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यूरोप में भीषण गर्मी और जंगलों में आग से कई देशों में अलर्ट, हजारों लोग प्रभावित

यूरोप के कई देशों में इस समय भीषण गर्मी और जंगलों में लगी आग ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्पेन, ग्रीस, इटली और पुर्तगाल के कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिसके कारण प्रशासन को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा है। कई जगहों पर जंगलों में लगी आग तेजी से फैल रही है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। तेज हवाओं और सूखे मौसम के कारण राहत कार्यों में परेशानी आ रही है। कई पर्यटन क्षेत्रों में भी यात्रा संबंधी चेतावनी जारी की गई है, जिससे पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्मी और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। यूरोप में इस बार गर्मी का असर बुजुर्गों और बच्चों पर ज्यादा देखा जा रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सरकारों ने लोगों से दिन के समय बाहर कम निकलने, पर्याप्त पानी पीने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जलवायु परिवर्तन को लेकर वैश्विक स्तर पर मजबूत कदम उठाने की जरूरत होगी।

अमेरिका-चीन तनाव के बीच एशिया में बढ़ी सैन्य गतिविधियां, कई देशों की बढ़ी चिंता

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर अब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में दक्षिण चीन सागर के आसपास कई सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे क्षेत्र के कई देशों की चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों ने अपने-अपने सैन्य अभ्यास और निगरानी अभियानों को बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार, टेक्नोलॉजी और समुद्री सीमा विवादों को लेकर अमेरिका और चीन के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ है। दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी गतिविधि पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।

हाल ही में अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किए, जबकि चीन ने भी अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए कई युद्धपोत और फाइटर जेट तैनात किए। इस घटनाक्रम के बाद जापान, फिलीपींस और ताइवान जैसे देशों ने भी सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है।

राजनयिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। हालांकि दोनों देशों की ओर से फिलहाल बातचीत के जरिए हालात को नियंत्रित करने की बात कही जा रही है।

गर्मियों में बढ़ी पहाड़ी पर्यटन स्थलों की रौनक, मनाली और मसूरी में उमड़े पर्यटक

गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही देश के लोकप्रिय पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हिमाचल प्रदेश के मनाली और उत्तराखंड के मसूरी में इस समय होटल और रिसॉर्ट्स लगभग फुल चल रहे हैं। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ घूमने पहुंच रहे हैं।

मनाली में ठंडा मौसम और बर्फ से ढके पहाड़ पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित कर रहे हैं। सोलंग वैली, रोहतांग पास और हिडिंबा मंदिर जैसे स्थानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। वहीं मसूरी में केम्प्टी फॉल, माल रोड और पहाड़ी नजारों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि इस सीजन में पर्यटन गतिविधियों में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है।

ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक, इस बार एडवेंचर एक्टिविटीज जैसे पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग और ट्रैकिंग की मांग भी बढ़ी है। युवा पर्यटक खासतौर पर पहाड़ों में एडवेंचर ट्रिप्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग अपने ट्रैवल वीडियो और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, जिससे इन जगहों की लोकप्रियता और बढ़ रही है।

हालांकि बढ़ती भीड़ के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या भी देखने को मिल रही है। प्रशासन ने पर्यटकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और पर्यावरण को साफ रखने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में पर्यटन स्थलों पर भीड़ और बढ़ सकती है।

लगातार स्क्रीन देखने से बढ़ रही आंखों की समस्या, विशेषज्ञों ने बताए बचाव के तरीके

मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन का लगातार इस्तेमाल लोगों की आंखों पर बुरा असर डाल रहा है। हाल ही में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों से लेकर कामकाजी लोगों तक में आंखों में जलन, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना और आंखों का सूखापन जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ने के बाद लोगों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है। कई लोग लगातार घंटों तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं, जिससे आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। खासतौर पर रात में अंधेरे में फोन इस्तेमाल करने की आदत आंखों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि स्क्रीन इस्तेमाल करते समय 20-20-20 नियम अपनाना चाहिए। यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना आंखों को आराम देने में मदद कर सकता है। इसके अलावा स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखना, पर्याप्त नींद लेना और आंखों को बार-बार पानी से साफ करना भी फायदेमंद माना गया है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या सिरदर्द बना रहे तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि कम उम्र में आंखों पर ज्यादा दबाव भविष्य में नजर कमजोर होने का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों से डिजिटल डिवाइस का संतुलित इस्तेमाल करने की अपील की है।

ज्यादा नमक खाने को लेकर नई हेल्थ रिपोर्ट, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

हाल ही में जारी एक नई हेल्थ रिपोर्ट में ज्यादा नमक के सेवन को लेकर चिंता जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार अधिक मात्रा में नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, आजकल पैकेट वाले स्नैक्स, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में जरूरत से ज्यादा सोडियम पाया जाता है, जिससे लोगों की सेहत प्रभावित हो रही है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई लोग बिना ध्यान दिए दिनभर में जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन कर लेते हैं। खासतौर पर चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, सॉस और प्रोसेस्ड फूड में सोडियम की मात्रा काफी अधिक होती है। लंबे समय तक ऐसा खानपान शरीर में पानी का संतुलन बिगाड़ सकता है और रक्तचाप बढ़ा सकता है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोगों को ताजे फल, हरी सब्जियां और घर का बना हल्का भोजन ज्यादा खाना चाहिए। इसके अलावा खाने में ऊपर से नमक डालने की आदत कम करने की भी सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित एक्सरसाइज और संतुलित डाइट अपनाकर दिल और किडनी से जुड़ी कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में युवा वर्ग में भी हाई ब्लड प्रेशर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते खानपान में बदलाव नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में हृदय रोगों के मामले और बढ़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी हेल्दी लाइफस्टाइल और कम नमक वाले भोजन को लेकर जागरूकता अभियान तेज हो गए हैं।