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महाकुंभ 2025: “योगी की फोर्स” पेश करेगी मानवता की अनूठी मिसाल

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  • प्रयागराज के परेड ग्राउंड में संकल्प प्रशिक्षण पंडाल में सॉफ्ट बिहेवियर की ट्रेनिंग ले रहे पुलिसकर्मी
  • पहले चरण में 21 दिनों तक दो बैच में दिया जा रहा प्रशिक्षण, दिसंबर तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की हर संभव मदद और उनके प्रति विनम्र व्यवहार करने पर है फोकस
  • “सुरक्षा आपकी-संकल्प हमारा” ध्येय के साथ श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करेगी पुलिस
  • सॉफ्ट स्किल के साथ ही जेंडर सेशटाइजेशन पर भी दिया जा रहा विशेष ध्यान
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प्रयागराज/लखनऊ: मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में होने जा रहा है। महाकुंभ 2025 के आयोजन और संचालन के लिए योगी सरकार और यूपी पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम योगी की मंशा के मुताबिक इस महाकुंभ में यूपी पुलिस मानवता की अनूठी मिसाल पेश करेगी। इस उद्देश्य से यूपी पुलिस ने प्रयागराज के परेड ग्राउंड में संकल्प प्रशिक्षण पंडाल में ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू कर दिया है। “सुरक्षा आपकी-संकल्प हमारा” के ध्येय के साथ-साथ यूपी पुलिस का पूरा ध्यान महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की हर संभव मदद और उनके प्रति विनम्र व्यवहार करने पर है। ताकि श्रद्धालु महाकुंभ से लौट कर अपने साथ पुण्य और सुखद अनुभव ही लेकर जाएं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में 21 दिनों तक दो बैच में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

सॉफ्ट स्किल सीख रहे जवान, भाषाई अनुवाद के लिए किया जाएगा एप का उपयोग

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विश्व में मानवों के सबसे बड़े समागम महाकुंभ 2025 में लगभग 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या के दिन लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, साधुओं, संन्यासियों और पर्यटकों की सुरक्षा और व्यवस्था का जिम्मा यूपी पुलिस के हाथ में है। एसएसपी कुंभ राजेश द्ववेदी ने बताया कि सीएम योगी की आशाओं के मुताबिक यूपी पुलिस इस महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनके प्रति विनम्र व्यवहार पर विशेष जोर दे रही है। इसके चलते प्रयागराज में 16 अक्टूबर से चल रहे पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरक्षा उपायों के साथ-साथ विशेष बल सॉफ्ट स्किल और जेंडर सेशटाइजेशन पर दिया जा रहा है। सॉफ्ट स्किल के तहत पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं से बात-चीत करने, उनकी मदद करने, पार्किंग, यतायात के साधन व मेले के सही रूट व ठहरने के स्थान बताने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही मेले में आने वाले साधू, संन्यासियों के प्रति कैसा व्यवहार करना है, ये भी बताया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि विदेशी पर्यटकों और देश के कोने-कोने से आने वालों से उनकी भाषा में बात कर मदद करने के लिए एआई टेक्नॉलाजी की मदद लेने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए भाषीनि एप भी बनाया गया है जो कई भाषाओं का अनुवाद करने में सक्षम है। साथ ही पुलिसकर्मियों को चैटबॉट की भी जानकारी दी जा रही है। ताकि मेले में श्रद्धलुओं की हर संभव मदद की जा सके।

जेंडर सेंसटाइजेशन पर जोर

अंत प्रशिक्षण कार्यक्रम में सबसे ज्यादा जोर जेंडर सेंसटाइजेशन पर है। एसएसपी कुंभ ने बताया कि महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में आने वाली महिला श्रद्धालुओं की मदद के लिए हर जगह महिला पुलिस तैनात करना संभव नहीं है। इसलिए पुरूष पुलिस कर्मियों को भी महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने और मदद करने को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही जल पुलिस, एडीआरफ व एसडीआरफ के सैनिकों को विशेष कर कल्पवासियों और स्नार्थियों की स्नान के दौरान सुरक्षा और डूबने बचाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। जल पुलिस मेले में नावों के संचालन व सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखेगी। ट्रैफिक व सिविल पुलिस श्रद्धालुओं के स्नान घाटों तक पहुंचने व सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित करेंगे। महाकुंभ 2025 में यूपी पुलिस का ध्येय सीएम योगी के दिव्य भव्य सुरक्षित महाकुंभ के संकल्प को पूरा करना है।

