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Health Tips:हर समय कुछ खाने का मन क्यों करता है? जानिए इसके पीछे की वजहें

कई लोगों को दिनभर कुछ ना कुछ खाने की इच्छा होती रहती है। भरपेट खाना खाने के बाद भी थोड़ी देर में स्नैक्स, मीठा या चटपटा खाने का मन करने लगता है। हर बार इसकी वजह असली भूख नहीं होती, बल्कि इसके पीछे शरीर और दिमाग से जुड़े कई कारण हो सकते हैं।

दिमागी तनाव भी बढ़ा सकता है खाने की इच्छा

कई बार भूख पेट से नहीं, बल्कि दिमाग से लगती है। तनाव, चिंता, थकान, अकेलापन या बोरियत के समय लोग खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए बार-बार कुछ खाने लगते हैं। खासतौर पर मीठी या तली-भुनी चीजें दिमाग को थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस कराती हैं, इसलिए उनकी craving बढ़ जाती है।

प्रोटीन की कमी

अगर भोजन में पर्याप्त प्रोटीन नहीं है तो पेट जल्दी खाली महसूस होने लगता है। प्रोटीन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। ऐसे में अंडे, दाल, पनीर, दही, दूध, स्प्राउट्स और ड्राई फ्रूट्स जैसी चीजें डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

पोषण की कमी

सिर्फ पेट भर लेना ही पर्याप्त नहीं होता। जंक फूड, पैकेट स्नैक्स, बिस्किट, नमकीन और इंस्टेंट फूड में कैलोरी तो ज्यादा होती है, लेकिन जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं। इससे शरीर को सही न्यूट्रिशन नहीं मिल पाता और थोड़ी देर बाद फिर भूख जैसी फीलिंग आने लगती है।

शरीर में पानी की कमी

कई बार प्यास को लोग भूख समझ लेते हैं। खासकर गर्मियों में या ज्यादा चाय-कॉफी पीने के बाद शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में अचानक कुछ खाने का मन हो तो पहले एक गिलास पानी पीकर कुछ मिनट इंतजार करना बेहतर होता है।

नींद पूरी न होना

कम नींद लेने से शरीर के भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं। इससे दिनभर भूख ज्यादा लग सकती है और मीठा या हाई कैलोरी फूड खाने की इच्छा बढ़ सकती है।

क्या करें?

  • हर मील में प्रोटीन शामिल करें
  • पर्याप्त पानी पिएं
  • जंक फूड कम करें
  • फाइबर युक्त भोजन लें
  • तनाव कम करने की कोशिश करें
  • रोज 7-8 घंटे की नींद लें

अगर लगातार बहुत ज्यादा भूख लगती है या वजन तेजी से बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी हो सकता है।

Health News:प्रेग्नेंसी में सिर्फ 2 मिनट का BP टेस्ट क्यों है इतना जरूरी? मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा से जुड़ा है मामला

गर्भावस्था के दौरान महिलाएं खानपान, आराम और बच्चे की ग्रोथ पर खास ध्यान देती हैं, लेकिन एक छोटा सा हेल्थ चेकअप कई बार नजरअंदाज हो जाता है। यह है ब्लड प्रेशर टेस्ट। डॉक्टरों के मुताबिक, केवल दो मिनट में होने वाला यह टेस्ट कई गंभीर जटिलताओं का समय रहते पता लगा सकता है और मां-बच्चे दोनों की जान बचाने में मदद कर सकता है।

बिना लक्षण भी बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर या प्रीक्लेम्पसिया कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है। महिला सामान्य महसूस कर सकती है, लेकिन शरीर के अंदर ब्लड प्रेशर बढ़ने से गंभीर असर हो सकता है।

World Health Organization के अनुसार, गर्भावस्था में हाई बीपी से जुड़ी समस्याएं दुनियाभर में मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

कैसे होता है टेस्ट?

डॉक्टर डिजिटल या मैनुअल बीपी मॉनिटर की मदद से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर चेक करते हैं। इसमें दो मिनट से भी कम समय लगता है, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर प्रेग्नेंसी के दौरान सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।

कब बढ़ता है खतरा?

कुछ मामलों में डॉक्टर “रोल-ओवर टेस्ट” भी करते हैं, खासकर गर्भावस्था के 28 से 32 सप्ताह के बीच। इसमें महिला के अलग-अलग पोजिशन में ब्लड प्रेशर को जांचा जाता है। अगर ब्लड प्रेशर अचानक ज्यादा बढ़ता है, तो यह खतरे का संकेत माना जा सकता है।

हाई BP से क्या हो सकते हैं जोखिम?

प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर का असर सिर्फ मां पर ही नहीं, बल्कि बच्चे पर भी पड़ सकता है। इससे:

  • बच्चे तक ऑक्सीजन और पोषण कम पहुंच सकता है
  • समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ सकता है
  • बच्चे का वजन कम हो सकता है
  • गंभीर मामलों में दौरे या अन्य जटिलताएं हो सकती हैं

सिर्फ BP टेस्ट ही काफी नहीं

डॉक्टरों के अनुसार, गर्भावस्था में नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। बीपी टेस्ट के साथ:

  • यूरिन एल्ब्यूमिन टेस्ट
  • यूरिक एसिड टेस्ट
  • क्रिएटिनिन जांच
  • प्लेटलेट काउंट

जैसी जांचें भी कराई जाती हैं, ताकि किडनी और शरीर के अन्य अंगों की स्थिति का पता चल सके।

नियमित जांच क्यों जरूरी?

