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Sports News:टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले 7 बल्लेबाज, ऋषभ पंत ने दिग्गजों को छोड़ा पीछे

टेस्ट क्रिकेट को आमतौर पर धैर्य और तकनीक का खेल माना जाता है, लेकिन कुछ बल्लेबाजों ने इस लंबे फॉर्मेट में भी आक्रामक अंदाज से अपनी अलग पहचान बनाई। इन खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजों पर जमकर छक्के बरसाए हैं। इस खास रिकॉर्ड में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत भी टॉप-3 में शामिल हैं।

1. बेन स्टोक्स – 138 छक्के

इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 122 टेस्ट मैचों में कुल 138 छक्के लगाए हैं। आक्रामक बल्लेबाजी उनकी पहचान रही है और इस रिकॉर्ड में वह सबसे आगे हैं।

2. ब्रेंडन मैकुलम – 107 छक्के

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम टेस्ट क्रिकेट में भी तेजतर्रार बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे। उन्होंने अपने टेस्ट करियर के 101 मैचों में 107 छक्के लगाए।

3. ऋषभ पंत – 102 छक्के

भारत के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। अपने 52वें टेस्ट तक वह 102 छक्के लगा चुके हैं। पंत अभी सक्रिय क्रिकेट का हिस्सा हैं, इसलिए उनके पास इस आंकड़े को और आगे ले जाने का मौका है।

अगर उनका आक्रामक अंदाज जारी रहता है तो वह आने वाले समय में इस रिकॉर्ड में और ऊपर जा सकते हैं।

4. एडम गिलक्रिस्ट – 100 छक्के

ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने अपने आक्रामक खेल से टेस्ट क्रिकेट में भी खूब छक्के लगाए। उन्होंने 96 टेस्ट मैचों में 100 छक्के जड़े।

5. टिम साउथी – 98 छक्के

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउथी भी इस सूची में शामिल हैं। गेंदबाजी के साथ-साथ वह निचले क्रम में बड़े शॉट लगाने के लिए भी जाने जाते थे। साउथी के नाम टेस्ट क्रिकेट में 98 छक्के दर्ज हैं। उन्होंने 2024 में अपना आखिरी टेस्ट खेला था।

6. क्रिस गेल – 98 छक्के

वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल का नाम इस लिस्ट में होना हैरान नहीं करता। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने अपनी पावर हिटिंग का शानदार प्रदर्शन किया। गेल ने कुल 98 छक्के लगाए और 2014 में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला।

7. जैक कैलिस – 97 छक्के

दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक कैलिस इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले कैलिस ने अपने टेस्ट करियर में 97 छक्के लगाए।

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के

रैंकबल्लेबाजछक्के
1बेन स्टोक्स138
2ब्रेंडन मैकुलम107
3ऋषभ पंत102
4एडम गिलक्रिस्ट100
5टिम साउथी98
6क्रिस गेल98
7जैक कैलिस97

नोट: रिकॉर्ड समय के साथ बदल सकते हैं, खासकर सक्रिय खिलाड़ियों के मामले में।

Health Update:हाथ-पैर न हों तो कैसे मापा जाता है मरीज का BP? जानिए डॉक्टर कौन-से तरीके अपनाते हैं

ब्लड प्रेशर यानी BP की जांच मेडिकल चेकअप का एक सामान्य हिस्सा है। आमतौर पर डॉक्टर मरीज की ऊपरी बाजू पर कफ लगाकर BP मापते हैं। लेकिन अगर किसी व्यक्ति का हाथ मौजूद न हो, तो सवाल उठता है कि ऐसी स्थिति में ब्लड प्रेशर कैसे चेक किया जाता है?

मेडिकल साइंस में इसके लिए कई वैकल्पिक तरीके मौजूद हैं। मरीज की स्थिति और उपलब्ध शरीर के हिस्से के आधार पर डॉक्टर सबसे उपयुक्त तरीका चुनते हैं।

हाथ न होने पर कहां मापा जाता है BP?

सामान्य तौर पर BP ऊपरी बाजू की ब्रेकियल आर्टरी से मापा जाता है। लेकिन अगर वहां कफ लगाना संभव न हो, तो डॉक्टर दूसरे स्थानों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कुछ परिस्थितियों में कफ को जांघ या पैर के निचले हिस्से पर लगाकर ब्लड प्रेशर मापा जाता है। हालांकि शरीर के अलग हिस्सों से मिलने वाली BP रीडिंग में सामान्य बाजू की रीडिंग से अंतर हो सकता है, इसलिए डॉक्टर इसे मरीज की स्थिति के अनुसार समझते हैं।

अगर किसी मरीज के हाथ में चोट, जलने की समस्या या सर्जरी के कारण वहां BP मापना संभव नहीं है, तब भी वैकल्पिक स्थान का इस्तेमाल किया जा सकता है।

अगर हाथ और पैर दोनों न हों तो?

