Home Blog Page 213

Pakistan में United States–Iran वार्ता रही बेनतीजा, तेहरान ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई अहम बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि वार्ता के विफल होने की मुख्य वजह अमेरिका की “अनुचित शर्तें” थीं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei के अनुसार, ईरान की टीम ने करीब 21 घंटे तक गंभीरता से बातचीत की और कई सुझाव भी पेश किए, लेकिन अमेरिकी पक्ष की कड़ी शर्तों के चलते आगे बढ़ना संभव नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी जटिल और संवेदनशील मुद्दों पर एक ही बैठक में समझौते की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।

क्या थीं विवाद की मुख्य वजहें?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत में Strait of Hormuz से जुड़ी स्थिति और परमाणु कार्यक्रम प्रमुख मुद्दे रहे। अमेरिका चाहता था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की स्पष्ट गारंटी दे और कुछ संवेदनशील गतिविधियों पर रोक लगाए। साथ ही, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया।

वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि उनकी ओर से “सबसे बेहतर और अंतिम प्रस्ताव” दिया गया था। उन्होंने माना कि समझौता न होना निराशाजनक है, लेकिन इसके परिणाम ईरान के लिए ज्यादा नुकसानदेह हो सकते हैं।

दोनों पक्षों के शीर्ष नेता रहे शामिल
इस बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडी वेंस ने किया, जबकि उनके साथ Steve Witkoff और Jared Kushner भी मौजूद थे।
ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भाग लिया।

खास बात यह रही कि इस बार दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठे, जबकि पहले अक्सर बातचीत मध्यस्थों के जरिए होती थी।

तनावपूर्ण पृष्ठभूमि में हुई वार्ता
यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब Israel और अमेरिका के साथ ईरान का हालिया संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को प्रभावित कर चुका है। फरवरी के अंत से शुरू हुए इस टकराव में दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई होती रही, जिसमें भारी जनहानि हुई। फिलहाल, क्षेत्र में युद्धविराम लागू है, लेकिन स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।

ऐसे हालात में यह बातचीत बेहद अहम मानी जा रही थी, लेकिन फिलहाल किसी सहमति तक न पहुंच पाने से आने वाले समय में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

नेट ज़ीरो की राह पर सरोजनी नगर: उद्योग, पर्यावरण और विकास का संतुलित मॉडल, हरित भविष्य की मजबूत नींव रखता एक दूरदर्शी अभियान

लखनऊ के सरोजनी नगर में शुरू की गई “द ग्रीन शिफ्ट” पहल न केवल एक पर्यावरणीय कार्यक्रम है, बल्कि यह एक व्यापक और दूरदर्शी विकास मॉडल के रूप में उभर रही है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गई ‘नेट जीरो इंडस्ट्री’ पहल का उद्देश्य वर्ष 2040 तक सरोजनी नगर को नेट जीरो क्षेत्र के रूप में विकसित करना है। यह पहल योजनाबद्ध, समयबद्ध और परिणाम-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें स्थानीय उद्योगों और MSMEs को परिवर्तन का प्रमुख भागीदार बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश का पहला ग्रीन इंडस्ट्री अवॉर्ड: प्रतिस्पर्धा के माध्यम से परिवर्तन

इस पहल को और प्रभावी बनाने के लिए ‘द ग्रीन शिफ्ट इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस अवार्ड’ की घोषणा की गई है। यह उत्तर प्रदेश में अपनी तरह का पहला पुरस्कार है, जिसका उद्देश्य उद्योगों को हरित प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले इस अवॉर्ड के तहत 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। यह कदम न केवल सम्मान प्रदान करेगा, बल्कि उद्योगों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगा, जिससे वे पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनेंगे।

एक समग्र दृष्टिकोण: शिक्षा, समाज और उद्योग का एकीकरण

‘नेट जीरो इंडस्ट्री’ इस व्यापक मॉडल का एक हिस्सा है, जिसमें पहले से ही कई महत्वपूर्ण आयाम शामिल किए जा चुके हैं। इनमें नेट जीरो स्कूल और कॉलेज, नेट जीरो सोसाइटी एवं आरडब्ल्यूए, नेट जीरो टाउनशिप तथा नेट जीरो गांव और सरोवर जैसी पहलें शामिल हैं। यह समेकित दृष्टिकोण दर्शाता है कि यह अभियान केवल औद्योगिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए सतत विकास का एक मजबूत ढांचा तैयार कर रहा है।

