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यूपी भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के बाद अब युवा मोर्चा की कमान पर जंग जारी : जातीय संतुलन बन रहा बड़ा मुद्दा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। (भाजयुमो) के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी के भीतर गहन मंथन जारी है। सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष नेतृत्व एक बार फिर ब्राह्मण चेहरे को कमान सौंपने पर विचार कर रहा है, जिससे संगठन के अंदर जातीय संतुलन को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

निखिल मणि त्रिपाठी का नाम चर्चा में

सूत्रों के अनुसार इस दौड़ में निखिल मणि त्रिपाठी का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि उनकी दावेदारी को पार्टी के कुछ वरिष्ठ ब्राह्मण नेताओं का समर्थन प्राप्त है। इनमें हरीश द्विवेदी, बांदा से सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक जैसे नाम चर्चा में हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि प्रदेश स्तर पर प्रभाव रखने वाले कुछ नेताओं के करीबी लोग भी उनकी ताजपोशी के लिए सक्रिय हैं और लखनऊ से दिल्ली तक पैरवी की जा रही है।

क्षत्रिय समाज में बढ़ती बेचैनी

भाजयुमो अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अटकलों ने क्षत्रिय समाज के कुछ वर्गों में असंतोष पैदा किया है। उनका तर्क है कि पिछले दो दशकों से इस अहम पद पर क्षत्रिय प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, जिससे संगठन में संतुलन प्रभावित हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संगठन में एक ही सामाजिक वर्ग को बार-बार तरजीह दी जाती है तो जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है। खासकर 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए जातीय संतुलन और सामाजिक समीकरण पार्टी के लिए महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकते हैं।

केंद्रीय नेतृत्व के पास अंतिम फैसला

फिलहाल अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है। पार्टी नेतृत्व सामाजिक संतुलन, संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति- तीनों पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लेने की तैयारी में है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि युवा मोर्चा केवल एक संगठनात्मक इकाई नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व की प्रयोगशाला है। ऐसे में इसकी कमान किसे मिलती है, यह न सिर्फ संगठन के भीतर बल्कि प्रदेश की राजनीति पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि पार्टी जातीय संतुलन साधते हुए किस चेहरे पर भरोसा जताती है और यह फैसला 2027 की सियासी दिशा को किस तरह प्रभावित करता है।

CM योगी की फटकार के बाद परिवहन मंत्री के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई: अलीगढ़ के संभागीय परिवहन अधिकारी के साथ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निलंबित

लखनऊ: 01 मार्च 2026 : परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चम्पालाल तत्कालीन सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अलीगढ़, सम्प्रति सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सिद्धार्थनगर, बन्दना सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़ को आज तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इस सम्बन्ध में अपार मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल द्वारा आदेश निर्गत किए गए हैं।

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि दिनांक 28 फरवरी, 2026 को जनपद अलीगढ़ सीमा से सटे कासगंज के ग्राम-नगला साधु में स्कूल बस संख्या- यूपी-81 बीटी-8873 का फर्श टूटने से एक बच्ची की सड़क पर गिरने एवं टायर चढ़ जाने के कारण दुःखद मृत्यु हो गयी। उक्त वाहन अलीगढ़ दादो अवस्थित माउण्ट देवा इण्टरनेशनल स्कूल में संचालित हो रही थी, जिसका बीमा एवं परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी थी।

उक्त दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), आगरा, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), अलीगढ़, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), कासगंज, यात्रीकर अधिकारी, अलीगढ़ से 03 दिवस में स्पष्टीकरण देने हेतु निर्देशित किया गया था।उक्त प्रकरण में श्री चम्पालाल तत्कालीन सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अलीगढ़, सम्प्रति सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सिद्धार्थनगर, शासकीय कार्यों में उदासीनता व शिथिलता के दृष्टिगत निलम्बित किया गया है। इसके अतिरिक्त श्रीमती बन्दना सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़ को शासकीय कार्यों में शिथिलता व पर्यवेक्षणीय दायित्वों का निर्वहन न करने के दृष्टिगत निलम्बित किया गया है। साथ ही साथ स्कूल प्रबन्धन के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत करने हेतु तहरीर दी गयी है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश है कि समस्त क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में त्योहार के दृष्टिगत लगातार भ्रमण पर रहे। साथ ही साथ मुख्यालय पर सड़क दुर्घटनाओं की त्वरित सूचना प्राप्त करने एवं आम जनमानस के सुगम परिवहन के दृष्टिगत कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए चक्रानुक्रम में अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगायी गयी है।

डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल: “आपका विधायक-आपके द्वार” की 158वीं कड़ी ग्राम आदमपुर इंद्रवारा में सम्पन्न

लखनऊ। जनप्रतिबद्धता, पारदर्शिता और सतत जनसेवा के संकल्प को साकार करते हुए सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में “आपका विधायक-आपके द्वार” अभियान के अंतर्गत 158वां जनसुनवाई शिविर ग्राम आदमपुर इंद्रवारा में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर ने जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।

एक मंच, अनेक समाधान

शिविर में टीम राजेश्वर ने क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। यह जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनविश्वास का सशक्त मंच है, जहां प्रत्येक नागरिक की बात को प्राथमिकता देते हुए त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाता है।

शिविर में कुल 21 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 3 का मौके पर ही निस्तारण कर त्वरित समाधान का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य सेवा हर द्वार तक

शिविर के दौरान के सहयोग से 43 वरिष्ठ नागरिकों की निःशुल्क नेत्र जांच की गई। उन्हें आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।

