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पत्रकारों की पेंशन और स्वास्थ्य सुरक्षा का मुद्दा फिर गरमाया, CM योगी से मिले पत्रकार संगठन : संपादकों व उपसंपादकों को भी पेंशन के दायरे में लाने की मांग, विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने भी पेंशन के साथ ही पत्रकारों के निधन के बाद जीवनसाथी को भी पेंशन की मांग को लिखा था पत्र

गोरखपुर/लखनऊ। प्रदेश के पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। इसी क्रम में विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पत्रकारों की पेंशन, आयुष्मान योजना का लाभ और अन्य सुविधाओं से संबंधित मांग पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों एवं उनके परिवारों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति भरोसा दिलाया और अन्य मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (लखनऊ), मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, गोरखपुर और गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की ओर से संयुक्त रूप से सौंपे गए मांग पत्र में प्रदेश के पत्रकारों के लिए पेंशन व्यवस्था को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने का अनुरोध किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य सरकार ने इस दिशा में शुरुआती कदम उठाए हैं, जो सराहनीय हैं। अब आवश्यकता है कि पात्रता के दायरे का विस्तार करते हुए अधिक से अधिक पत्रकारों को इसका लाभ दिया जाए।

संपादकों और उपसंपादकों को भी मिले पेंशन का लाभ

पत्रकार संगठनों ने मांग की कि पेंशन योजना में संपादकों और उपसंपादकों को भी शामिल किया जाए। ऐसे पत्रकारों को भी योजना का लाभ देने पर विचार किया जाए, जिनका सेवाकाल में एक दिन भी भविष्य निधि (पीएफ) कटा हो।

इसके साथ ही पत्रकारों की मान्यता के लिए निर्धारित 15 वर्ष की अवधि को घटाकर 10 वर्ष करने की मांग की गई। संगठनों का कहना है कि मान्यता की अवधि लगातार 10 वर्ष होने की अनिवार्यता के स्थान पर कुल मान्यता अवधि को आधार बनाया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय तक पत्रकारिता करने वाले अधिकाधिक पत्रकार योजना के पात्र बन सकें।

पत्रकार के निधन के बाद जीवनसाथी को भी मिले पेंशन

मांग पत्र में एक महत्वपूर्ण मांग यह भी उठाई गई कि पेंशन प्राप्त कर रहे पत्रकार के निधन के बाद उनके पति या पत्नी को भी पेंशन का लाभ दिया जाए। इसके लिए उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों में लागू व्यवस्था का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश में भी पेंशन की 50 प्रतिशत राशि जीवनसाथी को दिए जाने का प्रावधान लागू करने का अनुरोध किया गया।

पत्रकार संगठनों ने विभिन्न राज्यों में पत्रकारों को दी जा रही पेंशन का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश में भी सम्मानजनक पेंशन राशि निर्धारित करने की मांग की। मांग पत्र के अनुसार, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में पत्रकारों को न्यूनतम 8,000 रुपये से लेकर अधिकतम 15,000 रुपये प्रतिमाह तक पेंशन दिए जाने की व्यवस्था है।

पत्रकारों और उनके आश्रितों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की मांग

पत्रकार संगठनों ने स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने मांग की कि प्रदेश के सभी पात्र पत्रकारों और उनके आश्रितों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए, जिससे गंभीर बीमारियों और महंगे इलाज की स्थिति में पत्रकार परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सुरक्षा के संबंध में भरोसा दिया। साथ ही, पत्रकार संगठनों की अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह भी उठा चुके हैं मुद्दा

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन देने और पत्रकारों के निधन के बाद उनकी विधवाओं को भी पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। ऐसे में पत्रकार संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष दोबारा इन मांगों को उठाए जाने से पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया है।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन, लखनऊ के अध्यक्ष शिव शरण सिंह एवं उपाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह, मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, गोरखपुर के अध्यक्ष अरविन्द कुमार राय, गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी तथा पूर्व उपाध्यक्ष अजीत यादव शामिल रहे।

पत्रकार संगठनों को उम्मीद है कि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश के पत्रकारों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

