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OperationSindoor के एक वर्ष पूर्ण होने पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भारतीय सेना, सुरक्षा बलों और पीएम मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की निर्णायक नीति को बताया ऐतिहासिक

  • “भारतीय सेना के शौर्य ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवाद को दिया निर्णायक संदेश”: डॉ राजेश्वर सिंह
  • “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारतीय सेना के पराक्रम ने स्थापित किया नया सुरक्षा सिद्धांत”: डॉ राजेश्वर सिंह

उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व भारत ने पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों पर होने वाले प्रत्येक आतंकी हमले का जवाब पूरी शक्ति, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ दिया जाएगा। #OperationSindoor भारतीय सशस्त्र बलों, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों के अद्वितीय साहस, क्षमता और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरा।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2013-14 में ₹2.53 लाख करोड़ रहा रक्षा बजट बढ़कर 2025-26 में ₹6.81 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात ₹686 करोड़ से बढ़कर रिकॉर्ड ₹23,622 करोड़ तक पहुंचना भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि आज भारत मिसाइल, तोप प्रणाली, ड्रोन, युद्धपोत और अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों का स्वदेशी निर्माण कर रहा है तथा अनेक देशों के लिए विश्वसनीय रक्षा साझेदार के रूप में उभर चुका है। रक्षा आधुनिकीकरण बजट का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा घरेलू खरीद के लिए आरक्षित किया जाना ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध “ज़ीरो टॉलरेंस” की स्पष्ट नीति स्थापित की है। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर सीमा सुरक्षा पर कठोर जवाब तक, नए भारत ने यह सिद्ध किया है कि आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते।

उन्होंने भारतीय सेना के प्रत्येक वीर जवान, खुफिया अधिकारी और सुरक्षा कर्मी के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए कहा कि देश 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा में समर्पित सभी सुरक्षाकर्मियों का सदैव ऋणी रहेगा।

भारत न कभी झुका है,
न कभी भूलेगा,
और आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष कभी नहीं रोकेगा।

जय हिन्द

विरासत संग नवाचार: नैमिषारण्य में बनेगा आधुनिक पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर, 3.72 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

  • ‘विकास भी, विरासत भी’ की मूल भावना को करेगा चरितार्थ, पुरानी धर्मशाला बनेगी आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर
  • नैमिषारण्य में बनेंगे एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया और इंटरप्रिटेशन सेंटर, सुविधाओं का होगा विस्तार
  • थीम गैलरी, प्रवेश लॉबी और कोर्टयार्ड शो के साथ विकसित होगा आधुनिक सांस्कृतिक परिसर
  • पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर से निखरेगा नैमिषारण्य का तीर्थ अनुभव- जयवीर सिंह

लखनऊ/सीतापुर : 06 मई 2026 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में सीतापुर स्थित पवित्र तीर्थ स्थल नैमिषारण्य को भव्यतम स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में पौराणिकता और नवाचार को समाहित करते हुए नैमिष स्थित पुरानी धर्मशाला को आधुनिक ‘पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। खास बात ये है कि विरासत भवन की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 3.72 करोड़ रुपए की मंजूरी देते हुए, पहली क़िस्त के रूप में 2.98 करोड़ रुपए जारी किए हैं। 

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘नैमिषारण्य के इस इंटरप्रिटेशन सेंटर में श्रद्धालुओं को स्थानीय इतिहास, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत की विस्तृत जानकारी मिलेगी। इसके लिए भवन के भीतर अलग-अलग थीम पर आधारित गैलरियां बनाई जाएंगी, जिनमें कॉस्मिक ऑर्डर, जीवन का विकास, सभ्यता का उदय, महाकाव्य और ज्ञानोदय जैसे विषयों को रोचक प्रस्तुत होगी।’

पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर में क्या होगा?
परियोजना के तहत पूरे परिसर का समग्र विकास किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। योजना अंतर्गत आधुनिक प्रवेश लॉबी, आकर्षक एम्फीथिएटर, सुव्यवस्थित कैफेटेरिया, मूर्तिकला मार्ग और स्वच्छ शौचालय ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही मौजूदा भवन का नवीनीकरण और नई इमारत का निर्माण किया जाएगा, जिसे इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि पूरे क्षेत्र का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक सजीव व आकर्षक बन सके।

