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IPL में अर्शदीप सिंह ने 100 विकेट पूरे कर बड़ी उपलब्धि हासिल की, बाएं हाथ के गेंदबाजों की एलीट लिस्ट में शामिल हुए।

Arshdeep Singh ने इंडियन प्रीमियर लीग में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। उन्होंने अपने IPL करियर के 100 विकेट पूरे कर लिए हैं और इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले पांचवें बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बन गए हैं।

यह खास उपलब्धि उन्होंने Mumbai Indians के खिलाफ मैच में Ryan Rickelton का विकेट लेकर हासिल की

87वें मैच में पूरा किया शतक

अर्शदीप ने सिर्फ 87 मैचों में 100 विकेट का आंकड़ा छू लिया। यह उनकी निरंतरता और डेथ ओवर्स में उनकी प्रभावी गेंदबाजी का प्रमाण है।


बाएं हाथ के दिग्गजों की सूची में शामिल

IPL में 100+ विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की लिस्ट:

  • Trent Boult – 144 विकेट
  • Jaydev Unadkat – 114 विकेट
  • Ashish Nehra – 106 विकेट
  • Zaheer Khan – 102 विकेट
  • Arshdeep Singh – 100+ विकेट

किन टीमों के खिलाफ रहे सबसे खतरनाक?

अर्शदीप का प्रदर्शन कुछ टीमों के खिलाफ खास तौर पर शानदार रहा है:

  • 18 विकेट – Rajasthan Royals
  • 17 विकेट – Sunrisers Hyderabad
  • 12+ विकेट – Mumbai Indians
  • 11 विकेट – Chennai Super Kings
  • 11 विकेट – Kolkata Knight Riders
  • 11 विकेट – Royal Challengers Bengaluru
  • 10 विकेट – Lucknow Super Giants

वहीं Delhi Capitals और Gujarat Titans के खिलाफ अभी तक वह 10 विकेट तक नहीं पहुंच पाए हैं।


दिलचस्प आंकड़ा

पिछली 11 पारियों के बाद यह पहली बार था जब अर्शदीप ने पावरप्ले में विकेट लिया—यानी उन्होंने एक तरह से अपने “विकेट सूखे” को भी खत्म किया।


करियर पर एक नजर

  • मैच: 87
  • विकेट: 101+
  • 4 विकेट हॉल: 3 बार
  • 5 विकेट हॉल: अभी नहीं

Health Tips:बिना डायबिटीज वाले युवाओं में GLP-1 दवाओं से तेजी से वजन घटने का खुलासा, नई स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे

नई पीढ़ी की वजन घटाने वाली दवाओं को लेकर सामने आई एक ताजा स्टडी में चौंकाने वाले परिणाम मिले हैं। शोध के अनुसार बिना डायबिटीज वाले और युवा मरीजों में GLP-1 थेरेपी आधारित दवाओं से वजन अपेक्षाकृत तेजी से घटता देखा गया है।

यह अध्ययन भारत में वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित पहला शोध बताया जा रहा है, जिसमें मोटापे और अधिक वजन से जूझ रहे करीब 150 लोगों को शामिल किया गया। इन मरीजों को छह महीने तक इंजेक्शन के जरिए Semaglutide और Tirzepatide दी गईं।

स्टडी के नतीजों के अनुसार लगभग 41 प्रतिशत प्रतिभागियों का वजन 10 प्रतिशत से अधिक कम हुआ, जबकि कुल औसत वजन घटने की दर करीब 8.2 प्रतिशत रही। खास बात यह रही कि जिन लोगों को डायबिटीज नहीं थी, उनमें वजन घटने की दर औसतन 11.21 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो डायबिटीज मरीजों की तुलना में अधिक थी।

दवाओं की तुलना में पाया गया कि Tirzepatide लेने वाले मरीजों में वजन घटने की दर अधिक रही, जबकि Semaglutide लेने वालों में यह थोड़ी कम देखी गई। इसके अलावा, जिन लोगों ने पहले कभी GLP-1 थेरेपी नहीं ली थी, उनमें असर और तेज देखने को मिला।

रिसर्च में यह भी सामने आया कि युवाओं में वजन घटाने की प्रक्रिया अधिक तेजी से होती है और 10 प्रतिशत से ज्यादा वजन घटाने का लक्ष्य कई मामलों में जल्दी हासिल हुआ। औसतन इस स्तर तक पहुंचने में करीब 9.5 महीने का समय लगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे के साथ डायबिटीज होने पर वजन घटाना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है, क्योंकि इंसुलिन रेजिस्टेंस और पहले से ली जा रही दवाएं शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार भारत में बढ़ते मोटापे और डायबिटीज के मामलों के पीछे बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि प्रमुख कारण हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इन दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय निगरानी में ही किया जाना चाहिए।

US-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान की चिंता बढ़ी, शहबाज शरीफ सहायता की तलाश में जुटे, जबकि असीम मुनीर तेहरान पहुंचे।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच Pakistan की सक्रियता और चिंता दोनों साफ दिखाई दे रही हैं। एक तरफ Shehbaz Sharif आर्थिक मदद के लिए खाड़ी देशों के दौरे पर हैं, तो दूसरी ओर सेना प्रमुख Asim Munir बातचीत के अगले दौर को लेकर Tehran पहुंच गए हैं।

मध्यस्थता के जरिए राहत की कोशिश

पाकिस्तान United States और Iran के बीच मध्यस्थ बनकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारना चाहता है। इसके साथ ही वह उम्मीद कर रहा है कि इस भूमिका के बदले उसे प्रतिबंधों में कुछ ढील मिल सकती है, जिससे वह फिर से ईरान से तेल खरीद सके।

