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यूपी बजट सत्र खत्म : “लखनऊ दर्शन” बस में पुनः शामिल हुई विधानसभा की सैर

लखनऊ, 21 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश का बजट सत्र समाप्त होते ही राजधानी के पर्यटन प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर आई है। अब ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा में एक बार फिर से का भ्रमण शामिल कर दिया गया है। बजट सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से विधानसभा की सैर अस्थायी रूप से रोक दी गई थी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि विधानसभा भवन का पुनः शामिल होना ‘लखनऊ दर्शन’ टूर को और भी आकर्षक बनाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन विस्तार और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रिंग थियेटर (जीपीओ): जहां गूंजता है काकोरी कांड का इतिहास

‘लखनऊ दर्शन’ के प्रमुख स्थलों में भी शामिल है, जिसे ब्रिटिश काल में रिंग थियेटर के नाम से जाना जाता था।

9 अगस्त 1925 को हुए काकोरी कांड के बाद अंग्रेजी हुकूमत ने करीब 40 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर यहीं विशेष अदालत में मुकदमा चलाया। लगभग 10 महीने तक चली सुनवाई के बाद राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान को फांसी की सजा सुनाई गई, जबकि अन्य क्रांतिकारियों को आजीवन कारावास दिया गया।

आज भी यहां मौजूद म्यूजियम और ऐतिहासिक निशानियां पर्यटकों को उस दौर की याद दिलाती हैं।

इलेक्ट्रिक डबल डेकर से राजधानी की सैर

(UPSTDC) की ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा प्रतिदिन दो पालियों – सुबह और शाम – में से संचालित होती है।

यह बस राजधानी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थलों का भ्रमण कराती है।

  • वयस्कों के लिए किराया: ₹500
  • बच्चों के लिए किराया: ₹400
  • टिकट: आधिकारिक वेबसाइट या प्रस्थान स्थल से उपलब्ध
  • प्रशिक्षित टूर गाइड द्वारा जानकारी
  • पर्यावरण अनुकूल और आरामदायक सफर

इतिहास और लोकतंत्र से रूबरू होने का मौका

विधानसभा भवन के पुनः शामिल होने से पर्यटक अब न केवल नवाबी इतिहास, बल्कि प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपरा को भी करीब से समझ सकेंगे।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, “विधानसभा भवन प्रदेश की पहचान है। इसके दोबारा टूर में शामिल होने से पर्यटक इतिहास के साथ लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को भी समझ पाएंगे।”

लखनऊ दर्शन बस सेवा राजधानी को जानने-समझने का एक सशक्त माध्यम बनती जा रही है, जहां इतिहास, संस्कृति और लोकतंत्र एक साथ सफर करते नजर आते हैं।

लखनऊ में शादी बनी मातम : गोमतीनगर में हर्ष फायरिंग से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत, आरोपी फरार

लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। विराटखण्ड-1 स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयोजित विवाह समारोह में चली गोली से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिरकार प्रतिबंध और सख्त निर्देशों के बावजूद हर्ष फायरिंग पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है?

क्या है पूरा मामला?

दिनांक 20/21 फरवरी 2026 की मध्य रात्रि लगभग 01:30 बजे डायल-112 के माध्यम से गोमतीनगर पुलिस को सूचना मिली कि एक शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान एक व्यक्ति को गोली लग गई है। घायल को तत्काल मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

मृतक की पहचान सुनील यादव (50 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय ठाकुर प्रसाद यादव, निवासी चांदंज, थाना अलीगंज (नियर कपूरथला चौराहा), लखनऊ के रूप में हुई है। वह अपने रिश्तेदार के विवाह समारोह में शामिल होने आए थे।

किसने की फायरिंग?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि समारोह में मौजूद शाश्वत सिंह नामक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से हर्ष फायरिंग की गई थी। इसी दौरान गोली सुनील यादव को जा लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। हालांकि, अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

बड़ा सवाल: प्रतिबंध के बावजूद कैसे हो रही है हर्ष फायरिंग?

