Home Blog Page 1239

मलिहाबाद में हनुमान जी का दिव्य श्रंगार, श्रीराम कथा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

truenewsup
truenewsup
  • मलिहाबाद में हनुमान जी का भव्य श्रंगार किया गया, सुंदरकांड पाठ ने भक्तों को मंत्रमुग्ध किया।
  • श्रीराम कथा की तैयारियों को लेकर श्री गोपेश्वर गौशाला में बैठक आयोजित हुई।
  • 25 दिसंबर को अजय याग्निक की सुंदरकांड चर्चा के साथ श्रीराम कथा का शुभारंभ होगा।
  • बैठक में विभिन्न स्थानों से स्रोताओं को लाने के लिए संसाधनों की व्यवस्था पर चर्चा हुई।

मलिहाबाद/लखनऊ: मलिहाबाद में मंगलवार को चिंताहरण हनुमान जी का भव्य श्रंगार किया गया, जो भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव था। इस अवसर पर भजन सम्राट शशांक सागर द्वारा सुंदरकांड पाठ का गायन किया गया, जिसने उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन मलिहाबाद क्षेत्र में विशेष आकर्षण का केंद्र बना।

इसी के साथ, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री राघवाचार्य की आगामी श्रीराम कथा को लेकर श्री गोपेश्वर गौशाला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गौशाला प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने की और संचालन श्रीराम कथा के संयोजक आचार्य डॉ. सप्तर्षि मिश्र एवं अन्य प्रमुख सदस्यों द्वारा किया गया।

बैठक में क्षेत्रीय आयोजनों की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई, जिसमें 25 दिसंबर से शुरू होने वाली श्रीराम कथा के लिए विभिन्न स्थानों से स्रोताओं को लाने-ले जाने के लिए संसाधनों की व्यवस्था की योजनाएं बनाई गईं।

बैठक में प्रमुख मुद्दे:

  1. श्रीराम कथा का शुभारंभ:
    25 दिसंबर को प्रसिद्ध विद्वान अजय याग्निक द्वारा सुंदरकांड की चर्चा से कथा का प्रारंभ होगा, जबकि 26 दिसंबर से स्वामी श्री राघवाचार्य की कथा शुरू होगी।
  2. संसाधनों की व्यवस्था:
    बैठक में चर्चा की गई कि क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से स्रोताओं को कथा स्थल तक लाने के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
  3. राम कथा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प:
    सभी उपस्थित सदस्यों ने प्रस्ताव दिया कि अन्य संगठनों को भी इस आयोजन से जोड़ा जाए, ताकि राम चर्चा को घर-घर पहुँचाया जा सके।
  4. गौशाला परिवार की सेवा:
    गौशाला प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने बताया कि गौशाला परिवार राम कथा के आयोजन में समर्पित भाव से सेवा प्रस्तुत करेगा।

आयोजन की तैयारियों पर चर्चा

श्रीराम कथा की योजना और संसाधनों की व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित इस बैठक में संजय मिश्र (एडवोकेट), संजीव पाण्डेय (एडवोकेट एवं पूर्व महामंत्री, सेंट्रल बार एसोसिएशन), पंकज गुप्ता (जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर), शैलेन्द्र श्रीवास्तव (अध्यक्ष, विनायक ग्रामोद्योग संस्थान) समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। सभी ने एकमत से यह निर्णय लिया कि राम कथा के आयोजन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संगठनों को जोड़कर इसे व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा। मलिहाबाद में होने वाली इस श्रीराम कथा को लेकर सभी संबंधित पक्ष अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। यह कथा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को एकजुट करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगी। आयोजन समिति द्वारा की गई तैयारियों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राम कथा का संदेश हर घर तक पहुँचे और इसे सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।

SCERT: शिक्षकों में नवाचार को बढ़ावा दे रही योगी सरकार, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से शिक्षण में सुधार की कोशिश

truenewsup
truenewsup
  • योगी सरकार शिक्षकों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है
  • प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य शिक्षण में कला, क्राफ्ट और पपेट्री जैसी विधियों का उपयोग कर सुधार लाना है
  • इस प्रतियोगिता में 75 जनपदों के 150 शिक्षक भाग ले रहे हैं
  • प्रतियोगिता में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए विषय निर्धारित किए गए हैं
truenewsup