महापौर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई नगर निगम की महत्वपूर्ण बैठक: विकास कार्यों को मिली हरी झंडी

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  • सफाई कर्मचारियों को हर महीने की 7-10 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित।
  • लखनऊ में 45 ठहराव और 27 पिक एंड ड्रॉप स्थल बनाने का निर्णय।
  • सरकारी स्कूलों में स्मार्ट स्क्रीन लगाने की योजना।
  • 20 नई रोबोट सफाई मशीनों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी।
  • चौक वार्ड में सीवर लाइन और पार्क बाउंड्री का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
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लखनऊ: आज लखनऊ नगर निगम मुख्यालय के राजकुमार हॉल में नगर निगम की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता नगर निगम की महापौर सुषमा खर्कवाल ने की। बैठक में नगर निगम की कार्यकारिणी के सदस्य, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य लखनऊ शहर के विकास से संबंधित योजनाओं को आगे बढ़ाना और पिछले कुछ महीनों से लंबित मुद्दों का समाधान करना था। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें सफाई, यातायात प्रबंधन, सड़कों की मरम्मत, जल आपूर्ति, सामाजिक कल्याण योजनाएं और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:

1. सफाई कर्मचारियों के वेतन का समय पर भुगतान

सफाई कर्मचारियों और अन्य श्रमिकों को हर महीने की 7 से 10 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया। इससे सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलेगा, जो सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

2. यातायात प्रबंधन के लिए ऑटो-टैक्सी और ठहराव स्थलों की व्यवस्था

लखनऊ के नगरीय क्षेत्रों में यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए 45 स्थलों पर ऑटो और टैम्पो के ठहराव स्थल और 27 पिक एंड ड्रॉप स्थलों की स्थापना की जाएगी। इस योजना के तहत महापौर सुषमा खर्कवाल द्वारा एक उप समिति गठित की गई, जिसमें सौरभ सिंह मोनू, मुकेश सिंह मोंटी, पीयूष दीवान और लईक आगा को सदस्य के रूप में नामित किया गया।

3. स्मार्ट स्क्रीन योजना

लखनऊ के सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट स्क्रीन लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में एक-एक स्मार्ट स्क्रीन लगाई जाएगी, ताकि छात्रों की शिक्षा में डिजिटल उपकरणों का उपयोग बढ़ाया जा सके। अगले एक महीने में इस पर कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया गया।

4. रोबोट सफाई मशीनों की खरीद

पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दों के अनुसार, सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 20 नई रोबोट सफाई मशीनें खरीदी जाएंगी। यह फैसला विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सफाई प्रक्रिया को गति देने के लिए लिया गया है, जहाँ वर्तमान में सफाई कर्मियों की कमी है।

5. सीवर लाइन और पार्कों के विकास कार्य

चौक वार्ड में स्थित खुन-खुन जी रोड पर सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके साथ ही, महाराजा अग्रसेन पार्क की जर्जर हो चुकी बाउंड्री का पुनर्निर्माण जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।

अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव और निर्देश:

1. सड़कों की मरम्मत और रखरखाव

महापौर ने सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के लिए योजनाएं बनाने के निर्देश दिए। शहर के विभिन्न हिस्सों में टूट-फूट और गड्ढों वाली सड़कों की तत्काल मरम्मत का आदेश दिया गया। इसके लिए अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य योजना तैयार करने और क्रियान्वयन शुरू करने के निर्देश दिए गए।

2. जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार

शहर के कई क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या को ध्यान में रखते हुए, बैठक में जल आपूर्ति प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का फैसला लिया गया। नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग को इस पर काम करने के निर्देश दिए गए, ताकि पानी की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में जल्द समाधान मिल सके।

3. सामाजिक जनकल्याण योजनाएं

सामाजिक जनकल्याण योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें गरीब और वंचित वर्गों के लिए लाभकारी योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। नगर निगम ने इन योजनाओं को तेजी से लागू करने का फैसला लिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।

4. नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था

नगर निगम के वित्तीय संसाधनों को सुव्यवस्थित करने के लिए बैठक में वित्तीय योजना पर भी चर्चा हुई। इसमें प्रस्ताव रखा गया कि महापौर निधि, पार्षद निधि और नगर आयुक्त निधि के लिए प्रतिवर्ष 240 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के लिए 150 करोड़ रुपये और आवश्यक कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।

5. गुलाला श्मशान घाट की समस्याओं का समाधान

गुलाला श्मशान घाट में हो रही अवैध वसूली और अन्य अनियमितताओं पर ध्यान दिया गया। बैठक में तय किया गया कि श्मशान घाट की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाएगा और वहां पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा, श्मशान घाट में बाउंड्री और गेट के मरम्मत का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि वहां सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

महापौर के निर्देश:

महापौर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। सफाई, यातायात, जल आपूर्ति और सड़कों की मरम्मत से जुड़ी सभी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया। महापौर ने यह भी निर्देश दिए कि हर माह की कार्यकारिणी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि किसी भी विकास कार्य में देरी न हो। बैठक में लखनऊ नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, और अन्य विभागों के प्रमुख उपस्थित थे। यह बैठक लखनऊ के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि इसके माध्यम से शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश उप-निर्वाचन 2024: 12 प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन, अब तक कुल 15 नामांकन हुए

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  • 22 अक्टूबर तक कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया।
  • 16-मीरापुर (मुजफ्फरनगर) विधानसभा में अब तक 06 प्रत्याशियों ने नामांकन किया।
  • 29-कुंदरकी (मुरादाबाद) विधानसभा में आजाद समाज पार्टी से चांद बाबू ने नामांकन किया।
  • 71-खैर (अलीगढ़) और सीमामऊ (कानपुर) में अब तक कोई नामांकन नहीं हुआ।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 09 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उप-निर्वाचन 2024 के तहत नामांकन प्रक्रिया जारी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि आज, 22 अक्टूबर 2024 को पांच विधानसभा क्षेत्रों में 12 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस प्रकार, अब तक कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।

विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हुए नामांकन

16-मीरापुर (मुजफ्फरनगर)
मीरापुर विधानसभा के लिए आज 05 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। इसमें बहुजन मुक्ति पार्टी से वकार अजहर, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से जाहिद हुसैन, और निर्दलीय प्रत्याशियों में राजबाल सिंह राणा, रजनीश कुमार, तथा मो. अनस ने नामांकन पत्र दाखिल किया। अब तक इस सीट से कुल 06 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।

29-कुंदरकी (मुरादाबाद)
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से चांद बाबू ने आज नामांकन किया।

56-गाजियाबाद (गाजियाबाद)
गाजियाबाद विधानसभा सीट से सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभाष पार्टी) के प्रत्याशी रवि कुमार पांचाल और निर्दलीय प्रत्याशी विजय कुमार अग्रवाल ने अपने नामांकन पत्र जमा किए हैं।

256-फूलपुर (प्रयागराज)
फूलपुर सीट से परिवर्तन समाज पार्टी की उषा और प्रगतिशील समाज पार्टी के योगेश कुमार कुशवाहा ने नामांकन दाखिल किया है।

277-कटेहरी (अंबेडकर नगर)
कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी शोभावती वर्मा और बहुजन समाज पार्टी के अमित वर्मा ने नामांकन किया है। अब तक इस सीट से 03 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।

शेष सीटों पर स्थिति

71-खैर (अ.जा.) (अलीगढ़), 213-सीमामऊ (कानपुर नगर) और 397-मझवां (मिर्जापुर) विधानसभा क्षेत्रों में अब तक कोई नामांकन दर्ज नहीं हुआ है।

नामांकन की अंतिम तारीख और प्रक्रिया

नामांकन की प्रक्रिया के तहत आगामी दिनों में और भी प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल होने की उम्मीद है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच होगी और योग्य उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की जाएगी। इस उप-निर्वाचन से संबंधित सभी क्षेत्रों में मतगणना और परिणाम की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित तिथियों पर की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से जारी, RDSS योजना के तहत 3 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित होंगे

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  • RDSS योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
  • अब तक 19,000 फीडरों और 7,800 परिवर्तकों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
  • 2,700 सरकारी संयोजनों पर स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।
  • UPPCL के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग की अपील की।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) योजना के तहत सभी विद्युत उपभोक्ताओं, फीडरों और परिवर्तकों पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश में लगभग 3 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। अब तक 19,000 फीडरों और 7,800 परिवर्तकों पर स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में 2,700 से अधिक सरकारी संयोजनों पर भी स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसी क्रम में, आज 22 अक्टूबर 2024 को, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के गौतम पल्ली स्थित सरकारी आवास पर भी स्मार्ट मीटर स्थापित किया गया। यह कार्य मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा किया गया।