साथ ही शिवराज जी, विशुना जी एवं विशुना देई जी का आयुष्मान कार्ड बनवाकर स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाया गया।

मेधावी छात्रों का सम्मान

‘गांव की शान’ कार्यक्रम के अंतर्गत हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार मेधावी छात्र-छात्राओं—

  • शुभांशी सिंह (61%)
  • अमृता शुक्ला (86.5%)
  • गौरव सिंह (51%)
  • अल्का (65%)

को साइकिल, घड़ी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह पहल नई पीढ़ी को प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

युवाओं को संगठन और खेल से जोड़ने की पहल

युवाओं में खेल भावना और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने हेतु स्पोर्ट्स किट वितरित की गईं।

साथ ही 108वें गर्ल्स यूथ क्लब एवं 172वें बॉयज यूथ क्लब का गठन कर उन्हें सामाजिक सहभागिता एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई।

सेवा और संवेदना का संगम

पूज्य माता तारा सिंह जी की प्रेरणा से संचालित ‘तारा शक्ति निशुल्क रसोई’ के माध्यम से ग्रामीणजनों को भोजन वितरित कर सेवा एवं संवेदना का उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष दल बहादुर सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता गंगा राम भारती, पूर्व प्रधान धर्मेंद्र सिंह चौहान, विजय पाल सिंह चौहान, नारायण शुक्ला, राम आसरे पाल, देव नारायण शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

साथ ही के डॉ. राघवेंद्र तिवारी, डॉ. रिया सिंह, डॉ. आसमां, डॉ. शालिनी एवं डॉ. ज्योति ने स्वास्थ्य शिविर में सक्रिय भूमिका निभाई।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि “आपका विधायक -आपके द्वार” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनसेवा की सतत साधना है-जहां संवाद ही समाधान का माध्यम है और लोकतंत्र नागरिकों के द्वार तक सशक्त रूप में पहुंचता है।

राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी) में नागरिकों द्वारा दी गई रेटिंग के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान

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  • एनजीएसपी पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शीर्ष 4 प्रदेशों में उत्तर प्रदेश शामिल

लखनऊ, 1 मार्च 2026 : मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी 2.0) संचालित है, जिसमें नागरिकों द्वारा अपनी शिकायतों एवं प्रश्नों को दर्ज और ट्रैक किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल नंबर अथवा ईमेल आईडी अनिवार्य है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए एक निश्चित समय अवधि निर्धारित की गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में प्रदेश में एनजीएसपी पर माह फरवरी 2026 में 22,469 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके सापेक्ष कुल 21,864 (97.3 प्रतिशत) शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश को पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश द्वारा शिकायतों के निस्तारण निश्चित समय अवधि के भीतर करते हुए पूरे देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। उत्तर प्रदेश के ऊपर मिजोरम, लद्दाख तथा उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य हैं, जहां प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या बहुत ही कम है। ऐसे में उत्तर प्रदेश द्वारा शिकायतों के निस्तारण के लिए किया गया कार्य सराहनीय है।

उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा निस्तारण से संतुष्ट होते हुए 1 से 3 तक अंक दिये जाते हैं। नागरिकों द्वारा विगत एक माह में दी गई रेटिंग के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित

लखनऊ। राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के उपलक्ष्य में विकास नगर स्थित एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर एंड पेन क्लीनिक में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार का लाभ उठाया।

शिविर का उद्घाटन सेंटर के निदेशक डॉ. जी. पार्थ प्रतिम ने भगवान धन्वंतरि एवं भारत में एक्यूपंक्चर के जनक के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध

शिविर में मरीजों को निम्नलिखित सेवाएं निःशुल्क प्रदान की गईं—

  • एक्यूपंक्चर एवं इलेक्ट्रो एक्यूपंक्चर
  • मोक्साबस्शन एवं कपिंग थेरेपी
  • फिजियोथेरेपी
  • दंत चिकित्सा परामर्श
  • बीएमआई जांच
  • हेल्थ काउंसिलिंग
  • पैथोलॉजिकल जांच

45 मरीजों ने उठाया लाभ

शिविर में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप डिस्क, माइग्रेन, न्यूरोपैथी, डिप्रेशन, अनिद्रा एवं अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से ग्रसित लगभग 45 मरीजों ने जांच एवं उपचार कराया। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा एक्यूपंक्चर, इलेक्ट्रो एक्यूपंक्चर, मोक्साबस्शन, कपिंग एवं फिजियोथेरेपी विधियों से उपचार किया गया।

चिकित्सकों की टीम रही सक्रिय

डॉ. जी. पार्थ प्रतिम ने बताया कि शिविर को सफल बनाने में फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. सुमित श्रीवास्तव, डॉ. जहांनारा खान, डॉ. नजमा, डॉ. संदीप बिस्वास, डॉ. अखिलेश प्रकाश, कृष्ण कुमार, अब्दुल कादिर, अलमान, नीलम, अरुणा, प्रणात, सलमा तथा चंदन हॉस्पिटल की सलोनी सहित पूरी टीम ने सराहनीय योगदान दिया।

पंजीकृत मरीजों को विशेष सुविधा

शिविर में पंजीकृत मरीजों को अगले दिन से नियमित चिकित्सा सेवाओं पर 50% की विशेष छूट प्रदान करने की घोषणा भी की गई।

राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के अवसर पर आयोजित इस शिविर ने न केवल मरीजों को राहत दी, बल्कि वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।