188 सप्ताह से जनसेवा का संकल्प निभा रहे डॉ. राजेश्वर सिंह, 105 लोगों की हुई नेत्र जांच, 92 को मिले चश्मे, मेधावियों को साइकिलें; “आपका विधायक-आपके द्वार” अभियान के तहत रहीमनगर पड़ियाना में जनसुनवाई, 26 समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू; खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए दो नए यूथ क्लबों का गठन

लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026। जनसमस्याओं के समाधान से लेकर जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तक, सरोजनीनगर में जनसेवा का सिलसिला निरंतर जारी है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर संचालित ‘आपका विधायक, आपके द्वार’ अभियान के अंतर्गत लगातार 188वें सप्ताह जनसुनवाई एवं विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए। रहीमनगर पड़ियाना के मजरा गोडवा में आयोजित कार्यक्रम में जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं, वहीं निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, मेधावी विद्यार्थियों को साइकिल वितरण और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए यूथ क्लबों के गठन जैसी पहल भी की गईं।

जनसुनवाई में मिले 26 आवेदन, समस्याओं के समाधान की पहल

जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। रहीमनगर पड़ियाना में आयोजित जनसुनवाई के दौरान विभिन्न समस्याओं से संबंधित कुल 26 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सड़क एवं नाली निर्माण, दिव्यांग पेंशन, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, साइकिल, आर्थिक सहायता, लैपटॉप, बिजली विभाग, हैंडपंप, वृद्धावस्था पेंशन, आवास, ओपन जिम, विधवा पेंशन, बारात घर, बाल सेवा योजना और खाटू श्याम जी के दर्शन से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

प्राप्त आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेज दिया गया। अभियान के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे जनप्रतिनिधि तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। जनसुनवाई की यह पहल जनप्रतिनिधित्व को जवाबदेही से जोड़ते हुए जनता के विश्वास को मजबूत करने का प्रयास है।

105 लोगों की आंखों की जांच, 92 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे

स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान श्री साईं ऑप्टिकल के सहयोग से निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 105 लोगों की आंखों की जांच की गई, जबकि इनमें से 92 जरूरतमंद लोगों को विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से निःशुल्क चश्मे प्रदान किए गए।

इस पहल का उद्देश्य लोगों को बेहतर दृष्टि संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनके दैनिक जीवन को अधिक सहज बनाना है। नेत्र परीक्षण एवं चश्मा वितरण के माध्यम से जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं के कारण उनकी दिनचर्या प्रभावित न हो।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, 194वें बॉयज और 135वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन

बच्चों और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने तथा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभियान के अंतर्गत दो नए यूथ क्लबों का गठन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान 194वें बॉयज यूथ क्लब का गठन कर बच्चों को क्रिकेट एवं वॉलीबॉल की किट प्रदान की गईं। वहीं, बालिकाओं की खेल गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 135वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया गया। क्लब की बच्चियों को कैरम, बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल की किट उपलब्ध कराई गईं।

खेल सामग्री मिलने से बच्चों में उत्साह देखने को मिला। इन क्लबों के माध्यम से बच्चों और किशोरों को खेल गतिविधियों से जोड़ने, टीम भावना विकसित करने तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। बालिकाओं के लिए अलग क्लब का गठन खेलों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने की पहल के रूप में भी महत्वपूर्ण है।

चार मेधावी विद्यार्थियों को मिलीं साइकिलें, शिक्षा की राह होगी आसान

शिक्षा को प्रोत्साहित करने और मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से चार विद्यार्थियों को साइकिलें प्रदान की गईं। इनमें छात्राएं मांशी, नैन्शी एवं अंकिता और छात्र अंकुश शामिल हैं।

मांशी के पिता कौशल, नैन्शी के पिता कैलाश, अंकिता के पिता लाला और अंकुश के पिता वीरेंद्र हैं। साइकिलें मिलने से विद्यार्थियों के आवागमन में सुविधा होगी और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

यह पहल शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के साथ उनकी दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास है। मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने से अन्य बच्चों को भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिल सकती है।

जनसंवाद से जनकल्याण तक, निरंतर जारी है सेवा का संकल्प

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर संचालित ‘आपका विधायक, आपके द्वार’ अभियान सरोजनीनगर में जनसमस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में जनकल्याणकारी गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है।

