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मल्टीपल मायलोमा कैंसर पीड़िता के इलाज के लिए आगे आए डॉ. राजेश्वर सिंह: विधायक ने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आर्थिक सहायता की अपील

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मानवता और जनसेवा का परिचय देते हुए मल्टीपल मायलोमा कैंसर से जूझ रही एक महिला के इलाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आर्थिक सहायता प्रदान करने की अपील की है। विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में गंभीर बीमारी से पीड़ित महिला के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष से मदद दिलाने का अनुरोध किया गया है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में बताया कि इंदिरा नगर, लखनऊ निवासी social media influencer मनीष चंद्र की माता श्रीमती राजेश्वरी मल्टीपल मायलोमा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उनका उपचार लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा है। चिकित्सकों द्वारा इलाज में लगभग 16 लाख 44 हजार 300 रुपये खर्च आने का अनुमान बताया गया है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह इस भारी भरकम खर्च को वहन कर सके।

पत्र में विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मरीज के उपचार को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष से आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाए, ताकि समय पर इलाज संभव हो सके और पीड़ित परिवार को राहत मिल सके।

डॉ. राजेश्वर सिंह लगातार अपने क्षेत्र में जनसेवा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इससे पहले भी वे गरीब, बीमार और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए शासन स्तर तक पैरवी करते रहे हैं। विधायक की इस पहल को मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के लिए जनप्रतिनिधियों का इस तरह आगे आना समाज में सकारात्मक संदेश देता है। अब पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्तर से शीघ्र सहायता मिल सकेगी और मरीज का बेहतर इलाज जारी रह पाएगा।

सरोजनी नगर विधायक की जनसेवा पहल: डॉ. राजेश्वर सिंह ने 5 मातृशक्तियों को ₹1-1 लाख की एफडी प्रदान की, महिला स्वावलंबन अभियान के तहत 5 नये सिलाई केंद्रों के साथ अब तक 180 “तारा शक्ति सिलाई केन्द्र” स्थापित

आशियाना, लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जनसेवा का वास्तविक उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि किसी परिवार के जीवन में आत्मविश्वास, सुरक्षा और नए भविष्य का संचार करना है। इसी भावना के साथ गुरुवार को विधायक कार्यालय, पराग चौराहा, आशियाना में आयोजित जनसंवाद एवं जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर बेहटा निवासी शांति गौतम, सहिजनपुर निवासी मंजुला रावत जी, रहीमनगर पडियाना निवासी जया पांडेय, बादेखेड़ा निवासी पंचवटी श्रीवास्तव एवं शिवरी निवासी लक्ष्मी सिंह को उनके परिवार के भरण-पोषण एवं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु ₹1-1 लाख की एफडी प्रदान की गई।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि समाज के जरूरतमंद परिवारों तक सम्मान और संवेदना के साथ सहयोग पहुंचाना उनका निरंतर प्रयास है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी CSR पहल के अंतर्गत दिवंगत अधिवक्ताओं की 10 धर्मपत्नियों को ₹1-1 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके परिवारों को संबल देने का कार्य किया जा चुका है।

कार्यक्रम के दौरान महिला स्वावलंबन को बढ़ावा देने की दिशा में 5 नए “तारा शक्ति सिलाई केन्द्रों” का भी लोकार्पण किया गया। डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि 16 अक्टूबर 2022 को 4 “तारा शक्ति सिलाई केन्द्रों” की स्थापना के साथ प्रारंभ हुआ यह अभियान आज एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। 5 नए केन्द्रों के शुभारंभ के साथ अब तक कुल 180 “तारा शक्ति सिलाई केन्द्र” स्थापित किए जा चुके हैं, जो हजारों महिलाओं को कौशल विकास, आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक आजीविका से जोड़ रहे हैं।

आज लोकार्पित किए गए केंद्रों में खुर्रमपुर की संचालिका रेशमी रावत, आज़ादनगर अमौसी की संचालिका रेनू वर्मा, डूडा कॉलोनी की संचालिका उर्मिला सिंह, सरोसा गांव की संचालिका प्रिया लोधी एवं कल्लीपूरब की संचालिका मीना सिंह शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र पर 7 सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इस प्रकार कुल 35 सिलाई मशीनों का वितरण किया गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मातृशक्ति को कौशल, सम्मान और स्वावलंबन से जोड़ना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मविश्वास एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने सभी परिवारों के सुख, सुरक्षा एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि जनसेवा, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों के सहयोग का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