इस अवसर पर डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी साबित होंगे, क्योंकि ये उपभोक्ताओं को सटीक और पारदर्शी बिजली बिलिंग सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगाने के काम में सहयोग देने की अपील की।

स्मार्ट मीटर का उद्देश्य, लाभ और एजेंसियों की नियुक्ति

RDSS योजना के तहत स्मार्ट मीटरिंग का उद्देश्य बिजली वितरण में पारदर्शिता और कुशलता लाना है। स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी को रोकने और बिलिंग में सुधार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग को बेहतर तरीके से मॉनिटर करने का मौका मिलेगा, जिससे बिजली की बर्बादी कम हो सकेगी। इस कार्य के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा चार एजेंसियों को नियुक्त किया गया है, जो पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य करेंगे। इस योजना का प्रमुख लक्ष्य उपभोक्ताओं को सटीक बिजली बिल प्रदान करना और बिजली की गुणवत्ता में सुधार लाना है।

लखनऊ: मंडलायुक्त डॉ.रोशन जैकब की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति की बैठक सम्पन्न, औद्योगिक समस्याओं के समाधान पर चर्चा

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  • अमौसी और सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्रों में जल भराव की समस्या पर ड्रेन निर्माण के निर्देश।
  • नादरगंज से रिंग रोड तक सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
  • रायबरेली के औद्योगिक आस्थानों को यूपीसीडा से जिला उद्योग केंद्र को हस्तांतरित करने पर चर्चा।
  • रोजगार परक योजनाओं की समीक्षा में अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित करने के निर्देश।
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लखनऊ: मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयुक्त सभागार कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में अमौसी, सरोजनी नगर, बन्थरा औद्योगिक क्षेत्रों में जल भराव की समस्या, सड़कों के चौड़ीकरण, सीवर लाइन और एसटीपी जैसी प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, रायबरेली जनपद के औद्योगिक आस्थानों को यूपीसीडा से जिला उद्योग केंद्र को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ।

जल भराव की समस्या के समाधान पर चर्चा

बैठक में औद्योगिक इकाइयों में जल भराव की समस्या पर एनएचएआई द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिरिक्त ड्रेन के निर्माण से जल भराव की समस्या का समाधान हो सकता है। इस पर जल निगम को ड्रेन निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव

लोक निर्माण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि नादरगंज (अमौसी औद्योगिक क्षेत्र) से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक 5.7 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

रायबरेली के औद्योगिक आस्थानों का हस्तांतरण

जनपद रायबरेली के उद्यमियों द्वारा मांग उठाई गई कि लालगंज, सलोन, महाराजगंज और अन्य औद्योगिक आस्थानों को यूपीसीडा से जिला उद्योग केंद्र को हस्तांतरित किया जाए। इस पर यूपीसीडा के वरिष्ठ प्रबंधक ने अवगत कराया कि इस प्रस्ताव को बोर्ड द्वारा अनुमोदन प्राप्त हो चुका है, और शासनादेश के लिए पत्र प्रेषित किया गया है।

रोजगार परक योजनाओं की समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई। मंडल के समस्त उपायुक्तों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए और अधिक से अधिक व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ मिले।

एमएसएमई नीति-2022 पर प्रेजेंटेशन, उपस्थित अधिकारी एवं प्रतिनिधि

इस बैठक में एमएसएमई नीति-2022 पर भी एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें औद्योगिक विकास के लिए नवीन नीतियों और योजनाओं को लागू करने पर बल दिया गया। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनमें उमेश चन्द्र उपाध्याय (अपर जिलाधिकारी एलए-2), कंचन सुबोध (संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मंडल), विजय पाल सिंह (डिप्टी कमिश्नर राज्यकर), डॉ. यूसी शुक्ला (क्षेत्रीय अधिकारी, उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), रजत मेहरा (महासचिव, अमौसी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन), राजीव बंसल (डिवीजनल चेयरमैन, आईआईए) सहित कई प्रमुख लोग शामिल थे।