लगातार 188 सप्ताह से जारी इस अभियान के माध्यम से स्थानीय नागरिकों तक पहुंच बनाने, जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने और बच्चों एवं युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है। जनसुनवाई, नेत्र परीक्षण शिविर, साइकिल वितरण और यूथ क्लबों के गठन जैसी पहलें जनसेवा को समाज की बुनियादी जरूरतों से जोड़ने का प्रयास हैं।

जनसमस्याओं के समाधान से लेकर बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने तक, ‘आपका विधायक, आपके द्वार’ अभियान सरोजनीनगर में जनसंवाद और जनकल्याण की निरंतरता को रेखांकित कर रहा है।

डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में सरोजनीनगर में भाजपा का संपर्क अभियान तेज, बूथवार रणनीति और मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर : एमएलसी बैठक एवं संपर्क अभियान के तहत पार्टी पदाधिकारियों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से संवाद, संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने तथा अधिकाधिक मतदान सुनिश्चित करने पर हुई चर्चा

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क को प्रभावी बनाने की दिशा में एमएलसी बैठक एवं संपर्क अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर संवाद किया गया। इस दौरान चुनावी तैयारियों, बूथवार मतदाताओं की स्थिति, मतदाता जागरूकता तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। अभियान के माध्यम से संगठनात्मक समन्वय मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से सुझाव प्राप्त करने और बूथ स्तर पर तैयारियों को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया।

शिवशंकर सिंह ‘शंकरी’ के आवास पर संगठनात्मक संवाद

अभियान के क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवशंकर सिंह ‘शंकरी’ के आवास पर बैठक आयोजित की गई। इसमें पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बूथवार मतदाताओं की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, बूथ स्तर पर संगठन को सशक्त बनाने तथा जनसंपर्क अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सुझाव लेकर संगठनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

एसकेडी अकादमी में शिक्षाविदों के साथ बैठक

इसी क्रम में एसकेडी अकादमी में प्रधानाचार्य बी.एस. वाही, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन से जुड़े सदस्यों के साथ संवाद किया गया। बैठक में आगामी चुनाव के मद्देनजर बूथवार तैयारियों, मतदाता जागरूकता और अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयासों पर चर्चा हुई। शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने तथा मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया।

सरोजनीनगर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचा संपर्क अभियान

संपर्क अभियान के अंतर्गत सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त किए गए तथा चुनाव संबंधी तैयारियों एवं मतदाता जागरूकता के विषयों पर चर्चा की गई।

संपर्क किए गए शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों में सीको कॉलेज, नारायणपुर से सुमित बत्रा; एम.जी.एस.टी. कॉलेज, शिवपुरा से सी.एल. शेखर; गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज, बिजनौर रोड से सोमिल कुशवाहा; श्री आदर्श पटेल इंटर कॉलेज, ऐन से सुनील वर्मा; बाल विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, आलमबाग नहर से योगेन्द्र सिंह; अवध कॉलेजिएट कॉलेज, दरोगा खेड़ा से सर्वजीत सिंह; आदर्श ग्रामीण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नीवां से आर.एस. चौरसिया; गजोधर प्रसाद स्कूल, पहाड़पुर से घनश्याम पाण्डेय; केवल पत्ती डिग्री कॉलेज, किशुनपुर कौड़िया से आर.पी. वर्मा; महाराजा बिजली पासी डिग्री कॉलेज, आशियाना से ऋषि मिश्रा; राधेलाल साहू इंटर कॉलेज, बेहटा से गौरव साहू; एस.आर.पी.एस. अवध पब्लिक स्कूल, कटिबगिया से विद्याधर दीक्षित; शिवानी पब्लिक स्कूल, रामगढ़ी से मार्कण्डेय दुबे; एल.आर.एस.एस. इंटर कॉलेज, बंथरा से अनिल जायसवाल; आर्यकुल कॉलेज, बिजनौर से सशक्त सिंह तथा राम प्रसाद बिस्मिल डिग्री कॉलेज, काकोरी से इजहार खान शामिल रहे।

