बीकेटी, लखनऊ : आज बक्शी का तालाब (बीकेटी) तहसील परिसर में ‘अधिवक्ता समागम’ का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रत्याशी कांति सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
समागम के दौरान उपस्थित सम्मानित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कांति सिंह ने अधिवक्ता समाज के योगदान की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में बीकेटी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण एवं स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर स्थानीय बार एसोसिएशन के महामंत्री जितेन्द्र बहादुर सिंह, पूर्व महामंत्री लालबहादुर यादव, सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष दीपक सिंह, अधिवक्ता बन्धु नागेन्द्र सिंह चौहान, राजीव कुमार, अनुज गुप्ता समेत वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण तथा अनेक गणमान्य लोग भारी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
लखनऊ। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी की पीडीए राजनीति, लखनऊ के विकास और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। चाय पर चर्चा के दौरान उन्होंने वर्ष 1995 के बहुचर्चित स्टेट गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की बात करने वाले राजनीतिक दलों को अपने अतीत का भी आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने लखनऊ नगर निगम के बजट में वृद्धि को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसे भविष्य में 10,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य भी सामने रखा। वहीं, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने जनता से सतर्क रहने की अपील की और योगी सरकार की नीतियों को अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी बताया।
पीडीए की राजनीति करने वालों को स्टेट गेस्ट हाउस कांड का इतिहास भी याद रखना चाहिए
समाजवादी पार्टी की पीडीए राजनीति पर सवाल उठाते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि विचार, आचरण और व्यवहार में दिखाई देने वाली प्रतिबद्धता है। वर्ष 1995 में लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस प्रकरण ने दलित नेतृत्व की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
डॉ. सिंह ने कहा कि जो राजनीतिक दल आज पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की बात करते हैं, उन्हें अपने राजनीतिक इतिहास और पूर्ववर्ती आचरण पर भी विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, सामाजिक न्याय की वास्तविक कसौटी केवल सार्वजनिक मंचों से किए जाने वाले दावे नहीं, बल्कि वंचित वर्गों के प्रति राजनीतिक दलों का व्यवहार और उनके शासनकाल का रिकॉर्ड है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को राजनीतिक नारों के बजाय दलों के वास्तविक कामकाज, नीतियों और ऐतिहासिक भूमिका के आधार पर अपना निर्णय लेना चाहिए।
900 करोड़ से 5,000 करोड़ तक पहुँचा नगर निगम का बजट, 10 हजार करोड़ का लक्ष्य
लखनऊ के विकास का उल्लेख करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों के लिए संसाधनों के विस्तार पर जोर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार के शुरुआती दौर में लखनऊ नगर निगम का बजट लगभग 900 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 5,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। भविष्य में इसे 10,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के बजट का एक बड़ा हिस्सा वेतन और पेंशन जैसे मदों में खर्च होने के कारण विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन उपलब्ध होते थे। बजट में वृद्धि से शहर में सड़कों के निर्माण, नालियों, जलनिकासी व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएँ बढ़ती हैं।
डॉ. सिंह के मुताबिक, शहर की आबादी और आवश्यकताओं को देखते हुए नगर निगम के संसाधनों में निरंतर वृद्धि जरूरी है, ताकि नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके और विकास कार्यों को गति मिले।
सरोजनीनगर में चार वर्षों में 2,000 से अधिक सड़कों के निर्माण का दावा
सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान क्षेत्र में 2,000 से अधिक सड़कों के निर्माण का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहाँ भी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
प्रदेश के आर्थिक विकास का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते बजट और औद्योगिक निवेश से विकास की संभावनाएँ मजबूत हुई हैं। उन्होंने औद्योगिक परियोजनाओं, लॉजिस्टिक्स पार्क, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और अन्य निवेश प्रस्तावों को आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत ढाँचे का विस्तार करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, व्यापार को प्रोत्साहित करना और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना भी है।
‘माफियाराज की वापसी चाहने वालों से सतर्क रहे जनता’
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर डॉ. राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी के पूर्ववर्ती शासनकाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अपराधियों के प्रभाव और भय के कारण महिलाओं, व्यापारियों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ थीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई है। उनके अनुसार, कठोर कानून-व्यवस्था से प्रदेश में सुरक्षित वातावरण बनाने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिली है।