लखनऊ के बंगला बाज़ार चौराहे पर लगेगी अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की प्रतिमा : डॉ. राजेश्वर सिंह

सरोजिनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आज विभिन्न सामाजिक एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों को आश्वस्त किया कि काकोरी कांड के महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की भव्य प्रतिमा बंगला चौराहे पर स्थापित कराई जाएगी तथा पुरानी जेल रोड का नाम बदलकर “पंडित राम प्रसाद बिस्मिल मार्ग” रखा जाएगा।

आज ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे, अखिल भारत नागरिक परिषद की महामंत्री रीना त्रिपाठी, परशुराम सेवा संस्थान के मुख्य संयोजक अजय तिवारी एवं हाइड्रो इलेक्ट्रिक इम्प्लाइज यूनियन के प्रमुख महामंत्री पी.के. दीक्षित ने सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह से मुलाकात कर यह मांग उठाई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल लखनऊ की पुरानी जेल की बैरक नंबर 11 में लगभग 18 माह तक रहे थे और यहीं से उन्हें विशेष अदालत में सुनवाई हेतु ले जाया जाता था। इसलिए उनके ऐतिहासिक योगदान और बलिदान की स्मृति में पुरानी जेल रोड का नाम “पंडित राम प्रसाद बिस्मिल मार्ग” रखा जाना चाहिए तथा बंगला बाज़ार चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल घोषणा की कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की प्रतिमा बंगला बाजार चौराहे पर स्थापित कराई जाएगी तथा पुरानी जेल रोड का नाम “पंडित राम प्रसाद बिस्मिल मार्ग” रखा जाएगा।

डॉ. राजेश्वर सिंह की इस ऐतिहासिक घोषणा पर सभी प्रतिनिधिमंडलों ने उनका आभार व्यक्त करते हुए भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि इससे नई पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी।

Ranveer Singh की ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, बने पोस्ट-कोविड दौर के बड़े स्टार

Ranveer Singh की फिल्म फ्रेंचाइजी Dhurandhar ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है। लगातार फ्लॉप फिल्मों के दौर के बाद इस फ्रेंचाइजी ने रणवीर सिंह के करियर को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ ने मिलकर दुनियाभर में 3700 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर लिया है। इसी के साथ रणवीर सिंह पोस्ट-कोविड दौर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले भारतीय एक्टर्स में शामिल हो गए हैं।

शाहरुख खान और प्रभास को पीछे छोड़ने का दावा

बताया जा रहा है कि पोस्ट-कोविड रिलीज फिल्मों के कुल कलेक्शन के मामले में रणवीर सिंह ने Shah Rukh Khan और Prabhas को भी पीछे छोड़ दिया है।

जहां शाहरुख खान की फिल्मों का कुल पोस्ट-कोविड कलेक्शन करीब 2700 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, वहीं प्रभास की फिल्मों ने लगभग 2390 करोड़ रुपये का कारोबार किया। ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी की सफलता ने रणवीर सिंह को इस सूची में सबसे आगे पहुंचा दिया है।

फ्लॉप फिल्मों के बाद आया बड़ा बदलाव

पोस्ट-कोविड दौर में रणवीर सिंह की कई फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। 83, Jayeshbhai Jordaar और Cirkus बॉक्स ऑफिस पर खास असर नहीं छोड़ सकीं।

हालांकि Rocky Aur Rani Kii Prem Kahaani ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन असली बदलाव ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी से आया।

एक्शन और स्पाई थ्रिलर ने जीता दर्शकों का दिल

‘धुरंधर’ को निर्देशक Aditya Dhar ने बनाया। फिल्म में रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस की भूमिका में नजर आए, जो दुश्मन देश में जाकर खतरनाक मिशन को अंजाम देता है।