बूथ स्तर पर मजबूती और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर

बैठकों और संपर्क कार्यक्रमों के दौरान बूथवार तैयारियों की जानकारी प्राप्त करने, संगठनात्मक समन्वय को बेहतर बनाने तथा जनसंपर्क गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, मतदाता जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवशंकर सिंह ‘शंकरी’, जिला अध्यक्ष विजय कुमार मौर्या, मंडल अध्यक्ष विवेक राजपूत, मंडल अध्यक्ष दलबहादुर सिंह, मंडल अध्यक्ष मोहित तिवारी, मुकेश शर्मा, लवलेश सिंह, राजेश सिंह, अंकित गुप्ता एवं राजकुमार पटेल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

इन बैठकों एवं संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक संवाद को गति देने, चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने, विभिन्न प्रतिनिधियों के सुझावों को समझने तथा मतदाता जागरूकता के प्रयासों को व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

स्नातक-शिक्षक निर्वाचन में जागरूक मतदाता और विकासोन्मुखी सोच को चुनें: डॉ. राजेश्वर सिंह

  • यह चुनाव बताएगा कि शिक्षक और उच्च शिक्षित वर्ग प्रदेश के भविष्य के लिए किस सोच के साथ खड़ा है
  • स्नातक एवं शिक्षक मतदाता शत-प्रतिशत मतदान कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करें
  • जाति-धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार, विकास और जनकल्याण को बनाएं चुनाव का आधार
  • विकास की निरंतरता के लिए विधान परिषद में विकासोन्मुखी बहुमत आवश्यक: डॉ. सिंह

लखनऊ। स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के मद्देनज़र सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने एसकेडी डिग्री कॉलेज में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों के साथ संवाद किया। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता जागरूकता और लोकतांत्रिक सहभागिता पर चर्चा हुई। डॉ. सिंह ने कहा कि यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षा जगत, शिक्षकों और उच्च शिक्षित वर्ग की लोकतांत्रिक सोच को सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है।

डॉ. सिंह ने स्नातक एवं शिक्षक मतदाताओं से तीन प्रमुख आह्वान किए:

  1. इस चुनाव के महत्व को समझें: मतदान से यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक और उच्च शिक्षित वर्ग प्रदेश के भविष्य के लिए किस प्रकार की सोच और नेतृत्व का समर्थन करता है।
  2. शत-प्रतिशत मतदान करें और समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करें: शिक्षक और स्नातक समाज के बौद्धिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे स्वयं मतदान करें और शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाकर पूरे समाज को प्रेरित करें।
  3. जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास को चुनें: राजनीति का आधार शिक्षा, रोजगार, जनकल्याण और विकास होना चाहिए। युवाओं का बहुमूल्य समय जातिगत विभाजन और अन्य भटकावों में नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास और अपने भविष्य के निर्माण में लगना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधान परिषद प्रदेश की विधायी व्यवस्था का महत्वपूर्ण सदन है। यहाँ विकासोन्मुखी सोच का बहुमत रहना आवश्यक है, ताकि प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और जनहित की नीतियों को निरंतर गति मिलती रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 11.3 प्रतिशत की विकास दर के साथ देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता राज्य है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, हवाई अड्डों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों का विस्तार इसी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

शारदीय नवरात्र का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार अन्याय और बुराई के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। समाज और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जागरूक नागरिकों तथा जिम्मेदार शिक्षण संस्थानों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

बैठक में एसकेडी ग्रुप के निदेशक एवं अध्यक्ष श्री मनीष सिंह, सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ एजुकेशन के श्री अनिल अग्रवाल, मॉडर्न एकेडमी के श्री राजीव तुली, विवेकानंद महिला महाविद्यालय की डॉ. कविता सिंह, पायनियर स्कूल की श्रीमती शर्मिला सिंह, सर्वांगीण विकास इंटर कॉलेज के श्री सेवकराम कनौजिया, जयपुरिया स्कूल के श्री अनुज अवस्थी, जी.डी. गोयनका स्कूल के श्री अविनाश, अवध कॉलिजिएट के श्री जितेंद्र वालिया, महाराजा बिजली पासी की डॉ. दीप्ति सोनकर, गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज की डॉ. रश्मि सिंह, माँ भगवती इंटर कॉलेज के श्री शशांक सिंह, एसबीएन इंटर कॉलेज के श्री अमोद सिंह और न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज के श्री गोपाल मिश्रा उपस्थित रहे। शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक चेतना से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।