उद्योगों के लिए अवसर: नीति से लेकर वित्तीय सहयोग तक

इस पहल के अंतर्गत उद्योगों को केवल प्रेरित ही नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें आवश्यक संसाधन और सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। सरकार द्वारा ZED प्रमाणन, RAMP योजना, CGTMSE के तहत ऋण सुविधा, ग्रीन फाइनेंस और रियायती पूंजी जैसे उपायों के माध्यम से उद्योगों को सक्षम बनाया जा रहा है। साथ ही, ऊर्जा दक्ष तकनीकों को अपनाने के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उद्योग न केवल पर्यावरण के अनुकूल बनेंगे, बल्कि उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

व्यवहारिक बदलाव की दिशा में ठोस कदम

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योगों के दैनिक संचालन में वास्तविक बदलाव लाने पर केंद्रित है। इसके तहत सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को अपनाना, ऊर्जा दक्ष मशीनरी का उपयोग, हरित तकनीकों में निवेश और वृक्षारोपण जैसे उपायों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ये कदम उद्योगों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएंगे।

भविष्य के लिए संकल्प: स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास

इस पूरी पहल का मूल उद्देश्य स्पष्ट है—आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना। सरोजनी नगर में शुरू किया गया यह अभियान न केवल लखनऊ को हरित दिशा में आगे बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में अन्य शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में भी स्थापित होगा। यह पहल दर्शाती है कि यदि नीति, उद्योग और समाज एक साथ मिलकर कार्य करें, तो सतत विकास का लक्ष्य न केवल संभव है, बल्कि व्यावहारिक भी है।

लखनऊ: सरोजनी नगर विधानसभा बन रही खेलों का उभरता केंद्र, एकाना स्टेडियम में दिखा रोमांच

लखनऊ। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया मुकाबला खेल प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। और के बीच हुए इस रोमांचक मैच में दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा और पूरे स्टेडियम में ऊर्जा व खेल भावना का अद्भुत माहौल देखने को मिला।

डॉ. सिंह ने कहा कि खचाखच भरे स्टेडियम और दर्शकों की जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि अब तेजी से विश्वस्तरीय खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने इसे न केवल शहर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े खेल आयोजन युवाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब स्थानीय युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपने सामने खेलते हुए देखते हैं, तो उनमें भी आगे बढ़ने और खेलों में करियर बनाने की प्रेरणा उत्पन्न होती है। उन्होंने इसे एक सकारात्मक और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने वरिष्ठ खिलाड़ियों के समर्पण, अनुशासन और प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे क्षण भावुक कर देने वाले होते हैं। ये दृश्य इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि सरोजिनी नगर विधानसभा में जमीनी स्तर पर तैयार की जा रही युवा प्रतिभाएं भी एक दिन इसी मंच पर अपनी पहचान बनाएंगी और देश का नाम रोशन करेंगी।

उन्होंने आगे बताया कि सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र में खेलों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि हर स्कूल, कॉलेज और मोहल्ले से नई प्रतिभाएं सामने आ सकें। इसके लिए खेल सुविधाओं का विस्तार, प्रशिक्षण व्यवस्था और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

इस अवसर पर राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी, संजीव गोयनका, तजिंदर पाल सिंह बिट्टू, उदय सिन्हा, रामेश्वर सिंह एवं आरपी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में डॉ. सिंह ने को इंडियन प्रीमियर लीग के इस सत्र के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और सफलता की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम आने वाले मैचों में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करेगी।

विश्व धरोहर सप्ताह 2026: अब आम लोग भी बनेंगे अपनी विरासत के कहानीकार

  • ‘हेरिटेज थ्रू माई लेंस’ और ‘’शेयर योर पर्सनल ट्रेजर’ से अब लोग खुद दिखाएंगे अपनी विरासत
  • आपकी विरासत को मिलेगा मंच और विजेता होंगे सम्मानित
  • जनभागीदारी से सशक्त होगी हमारी सांस्कृतिक विरासत: जयवीर सिंह

लखनऊ, 12 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने विश्व धरोहर सप्ताह के मौके पर लोगों के लिए दो विशेष अभियान शुरू किए हैं। इनका उद्देश्य है कि आम लोग भी अपनी आसपास की विरासत (हेरिटेज) को पहचानें, उसे साझा करें और उससे जुड़ाव महसूस करें।

पहला अभियान है ‘यूपी हेरिटेज थ्रू माई लेंस’ इसमें आप अपने मोबाइल से किसी भी पुराने या अल्पज्ञात ऐतिहासिक स्थल की फोटो, कोई स्थानीय मंदिर का छोटा वीडियो बनाकर भेज सकते हैं। यह कोई पौराणिक स्थान या ऐतिहासिक मेला, अल्पज्ञात किला या तीर्थस्थल, आपके क्षेत्र का कोई विशेष स्थान हो सकता है, जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते।

