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प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत हैं- इन्हीं के बल पर राष्ट्र निर्माण को गति मिलती है- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है, यह संगठन को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा प्रदान करता है”
  • सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ही हमारी कार्यसंस्कृति की पहचान है, इन्हीं मूल्यों से संगठन और राष्ट्र दोनों मजबूत होते हैं”

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 का शुभारंभ उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से आयोजित इस महाअभियान के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न मंडलों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।

अवध विहार योजना स्थित ट्यूलिप गार्डन में आयोजित अर्जुनगंज मंडल प्रशिक्षण सत्र में सहभागिता करते हुए कार्यकर्ताओं ने संगठन की विचारधारा एवं कार्यसंस्कृति को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की प्रेरणादायी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा एवं वैचारिक स्पष्टता का संचार किया। अर्जुनगंज मंडल अध्यक्ष मोहित तिवारी सहित अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं सार्थक बनाया।

इसी क्रम में सरोजनीनगर दक्षिण द्वितीय मंडल का प्रशिक्षण कार्यक्रम आकृति डिलाइट्स लॉन, रुचि खंड-2, कम्युनिटी सेंटर, लखनऊ में मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्य के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में रमेश तूफानी ने कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, वैचारिक आधार एवं राष्ट्रहित में समर्पण के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर रमा शंकर त्रिपाठी, राजेन्द्र बाजपेयी, पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी, पार्षद हिमांशु अंबेडकर, पार्षद विमल तिवारी, पार्षद कमलेश सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

वहीं सरोजनीनगर दक्षिण तृतीय मंडल में वृंदावन कॉलोनी स्थित कान्हा बैंक्वेट हॉल, सेक्टर 6E में दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष रमाकांत “राजन” मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्र में संगठनात्मक दक्षता, अनुशासन एवं सेवा भाव को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के सिद्धांत संगठन की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के वैचारिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सशक्त, अनुशासित एवं प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन को मजबूती प्रदान करते हैं और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य को गति देते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन कार्यकर्ताओं में सेवा, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करते हैं तथा संगठन को नई ऊर्जा एवं दिशा प्रदान करते हैं। यह महाअभियान सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं वैचारिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली पहल सिद्ध हो रहा है।

बारा बिरवां सब्जी मार्केट अग्निकांड: प्रभावित व्यापारी हैं सरोजनीनगर परिवार का हिस्सा, हर प्रकार से सहायता की जाएगी, पीड़ित 26 दुकानदारों को तत्काल सहायता, मुआवजे एवं पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन से समन्वय जारी- डॉ.राजेश्वर सिंह

लखनऊ : सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बारा बिरवां सब्जी मार्केट में शुक्रवार रात्रि लगभग 10:30 बजे लगी भीषण आग ने देखते ही देखते लगभग 26 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया एवं इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की।प्रभावित 26 व्यापारी साथियों को तत्काल राहत स्वरूप ₹10,000-₹10,000 की सहायता राशि प्रदान की गई।

विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं जिलाधिकारी लखनऊ से वार्ता कर पीड़ितों को अधिकतम सहायता दिलाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि बिजली विभाग के माध्यम से मुआवजे की व्यवस्था कराई जाएगी तथा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से समन्वय कर क्षतिग्रस्त दुकानों की मरम्मत भी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने पीड़ित व्यापारियों से संवाद कर उनके दर्द को साझा किया और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं, पूरा प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह घटना केवल आगजनी नहीं, बल्कि कई परिवारों की आजीविका पर गहरा संकट है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी प्रभावितों को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति प्रदान करें। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद सौरभ सिंह मोनू, उपजिलाधिकारी अंकित शुक्ला, पूर्व मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा, मंडल मंत्री प्रीतम सिंह, प्रदीप मिश्रा, साधन गुप्ता, शिविता गोयल एवं गंगाराम भारती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Health Tips:अप्रैल के बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का रखें खास ध्यान, अपनाएं ये आसान उपाय

अप्रैल का महीना जहां मौसम को खुशनुमा बनाता है, वहीं बच्चों की सेहत के लिए चुनौती भी लेकर आता है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश—इस बदलाव के कारण बच्चों का शरीर जल्दी एडजस्ट नहीं कर पाता। ऐसे में सर्दी-जुकाम, गले में खराश, वायरल इंफेक्शन और एलर्जी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

