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जनता दर्शन में CM योगी का संदेश: “जनसेवा ही सरकार का धर्म”

लखनऊ, 20 अप्रैल 2026: उत्तरप्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेशभर से आए फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनसेवा सरकार का मूल कर्तव्य है और प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर पात्र व्यक्ति की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

“दर्द लेकर आईं, दुआ देकर गईं” – बरेली की दीप्ति की कहानी

जनता दर्शन में बरेली की रहने वाली दीप्ति ने अपनी आर्थिक तंगी की समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। ठेला लगाकर परिवार चलाने वाली दीप्ति ने बच्चों के पालन-पोषण में आ रही कठिनाइयों का जिक्र किया।

सीएम योगी ने तुरंत बरेली के जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभ दिलाया जाए और स्थानीय स्तर पर उनकी समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता देखकर दीप्ति भावुक हो गईं और आभार व्यक्त करते हुए उन्हें दुआएं दीं।

आवास योजना को लेकर मिला भरोसा

जनता दर्शन में पहुंचे कई लोगों ने आवास की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हर पात्र व्यक्ति को आवास उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्रता के आधार पर सभी आवेदनों पर जल्द कार्रवाई कर लाभ सुनिश्चित किया जाए।

इलाज, शिक्षा और कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश

  • इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वालों के लिए तुरंत एस्टिमेट तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश
  • अभिभावकों की चिंता पर कहा- किसी भी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए
  • स्कूल प्रबंधन से समन्वय कर शिक्षा जारी रखने के आदेश
  • अवैध कब्जे और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही पर कड़ा रुख
  • स्थानीय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई कर पीड़ितों को संतुष्ट करने के निर्देश

सरकार का फोकस: हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनता दर्शन इसी दिशा में एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है, जहां आम नागरिक सीधे अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रख पा रहे हैं।

लखनऊ: सरोजनी नगर में परशुराम जयंती पर भव्य आयोजन, विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने की ₹10 लाख सहायता की घोषणा – अगले वर्ष से होगा और भी “भव्य परशुराम महोत्सव”

लखनऊ। सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के वृंदावन क्षेत्र में भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि तप, त्याग, अनुशासन और तेज के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को यह संदेश देता है कि सच्ची विजय केवल शस्त्रों से नहीं, बल्कि ज्ञान, संयम और विवेक से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज में स्वार्थ और कर्तव्यहीनता का भाव बढ़ रहा है, ऐसे में भगवान परशुराम के आदर्श और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।

₹10 लाख की सहायता और ‘परशुराम महोत्सव’ की घोषणा

इस अवसर पर विधायक डॉ. सिंह ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि भविष्य में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक भव्य और व्यवस्थित बनाने में सहायक होगी। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष से इस आयोजन को “परशुराम महोत्सव” के रूप में और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिल सके।

गुरु-शिष्य परंपरा और सत्यनिष्ठा पर जोर

अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने भगवान परशुराम और उनके शिष्य कर्ण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु-भक्ति, सत्य और समर्पण जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि छल और असत्य का मार्ग भले ही कुछ समय के लिए सफलता दिला दे, लेकिन अंततः वह पराजय की ओर ही ले जाता है, जबकि सत्य और निष्ठा ही स्थायी सफलता का आधार हैं।

“विकास और संस्कृति का संगम बन रहा सरोजनी नगर”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनी नगर में विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण भी प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 220 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण और सुविधाओं का विस्तार कराया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल रहा है।

सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए विशेष पहल

डॉ. सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं-

  • 56 ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन का अवसर प्रदान किया गया
  • 41 सिख श्रद्धालुओं को अमृतसर से करतारपुर साहिब (पाकिस्तान) दर्शन हेतु भेजा गया, जो धार्मिक समरसता का उदाहरण है
  • गुरुकुल परंपरा को बढ़ावा देने के लिए गुरुकुल पहाड़पुर और गुरुकुल हरौनी में मूलभूत सुविधाओं का विकास कराया गया