अगर मरीज के हाथ और पैर दोनों नहीं हैं, तो स्थिति थोड़ी जटिल हो जाती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर उपलब्ध शरीर के हिस्से और मरीज की मेडिकल स्थिति के आधार पर वैकल्पिक स्थान तलाशते हैं।

सिर्फ सामान्य BP मशीन से किसी भी जगह कफ बांध देना उचित नहीं होता। सही जगह और सही तकनीक का चुनाव मेडिकल स्टाफ करता है।

गंभीर मरीजों में आर्टेरियल लाइन का इस्तेमाल

ICU या गंभीर स्थिति वाले मरीजों में, जब लगातार और बेहद सटीक BP मॉनिटरिंग की जरूरत होती है, डॉक्टर आर्टेरियल लाइन (arterial line) लगा सकते हैं।

इस प्रक्रिया में एक पतली कैथेटर को धमनी में डाला जाता है और उसे मॉनिटर से जोड़ा जाता है। इससे मरीज का ब्लड प्रेशर लगातार मॉनिटर किया जा सकता है।

यह तरीका आमतौर पर गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बड़े ऑपरेशन या ऐसी परिस्थितियों में इस्तेमाल होता है जहां हर पल BP की निगरानी जरूरी होती है।

क्या पैर से मिली BP रीडिंग बिल्कुल समान होती है?

जरूरी नहीं। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में BP की रीडिंग में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अगर बाजू से BP मापना संभव नहीं है, तो डॉक्टर वैकल्पिक जगह से मिली रीडिंग को मरीज की पूरी स्थिति के संदर्भ में देखते हैं।

निष्कर्ष: अगर किसी मरीज के हाथ या पैर नहीं हैं, तब भी BP मापना संभव है। सामान्य कफ से वैकल्पिक हिस्से पर जांच की जा सकती है और गंभीर मामलों में आर्टेरियल लाइन के जरिए लगातार BP मॉनिटर किया जा सकता है। सही तरीका मरीज की स्थिति के अनुसार डॉक्टर तय करते हैं।

यश की ‘टॉक्सिक’ की ताबड़तोड़ प्री-बुकिंग, कई बड़ी फिल्मों को पछाड़कर बनाया खास रिकॉर्ड

साउथ सुपरस्टार यश एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं। करीब चार साल बाद उनकी नई फिल्म ‘टॉक्सिक’ सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। फिल्म की रिलीज से पहले ही इसे लेकर जबरदस्त माहौल बना हुआ है और एडवांस बुकिंग के आंकड़े भी इसकी लोकप्रियता का संकेत दे रहे हैं।

कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, नयनतारा, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म ने प्री-सेल्स के मामले में कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। तीन दिनों की एडवांस बुकिंग के बाद ‘टॉक्सिक’ 2026 की सबसे ज्यादा प्री-बुकिंग करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई है।

तीन दिन में एडवांस बुकिंग से करोड़ों की कमाई

फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू होने के बाद पहले ही दिन दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स देखने को मिला। शुरुआती कुछ घंटों में ही हजारों टिकट बिक गए और बुकिंग से करोड़ों रुपये का आंकड़ा पार हो गया।

पहले दिन ‘टॉक्सिक’ की एडवांस बुकिंग से बिना ब्लॉक सीटों के करीब 4.36 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया गया था। ब्लॉक सीटों को जोड़ने पर यह आंकड़ा लगभग 9.47 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

दूसरे दिन फिल्म की बुकिंग में और तेजी आई। बिना ब्लॉक सीटों के फिल्म ने करीब 10.95 करोड़ रुपये की प्री-सेल्स दर्ज की, जबकि ब्लॉक सीटों को शामिल करने पर आंकड़ा 18.28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

तीसरे दिन भी फिल्म की रफ्तार कम नहीं हुई। रात करीब 8:30 बजे तक ‘टॉक्सिक’ ने बिना ब्लॉक सीटों के लगभग 21.77 करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग कर ली थी। ब्लॉक सीटों को जोड़ने पर कुल बुकिंग करीब 30.49 करोड़ रुपये बताई गई।

इस दौरान फिल्म के लिए देशभर में 5.55 लाख से ज्यादा टिकट बिक चुके थे और करीब 13,591 शो उपलब्ध थे।

2026 की टॉप प्री-सेल्स फिल्मों में पहुंची ‘टॉक्सिक’