इससे पहले डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के फूलचंद्र नगर, सैनी मार्केट और रॉयल सिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। बिजनौर स्थित श्री श्री सिद्ध पीठ नव दुर्गा माता मंदिर में आयोजित प्रथम विशाल माँ भगवती जागरण में सम्मिलित होकर उन्होंने माँ नव दुर्गा के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।

अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को जाति-धर्म के आधार पर बाँटना नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कक्षा 12वीं से लेकर स्नातक और परास्नातक तक के महत्वपूर्ण समय का सदुपयोग शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में करने का आह्वान किया।

बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने की CM योगी से बड़ी मांग : अतिरिक्त बजट और विशेष टास्क फोर्स गठित करने का आग्रह ; तीन महीने तक चले विशेष निगरानी अभियान, शहरों से गांवों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को गति देने के लिए सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने, विशेष टास्क फोर्स गठित करने और अगले तीन माह तक सघन निगरानी अभियान चलाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े विकास कार्यों के साथ आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। सड़कों की मरम्मत केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा हो और इसकी जवाबदेही भी तय की जाए।

विकास के साथ स्थानीय समस्याओं का समाधान भी जरूरी

डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, मेट्रो, एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं के विस्तार से प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार की संभावनाओं को नई दिशा मिली है।

उन्होंने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और बजट के आकार में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। प्रदेश विकास, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। हालांकि, विकास का वास्तविक लाभ तभी व्यापक स्तर पर दिखाई देगा, जब आम नागरिकों को बेहतर सड़कें, सुगम आवागमन और स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

विधायक ने कहा कि भारी बारिश के कारण अनेक क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनकी मरम्मत में देरी से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सड़क मरम्मत के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करना और उनकी नियमित निगरानी करना आवश्यक है।

अतिरिक्त बजट और विशेष टास्क फोर्स का सुझाव

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह ने वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए।

उन्होंने अगले तीन माह तक विशेष निगरानी अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मरम्मत कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके और जहां काम में देरी हो रही हो, वहां समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

डॉ. सिंह के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान करना नहीं, बल्कि उनकी मरम्मत पूरी होने तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना होना चाहिए। इससे सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग होगा और नागरिकों को समय पर राहत मिल सकेगी।

शहरों से गांवों तक तय हो अधिकारियों की जवाबदेही

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सड़क मरम्मत के कार्यों में स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी उठाई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर निगमों, नगर निकायों, जिला पंचायतों, विकास प्राधिकरणों और अन्य संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां निर्धारित करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार की जाए। मरम्मत कार्यों के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान भी सुनिश्चित होनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच तथा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी बनाई जाए।

विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क मरम्मत के कार्य केवल कागजों पर पूरे नहीं होने चाहिए। उनकी गुणवत्ता की जांच और जमीनी स्तर पर सत्यापन जरूरी है, ताकि कुछ समय बाद वही सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त होने की समस्या से बचा जा सके।

तीन महीने के निगरानी अभियान से मिलेगी जनता को राहत

डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि अतिरिक्त बजट, विशेष टास्क फोर्स और तीन माह के सघन निगरानी अभियान के माध्यम से सड़क मरम्मत के कार्यों में तेजी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि शहरों, कस्बों, वार्डों और गांवों में सड़कों की स्थिति में सुधार होने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सुगम आवागमन केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। बेहतर सड़कें स्थानीय व्यापार, ग्रामीण संपर्क और क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार

डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि बड़े विकास लक्ष्यों को हासिल करने के साथ स्थानीय स्तर पर नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना भी सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से ही विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।

डॉ. सिंह ने उम्मीद जताई कि सड़क मरम्मत के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिससे बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत मिलेगी और प्रदेश की सड़क व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं सुगम बन सकेगी।