प्रदेश में हर्ष फायरिंग पर पहले से प्रतिबंध है। सुप्रीम कोर्ट और प्रशासनिक स्तर पर कई बार स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि शादी समारोहों में हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद राजधानी लखनऊ में खुलेआम हथियार लहराना और फायरिंग करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है-

  • क्या समारोह आयोजकों ने हथियारों की जांच की?
  • क्या स्थानीय पुलिस को समारोह की पूर्व सूचना थी?
  • क्या देर रात तक चल रहे समारोहों की निगरानी की जा रही थी?
  • लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग हुआ या अवैध हथियार इस्तेमाल हुआ?

स्थानीय पुलिस की अनदेखी या व्यवस्था की ढिलाई?

गोमतीनगर जैसे पॉश इलाके में इस तरह की घटना होना प्रशासनिक सतर्कता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अक्सर देखा गया है कि शादी समारोहों में हथियारों का प्रदर्शन ‘भौकाल’ दिखाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए न तो आयोजकों पर सख्ती दिखाई देती है और न ही पुलिस द्वारा पूर्व निगरानी की ठोस व्यवस्था।

यदि पुलिस की गश्त और खुफिया निगरानी प्रभावी होती तो क्या यह घटना टाली जा सकती थी? क्या लाइसेंसी हथियारों की मॉनिटरिंग व्यवस्था कागजों तक सीमित है?

कानूनी स्थिति

फिलहाल मृतक के परिजनों द्वारा थाना गोमतीनगर में प्रार्थनापत्र नहीं दिया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थनापत्र प्राप्त होने पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

हालांकि, सवाल यह भी है कि जब घटना स्पष्ट रूप से सामने है, तो क्या पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज नहीं करना चाहिए?

हर्ष फायरिंग: ‘जश्न’ से ‘जनलेवा’ तक

हर्ष फायरिंग की घटनाएं पहले भी प्रदेश में कई जिंदगियां निगल चुकी हैं। हर बार घटना के बाद सख्ती की बात होती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही ढर्रा शुरू हो जाता है। यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कानून के खुलेआम उल्लंघन का परिणाम है।

जब तक-

  • समारोह आयोजकों की जवाबदेही तय नहीं होगी
  • लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी

तब तक ‘भौकाल’ दिखाने की यह प्रवृत्ति मासूम जिंदगियों को लीलती रहेगी।

गोमतीनगर की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि व्यवस्था की कमियों का आईना है। एक परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया, और आरोपी अभी भी फरार है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस कितनी शीघ्र आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करती है और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

लखनऊ में हर्ष फायरिंग का यह मामला एक बार फिर चेतावनी है-
जश्न में चली एक गोली, हमेशा के लिए एक जिंदगी छीन लेती है।

डिजिटल युग की युवा पीढ़ी ने परंपरा से जोड़ा संवाद, भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 में सांस्कृतिक एकता और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बना- जयवीर सिंह

  • लोक नृत्यों की अनुगूंज से प्रगाढ़ हुए भारत-नेपाल संबंध, पूर्वांचल और तराई में उमड़ा जनसैलाब
  • झगड़, कुमारी, फरुवाही और बधावा नृत्य ने बांधा समां, साझा विरासत का सजीव मंचन
  • 28 फरवरी तक चलेगा सांस्कृतिक सेतु का यह महापर्व
  • पूर्वांचल के आठ जिलों में सजा मित्रता का मंच, भारत-नेपाल महोत्सव बना जन-जन का उत्सव

लखनऊ : भारत और नेपाल के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सामाजिक रिश्तों को नई ऊर्जा प्रदान करता ‘भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026’ इन दिनों पूर्वांचल और तराई की धरती पर सांस्कृतिक सौहार्द का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। 16 फरवरी से प्रारंभ हुआ यह महोत्सव अब अपने मध्य चरण में पहुंच चुका है और जनभागीदारी के उत्साह से सराबोर है। दोनों देशों के कलाकारों की लोक प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रूप से सामने रखा।