दूसरा अभियान ‘शेयर योर पर्सनल ट्रेजर’ है, जिसके तहत लोग अपने घरों में सहेजकर रखी गई पुश्तैनी वस्तुएं, पुरानी मुद्राएं (सिक्के), गुल्लक, चिट्ठियां, पारंपरिक आभूषण, पुश्तैनी बर्तन या पुराने जमाने के विशेष ताले जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जो परिवार के लिए विशेष महत्व रखती हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, “विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर शुरू किए गए ये अभियान आम लोगों को अपनी विरासत से जोड़ने की एक खास पहल हैं। ‘हेरिटेज थ्रू माई लेंस’ और ‘पर्सनल ट्रेजर’ के जरिए अब हर व्यक्ति अपनी नजर से अपनी धरोहर को पहचान सकता है और उसकी कहानी दुनिया के सामने ला सकता है। हम चाहते हैं कि खासकर युवा पीढ़ी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों पर गर्व महसूस करे।”

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य, अमित अभिजात ने बताया कि,“ऐसी पहलें पर्यटन को एक नए दौर में ले जा रही हैं, जहां लोग सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि सक्रिय भागीदार बनते हैं। अब आम नागरिक खुद तय करेंगे कि उनकी धरोहर क्या है और उसे कैसे प्रस्तुत किया जाए। इससे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर छिपी हुई विरासत सामने आएगी, बल्कि उन स्थलों और परंपराओं को भी पहचान मिलेगी, जिन्हें भविष्य में राज्य के पर्यटन नक्शे पर खास जगह दी जा सकती है।”

अच्छी बात यह है कि इसमें भाग लेना बहुत आसान है। आप सिर्फ मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाकर भेज सकते हैं। किसी खास उपकरण या प्रोफेशनल कैमरे की जरूरत नहीं है। इन अभियानों की खास बात यह है कि चुनी गई बेहतरीन प्रविष्टियों को पुरस्कार मिलेगा। साथ ही ‘पर्सनल ट्रेजर’ कैटेगरी की कुछ एंट्री राज्य संग्रहालय में भी प्रदर्शित की जाएंगी।

इन दोनों प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 है। इच्छुक लोग उत्तर प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अब मौका है कि आप भी अपनी विरासत को दुनिया के सामने लाएं और उसकी कहानी खुद सुनाएं।

प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत हैं- इन्हीं के बल पर राष्ट्र निर्माण को गति मिलती है- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है, यह संगठन को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा प्रदान करता है”
  • सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ही हमारी कार्यसंस्कृति की पहचान है, इन्हीं मूल्यों से संगठन और राष्ट्र दोनों मजबूत होते हैं”

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 का शुभारंभ उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से आयोजित इस महाअभियान के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न मंडलों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।

अवध विहार योजना स्थित ट्यूलिप गार्डन में आयोजित अर्जुनगंज मंडल प्रशिक्षण सत्र में सहभागिता करते हुए कार्यकर्ताओं ने संगठन की विचारधारा एवं कार्यसंस्कृति को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की प्रेरणादायी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा एवं वैचारिक स्पष्टता का संचार किया। अर्जुनगंज मंडल अध्यक्ष मोहित तिवारी सहित अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं सार्थक बनाया।

इसी क्रम में सरोजनीनगर दक्षिण द्वितीय मंडल का प्रशिक्षण कार्यक्रम आकृति डिलाइट्स लॉन, रुचि खंड-2, कम्युनिटी सेंटर, लखनऊ में मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्य के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में रमेश तूफानी ने कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, वैचारिक आधार एवं राष्ट्रहित में समर्पण के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर रमा शंकर त्रिपाठी, राजेन्द्र बाजपेयी, पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी, पार्षद हिमांशु अंबेडकर, पार्षद विमल तिवारी, पार्षद कमलेश सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

वहीं सरोजनीनगर दक्षिण तृतीय मंडल में वृंदावन कॉलोनी स्थित कान्हा बैंक्वेट हॉल, सेक्टर 6E में दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष रमाकांत “राजन” मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्र में संगठनात्मक दक्षता, अनुशासन एवं सेवा भाव को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के सिद्धांत संगठन की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के वैचारिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सशक्त, अनुशासित एवं प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन को मजबूती प्रदान करते हैं और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य को गति देते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन कार्यकर्ताओं में सेवा, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करते हैं तथा संगठन को नई ऊर्जा एवं दिशा प्रदान करते हैं। यह महाअभियान सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं वैचारिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली पहल सिद्ध हो रहा है।