धार्मिक स्थलों के विकास पर करोड़ों की सहायता

उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की गई है-

  • प्राचीन रेतेश्वर महादेव मंदिर के लिए ₹5.30 करोड़
  • झाड़ेश्वर महादेव मंदिर के लिए ₹1.05 करोड़
  • श्री महादेव शिव साईं नाथ शिवधाम के लिए ₹98 लाख
  • कबीर पंथी दाता साईं संत आश्रम एवं खालसा स्थल के लिए ₹1 करोड़

समाज को एकजुट करने का संदेश

डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र, समाज और धर्म सर्वोपरि हैं, और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़ा हो। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज के उत्थान में योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

इस अवसर पर अनंत कुमार मिश्रा (अंटू), शिव शंकर अवस्थी, रामेश्वर सिंह, प्रमोद शर्मा, प्यारे मोहन चौबे, ए.पी. मिश्रा, प्रणव अग्निहोत्री, शिव प्रकाश मिश्रा, गणेश चंद्र जोशी, डॉ. श्रयाकांत त्रिपाठी, राजन मिश्रा (मंडल अध्यक्ष), विनोद मौर्य (मंडल अध्यक्ष), किशोर मिश्रा, पी.के. मिश्रा, राज कुमार शुक्ला, कर्नल दया शंकर दुबे, रजनी अवस्थी (पार्षद), संजीव अवस्थी, के.एन. सिंह (पार्षद), प्रकाश तिवारी, डॉ. रीना उपाध्याय, राजेश चौधरी (नगर मंत्री), दिनेश पांडेय, अनिल कुमार दुबे, विनोद कुमार दुबे, के.के. शुक्ला, प्रदीप चतुर्वेदी, अजय तिवारी, राजेश्वरी त्रिपाठी एवं भजन गायक विजय अग्निहोत्री सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Health Update:क्या हेयर डाई से लिवर खराब हो सकता है? जानें एक्सपर्ट्स ने क्या कहा सच्चाई पर

सफेद बालों को काला या रंगीन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली हेयर डाई को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इससे शरीर, खासकर लिवर को नुकसान हो सकता है। कई लोगों में इसके केमिकल्स को लेकर चिंता रहती है, लेकिन विशेषज्ञों की राय इस बारे में अलग है।

लिवर विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में कॉस्मेटिक हेयर डाई के इस्तेमाल से लिवर को गंभीर नुकसान होने के ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि इन प्रोडक्ट्स का शरीर में अवशोषण बहुत कम होता है, जिससे ये सीधे लिवर तक असर नहीं पहुंचाते।

हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में हेयर डाई में मौजूद रसायन जैसे p-Phenylenediamine (PPD) और अमोनिया से एलर्जी या स्वास्थ्य समस्याएं देखी गई हैं। ये मामले आमतौर पर व्यक्तिगत संवेदनशीलता पर निर्भर करते हैं और हर व्यक्ति में समान नहीं होते।

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर मामलों में हेयर डाई से त्वचा पर हल्की एलर्जी या जलन हो सकती है, लेकिन यह गंभीर लिवर डैमेज का कारण नहीं बनती। वहीं, अगर कोई व्यक्ति पहले से लिवर की समस्या, स्किन एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रहा हो, तो जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है।

डॉक्टर यह भी बताते हैं कि असली खतरा तब बढ़ता है जब अन्य जोखिम कारक जैसे धूम्रपान या शराब का सेवन भी मौजूद हो। ये दोनों ही लिवर पर सीधा और गंभीर असर डाल सकते हैं, जिससे शरीर पर केमिकल्स का कुल प्रभाव बढ़ सकता है।

सावधानी क्या रखें?