महोत्सव में प्रस्तुत झगड़ जनजातीय लोक नृत्य, कुमारी नृत्य, फरुवाही लोक नृत्य तथा बधावा लोक नृत्य ने पारंपरिक कला और आधुनिक सोच के सुंदर संगम को प्रदर्शित किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक संबंध केवल परंपरा तक सीमित नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को भी जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026’ दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक निकटता और भावनात्मक जुड़ाव की गहरी नींव पर आधारित हैं। यह महोत्सव पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई दिशा दे रहा है। पूर्वांचल और तराई के आठ जिलों में आयोजित इस आयोजन में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिससे स्थानीय उत्पादों और शिल्प को नया मंच मिल रहा है।

रचनात्मक गतिविधियों से सशक्त संदेश

28 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में स्काउट एंड गाइड के बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग कार्यक्रम, भारत-नेपाल मैत्री विषय पर चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और मित्रता के संदेश को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिल रही है। नेपाल से आए कलाकारों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने मंच को जीवंत बना दिया, जिससे भारत-नेपाल मैत्री केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मीयता का वास्तविक उत्सव बन गई।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में पली-बढ़ी नई पीढ़ी जब अपनी अभिव्यक्ति को परंपरा और संस्कृति के रंगों से सजाती है, तब यह आयोजन और भी सार्थक हो जाता है। पूर्वांचल और तराई की धरती पर युवा शक्ति की भागीदारी ने इस महोत्सव को नई पहचान दी है।

‘रोटी-बेटी’ रिश्ते की सजीव अभिव्यक्ति

कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में आयोजित कार्यक्रमों में धोबिया लोकनृत्य और प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों ने भारत-नेपाल के ‘रोटी-बेटी’ संबंधों को भावनात्मक गहराई से प्रस्तुत किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और यह संदेश दिया कि दोनों देशों के बीच का यह आत्मीय संबंध सदियों पुराना और अटूट है।

महोत्सव के माध्यम से यह भी स्पष्ट हुआ कि भारत और नेपाल की पारंपरिक मित्रता केवल सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, परंपराओं और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ी है। हर वर्ष इसी उत्साह, उल्लास और पारस्परिक सम्मान के साथ इस महोत्सव को मनाने का संकल्प भी दोहराया गया।

भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि सांस्कृतिक संवाद और जनभागीदारी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और अधिक मजबूत तथा सार्थक बनाया जा सकता है।

Sports News:जाते-जाते Australia का धमाका, Mitchell Marsh–Travis Head के तूफान में उड़ा Oman

Australia vs Oman T20 Highlights: ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी मुकाबले में ओमान को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। हालांकि यह जीत उनके लिए ज्यादा मायने नहीं रखती, क्योंकि टीम पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी थी। फिर भी कंगारू बल्लेबाजों ने जाते-जाते दमदार प्रदर्शन कर अपनी ताकत का अहसास करा दिया।


104 पर सिमटी ओमान की पारी

पहले बल्लेबाजी करते हुए ओमान की टीम 104 रनों पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट झटकते रहे। ओमान का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया, जिससे टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।


मार्श–हेड की विस्फोटक शुरुआत

105 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को शानदार शुरुआत मिली। कप्तान मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड ने पावरप्ले में ही मैच का रुख तय कर दिया। पहले छह ओवर में टीम ने 73 रन ठोक दिए, जो टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया का तीसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है।

मार्श बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने महज 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे।

  • मिचेल मार्श: 33 गेंदों में 64* रन (7 चौके, 4 छक्के)
  • ट्रेविस हेड: 19 गेंदों में 32 रन

दोनों के बीच 93 रनों की तेज साझेदारी हुई, जिसने मुकाबला एकतरफा बना दिया। अंत में जोश इंग्लिस ने भी तेज 12 रन बनाकर टीम को 9.4 ओवर में ही जीत दिला दी।