स्थानीय स्थापत्य की झलक
भवन के स्वरूप को पारंपरिकता और आधुनिकता के संतुलन के साथ विकसित किया जा रहा है। बाहरी हिस्से को खुली ईंटों की आकर्षक फिनिशिंग देकर इसे स्थानीय स्थापत्य की झलक प्रदान की जाएगी, वहीं अंदरूनी गलियारों को थीम आधारित पेंटिंग्स से सजाया जाएगा, जो धार्मिक और सांस्कृतिक कथाओं को सजीव रूप में प्रस्तुत करेंगी। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं/पर्यटकों को समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा। 

विकास भी, विरासत भी, के साथ बढ़ रहे  
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘इस पहल से नैमिषारण्य क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित इंटरप्रिटेशन सेंटर तीर्थ यात्रियों को आधुनिक और समृद्ध अनुभव प्रदान करेगा, जिससे उनकी यात्रा सहज और ज्ञानवर्धक बनेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मंत्री ने इसे ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र के साथ प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल बताया।’

पर्यटकों को मिलेगी समग्र जानकारी
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘नैमिषारण्य जैसे पवित्र तीर्थ स्थल का समग्र विकास प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि यहां श्रद्धालुओं को आधुनिक और सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ इसकी समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित इंटरप्रिटेशन सेंटर के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक ही स्थान पर इस पावन स्थल के धार्मिक महत्व, परंपराओं और इतिहास की व्यापक जानकारी मिल सकेगी। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।’

Health Update:Covid के बाद अब Hantavirus को लेकर अलर्ट, क्रूज शिप पर 3 मौतों से बढ़ी चिंता

कोरोना महामारी के बाद दुनिया एक बार फिर नए वायरस को लेकर सतर्क हो गई है। इस बार चर्चा Hantavirus की हो रही है, जिसके मामलों ने एक क्रूज शिप पर हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज पर अब तक 7 लोग संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

क्रूज शिप पर कैसे फैला संक्रमण?

करीब 147 यात्रियों को लेकर चल रहे एक क्रूज जहाज पर अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच में हंटावायरस संक्रमण की आशंका जताई गई। इसके बाद सुरक्षा कारणों से जहाज को तट से दूर रोक दिया गया और यात्रियों की आवाजाही सीमित कर दी गई।

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि संक्रमण जहाज पर नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान दक्षिण अमेरिका के किसी इलाके से शुरू हुआ हो सकता है।

क्या है Hantavirus और कितना खतरनाक है?

Hantavirus एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरस माना जाता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस फेफड़ों पर असर डालता है और गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ खास वैरिएंट सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में भी फैल सकते हैं, लेकिन इसका खतरा कोविड जैसे वायरस की तुलना में काफी कम माना जाता है।

WHO क्यों है सतर्क?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आशंका है कि सामने आए मामले हंटावायरस के एंडीज वैरिएंट से जुड़े हो सकते हैं। यह वैरिएंट पहले भी सीमित मानव संक्रमण के लिए जाना गया है। बंद जगहों, जैसे क्रूज जहाज, में संक्रमण फैलने का जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

क्या भारत के लिए खतरे की बात?

फिलहाल भारत में इस वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह वायरस तेजी से फैलने वाला नहीं है और इसके वैश्विक स्तर पर महामारी बनने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

हालांकि डॉक्टर लोगों को सतर्क रहने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

हंटावायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, जैसे:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • शरीर में दर्द
  • थकान
  • पेट दर्द

अगर संक्रमण गंभीर हो जाए तो मरीज को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

‘राजा शिवाजी’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, मराठी सिनेमा की चौथी सबसे बड़ी फिल्म बनी

Raja Shivaji बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। Riteish Deshmukh की इस फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ का सीधा असर इसकी कमाई पर देखने को मिल रहा है। रिलीज के महज पांच दिनों में फिल्म ने 50 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली है और अब यह मराठी सिनेमा की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है।

