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है। यह जगह सिर्फ अपनी खूबसूरती नहीं बल्कि शांत वातावरण के लिए भी जाना जाता है। यहां पर आप अगत्ती द्वीप, बांगरम द्वीप, मिनिकॉय द्वीप, कावारत्ती द्वीप और कल्पेनी द्वीप जैसी बेहतरीन जगहों पर घूम सकते हैं।

औली

अगर आप भी फरवरी महीने में उत्तराखंड की हसीन वादियों में हनीमून का प्लान बना रहे हैं। तो फिर आपको औली जाना चाहिए। इस जगह की खूबसूरती काफी ज्यादा प्रचलित है और इसको उत्तराखंड का स्वर्ग भी बोला जाता है।

यह जगह सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए नहीं बल्कि अपनी मनमोहक बर्फबारी के लिए भी फेमस है। यहां पर फरवरी के महीने में भी स्नोफॉल देखने को मिल सकती है। आप यहां पर एडवेंचर एक्टिविटीज भी कर सकते हैं। आप औली में नंदा देवी, त्रिशूल पीक, गुरसों बुग्याल और चिनाब झील जैसी मनमोहक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।

‘एक खास समुदाय को टारगेट किया जा रहा है’ — ‘द केरल स्टोरी 2’ पर एक्ट्रेस ने उठाई आपत्ति

हाल के दिनों में रिलीज़ और आने वाली फिल्मों को लेकर दर्शकों में जहां उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं कुछ प्रोजेक्ट विवादों में भी घिरते नजर आ रहे हैं। ऐसी ही एक फिल्म है ‘द केरल स्टोरी 2’, जिसका हाल ही में टीज़र और रिलीज़ डेट सामने आई है। इसके बाद से ही फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अब इस विवाद में अभिनेत्री सादिया खतीब की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने फिल्म के कंटेंट पर सवाल उठाते हुए इसे धर्म के नाम पर समाज को बांटने वाला बताया है।

सादिया ने जताई नाराज़गी

सादिया खतीब ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वह इस तरह की फिल्मों को देखकर खुद को असहज और अपमानित महसूस करती हैं। उनके मुताबिक, ऐसी फिल्में जागरूकता या सिनेमा के नाम पर डर और नफरत फैलाने का काम करती हैं।

उन्होंने लिखा कि एक भारतीय और एक मुसलमान होने के नाते यह सब देखना बेहद परेशान करने वाला है। उनका कहना है कि समस्या सिर्फ यह नहीं है कि क्या दिखाया जा रहा है, बल्कि यह भी है कि समाज इसे चुपचाप स्वीकार करता जा रहा है।

‘प्रोपेगेंडा के तौर पर पेश की जा रही है कहानी’

एक्ट्रेस ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि जब किसी एक पूरे समुदाय को बार-बार आतंकवादी, खलनायक या समाज के लिए खतरे के रूप में दिखाया जाता है, तो इसका असर गहरा होता है। इससे उस समुदाय के लोगों को लगातार नफरत और डर के माहौल में जीना पड़ता है।

उनका मानना है कि नफरत बिकती है और प्रोपेगेंडा सच से ज्यादा तेजी से फैलता है, लेकिन सवाल यह है कि इसकी सीमा कहां खत्म होगी।

मेकर्स से की जिम्मेदारी निभाने की अपील

सादिया खतीब ने इसे सिनेमा से ज्यादा “कंडीशनिंग” बताया और कहा कि यह ट्रेंड बनता जा रहा है। उनके अनुसार, यह सोच सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज के अलग-अलग हिस्सों—स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक जगहों तक—में फैल जाती है।

उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और समाज को जोड़ने वाला सिनेमा बनाने की दिशा में सोचें।

पहले भी विवादों में रह चुकी है फ्रेंचाइजी

गौरतलब है कि इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म साल 2023 में रिलीज़ हुई थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली थी। हालांकि, उस फिल्म को भी एक वर्ग द्वारा नफरत फैलाने वाला बताकर विरोध झेलना पड़ा था।
अब ‘द केरल स्टोरी 2’ 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है, लेकिन रिलीज़ से पहले ही यह विवादों में घिरती नजर आ रही है।

संवाद से सशक्तिकरण की ओर: रु-ब-रु पहल से संवाद के माध्यम से लैंगिक समानता और सुरक्षा को मिल रहा नया आयाम- डॉ.बबिता सिंह चौहान

लखनऊ:03फरवरी-2026: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बताया कि “रु-ब-रु” एक अभिनव, संवाद-आधारित पहल है, जो लैंगिक समानता, अधिकारों एवं सामाजिक परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस अधिकारियों और छात्रों के बीच संरचित एवं आमने-सामने की सार्थक बातचीत को बढ़ावा देती है। यह पहल पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों से अलग हटकर संवाद, आपसी विश्वास और साझा उत्तरदायित्व के माध्यम से अमूर्त अवधारणाओं को व्यवहारिक जीवन में रूपांतरित करती है।

डॉ. चौहान ने बताया कि रु-ब-रु कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाली चर्चाओं का प्रमुख उद्देश्य लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ना तथा विद्यार्थियों की दैनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना है। पुलिस अधिकारी छात्रों को यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, बाल संरक्षण सहित विभिन्न लैंगिक कानूनों, सुरक्षा प्रावधानों एवं रिपोर्टिंग तंत्रों की सरल और प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करते हैं। इससे छात्रों में बिना भय के अपराधों की रिपोर्ट करने का आत्मविश्वास विकसित होता है तथा शीघ्र रिपोर्टिंग और सार्वजनिक सतर्कता के महत्व को बल मिलता है।