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शिक्षकों के बीच नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठी पहल कर रही है। राज्य स्तरीय कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री शिक्षण प्रतियोगिता का आयोजन कर शिक्षकों को शिक्षा के पारंपरिक तरीकों से हटकर रचनात्मक और प्रभावशाली तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य शिक्षण को कला, शिल्प और कठपुतली जैसी रचनात्मक विधियों के माध्यम से अधिक आकर्षक और प्रभावी बनाना है।

truenewsup

उत्तर प्रदेश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 2017-18 में योगी सरकार के गठन के साथ की गई थी। इस वर्ष प्रतियोगिता का आयोजन 21 से 25 अक्टूबर के बीच किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के 75 जनपदों से चयनित 150 शिक्षक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रतियोगिता के उद्देश्य और स्वरूप

truenewsup

योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य परिषदीय शिक्षकों को शिक्षण में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रतियोगिता के तहत शिक्षकों को यह दिखाने का मौका दिया जा रहा है कि टीएलएम (Teaching Learning Material) के सहयोग से कैसे बच्चों को बेहतर और निपुण बनाया जा सकता है। प्रतियोगिता के पहले चरण में 24 सितंबर को जनपद स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था, जिसके बाद अब दूसरे चरण में राज्य स्तर पर प्रतियोगिता हो रही है।

पांच श्रेणियों में हो रही प्रतियोगिता

truenewsup

इस प्रतियोगिता में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए पांच श्रेणियों में विषय निर्धारित किए गए हैं। प्राथमिक स्तर पर ‘भाषा’ और ‘गणित’ विषय हैं, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर ‘गणित’, ‘विज्ञान’ और ‘सामाजिक विज्ञान’ विषय शामिल हैं। इन विषयों पर शिक्षकों द्वारा कला, शिल्प और पपेट्री के माध्यम से शिक्षण विधियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

शिक्षकों को नवाचार का अवसर

truenewsup

SCERT के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर बार नए शिक्षक इस प्रतियोगिता में भाग लें और अपने नवाचारों को प्रदर्शित करें। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षण में रचनात्मकता और नई विधियों को जोड़ने का मौका मिल रहा है।

SCERT निदेशक गणेश कुमार ने कहा, “यह प्रतियोगिता शिक्षकों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे अपनी रचनात्मकता को प्रदर्शित कर सकते हैं और शिक्षण के स्तर को ऊंचा उठाने में सहयोग कर सकते हैं। कला, क्राफ्ट और पपेट्री जैसी विधियों का उपयोग शिक्षा में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।”

योगी सरकार की इस पहल से उत्तर प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों को अपनी प्रतिभा और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। यह प्रतियोगिता न केवल शिक्षकों के बीच प्रतिस्पर्धा और रचनात्मकता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि छात्रों के लिए भी शिक्षण को रोचक और प्रभावशाली बनाने में मददगार साबित हो रही है।

भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह का सपा पर हमला: पूर्व के गुंडाराज की याद दिलाई

  • भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सपा के गुंडाराज को याद दिलाया।
  • सपा सरकार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का मान-सम्मान नहीं था सुरक्षित
  • 2005 में पुलिस अधिकारी राजेश साहनी को जीप के बोनट पर लटकाने की घटना का किया उल्लेख
  • 2013 में कुंडा CO जिया उल हक और मथुरा SP City मुकुल द्विवेदी की हत्या हुई
  • IAS अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन तुष्टिकरण का प्रतीक है
  • योगी सरकार में अपराधियों को सही जगह दिखाई जाती है, यूपी का सुशासन मॉडल अनुकरणीय है

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के जनप्रिय भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सपा सरकार के गुंडाराज के इतिहास को जनता के सामने लाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता सपा सरकार के कुशासन को कभी नहीं भूलेगी और न ही जाति-धर्म आधारित प्रलोभनों में आएगी। डॉ. सिंह का यह बयान न केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है, बल्कि यह उन घटनाओं की श्रृंखला का भी एक संकलन है, जो सपा शासन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के प्रति होने वाले अन्याय को दर्शाता है।