डॉ. सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को ऐसे राजनीतिक प्रयासों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, जिनसे उनके मुताबिक प्रदेश में अपराधियों का प्रभाव दोबारा बढ़ने की आशंका हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भविष्य के लिए कानून-व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी के आँकड़ों का किया उल्लेख
डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए गए अभियानों का उल्लेख करते हुए बताया कि उपलब्ध सरकारी आँकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 से मई 2026 तक 17,043 मुठभेड़ अभियानों में 289 अपराधियों की मृत्यु हुई और 34,253 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने इन आँकड़ों को अपराधियों के खिलाफ सरकार की कठोर नीति का परिणाम बताया। साथ ही कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रियता और कानून का प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाए रखना जरूरी है, जहाँ महिलाएँ सुरक्षित महसूस करें, व्यापारी बिना भय के अपना कारोबार कर सकें और युवाओं को शिक्षा तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
विकास और सुरक्षा को बताया प्रदेश की प्रगति का आधार
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रगति के लिए मजबूत आधारभूत ढाँचा, निवेश, रोजगार और प्रभावी कानून-व्यवस्था एक-दूसरे के पूरक हैं। नगर निगम के बजट में वृद्धि से लेकर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण और औद्योगिक परियोजनाओं तक, विकास के विभिन्न आयामों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को ऐसी राजनीति का समर्थन करना चाहिए, जो विकास, सुरक्षा और जनकल्याण को प्राथमिकता दे। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त, सुरक्षित और रोजगार के अधिक अवसरों वाला प्रदेश बनाना ही विकास की दिशा में आगे बढ़ने का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए।
लखनऊ। सरोजनीनगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोमवार को K-950, आशियाना स्थित अपने आवास पर युवा मोर्चा के सभी छह मंडलों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ आत्मीय मुलाकात कर संवाद किया। बैठक में युवाओं के उत्साह, सामाजिक सहभागिता, संगठनात्मक सक्रियता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही आगामी चुनाव को लेकर संगठन की रणनीति एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनकी ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवाओं के विचारों को प्रोत्साहित करना, उनकी क्षमताओं को उचित अवसर प्रदान करना और उनके संकल्पों को सकारात्मक दिशा देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा शक्ति की सक्रियता, जागरूकता और समर्पण पर निर्भर करती है। जब युवा सामाजिक उत्तरदायित्व को समझते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं, तब विकास की गति और अधिक सशक्त होती है। युवाओं की सहभागिता से ही एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
डॉ. सिंह ने युवा मोर्चा के सदस्यों से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने, जनसंपर्क को मजबूत करने और समाज के बीच सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं का उत्साह, अनुशासन और सामूहिक प्रयास संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ ही राष्ट्र निर्माण के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी एवं सदस्य
दक्षिण-1 मंडल : वीरू सिंह, अंकित रावत, शिवांश सिंह, श्रीयुवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत, युवाओं के संकल्प से साकार होगा राष्ट्र निर्माण का सपना यथेष्ठ सिंह, धनंजय राजपूत, शोभित, शिवनारायण पटेल, सुमित दास, विवेक यादव, वेद प्रकाश, रणजीत यादव, संदीप निषाद, विनोद कुमार, सौरभ सिंह, राहुल सिंह, विशाल सिंह एवं राजेंद्र गुप्ता।
दक्षिण-2 मंडल : आशीष पटेल, मनवेंद्र प्रताप सिंह, राहुल मिश्रा, प्रियांशु द्विवेदी, योगेश सिंह, अंकुर राजवंश, मुकेश मौर्य, अजय पांडेय, दीप त्रिवेदी, मनीष शुक्ला, अजय सिंह चौहान, पी. पी. सिंह एवं राजीव मिश्रा।
दक्षिण-3 मंडल : ऋषभ तिवारी, सतीश रावत, सुजीत बाजपेयी, अमन चावला, अभिषेक सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, शुभम, सलमान अली खान, हिमांशु, अक्षत एवं दिनेश पांडेय।
सरोजनीनगर मंडल : अभिषेक सिंह, शशांक सिंह, अजय रावत, विशाल लोधी, अभिमन्यु रावत, रविंद्र राजपूत, अमन शर्मा, प्रभाकर तिवारी, आकाश सिंह, विकास सिंह एवं अनुपम पंडित।
खुशहालगंज मंडल : शिवा पाल, मोनू पाल, धर्मेंद्र सिंह चौहान, दीप सिंह, डॉ. मनीष, अंकित सिंह, शानू सिंह, पिंटू राजपूत, योगेंद्र राजपूत, रवि सिंह, शत्रोहन सिंह एवं अश्वनी शर्मा।
अर्जुनगंज मंडल : अनुज शर्मा, उत्तम कुमार, अजय पासी, अमन यादव, रोहित लोधी, सुनील ठाकुर, अक्षय कुमार, विकास रावत, रणजीत सिंह, आनंद तिवारी एवं हिमांशु वर्मा।