उन्होंने बताया कि यह पहल अब तक स्कूलों और विश्वविद्यालयों में 30,000 से अधिक छात्रों तक पहुँच बना चुकी है, जो इसके व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। कार्यक्रम का विस्तार अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यालय कर्मियों एवं बस चालकों तक किया गया है, जिससे बच्चों और किशोरों के आसपास एक सुरक्षित, संवेदनशील एवं उत्तरदायी वातावरण निर्मित हो सके। यह सहभागिता शैक्षिक संस्थानों में लैंगिक संवेदनशीलता और सुरक्षा को संस्थागत रूप प्रदान करती है।

डॉ. बबीता सिंह चौहान ने यह भी उल्लेख किया कि यूनिसेफ के साथ साझेदारी ने रु-ब-रु पहल को तकनीकी मजबूती और संस्थागत गहराई प्रदान की है। बाल अधिकारों, किशोर विकास और लैंगिक संवेदनशील संचार में यूनिसेफ की विशेषज्ञता के माध्यम से कार्यक्रम की सामग्री को परिष्कृत किया गया है तथा इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाया गया है। इससे यह पहल एक-दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम से आगे बढ़कर स्थायी व्यवहार-परिवर्तन मॉडल के रूप में विकसित हो रही है।

उन्होंने कहा कि फीडबैक और जमीनी अनुभवों के आधार पर रु-ब-रु कार्यक्रम को निरंतर परिष्कृत किया जाता है। इसका मानकीकृत किंतु लचीला पाठ्यक्रम व्यवहार विज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स, केस स्टडी, रोल-प्ले और सफलता की कहानियों को समाहित करता है। “अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श”, मासिक धर्म स्वच्छता, किशोर स्वास्थ्य जैसे विषयों पर आयु-उपयुक्त सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान प्रभावशीलता सुनिश्चित होती है।

अध्यक्ष महोदया ने बताया कि रु-ब-रु केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि आंतरिक शिकायत तंत्र को प्रोत्साहित कर तथा उत्पीड़न के प्रति शून्य-सहिष्णुता की संस्कृति को बढ़ावा देकर संस्थागत सुरक्षा और जवाबदेही को भी मजबूत करता है। सहानुभूति-आधारित पुलिसिंग और भेदभाव-विरोधी संवाद के माध्यम से यह पहल कानून प्रवर्तन को मानवीय स्वरूप प्रदान करती है और पुलिस-नागरिक विश्वास को सुदृढ़ बनाती है।

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की टिप्पणी से राजनीतिक माहौल गरमाया, सड़क में उतरे समर्थक

लखनऊ: सरोजनीनगर से भाजपा विधायक एवं पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अजय राय ने एक सार्वजनिक बयान में डॉ. राजेश्वर सिंह पर प्रदेश और देश को “लूटने” जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसे भाजपा नेताओं और समर्थकों ने पूरी तरह निराधार, आपत्तिजनक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित करार दिया है।

अजय राय ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल डराने के लिए किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने डॉ. राजेश्वर सिंह की पूर्व सेवाओं से जुड़ी एजेंसी को लेकर भी बिना किसी ठोस प्रमाण के आरोप लगाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान को भाजपा ने न सिर्फ एक जनप्रतिनिधि की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया है, बल्कि इसे संस्थाओं और प्रशासनिक सेवाओं का अपमान भी करार दिया है।

डॉ. राजेश्वर सिंह की साफ-सुथरी छवि और सेवा का हवाला

भाजपा नेताओं का कहना है कि डॉ. राजेश्वर सिंह देश के उन चुनिंदा अधिकारियों में रहे हैं, जिन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, सख्ती और कानून के राज को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में कई बड़े आर्थिक अपराधों, माफिया नेटवर्क और भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई हुई, जिससे अपराधियों और उनके राजनीतिक संरक्षकों में असहजता स्वाभाविक है।
भाजपा का आरोप है कि इसी ईमानदार छवि और जनसमर्थन से घबराकर कांग्रेस नेतृत्व तथ्यहीन आरोपों का सहारा ले रहा है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि बिना किसी सबूत के इस तरह के बयान लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।

लखनऊ में समर्थकों का विरोध प्रदर्शन, माफी की मांग

अजय राय के बयान के विरोध में डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थकों ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन शहीद पथ तिराहा, कानपुर रोड स्थित होटल हॉलिडे इन के सामने आयोजित किया गया, जहां सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में समर्थक जुटने लगे।

प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी टिप्पणी की कड़ी निंदा की और तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक जिम्मेदार राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा और आरोपों से बचना चाहिए।

प्रशासन सतर्क, हालात पर नजरप्रदर्शन

के दौरान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माहौल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

जनता का स्पष्ट संदेश

सरोजनी नगर की janta ने साफ कहा है कि डॉ. राजेश्वर सिंह के सम्मान और छवि से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जनता ने प्रदर्शन के माध्यम से यह बता दिया है कि यदि इस तरह की बयानबाजी जारी रही और माफी नहीं मांगी गई, तो इसका अभी और bhi कड़ा विरोध किया जाएगा।