एडवांस बुकिंग के तीसरे दिन के आंकड़ों ने ‘टॉक्सिक’ को 2026 की सबसे ज्यादा प्री-बुकिंग हासिल करने वाली फिल्मों की सूची में ऊपर पहुंचा दिया है।

बताए गए आंकड़ों के मुताबिक इस सूची में फिल्मों की स्थिति इस तरह है:

  1. धुरंधर 2 – 53 करोड़ रुपये
  2. जन नायकन – 22.26 करोड़ रुपये
  3. टॉक्सिक – 21.77 करोड़ रुपये
  4. पेद्दी – 20.66 करोड़ रुपये
  5. द राजा साब – 15.31 करोड़ रुपये
  6. मना शंकर वरा प्रसाद गारु – 14 करोड़ रुपये
  7. बॉर्डर 2 – 12.5 करोड़ रुपये
  8. उस्ताद भगत सिंह – 10.49 करोड़ रुपये

इस प्रदर्शन के साथ ‘टॉक्सिक’ ने ‘पेद्दी’ और ‘द राजा साब’ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। फिल्म की बुकिंग में अगर इसी तरह तेजी बनी रहती है तो रिलीज से पहले इसके आंकड़े और ऊपर जा सकते हैं।

चार साल बाद यश की सिनेमाघरों में वापसी

यश को आखिरी बार 2022 में रिलीज हुई ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ में देखा गया था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था और यश की लोकप्रियता को देशभर में नई ऊंचाई दी थी।

इसके बाद फैंस लंबे समय से उनकी अगली फिल्म का इंतजार कर रहे थे। अब ‘टॉक्सिक’ के जरिए उनका यह इंतजार खत्म होने वाला है।

कई बड़ी अभिनेत्रियों के साथ नजर आएंगे यश

‘टॉक्सिक’ में यश के साथ कई चर्चित अभिनेत्रियां दिखाई देंगी। फिल्म में कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, नयनतारा, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत अहम भूमिकाओं में नजर आने वाली हैं।

फिल्म में एक्शन के साथ रोमांस और ड्रामा का भी मिश्रण देखने को मिलेगा। टीजर और ट्रेलर सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

26 अगस्त को रिलीज होगी फिल्म

‘टॉक्सिक’ को लेकर यश के फैंस में खासा उत्साह है। फिल्म 26 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

एडवांस बुकिंग के शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग की उम्मीद की जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रिलीज के बाद ‘टॉक्सिक’ दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और बॉक्स ऑफिस पर कितने नए रिकॉर्ड बनाती है।

सऊदी-पाक-तुर्की के रक्षा समझौते में ईरान की एंट्री संभव? तेहरान में मुनीर की अहम मुलाकात

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच मुस्लिम देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर नई हलचल दिखाई दे रही है। ईरान को कथित तौर पर मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट में शामिल होने का प्रस्ताव मिलने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के ईरान दौरे की खबर भी सामने आई है। उनका दौरा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित बताया जा रहा है। हालांकि, ईरान के संभावित रूप से इस सुरक्षा समझौते का हिस्सा बनने की चर्चा ने दौरे को और अहम बना दिया है।

ईरान को मिला प्रस्ताव, फिलहाल विचार जारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया गया है। ईरानी पक्ष की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार इस प्रस्ताव पर फिलहाल विचार किया जा रहा है।

यदि ईरान इस समझौते में शामिल होता है तो पश्चिम एशिया में मुस्लिम देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का दायरा काफी बढ़ सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी इस प्रस्ताव को स्वीकार करने को लेकर अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है।

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की पहले ही कर चुके हैं समझौता

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने 7 अगस्त को संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते का प्रमुख उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना बताया गया है।

इस व्यवस्था के तहत किसी एक सदस्य देश पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सभी संबंधित देशों पर हमला माना जा सकता है। ऐसे में यह समझौता तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को एक नई दिशा देता है।

बांग्लादेश की भी समझौते में दिलचस्पी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बांग्लादेश भी इस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक रुख दिखा रहा है। वहां के विदेश मामलों से जुड़े मंत्री ने संकेत दिया है कि ढाका इस तरह के क्षेत्रीय सहयोग को लेकर संभावनाओं पर विचार कर सकता है।

इसके साथ ही बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को राजनयिक बातचीत के जरिए और मजबूत करने की इच्छा भी जताई है।

ईरानी राष्ट्रपति ने देशवासियों की एकजुटता की सराहना की

इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अपने देश की जनता की एकजुटता और मुश्किल परिस्थितियों में दिखाई गई मजबूती की तारीफ की है।