जीत के साथ टूर्नामेंट को विदाई

हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला आसानी से जीत लिया, लेकिन ग्रुप स्टेज में मिली दो बड़ी हार—Zimbabwe और Sri Lanka के खिलाफ—ने उनकी राह मुश्किल कर दी थी। इन हारों के चलते वे सुपर-8 की दौड़ से बाहर हो गए।

ग्रुप बी से श्रीलंका और जिम्बाब्वे ने अगले दौर में जगह बनाई, जबकि ऑस्ट्रेलिया को जीत के साथ वर्ल्ड कप को अलविदा कहना पड़ा।


ऑस्ट्रेलिया की यह जीत भले ही आगे की राह न बदल सकी हो, लेकिन मार्श और हेड की विस्फोटक बल्लेबाजी ने फैंस को जरूर रोमांचित कर दिया। 🏏🔥

19 साल बाद भारत में फिर गूंजेगी Shakira की आवाज, जानिए किन शहरों में और कब होंगे उनके लाइव कॉन्सर्ट

ग्लोबल पॉप सुपरस्टार Shakira एक बार फिर भारत में अपने फैंस से रूबरू होने जा रही हैं। लगभग 19 साल के लंबे इंतजार के बाद शकीरा का यह इंडिया टूर उनके चाहने वालों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है। आखिरी बार उन्होंने साल 2007 में भारत में परफॉर्म किया था, और अब वे दोबारा अपने हिट गानों और शानदार स्टेज प्रेजेंस के साथ धमाल मचाने को तैयार हैं।

भारत टूर में शामिल शहर और संभावित तारीखें

शकीरा के इस बहुप्रतीक्षित टूर में देश के बड़े शहरों को शामिल किया गया है। मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में उनके लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किए जाने की योजना है। आधिकारिक तारीखों और वेन्यू की घोषणा के साथ ही टिकटों की बिक्री भी शुरू कर दी जाएगी। फैंस को सलाह दी गई है कि वे अपडेट्स पर नजर रखें, क्योंकि शो के टिकट तेजी से बिकने की संभावना है।

19 साल बाद खास वापसी

भारत में परफॉर्म करना शकीरा के लिए हमेशा खास रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे मुंबई और दिल्ली के फैंस से दोबारा मिलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। यह टूर न सिर्फ उनकी वापसी है, बल्कि भारतीय दर्शकों के साथ उनके मजबूत कनेक्शन का भी प्रतीक है।

कैसा होगा लाइव शो?

रिपोर्ट्स के अनुसार, शकीरा का कॉन्सर्ट हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस, लाइव सिंगिंग और शानदार डांस मूव्स से भरपूर होगा। उनके सुपरहिट गानों पर दर्शकों को झूमने का मौका मिलेगा। स्टेज प्रोडक्शन, लाइटिंग और साउंड इफेक्ट्स के साथ यह शो एक यादगार म्यूजिक एक्सपीरियंस साबित होने वाला है।

टिकट और आयोजन से जुड़ी जानकारी

कॉन्सर्ट्स का आयोजन पूरी सुरक्षा और व्यवस्थित प्रबंधन के साथ किया जाएगा। टिकटों की कीमत, बुकिंग प्लेटफॉर्म और अन्य जरूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और इवेंट प्रमोटर के जरिए जारी की जाएगी। चूंकि यह टूर काफी लोकप्रिय होने वाला है, इसलिए फैंस को पहले से टिकट बुक करने की सलाह दी जा रही है।

फैंस के लिए खास मौका

मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में होने वाले ये लाइव कॉन्सर्ट्स शकीरा के भारतीय प्रशंसकों के लिए किसी बड़े जश्न से कम नहीं होंगे। उनके हिट गाने, दमदार डांस और ग्लोबल एनर्जी से भरपूर यह टूर लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

19 साल बाद शकीरा की यह वापसी निश्चित ही उनके और भारतीय फैंस दोनों के लिए बेहद खास और रोमांचक साबित होगी।