  • हमेशा मान्यता प्राप्त और रेगुलेटेड ब्रांड की हेयर डाई का उपयोग करें
  • इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें
  • स्कैल्प पर घाव या जलन होने पर डाई का उपयोग न करें
  • बार-बार और अत्यधिक उपयोग से बचें

विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर की सुरक्षा के लिए हेयर डाई से ज्यादा जरूरी जीवनशैली सुधार और धूम्रपान जैसी आदतों से दूरी बनाना है।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह जानकारी शोध और विशेषज्ञ राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।

Sports News:फोन से दूरी बनते ही क्यों बढ़ती है बेचैनी? जानें स्क्रीन टाइम कैसे बढ़ा रहा समय से पहले बुढ़ापा

अगर आपका फोन थोड़ी देर दूर हो जाए और आपको बेचैनी या घबराहट महसूस होने लगे, तो यह सिर्फ एक आदत नहीं बल्कि डिजिटल निर्भरता का संकेत हो सकता है। आज के समय में लोग औसतन कई घंटे रोजाना मोबाइल स्क्रीन पर बिता रहे हैं, जिससे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है और यह समय से पहले उम्र बढ़ने (early aging) का कारण भी बन सकता है। इसका सबसे पहला असर नींद पर पड़ता है।

फोन की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर में Melatonin के निर्माण को प्रभावित करती है, जो नींद के लिए जरूरी हार्मोन है। जब यह कम हो जाता है तो नींद की गुणवत्ता खराब हो जाती है और शरीर पूरी तरह से आराम नहीं कर पाता।

नींद की कमी का असर केवल थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दिमाग की कार्यक्षमता पर भी असर डालता है। इससे याददाश्त कमजोर होने और सोचने-समझने की क्षमता में गिरावट देखी जा सकती है। लंबे समय तक यह स्थिति गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

इसके अलावा, शोध बताते हैं कि खराब नींद और ज्यादा स्क्रीन उपयोग का असर आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया यानी Gut Microbiome पर भी पड़ता है, जिससे पाचन और मानसिक स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहने से शरीर में तनाव और सूजन बढ़ सकती है, जो धीरे-धीरे मस्तिष्क और शरीर के अन्य हिस्सों पर नकारात्मक असर डालती है। इस स्थिति को कुछ शोधकर्ता “डिजिटल ओवरलोड” या “डिजिटल लत” के रूप में भी समझाते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना, नियमित नींद लेना और डिजिटल ब्रेक लेना बेहद जरूरी है। इससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह जानकारी शोध और विशेषज्ञ राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

Sports News:कौन हैं Arshdeep Singh की रूमर्ड गर्लफ्रेंड? स्टेडियम में दिखीं, चर्चाएं तेज

भारतीय तेज गेंदबाज Arshdeep Singh इन दिनों एक तरफ Indian Premier League 2026 में अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में हैं, तो दूसरी ओर उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी अफवाहें तेज हो गई हैं।

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल होने के बाद उनके रिलेशनशिप को लेकर अटकलें लगनी शुरू हुईं। बताया जा रहा है कि अर्शदीप ने एक मिस्ट्री महिला के साथ तस्वीर साझा की थी, जिसमें दिख रहे टैटू को देखकर फैंस ने कनेक्शन जोड़ते हुए Samreen Kaur का नाम सामने रखा। इसके बाद यह चर्चा और तेज हो गई जब समरीन को चंडीगढ़ के Maharaja Yadavindra Singh Stadium में मैच के दौरान देखा गया, जहां वह Punjab Kings को सपोर्ट करती नजर आईं।

कौन हैं समरीन कौर?
Samreen Kaur एक पंजाबी अभिनेत्री और मॉडल हैं, जिनका संबंध जम्मू-कश्मीर से बताया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फैशन इंडस्ट्री से की और बाद में म्यूजिक वीडियो और फिल्मों में काम किया।

समरीन ने 83 फिल्म में भी एक छोटा किरदार निभाया था, जिसमें उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर Balwinder Singh Sandhu की मंगेतर की भूमिका अदा की थी। इसके अलावा वह कई लोकप्रिय पंजाबी गानों में नजर आ चुकी हैं और मॉडलिंग के क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं।

हालांकि, अर्शदीप सिंह और समरीन कौर के रिश्ते को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और कयासों तक ही सीमित है।