सरकारी सप्ताह की शुरुआत के अवसर पर दिए गए भाषण में उन्होंने कहा कि ईरान ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया है। उनके मुताबिक, देश को दबाव में झुकाने की कोशिशों के बावजूद जनता ने एकजुटता और प्रतिरोध का परिचय दिया।

पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि आर्थिक दबाव और बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए देश के लोगों को एक साथ खड़े रहने की जरूरत है।

पेजेश्कियान ने एकता बनाए रखने की अपील की

ईरानी राष्ट्रपति ने देशवासियों से नेतृत्व के दिशा-निर्देशों का पालन करने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समझदारी, एकजुटता और आपसी सहयोग के जरिए देश कठिन परिस्थितियों से बाहर निकल सकता है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, ईरान और इजरायल से जुड़े तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बनी हुई हैं।

हॉर्मुज को लेकर ट्रंप और ईरान के बीच बढ़ा तनाव

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हॉर्मुज को लेकर कई तीखे दावे किए गए हैं।

ट्रंप ने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग को लेकर अमेरिकी अधिकार का संकेत दिया। इससे पहले भी वह हॉर्मुज को लेकर इसी तरह के दावे कर चुके हैं।

दूसरी ओर ईरानी पक्ष ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका अपने रुख में बदलाव नहीं करता, तब तक हॉर्मुज को लेकर उसकी स्थिति में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी दावों पर जताई आपत्ति

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मोहसेन रेजाई ने हॉर्मुज को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों की आलोचना की है।

उन्होंने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि हॉर्मुज पर नियंत्रण को लेकर वॉशिंगटन की बयानबाजी और वास्तविक परिस्थितियों में बड़ा अंतर है। रेजाई ने यह भी संकेत दिया कि फारस की खाड़ी में क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदल रहा है।

क्या ईरान बनेगा इस सुरक्षा गठजोड़ का हिस्सा?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट में शामिल होगा। अभी ईरानी पक्ष की ओर से अंतिम सहमति की घोषणा नहीं की गई है।

अगर तेहरान इस समझौते का हिस्सा बनता है, तो पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के साथ उसके सुरक्षा संबंधों में एक नया अध्याय खुल सकता है। इससे पश्चिम एशिया की रणनीतिक राजनीति और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर भी व्यापक असर पड़ने की संभावना होगी।

जापान में एक ही दिन फिर कांपी धरती, होक्काइडो में 6.0 तीव्रता का भूकंप

टोक्यो: जापान में एक बार फिर तेज भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रविवार रात होक्काइडो क्षेत्र में 6.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इससे कुछ समय पहले जापान के पूर्वी हिस्से में भी 5.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके झटके राजधानी टोक्यो सहित कई इलाकों में महसूस किए गए।

लगातार आए भूकंपों के कारण लोगों में चिंता बढ़ गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दूसरे भूकंप के बाद तत्काल सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।

होक्काइडो में 6.0 तीव्रता का भूकंप

जापान के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, रविवार रात स्थानीय समय करीब 10:45 बजे होक्काइडो में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया।

भूकंप का केंद्र उराकावा के तट से कुछ दूरी पर समुद्र के नीचे करीब 40 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। झटकों की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।

फिलहाल इस भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

इससे पहले 5.9 तीव्रता से कांपा था जापान

होक्काइडो में आए भूकंप से कुछ घंटे पहले जापान के पूर्वी हिस्से में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटके टोक्यो तक महसूस किए गए।

तेज कंपन के कारण राजधानी में अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भूकंप में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए।

अधिकारियों के अनुसार, कई लोग अचानक आए झटकों से घबराकर बिस्तर से उठने की कोशिश करते समय गिर गए या आसपास की वस्तुओं से टकरा गए। इसी वजह से कई लोगों को चोटें आईं।

ट्रेन सेवाओं पर भी पड़ा असर

भूकंप के बाद टोक्यो समेत कई क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। कई लोकल ट्रेनों के संचालन में देरी हुई।

टोक्यो और नरीता एयरपोर्ट के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों की कुछ रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। हालांकि, शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का संचालन सामान्य रूप से जारी रहने की जानकारी सामने आई।

यात्रियों को कुछ मार्गों पर देरी का सामना करना पड़ा, जबकि रेलवे और प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर रखती रहीं।

सरकार ने बनाई निगरानी टीम

भूकंप के बाद जापान सरकार ने संभावित नुकसान का आकलन करने और स्थिति की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की है।

सरकारी एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटा रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं।

लगातार दो शक्तिशाली झटकों के बाद जापान में लोगों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना, संभावित नुकसान का आकलन करना और लोगों को समय पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है।