सपा शासनकाल की घटनाएँ

  1. 2005 में राजेश साहनी का मामला:
    डॉ. सिंह ने 2005 की उस कुख्यात घटना का उल्लेख किया, जब सपा संरक्षित गुंडों ने कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी राजेश साहनी को जीप के बोनट पर लटकाकर कैसरबाग से हजरतगंज तक खींचा था। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया था कि सपा सरकार में पुलिस बल के अधिकार और सम्मान की कोई कीमत नहीं थी। इस घटना ने न केवल पुलिस बल को शर्मिंदा किया, बल्कि यह दर्शाया कि गुंडाराज के खिलाफ आवाज उठाने वाले अधिकारियों की जान भी खतरे में थी।
  2. 2013 में मथुरा के SP City मुकुल द्विवेदी व प्रतापगढ़ में कुंडा CO जिया उल हक की हत्या:
    डॉ. सिंह ने 2013 में कुंडा के CO जिया उल हक की नृशंस हत्या का जिक्र किया। यह हत्या उस समय हुई जब सपा सरकार के संरक्षण में गुंडों ने अपने स्वार्थ के लिए इस ईमानदार अधिकारी की जान ले ली। इसी वर्ष, मथुरा के SP City मुकुल द्विवेदी की हत्या ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि सपा सरकार में पुलिस अधिकारी सुरक्षित नहीं थे। यह घटना न केवल पुलिस बल के लिए एक बड़ा धक्का थी, बल्कि इसने यह भी स्पष्ट कर दिया कि सपा सरकार के संरक्षण में गुंडों का मनोबल कितना ऊंचा था। डॉ. सिंह ने इस हत्या को भी सपा के गुंडाराज का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि पुलिस अधिकारियों की जान भी इस शासन में सुरक्षित नहीं थी।
  3. दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन:
    डॉ. सिंह ने बताया कि 2013 में सपा सरकार ने तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पार करते हुए IAS अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल को निलंबित कर दिया था। यह निलंबन तब हुआ जब उन्होंने अवैध मस्जिद की दीवार गिराने का कार्य किया। इस निर्णय ने यह साबित किया कि सपा सरकार न केवल कानून का उल्लंघन करती थी, बल्कि ईमानदार अधिकारियों को भी दंडित करने से नहीं चूकती थी। इसके परिणामस्वरूप, सपा सरकार ने केंद्र सरकार से सभी IAS अधिकारियों को वापस बुलाने की असंवैधानिक मांग भी की।
  4. आईएएस विजय शंकर पाण्डेय पर कार्रवाई:
    उन्होंने यह भी कहा कि जब वरिष्ठ IAS अधिकारी विजय शंकर पाण्डेय ने काले धन के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें विभागीय जांच का सामना करना पड़ा। यह मामला तब इतना गंभीर हो गया कि सुप्रीम कोर्ट को इस जांच को निरस्त करने का आदेश देना पड़ा और यूपी सरकार पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। यह घटनाएँ स्पष्ट करती हैं कि सपा सरकार अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी।

वर्तमान की योगी सरकार का मॉडल

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने बयान में श्रद्धेय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान योगी सरकार में अपराधियों और माफियाओं को सही जगह दिखाई जाती है, जो कि सरकार की दृढ़ता और राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है। भाजपा सरकार ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि वह गुंडाराज को खत्म करने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सपा सरकार के कुशासन के प्रति जनता का गुस्सा और असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग सपा के जाति-धर्म आधारित प्रलोभनों को समझ चुके हैं और अब वे भाजपा के सुशासन की ओर देख रहे हैं। उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

डॉ. राजेश्वर सिंह का यह बयान न केवल सपा सरकार के गुंडाराज को उजागर करता है, बल्कि वर्तमान योगी सरकार की उपलब्धियों और उसकी नीति की प्रशंसा भी करता है। यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का शासन ना केवल विकास के लिए है, बल्कि यह प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और उनके सम्मान की भी रक्षा करने के लिए है। डॉ. सिंह का यह बयान समाज के सभी वर्गों को यह संदेश देता है कि वे सपा के कुशासन और गुंडाराज को नकारते हुए, एक सुरक्षित और विकसित उत्तर प्रदेश की ओर अग्रसर हैं।

आमजन को समर्पित है मेरा जीवन: एमएलसी पवन सिंह चौहान

true news up
true news up
  • विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय समिति के सभापति का नागरिक अभिनंदन
  • पवन सिंह चौहान ने कहा, उनका जीवन आमजन की सेवा को समर्पित है
  • श्री चौहान मोदी-योगी के आत्मनिर्भर भारत मिशन पर काम कर रहे हैं
  • बीकेटी में संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने अभिनंदन समारोह आयोजित किया
  • एमएलसी श्री चौहान ने शिक्षा और रोजगार पर दो दशक से काम करने की बात भी कही

लखनऊ/बीकेटी: विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय बिलंब समिति के सभापति पवन सिंह चौहान ने मंगलवार को एक नागरिक अभिनंदन समारोह के दौरान कहा कि उनका जीवन आमजन की सेवा के लिए समर्पित है। चाहे वह देश में हों या विदेश में, उनका हृदय हमेशा बख्शी का तालाब के लोगों के लिए धड़कता है। बीकेटी (बख्शी का तालाब) के नागरिकों का उन पर विशेष अधिकार है, और वह हमेशा उनकी सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।

पवन सिंह चौहान ने इस कार्यक्रम में व्यापारियों और नगरवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय भारत के अमृत काल के रूप में जाना जाएगा, जिसमें देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। चौहान ने बताया कि वह पिछले दो दशकों से शिक्षा, संस्कार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि मेरा जीवन आमजन को समर्पित है।