पहले पार्ट में Akshaye Khanna की एक्टिंग को काफी सराहा गया। वहीं दूसरे पार्ट में रणवीर सिंह ने अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का ध्यान खींचा।

फिल्म में R. Madhavan, Sanjay Dutt, Arjun Rampal, Sara Arjun और Rakesh Bedi जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दिए।

सोशल मीडिया पर भी छाई फिल्म

फिल्म के एक्शन सीक्वेंस, डायलॉग्स और रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कई सीन और डांस क्लिप्स इंटरनेट पर वायरल हुए, जिससे फिल्म की लोकप्रियता और बढ़ गई।

अब माना जा रहा है कि ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी आने वाले समय में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी स्पाई एक्शन सीरीज में शामिल हो सकती है।

Travel Tips:भारत की ये हनीमून डेस्टिनेशन पड़ सकती हैं विदेश यात्रा से भी महंगी

शादी के बाद हनीमून ट्रिप प्लान करते समय ज्यादातर कपल्स सिर्फ खूबसूरत लोकेशन पर ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार बजट का सही अंदाजा नहीं लगा पाते। भारत में कुछ ऐसी शानदार जगहें हैं, जहां घूमने-फिरने, फ्लाइट, होटल और लोकल ट्रैवल का खर्च मिलाकर बजट काफी बढ़ जाता है। कई मामलों में इन जगहों का खर्च विदेश यात्रा के बराबर या उससे ज्यादा भी पड़ सकता है।

सिक्किम: खूबसूरती के साथ भारी ट्रैवल कॉस्ट

Sikkim अपनी बर्फीली वादियों और शांत माहौल के लिए बेहद लोकप्रिय है। लेकिन यहां पहुंचना आसान और सस्ता नहीं माना जाता। सीधे फ्लाइट विकल्प सीमित होने की वजह से पहले बागडोगरा या न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचना पड़ता है, जिसके बाद सड़क मार्ग से यात्रा करनी होती है।

फ्लाइट, होटल, टैक्सी और घूमने-फिरने का खर्च मिलाकर कपल्स का बजट आसानी से एक लाख रुपये या उससे ज्यादा पहुंच सकता है, खासकर अगर लक्जरी स्टे चुना जाए।

मेघालय: प्राकृतिक सुंदरता, लेकिन महंगा सफर

Meghalaya अपने झरनों, हरियाली और बादलों से ढके पहाड़ों के लिए मशहूर है। लेकिन यहां का ट्रैवल खर्च भी काफी ज्यादा माना जाता है। शिलॉन्ग और चेरापूंजी जैसी जगहों तक पहुंचने के लिए लंबा सड़क सफर करना पड़ता है और टैक्सी का खर्च काफी बढ़ जाता है।

इसके अलावा होटल और खाने-पीने की कीमतें भी कई दूसरे पर्यटन स्थलों की तुलना में ज्यादा हो सकती हैं, खासकर पीक सीजन में।

ऊटी और मुन्नार: रोमांटिक ट्रिप लेकिन जेब पर असर

Ooty और Munnar हनीमून कपल्स के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन उत्तर भारत से यहां पहुंचने में अच्छा-खासा खर्च आता है।

ऊटी जाने के लिए आमतौर पर कोयंबटूर तक फ्लाइट लेनी पड़ती है, जबकि मुन्नार के लिए कोच्चि से आगे सड़क मार्ग का सफर करना होता है। फ्लाइट टिकट, होटल और लोकल ट्रांसपोर्ट को जोड़ने पर बजट तेजी से बढ़ सकता है।

ट्रिप प्लान करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

  • ऑफ-सीजन में यात्रा करने पर खर्च कम हो सकता है
  • फ्लाइट और होटल की एडवांस बुकिंग फायदेमंद रहती है
  • लोकल ट्रांसपोर्ट और टैक्स को भी बजट में शामिल करें
  • टूर पैकेज और खुद प्लान की गई ट्रिप की लागत की तुलना जरूर करें
  • सोशल मीडिया तस्वीरों के बजाय कुल खर्च और सुविधाओं की जानकारी पहले लें

सही प्लानिंग के बिना कई भारतीय हनीमून डेस्टिनेशन आपकी उम्मीद से कहीं ज्यादा महंगी साबित हो सकती हैं।