5 दिनों में शानदार कमाई

रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने पांच दिनों में करीब 52.68 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 46.90 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसी के साथ फिल्म ने Natsamrat का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसने करीब 46 करोड़ रुपये की कमाई की थी। उस फिल्म में Nana Patekar मुख्य भूमिका में नजर आए थे।

अब इन बड़ी फिल्मों पर नजर

अब Raja Shivaji की नजर मराठी सिनेमा की टॉप फिल्मों के रिकॉर्ड पर है। इससे आगे फिलहाल तीन बड़ी फिल्में हैं:

  • Sairat — लगभग 110 करोड़ रुपये
  • Baipan Bhari Deva — करीब 90.50 करोड़ रुपये
  • Ved — लगभग 73 करोड़ रुपये

दिलचस्प बात यह है कि Ved में भी Riteish Deshmukh और Genelia D’Souza की जोड़ी नजर आई थी।

डे-वाइज बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म की कमाई लगातार मजबूत बनी हुई है।

  • पहले दिन: 11.35 करोड़ रुपये
  • दूसरे दिन: 10.55 करोड़ रुपये
  • तीसरे दिन: 12 करोड़ रुपये
  • चौथे दिन: 5.60 करोड़ रुपये
  • पांचवें दिन: 4.90 करोड़ रुपये

स्टारकास्ट और कैमियो ने जीता दिल

फिल्म में Riteish Deshmukh लीड रोल में नजर आ रहे हैं और उन्होंने ही इसका निर्देशन भी किया है। उनकी एक्टिंग और डायरेक्शन दोनों की काफी तारीफ हो रही है।

फिल्म में Sanjay Dutt, Abhishek Bachchan, Vidya Balan और Genelia D’Souza भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दिए हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म से रितेश देशमुख के बेटे ने भी अभिनय की दुनिया में कदम रखा है।

इसके अलावा Salman Khan का कैमियो भी दर्शकों को बेहद पसंद आया है। उनके छोटे लेकिन दमदार रोल की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

Sports Update:36 साल की उम्र में पूर्व पंजाब क्रिकेटर अमनप्रीत सिंह गिल का निधन, क्रिकेट जगत में शोक

पंजाब क्रिकेट से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। पूर्व क्रिकेटर अमनप्रीत सिंह गिल का 36 वर्ष की उम्र में चंडीगढ़ में निधन हो गया। उनके अचानक निधन से घरेलू क्रिकेट जगत और क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

अमनप्रीत सिंह गिल एक मिडियम पेस गेंदबाज थे और उन्होंने पंजाब की ओर से घरेलू क्रिकेट में शानदार योगदान दिया था। अपने करियर के दौरान उन्होंने पंजाब टीम के लिए छह फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले। इसके अलावा वे इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब टीम का भी हिस्सा रहे थे।

क्रिकेट से संन्यास के बाद भी जुड़े रहे खेल से

सक्रिय क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद भी गिल लगातार क्रिकेट से जुड़े रहे। वे पंजाब सीनियर चयन समिति के सदस्य के रूप में काम कर रहे थे और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे थे। पंजाब क्रिकेट में उन्हें बेहद विनम्र, मेहनती और समर्पित खिलाड़ी के रूप में जाना जाता था।

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने जताया दुख

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। संस्था ने कहा कि अमनप्रीत सिंह गिल ने पूरे समर्पण और जुनून के साथ पंजाब क्रिकेट की सेवा की। उन्होंने भारत अंडर-19, पंजाब टीम और किंग्स इलेवन पंजाब का प्रतिनिधित्व कर राज्य का नाम रोशन किया।

एसोसिएशन ने उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में हिम्मत देने की प्रार्थना की। जानकारी के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के मनीमाजरा श्मशान घाट में किया जाएगा।

युवराज सिंह ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर Yuvraj Singh ने भी अपने पुराने साथी को भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमनप्रीत एक शांत स्वभाव और मेहनती क्रिकेटर थे, जिन्हें खेल से बेहद प्यार था।

युवराज ने कहा कि उन्होंने अपने शुरुआती क्रिकेट करियर में गिल के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था और उनसे जुड़ी यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी। साथ ही उन्होंने गिल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।