यह समारोह बीकेटी के सोलर हाउस में आयोजित किया गया था, जिसका आयोजन संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल द्वारा किया गया। इस समारोह में नगर के प्रतिष्ठित व्यापारियों और प्रबुद्ध जनों ने हिस्सा लिया।

समारोह की मुख्य बातें

पवन सिंह चौहान के नागरिक अभिनंदन के मौके पर संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल, बीकेटी के अध्यक्ष वेद रत्न सिंह, उपाध्यक्ष विनोद अवस्थी और कौशल पति शुक्ला, महामंत्री इत्येन्द्र सिंह चौहान, महासचिव अभिषेक सिंह, और मीडिया प्रभारी प्रदीप सिंह ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके अलावा, बीकेटी के पटरी दुकानदारों ने भी एमएलसी पवन सिंह चौहान पर पुष्प वर्षा कर सम्मान प्रकट किया।

समारोह के दौरान समाजसेवी नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि एमएलसी पवन सिंह चौहान प्रदेश के कई जिलों में सरकारी कामकाज की समीक्षा करने के बाद लौटे हैं और बख्शी का तालाब का नाम पूरे प्रदेश में बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यह नागरिक अभिनंदन उनके समर्पण और निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने का एक सही अवसर था।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में कवि संदीप अनुरागी, समाजसेवी योगेंद्र शुक्ला, शिक्षाविद डॉ. सतेंद्र सिंह, भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह चौहान, बबलू सिंह और अरुण रावत समेत कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। समारोह की सफलता व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की भारी उपस्थिति के साथ सुनिश्चित हुई, और यह स्पष्ट रूप से दिखा कि पवन सिंह चौहान के नेतृत्व में क्षेत्र का विकास और प्रगति हो रही है।

लखनऊ: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने योजनाओं के शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

true news up
true news up
  • मंत्री नरेंद्र कश्यप ने योजनाओं हेतु आवंटित धनराशि खर्च न करने पर अधिकारियों को लगायी कड़ी फटकार
  • ⁠मंत्री नरेंद्र कश्यप ने दिए योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश
  • विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार और जमीनी स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश
  • ⁠कम्प्यूटर प्रशिक्षण (ट्रिपल सी/ओ लेवल) के लाभार्थियों को बैंक खातों में शीघ्र भुगतान के निर्देश
  • ⁠शादी अनुदान और छात्रवृत्ति योजनाओं की समयबद्ध समीक्षा और भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश
  • ⁠विभागीय रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश
  • ⁠वेबसाइट की धीमी गति की समस्या का समाधान तत्काल करने के निर्देश
  • ⁠दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए मोबाइल कोर्ट और जागरूकता कार्यशालाओं का करे आयोजन
  • ⁠लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश
  • ⁠सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन करें सुनिश्चित
true news up

लखनऊ: प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने मंगलवार को विधानसभा सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने, लंबित मामलों के निस्तारण और योजनाओं के प्रचार-प्रसार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर देरी अस्वीकार्य होगी और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर योजना का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने योजनाओं की धनराशि खर्च न करने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी और निर्देश दिया कि योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि समय से सदुपयोग करते हुए लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाये।

मंत्री कश्यप ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कम्प्यूटर प्रशिक्षण (ट्रिपल सी/ओ लेवल) के प्रशिक्षार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति पर जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सभी लाभार्थियों को उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में धनराशि शीघ्र हस्तांतरित की जाए। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2024-25 में शादी अनुदान योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, मंत्री ने समयबद्ध तरीके से सभी आवेदकों को भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

मंत्री ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं की जनपदवार स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया में कोई रुकावट न हो। उन्होंने कहा कि विभाग में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए ताकि योजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन में कोई बाधा न आए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए प्रेषित धनराशि की जानकारी जनपद और मण्डलीय अधिकारियों को भी समय पर दी जाए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। वेबसाइट की धीमी गति से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, उन्होंने अधिकारियों को इसका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा में, मंत्री कश्यप ने दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और उनके लिए अधिक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वर्ष 2024-25 के बजट के उपयोग की समीक्षा करते हुए विभागीय निर्माण कार्यों और संचालित विद्यालयों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के आदेश दिए।

मंत्री ने दिव्यांगजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मोबाइल कोर्ट की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि उनके मुद्दों का तुरंत निपटारा हो सके। इसके अलावा, उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कर उनकी भागीदारी और जागरूकता को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग के हितों में तत्परता से काम करें।