लखनऊ: सरोजनीनगर के भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को परमाणु संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, महामारी, प्रदूषण, असमानता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग जैसी अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
17 गंभीर वैश्विक खतरों को रेखांकित करने वाले हालिया वैश्विक स्वास्थ्य आकलन का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने युवाओं से व्यावहारिक कौशल विकसित करने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, तार्किक सोच अपनाने और तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो चुनौतियों के सामने मूकदर्शक न बनें, बल्कि समाधान खोजें, नवाचार करें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
डॉ. सिंह ने युवाओं को जातिवाद, नफरत और विभाजनकारी राजनीति से दूर रहते हुए भेदभाव के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पूर्वाग्रह और सामाजिक विभाजन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सपनों पर हावी नहीं होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। युवाओं का ज्ञान, कौशल और संकल्प ही देश के भविष्य को नई दिशा देंगे।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “जातिवाद, नफरत और पूर्वाग्रह को अपने सपनों और संभावनाओं का रास्ता न रोकने दें। अपने कौशल को निखारें, तार्किक सोच विकसित करें और तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करें। भारत को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो समस्याओं का समाधान करें, नए अवसर पैदा करें और एक सशक्त, समावेशी एवं विकसित भारत का निर्माण करें।”
जनसंवाद में 79 आवेदन प्राप्त, मौके पर निस्तारण के साथ शेष प्रकरणों पर कार्रवाई शुरू
सरोजनीनगर की बदली तस्वीर, सड़को का जाल, बेहतरीन स्वास्थ सुविधाओं के साथ कर रहा जगमग
कानून-व्यवस्था में यूपी प्रथम, निवेश और रोजगार के भरपूर अवसर
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोमवार को क्षेत्र के दो वार्डों में ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याएँ सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। दोनों कार्यक्रमों में कुल 79 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पहले कार्यक्रम में 38 और दूसरे में 41 आवेदन शामिल हैं। मौके पर निस्तारित हो सकने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरण संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजे गए।
पहला कार्यक्रम वार्ड संख्या-2, शारदा नगर द्वितीय के अंतर्गत सभाखेड़ा, कल्ली पश्चिम में पार्षद श्रीमती द्रौपदी रावत एवं श्री मनोज रावत के आवास पर आयोजित हुआ। वहीं, दूसरा कार्यक्रम वार्ड संख्या-19, शारदा नगर प्रथम के अंतर्गत रतनखंड में जलाशय पार्क के निकट पार्षद श्री हिमांशु अम्बेडकर के आवास पर संपन्न हुआ। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और सड़क, नाली, बिजली सहित विभिन्न जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएँ एवं सुझाव विधायक के समक्ष रखे।
इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पिछले लगभग पाँच वर्षों में सरोजनीनगर की जनसमस्याओं के समाधान और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर अब तक 19 हजार से अधिक पत्राचार एवं संवाद किए गए हैं। नगर निगम के माध्यम से दो हजार से अधिक सड़कों और नालियों के निर्माण तथा डूडा, सूडा एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहयोग से कराए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
शिक्षा और युवाओं के सशक्तीकरण पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि क्षेत्र के 70 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है। दो हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को साइकिल एवं कंप्यूटर प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सरोजनीनगर के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।
कानून-व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धियाँ बताईं
अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं।
कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित लोगों का राजनीतिक प्रभाव देखने को मिलता था, लेकिन वर्तमान सरकार में अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि अपराधियों से 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियाँ मुक्त कराई गई हैं। प्रदेश में पुलिस और अपराधियों के बीच 17 हजार से अधिक मुठभेड़ हुईं, जिनमें 34 हजार से अधिक अपराधी घायल हुए और 300 अपराधियों की मृत्यु हुई।
उन्होंने विपक्ष के चुनाव संबंधी रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर प्रक्रिया को सही और हार मिलने पर गलत बताना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
जनभागीदारी से विकास को गति देने का संकल्प
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर का विकास केवल सड़क और नाली निर्माण तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बेहतर नागरिक सुविधाएँ भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सीधे सुनना, उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना और विकास कार्यों में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त सुझाव क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और सरोजनीनगर का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है।