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान छोटी से छोटी जांच को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर ब्लड प्रेशर चेक कराने से कई गंभीर समस्याओं का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सकता है और मां व बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

नोट: किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय या उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Sports News: दिल्ली कैपिटल्स की रोमांचक जीत, राजस्थान को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें कायम

Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Rajasthan Royals को 5 विकेट से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली ने आखिरी ओवर में लक्ष्य हासिल कर प्लेऑफ की दौड़ को और रोमांचक बना दिया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 193 रन बनाए। टीम की ओर से Dhruv Jurel और कप्तान Riyan Parag ने अर्धशतक जमाए, जबकि Vaibhav Suryavanshi ने 46 रन की तेज पारी खेली।

राहुल और पोरेल ने रखी जीत की नींव

194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली को KL Rahul और Abishek Porel ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी की।

केएल राहुल ने 56 रन बनाए, जबकि अभिषेक पोरेल ने 51 रन की अहम पारी खेली। बाद में कप्तान Axar Patel ने तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया।

आखिरी क्षणों में Ashutosh Sharma ने तेज रन बनाकर दिल्ली को यादगार जीत दिलाई।

गेंदबाजों ने भी निभाई अहम भूमिका

दिल्ली की जीत में Mitchell Starc का प्रदर्शन भी शानदार रहा। उन्होंने 4 विकेट लेकर राजस्थान की बल्लेबाजी को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। वहीं Lungi Ngidi और Madhav Tiwari ने भी 2-2 विकेट हासिल किए।

प्लेऑफ की रेस हुई दिलचस्प

इस जीत के बाद Delhi Capitals ने प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखी हैं। दिल्ली और राजस्थान दोनों के अब 12-12 अंक हैं, लेकिन राजस्थान के पास अभी दो मुकाबले बाकी हैं, जबकि दिल्ली को सिर्फ एक मैच खेलना है।

ईरान से समझौते के लिए अमेरिका ने रखीं पांच अहम शर्तें

United States और Iran के बीच जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत में कई अहम शर्तों की चर्चा सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने समझौते और संघर्ष समाप्ति के लिए ईरान के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।

अमेरिका की प्रमुख शर्तें

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने साफ किया है कि वह पहले लगाए गए प्रतिबंधों या अपनी नीतियों से हुए आर्थिक नुकसान के लिए ईरान को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं देगा।

इसके अलावा अमेरिका ने कथित तौर पर मांग की है कि ईरान अपने लगभग 400 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम को अमेरिकी नियंत्रण में सौंपे।

तीसरी शर्त में कहा गया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत केवल एक न्यूक्लियर सुविधा को ही सक्रिय रख सकेगा। वहीं चौथी मांग के तहत अमेरिका ने ईरान की विदेशों में जमी संपत्तियों का एक हिस्सा जारी करने से भी इनकार किया है।

पांचवीं शर्त में क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने और बातचीत को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

ईरान की भी सामने आईं शर्तें

दूसरी ओर, Iran ने भी बातचीत के लिए अपनी कुछ पूर्व शर्तें रखी हैं। इनमें:

  • सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करना
  • विशेष रूप से Lebanon में तनाव कम करना
  • ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाना
  • विदेशी बैंकों में जमी संपत्तियां जारी करना
  • युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई

जैसी मांगें शामिल बताई जा रही हैं।

होर्मुज और तेल आपूर्ति भी अहम मुद्दा

ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की बात भी उठाई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

बातचीत पर अभी भी बना हुआ है गतिरोध

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। अमेरिकी पक्ष जहां सुरक्षा और परमाणु गतिविधियों को सीमित करने पर जोर दे रहा है, वहीं ईरान आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और अपनी संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर समझौता चाहता है। ऐसे में वार्ता का भविष्य फिलहाल अनिश्चित नजर आ रहा है।

Health Update:डेंगू से ठीक होने के बाद क्या खाएं? सही डाइट से तेजी से होगी रिकवरी

Dengue Fever से उबरने के बाद शरीर काफी कमजोर हो जाता है। बुखार उतरने के बाद भी थकान, कमजोरी और कम प्लेटलेट्स जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रह सकती हैं। ऐसे में सही खानपान रिकवरी को तेज करने में अहम भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, डेंगू के बाद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, इसलिए पौष्टिक और हल्का भोजन लेना जरूरी होता है।

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों जैसी हरी सब्जियां शरीर को जरूरी पोषक तत्व देती हैं। इनसे बने सूप या सलाद भी फायदेमंद माने जाते हैं।

2. भरपूर पानी और तरल पदार्थ

डेंगू के बाद शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नारियल पानी, ताजे फलों का जूस और सूप भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।

3. दलिया

दलिया हल्का और पौष्टिक भोजन माना जाता है। इसमें सब्जियां मिलाकर खाने से शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषण मिलता है।

4. खिचड़ी

डॉक्टर अक्सर डेंगू से उबर रहे मरीजों को हल्का भोजन लेने की सलाह देते हैं। खिचड़ी आसानी से पच जाती है और शरीर को ताकत भी देती है।

5. बकरी का दूध

कई लोग मानते हैं कि बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसे लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, फिर भी कुछ मरीज इसे रिकवरी डाइट में शामिल करते हैं।

6. लहसुन

लहसुन में मौजूद गुण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। इसे भोजन में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है।

7. तुलसी और अदरक वाली चाय

तुलसी और अदरक से बनी हल्की चाय शरीर को आराम देने और कमजोरी कम करने में मदद कर सकती है।

किन बातों का रखें ध्यान?

  • बाहर का तला-भुना खाना खाने से बचें
  • ज्यादा मसालेदार भोजन न लें
  • पर्याप्त आराम करें
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच कराते रहें

अगर कमजोरी, चक्कर या प्लेटलेट्स में लगातार गिरावट महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।