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T20 वर्ल्ड कप 2026: सेमीफाइनल की तस्वीर साफ, अंतिम चार टीमों का ऐलान

2026 के T20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल की तस्वीर साफ हो गई है। भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई। इस मैच में संजू सैमसन की 97 रन की शानदार पारी ने टीम को जीत दिलाई।


🔥 सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमें

  1. भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम
  2. दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम
  3. इंग्लैंड क्रिकेट टीम
  4. न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम
  • सुपर-8 के पहले ग्रुप से: भारत और दक्षिण अफ्रीका
  • दूसरे ग्रुप से: इंग्लैंड और न्यूजीलैंड

📅 सेमीफाइनल मुकाबलों का शेड्यूल

1️⃣ पहला सेमीफाइनल

दक्षिण अफ्रीका  न्यूजीलैंड
📍 4 मार्च – ईडन गार्डन्स (कोलकाता)

2️⃣ दूसरा सेमीफाइनल

भारत  इंग्लैंड
📍 5 मार्च – वानखेड़े स्टेडियम (मुंबई)


🏆 फाइनल मुकाबला

📅 8 मार्च
📍 नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद)

सेमीफाइनल जीतने वाली दो टीमें 8 मार्च को फाइनल में भिड़ेंगी।


🌟 इतिहास रचने का मौका

अगर भारत खिताब जीतता है, तो वह लगातार दो बार T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन सकता है — जो अब तक किसी भी देश ने नहीं किया है।

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा, अमेरिका ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी; नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने को कहा

United States और Israel द्वारा Iran पर की गई सैन्य कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए United States Department of State ने क्षेत्र के 14 देशों में रह रहे अपने नागरिकों को तत्काल वहां से निकलने की सलाह जारी की है।

असिस्टेंट सेक्रेटरी फॉर कांसुलर अफेयर्स मोरा नामदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “गंभीर सुरक्षा जोखिमों” को देखते हुए अमेरिकी नागरिक उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स या किसी भी सुरक्षित माध्यम से तुरंत प्रस्थान करें। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और दूतावासों पर ड्रोन व मिसाइल हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।

रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला

ताजा घटनाक्रम में Riyadh स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला हुआ। Saudi Arabia के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि हमले से इमारत में मामूली आग लगी और कुछ सामग्री को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

दूतावास प्रशासन ने रियाद, जेद्दा और धहरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को ‘शेल्टर इन प्लेस’ यानी घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने की सलाह दी है। उन्हें दूतावास परिसर में आने से भी मना किया गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

इन 14 देशों से तुरंत निकलने की अपील

अमेरिकी प्रशासन ने जिन देशों से तत्काल प्रस्थान की सलाह दी है, उनमें बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजरायल, वेस्ट बैंक और गाजा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं।

स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि स्थिति तेजी से बदल रही है, कई एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद हैं और फ्लाइट्स रद्द की जा रही हैं, फिर भी जो भी कमर्शियल साधन उपलब्ध हों उनका उपयोग कर देश छोड़ने की कोशिश की जाए।

हेल्पलाइन और आपात व्यवस्था

अमेरिका ने अपने नागरिकों की सहायता के लिए इमरजेंसी टास्क फोर्स सक्रिय कर दी है। विदेश में मौजूद अमेरिकी नागरिक +1-202-501-4444 और अमेरिका के भीतर से +1-888-407-4747 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही उन्हें आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराने की भी सलाह दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।

मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में तनाव अभी कम होता नजर नहीं आ रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि नागरिक अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

नौशेरा में सैन्य ठिकाने पर ड्रोन अटैक से मचा हड़कंप, अफगान मूल के परिवारों पर पुलिस एक्शन

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के नौशेरा क्षेत्र में स्थित सेना के आर्टिलरी ट्रेनिंग स्कूल के आसपास दोपहर के समय दो बड़े ड्रोन हमले किए गए। पहला ड्रोन सीधे ट्रेनिंग स्कूल के परिसर में बने परीक्षा हॉल पर गिरा, जिससे इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। दूसरा ड्रोन स्कूल के नजदीक आकर गिरा। इन हमलों के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने नौशेरा कैंट क्षेत्र में रह रहे अफगान मूल के लोगों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि आर्टिलरी स्कूल के पास 100 से अधिक अफगान मूल के परिवार रहते हैं, जो 1990 के दशक में अफगानिस्तान की अस्थिर परिस्थितियों के दौरान पाकिस्तान आकर बस गए थे। समय के साथ इनके बच्चों और अगली पीढ़ी का जन्म भी पाकिस्तान में हुआ और उन्हें राष्ट्रीय पहचान पत्र (CNIC) भी जारी किए गए।

हालांकि, पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद पाकिस्तान सरकार ने अफगान मूल के कई लोगों को देश छोड़ने का निर्देश दिया था। इस फैसले के खिलाफ कई परिवारों ने पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जो अब भी विचाराधीन है।

ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सख्ती बढ़ाते हुए कार्रवाई तेज कर दी। बताया गया कि जब कुछ लोग रमजान के दौरान नमाज अदा कर रहे थे, तभी पुलिस वहां पहुंची और पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोग मौके से निकल गए, जबकि 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिए गए लोगों को आगे की पूछताछ के लिए सैन्य खुफिया एजेंसियों को सौंपा गया है। उन पर आरोप है कि वे हमलावरों को संवेदनशील सूचनाएं उपलब्ध कराने में शामिल हो सकते हैं। पूरे मामले के बाद नौशेरा और आसपास के सैन्य क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।

लखनऊ में प्रेरणा परिवार का भव्य होली मिलन समारोह सम्पन्न : परंपराएं हमें अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं – अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख (RSS) स्वांत रंजन जी

लखनऊ, 1 मार्च 2026। के मार्गदर्शन में प्रेरणा परिवार द्वारा , लखनऊ में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

“परम्पराएँ हमें अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं” – स्वांतरंजन जी

अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी परम्पराएँ हमें अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं। भारत की संस्कृति मूल्य आधारित है, जिसे हमें अपने जीवन में धारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। भक्त प्रह्लाद के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य और आस्था के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

राम के आदर्शों पर सशक्त भारत – ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही सशक्त और संस्कारित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कामना की कि भारत की धर्मध्वजा सदैव ऊँची लहराती रहे और समाज में एकता व समरसता बनी रहे।

मालिनी अवस्थी की मनमोहक प्रस्तुति

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोक गायिका ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रज, अवध, बुंदेलखंड तथा उत्तराखंड के कुमाऊं एवं गढ़वाल अंचल की पारंपरिक होली पर आधारित लोक कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह को सांस्कृतिक वैभव से भर दिया।

संस्कृति संवर्धन के लिए समर्पित प्रेरणा परिवार

प्रेरणा परिवार के अध्यक्ष गुंजीत कालरा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का पुनर्जीवन तथा युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। अब तक संस्था द्वारा आठ सफल आयोजन किए जा चुके हैं, जिनमें यह होली मिलन का तीसरा उत्सव था।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

समारोह में अखिल भारतीय सह गौसेवा प्रमुख नवल किशोर जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, प्रांत प्रचारक कौशल जी, कृषिमंत्री सूर्य प्रताप साही जी, राज्य मंत्री (सामाजिक कल्याण) , पूर्व मंत्री , पूर्व जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक , , पूर्व मंत्री , पूर्व महापौर , मुख्यमंत्री के सलाहकार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

उपस्थित जनों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं और सौहार्दपूर्ण वातावरण में रंगोत्सव का आनंद लिया। समारोह भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

लखनऊ में ईरान मुद्दे पर प्रदर्शनों की निंदा : सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बोले- नैतिकता हो सार्वभौमिक, चयनात्मक आक्रोश से विश्वसनीयता कमजोर होती है

  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों पर चयनात्मक नहीं, सिद्धांत आधारित दृष्टिकोण आवश्यक।
  • लखनऊ में ईरान मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शनों की डॉ. राजेश्वर सिंह ने निंदा की।
  • हर अन्याय पर समान संवेदनशीलता दिखाना ही सच्ची नैतिकता है: डॉ. सिंह।
  • नारी गरिमा और युवाओं के अधिकार सीमाओं से परे सार्वभौमिक हैं।
  • चयनात्मक आक्रोश से लोकतांत्रिक विश्वसनीयता कमजोर होती है।

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में तीव्र प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। लोकतंत्र में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। किंतु इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है – क्या हमारी नैतिकता सिद्धांत आधारित है या चयनात्मक?

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब ईरान में बाल विवाह की आयु 9 वर्ष तक करने का प्रस्ताव सामने आया और उस पर तीखी बहस हुई, जब हजारों युवा छात्राएँ सड़कों पर उतरीं और कठोर कार्रवाई में अनेक युवाओं की जानें गईं – तब वैश्विक मानवाधिकार की आवाज़ें उतनी मुखर क्यों नहीं थीं?

इसी प्रकार, जब अफ़ग़ानिस्तान में बेटियों की शिक्षा सीमित की गई, विश्वविद्यालयों के द्वार लड़कियों के लिए बंद कर दिए गए और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी घटाई गई – तब व्यापक और संगठित विरोध कहाँ था?

डॉ. सिंह ने कहा कि आज लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर तीव्र प्रतिक्रिया दिखाई दे रही है। प्रश्न यह नहीं कि कोई बोले क्यों – लोकतंत्र में बोलना अधिकार है। प्रश्न यह है कि क्या हम हर अन्याय पर समान संवेदनशीलता दिखाते हैं या परिस्थितियों और राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं।

उन्होंने कहा कि मानवाधिकार सार्वभौमिक होते हैं। नारी गरिमा का प्रश्न सीमाओं से परे है। युवाओं की जान किसी भूगोल या राजनीतिक संदर्भ से छोटी नहीं हो सकती। यदि हम न्याय, समानता और गरिमा की बात करते हैं, तो यह सिद्धांत हर स्थान पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि चयनात्मक आक्रोश से विश्वसनीयता कमजोर होती है। सिद्धांत आधारित, निष्पक्ष और सार्वभौमिक संवेदनशीलता ही सच्ची नैतिकता की पहचान है।