Home Blog Page 236

राष्ट्रहित सर्वोपरि: डॉ. राजेश्वर सिंह ने FCRA संशोधन का किया समर्थन, बोले- विदेशी फंडिंग पर सख्ती जरूरी, नियंत्रण से विकास को मिलेगा बल

लखनऊ : डॉ. राजेश्वर सिंह ने Foreign Contribution (Regulation) Act (FCRA) में किए गए संशोधनों का समर्थन करते हुए कहा कि विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना देशहित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विदेशी अंशदान का उद्देश्य सामाजिक विकास होना चाहिए, न कि उसका दुरुपयोग व्यक्तिगत लाभ या विकास परियोजनाओं में अवरोध उत्पन्न करने के लिए किया जाए।

डॉ. सिंह ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में लगभग 20,000 NGOs के FCRA लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए हैं, जो नियमों के उल्लंघन और अनुपालन की कमी को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से 2022 के बीच लगभग ₹88,000 करोड़ से अधिक की विदेशी फंडिंग NGOs को प्राप्त हुई है, जबकि वर्तमान में भी प्रति वर्ष लगभग ₹20,000 करोड़ विदेशी फंड भारत में आ रहा है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि के प्रवाह के बीच पारदर्शिता और निगरानी अत्यंत आवश्यक हो जाती है। उन्होंने कहा कि देश की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं, जैसे Sardar Sarovar Dam और Kudankulam Nuclear Power Plant, विभिन्न कारणों से विलंब का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार की जाने वाली याचिकाएं, विरोध और प्रक्रियात्मक अड़चनें विकास की गति को प्रभावित करती हैं, जिससे लागत में वृद्धि, ऊर्जा और सिंचाई लाभ में देरी तथा निवेश माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

डॉ. सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन विदेशी फंडिंग के माध्यम से निरंतर मुकदमेबाजी और विकास परियोजनाओं में अवरोध उत्पन्न करना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि विदेशी फंडिंग का उपयोग पारदर्शी और राष्ट्रहित के अनुरूप हो।

नीतिगत सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि FCRA फंडिंग में रियल-टाइम पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, अनुमोदन और न्यायिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाया जाए, तथा निरर्थक मुकदमों पर लागत और दंड का स्पष्ट प्रावधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास परियोजनाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

डॉ. सिंह ने FCRA Amendment 2020 को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा, संप्रभुता और विकास को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में उठाए गए इस कदम की सराहना की।

उन्होंने अंत में कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और विकास सर्वोपरि हैं, और इनके संरक्षण के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाना चाहिए।

Health Update:तेज कसरत से घट सकता है मौत का खतरा, रोज कुछ मिनट की मेहनत दे सकती है बड़ा फायदा

अगर आप रोजाना कुछ मिनट ऐसी कसरत करते हैं, जिससे आपकी सांस तेज हो जाए या हल्की-सी फूलने लगे, तो यह आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। European Heart Journal में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, तेज (विगोरस) फिजिकल एक्टिविटी कई गंभीर बीमारियों और समय से पहले मौत के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।

स्टडी के अनुसार, तेज चलना, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना या तेजी से घरेलू काम करना जैसी गतिविधियां शरीर पर सकारात्मक असर डालती हैं। इसके लिए घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि दिनभर के छोटे-छोटे एक्टिव मूवमेंट भी असरदार हो सकते हैं।

रिसर्च के प्रमुख वैज्ञानिक Minxue Shen के अनुसार, जब व्यक्ति इतनी तेजी से एक्टिव होता है कि उसकी सांस फूलने लगे, तो दिल अधिक प्रभावी तरीके से खून पंप करता है, रक्त वाहिकाएं लचीली बनती हैं और शरीर ऑक्सीजन का बेहतर उपयोग करने लगता है।

इस अध्ययन में करीब 96 हजार लोगों को शामिल किया गया, जिनकी गतिविधियों को एक विशेष डिवाइस के जरिए रिकॉर्ड किया गया और लगभग सात वर्षों तक उनकी सेहत पर नजर रखी गई। नतीजों में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से तेज कसरत करते थे, उनमें कई बीमारियों का खतरा काफी कम था।

  • डिमेंशिया का खतरा करीब 63% तक कम
  • टाइप-2 डायबिटीज का खतरा लगभग 60% तक कम
  • समय से पहले मौत का खतरा करीब 46% तक कम

शोध में यह भी सामने आया कि अलग-अलग बीमारियों पर कसरत का असर अलग तरीके से पड़ता है। जैसे सूजन से जुड़ी बीमारियों (आर्थराइटिस, सोरायसिस) में एक्सरसाइज की तीव्रता ज्यादा अहम होती है, जबकि डायबिटीज और लिवर संबंधी समस्याओं में मात्रा और तीव्रता दोनों मायने रखती हैं।

हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है कि हर व्यक्ति के लिए तेज कसरत उपयुक्त नहीं होती। खासकर बुजुर्गों या पहले से बीमार लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें।

दिल्ली-यूपी सहित कई राज्यों में बारिश की चेतावनी, 6 अप्रैल तक बदलेगा मौसम

देशभर में एक बार फिर मौसम करवट ले रहा है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, राजधानी Delhi सहित कई राज्यों में 6 अप्रैल तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। हाल ही में हुई बारिश से दिल्ली का मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर बना हुआ है। रात का तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, वहीं दिन का तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में आने वाले दिनों में मौसम थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। 1 अप्रैल को Punjab, Haryana, Chandigarh, दिल्ली, पश्चिमी Uttar Pradesh और पश्चिमी Rajasthan में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। 3 से 6 अप्रैल के बीच Jammu and Kashmir, Ladakh, Himachal Pradesh और Uttarakhand में बर्फबारी, तेज हवाएं और तूफान की संभावना जताई गई है। इसी दौरान मैदानी इलाकों में भी 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में भी मौसम बदलेगा। उप-हिमालयी West Bengal और Sikkim में 1 से 2 अप्रैल के बीच बारिश और तूफान की संभावना है। इसके अलावा Jharkhand, Bihar और Odisha में भी अलग-अलग तारीखों पर बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इस दौरान सावधानी बरतने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

Sports News:कूपर कोनोली की तूफानी पारी से पंजाब किंग्स की जीत, गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराया

Punjab Kings ने Indian Premier League 2026 में शानदार शुरुआत करते हुए Gujarat Titans को 3 विकेट से मात दी। मुल्लांपुर के महाराजा यादविन्द्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कूपर कोनोली ने नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को जीत दिलाई।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 162 रन बनाए। टीम की ओर से Shubman Gill ने 39 रन की पारी खेली, जबकि Jos Buttler ने 38 और Glenn Phillips ने 25 रन का योगदान दिया। Washington Sundar ने भी 18 रन जोड़े।
गेंदबाजी में Vijaykumar Vyshak ने 3 विकेट झटके, जबकि Yuzvendra Chahal को 2 सफलताएं मिलीं।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत खराब रही, लेकिन इसके बाद Cooper Connolly ने पारी को संभाल लिया। उन्होंने Prabhsimran Singh (37 रन) के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 76 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
इसके बाद कप्तान Shreyas Iyer (18 रन) ने भी सहयोग किया, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे।

कूपर कोनोली ने अंत तक टिके रहते हुए 44 गेंदों में नाबाद 72 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल थे। उन्होंने Marco Jansen और जैवियर बार्टलेट के साथ अहम साझेदारियां निभाकर टीम को 19.1 ओवर में जीत दिला दी।

गुजरात की ओर से Prasidh Krishna ने 3 विकेट लिए, जबकि Kagiso Rabada, अशोक शर्मा, Rashid Khan और वाशिंगटन सुंदर को 1-1 सफलता मिली।

इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने टूर्नामेंट में दमदार आगाज किया है, जबकि गुजरात टाइटंस को अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

Sports Update:IPL इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज, लिस्ट में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा

Indian Premier League (IPL) में शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस लीग में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा शतक लगाकर इतिहास बना दिया।

यहां जानिए IPL इतिहास के टॉप-5 बल्लेबाज, जिन्होंने सबसे ज्यादा सेंचुरी जड़ी हैं:

1. Virat Kohli – 8 शतक
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस लिस्ट में पहले नंबर पर हैं। उन्होंने 2008 से अब तक 8 शतक लगाए हैं। खास बात यह है कि 2016 सीजन में उन्होंने अकेले 4 शतक जड़े थे, जो आज भी रिकॉर्ड है।

2. Jos Buttler – 7 शतक
इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाज जोस बटलर दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए 7 शतक बनाए हैं। 2022 सीजन में उन्होंने 4 शतक लगाकर कोहली के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।

3. Chris Gayle – 6 शतक
क्रिस गेल को IPL का सबसे खतरनाक बल्लेबाज माना जाता है। उनके नाम 6 शतक हैं और 175* रन की पारी IPL इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

4. KL Rahul – 5 शतक
केएल राहुल इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने अलग-अलग टीमों के लिए खेलते हुए 5 शतक लगाए हैं और अपनी क्लासिकल बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

5. Shubman Gill – 4 शतक
गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने कम समय में ही इस लिस्ट में जगह बना ली है। उन्होंने अब तक 4 शतक लगाए हैं और 2023 में शानदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप भी जीती थी।

निष्कर्ष:
इस टॉप-5 लिस्ट में 3 भारतीय और 2 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं, जो IPL में भारतीय बल्लेबाजों के दबदबे को दर्शाता है। आने वाले सीजन में यह आंकड़े और भी बदल सकते हैं, क्योंकि नए खिलाड़ी तेजी से उभर रहे हैं।