सही कपड़ों का रखें ध्यान

इस मौसम में बच्चों को न ज्यादा भारी और न ही बहुत हल्के कपड़े पहनाएं। बेहतर है कि उन्हें लेयरिंग में कपड़े पहनाएं, ताकि जरूरत के हिसाब से कपड़े कम या ज्यादा किए जा सकें। बाहर जाते समय हल्की जैकेट या शॉल साथ रखना खासकर शाम के समय फायदेमंद होता है।

खानपान में बरतें सावधानी

बदलते मौसम में बच्चों की डाइट का खास ख्याल रखना जरूरी है। उन्हें ताजे फल, हरी सब्जियां और विटामिन से भरपूर चीजें दें। ठंडी चीजों जैसे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बनाए रखें। साथ ही बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना जरूरी है, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और इम्युनिटी मजबूत बनी रहे।

साफ-सफाई और दिनचर्या पर ध्यान

इस मौसम में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए बच्चों को साफ-सफाई की आदत डालना बेहद जरूरी है। बाहर से आने के बाद हाथ-पैर धोना, रोजाना नहाना और साफ कपड़े पहनना उनकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

पूरी नींद और डॉक्टर की सलाह

बच्चों की नींद पूरी होना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। अगर किसी तरह की परेशानी जैसे बुखार, खांसी या एलर्जी के लक्षण नजर आएं, तो लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष:
थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर आप बदलते मौसम में भी अपने बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकते हैं।

घर बैठे देखें ‘O Romeo’, OTT रिलीज के साथ सामने आई Shahid Kapoor की फिल्म की डिटेल्स

Shahid Kapoor और Triptii Dimri की फिल्म O Romeo अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के लिए तैयार है। यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में आई थी और बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन करने के बावजूद दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई थी।

अगर आप इसे थिएटर में नहीं देख पाए, तो अब इसे घर बैठे देखने का मौका मिलेगा। यह फिल्म Amazon Prime Video पर स्ट्रीम होगी और 10 अप्रैल से सभी सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगी। इससे पहले इसे किराए पर देखने का विकल्प मौजूद था।

फिल्म की कहानी 90 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां प्यार, जुनून और बदले की भावना को दिखाया गया है। कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक लड़की से बेपनाह मोहब्बत करता है, लेकिन यही प्यार उसे अपराध की दुनिया में धकेल देता है। हालात तब और जटिल हो जाते हैं जब उसे अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए उकसाया जाता है।

इस फिल्म का निर्देशन Vishal Bhardwaj ने किया है। फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के अलावा Nana Patekar, Avinash Tiwary, Tamannaah Bhatia, Disha Patani और Farida Jalal जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।

बताया जाता है कि यह फिल्म S. Hussain Zaidi की किताब Mafia Queens of Mumbai से प्रेरित है। क्राइम और रोमांस के मेल से बनी यह फिल्म अब ओटीटी पर दर्शकों को एक अलग अनुभव देने के लिए तैयार है।

ईरान युद्ध के नतीजों से नाराज Israel की जनता, Benjamin Netanyahu की जीत के दावे पर उठे सवाल

पश्चिम एशिया में Israel, Iran और United States के बीच एक महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष के बाद अब हालात धीरे-धीरे बातचीत की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। तीनों पक्ष शांति स्थापित करने के लिए वार्ता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में जारी तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि, इस युद्ध के असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई पर भी इसका असर पड़ा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

इसी बीच, Israel के भीतर इस युद्ध के नतीजों को लेकर जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu द्वारा किए जा रहे जीत के दावों को बड़ी संख्या में लोग स्वीकार नहीं कर रहे हैं। एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि लगभग आधे नागरिक यह मानने को तैयार नहीं हैं कि ईरान के खिलाफ युद्ध में स्पष्ट जीत हासिल हुई है।

इस स्थिति ने देश के अंदर राजनीतिक माहौल को और अधिक विभाजित कर दिया है। जहां एक ओर सैन्य नेतृत्व पर जनता का भरोसा अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक नेतृत्व, खासकर प्रधानमंत्री नेतन्याहू की भूमिका और निर्णयों पर सवाल उठने लगे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के नतीजों को लेकर बनी अनिश्चितता और जनता की नाराजगी आने वाले समय में Israel की आंतरिक राजनीति को और प्रभावित कर सकती है। फिलहाल सभी की नजरें संभावित शांति वार्ता और उसके नतीजों पर टिकी हुई हैं।