तेल और ऊर्जा संकट का दबाव

अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते पाकिस्तान के लिए ईरान से सस्ता तेल लेना लगभग बंद हो गया है। अगर Strait of Hormuz में तनाव बढ़ता है या रास्ता बाधित होता है, तो पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा और तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

आर्थिक संकट ने बढ़ाई मुश्किल

पाकिस्तान पहले से ही गंभीर आर्थिक दबाव में है। उसे जल्द ही United Arab Emirates से लिया गया अरबों डॉलर का कर्ज चुकाना है। ऐसे में शहबाज शरीफ Saudi Arabia, Qatar और Turkey से वित्तीय मदद की उम्मीद में दौरे कर रहे हैं।

दोहरी रणनीति का जोखिम

एक तरफ पाकिस्तान ईरान से बातचीत कर रहा है और अमेरिकी संदेश पहुंचा रहा है, वहीं दूसरी ओर खाड़ी देशों से आर्थिक सहायता मांग रहा है। लेकिन अगर Iran और United States के बीच तनाव और बढ़ता है, तो यह “दोहरी नीति” पाकिस्तान के लिए उल्टा भी पड़ सकती है।

क्षेत्रीय तनाव का असर

हाल के हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बाद पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ी है। इसका असर न सिर्फ वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के कई देशों—खासकर पाकिस्तान—की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है।

Sports Update:चिन्नास्वामी में RCB का दबदबा, लखनऊ 146 पर सिमटी; रासिख सलाम की घातक गेंदबाजी

M Chinnaswamy Stadium में खेले जा रहे मुकाबले में Royal Challengers Bengaluru ने पहली पारी में पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। Lucknow Super Giants की टीम 20 ओवर में 146 रन पर ऑलआउट हो गई, जिससे RCB को जीत के लिए 147 रन का लक्ष्य मिला।

खराब शुरुआत से उबर नहीं पाई लखनऊ

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला RCB के लिए सही साबित हुआ। लखनऊ की शुरुआत धीमी और कमजोर रही—पावरप्ले में सिर्फ 35 रन बने और शुरुआती विकेट गिरते रहे।

  • Aiden Markram जल्दी आउट हो गए
  • Nicholas Pooran सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे

मिचेल मार्श ने संभाली पारी

टीम के लिए Mitchell Marsh ने सबसे ज्यादा 40 रन (32 गेंद) बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से ज्यादा सहयोग नहीं मिला।

मिडिल ऑर्डर की छोटी साझेदारी

शुरुआती झटकों के बाद Ayush Badoni (38 रन) और Mukul Choudhary (39 रन) ने 35 रनों की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन यह पर्याप्त नहीं रही।

कप्तान पंत भी नाकाम

Rishabh Pant चोट के बाद दोबारा बल्लेबाजी करने आए, लेकिन सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे लखनऊ की उम्मीदें और कमजोर पड़ गईं।

रासिख सलाम का ‘चौका’

RCB की ओर से Rasikh Dar Salam ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और लखनऊ की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।

Sports Update:23 अप्रैल को IPL 2026 में वापसी कर सकते हैं एमएस धोनी, प्लेइंग XI में किसकी जगह होगी एंट्री?

MS Dhoni के फैंस के लिए बड़ी खबर है—वह 23 अप्रैल को Chennai Super Kings के लिए इस सीजन का पहला मैच खेल सकते हैं। चोट के कारण अब तक IPL 2026 से बाहर रहे धोनी की वापसी टीम के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।

इस दिन CSK का मुकाबला Mumbai Indians से होगा, जो टीम का सीजन में सातवां मैच होगा।


टीम कॉम्बिनेशन में किसकी जगह लेंगे धोनी?

धोनी की वापसी तय मानी जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि प्लेइंग इलेवन से बाहर कौन होगा।

🔹 टॉप ऑर्डर लगभग फिक्स

  • Ruturaj Gaikwad (कप्तान)
  • Sanju Samson
  • Ayush Mhatre
  • Dewald Brevis

इन खिलाड़ियों की जगह सुरक्षित मानी जा रही है, इसलिए यहां बदलाव मुश्किल है।

🔹 गेंदबाजी यूनिट भी तय

CSK के पास पहले ही चोटों की समस्या है:

  • Nathan Ellis और Khaleel Ahmed बाहर हैं
  • तेज गेंदबाजी: Jamie Overton, Anshul Kamboj
  • स्पिन: Noor Ahmad

ऐसे में गेंदबाजों के कॉम्बिनेशन में बदलाव करना टीम के लिए जोखिम भरा होगा।


🔥 सबसे बड़ा सवाल: सरफराज खान OUT?

अब नजर जाती है मिडिल ऑर्डर पर।

  • Shivam Dube फिनिशर के रूप में लगभग तय हैं
  • ऐसे में सबसे ज्यादा खतरा Sarfaraz Khan की जगह पर है

हालांकि सरफराज ने इस सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया है—
👉 5 मैचों में 122 रन, स्ट्राइक रेट ~182

फिर भी टीम बैलेंस के चलते उन्हें बाहर बैठना पड़ सकता है।


🟡 क्या हो सकता है फाइनल फैसला?

धोनी की एंट्री आमतौर पर विकेटकीपर + फिनिशर के रूप में होती है, इसलिए CSK मिडिल ऑर्डर में एक बल्लेबाज कम कर सकती है। इसी वजह से सरफराज सबसे संभावित खिलाड़ी हैं, जिन्हें बाहर किया जा सकता है।