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Travel News:Aizawl में मिलता है असली सुकून, न ट्रैफिक जाम और न हॉर्न का शोर

अगर आप भीड़भाड़ और शोर-शराबे से दूर किसी शांत जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो Aizawl आपके लिए शानदार डेस्टिनेशन हो सकता है। मिजोरम की राजधानी आइजोल अपनी साफ-सुथरी सड़कों, अनुशासित ट्रैफिक और शांत माहौल के लिए पूरे देश में अलग पहचान रखती है।

क्यों खास है आइजोल?

Aizawl को कई लोग भारत की ‘साइलेंट सिटी’ भी कहते हैं। यहां लोग बेवजह हॉर्न नहीं बजाते और सड़क पर धैर्य के साथ ड्राइव करते हैं। बड़े शहरों की तरह यहां घंटों लंबे ट्रैफिक जाम और ओवरटेक की होड़ कम देखने को मिलती है।

ट्रैफिक एटिकेट्स बनाते हैं शहर को अलग

यहां लोग ट्रैफिक नियमों का बेहद ईमानदारी से पालन करते हैं।

  • वाहन एक ही लेन में व्यवस्थित तरीके से चलते हैं
  • बिना जरूरत हॉर्न नहीं बजाया जाता
  • जल्दबाजी में ओवरटेक करने की प्रवृत्ति कम है
  • पीक ऑवर्स में भी लोग संयम बनाए रखते हैं

यही वजह है कि यहां की सड़कें काफी शांत और व्यवस्थित नजर आती हैं।

पहाड़ों और हरियाली से घिरा शहर

Aizawl समुद्र तल से करीब 1132 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियां और बादलों से घिरी घाटियां इसकी खूबसूरती को और खास बना देती हैं। इसी कारण इसे ‘लैंड ऑफ हाइलैंडर्स’ भी कहा जाता है।

यहां घूमने लायक जगहें

आइजोल में पर्यटक मिजोरम स्टेट म्यूजियम, सोलोमन टेंपल और आसपास के खूबसूरत गांवों का आनंद ले सकते हैं। शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित रीक गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध है।

कैसे पहुंचें?

Aizawl का अपना एयरपोर्ट Lengpui Airport है, जहां देश के कई बड़े शहरों से फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। रेल मार्ग से यात्रा करने वाले लोग सिलचर तक ट्रेन से पहुंचकर वहां से टैक्सी या कैब के जरिए आइजोल जा सकते हैं।

Health Update:World Health Organization की पूर्व वैज्ञानिक की चेतावनी, भारत में खतरनाक स्तर पर पहुंच रही गर्मी

देशभर में बढ़ती गर्मी और लगातार पड़ रही लू को लेकर अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई है। World Health Organization की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक Soumya Swaminathan ने चेतावनी दी है कि भारत के कई हिस्सों में तापमान इंसानी शरीर की सहन क्षमता की सीमा के बेहद करीब पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि हीटवेव अब सिर्फ मौसम से जुड़ी परेशानी नहीं रह गई, बल्कि यह तेजी से एक बड़ी हेल्थ इमरजेंसी का रूप ले रही है।

हीटवेव से बढ़ सकता है मौत का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान का असर सीधे शरीर पर पड़ता है। अत्यधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, थकावट, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।

Soumya Swaminathan ने कहा कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो लू जानलेवा साबित हो सकती है।

सिर्फ अस्पताल नहीं, पूरे सिस्टम को तैयार करने की जरूरत

उन्होंने सुझाव दिया कि इस चुनौती से निपटने के लिए केवल अस्पतालों की तैयारी काफी नहीं होगी। सरकार के अलग-अलग विभागों को मिलकर काम करना होगा ताकि लोगों को समय रहते राहत और सुरक्षा मिल सके।

उन्होंने देश में एक विशेष “हीट कमीशन” बनाए जाने की जरूरत भी बताई, जो हीटवेव से बचाव के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर सके।

नमी वाली गर्मी ज्यादा खतरनाक

विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा नमी वाली गर्मी शरीर के लिए सबसे खतरनाक होती है। ऐसी स्थिति में शरीर पसीने के जरिए खुद को सामान्य तापमान पर नहीं ला पाता, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

एक बार हीट स्ट्रोक होने पर मरीज की हालत बहुत तेजी से बिगड़ सकती है।

लोगों को पहले से चेतावनी देना जरूरी

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अलग-अलग इलाकों के हिसाब से हीटवेव अलर्ट जारी किए जाने चाहिए। समय रहते सही जानकारी और सलाह मिलने पर लोग खुद को ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं।

गर्मी से बचने के लिए क्या करें?

  • दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें
  • बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
  • ज्यादा गर्मी महसूस होने पर तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं

Disclaimer: यह जानकारी विशेषज्ञों की राय और सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह पर आधारित है। किसी भी गंभीर लक्षण की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

ऊर्जा क्षेत्र में K2 Infragen की नई परियोजनाएं, राजस्थान में करेगी निर्माण कार्य

गुरुग्राम, 25 मई 2026: देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कोर इंजीनियरिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी K2 Infragen Ltd. को राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPN) से कुल 56.91 करोड़ रुपये के दो बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। इन ऑर्डर्स के साथ कंपनी ने पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में अपनी मौजूदगी और मजबूत की है।

इन प्रोजेक्ट्स के तहत झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ में 29.85 करोड़ रुपये की लागत से नया 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन और उससे जुड़ी लाइनें बनाई जाएंगी। वहीं बीकानेर के सेरूना में 27.06 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवी और 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया जाएगा। दोनों प्रोजेक्ट्स को 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

दिसंबर 2025 से अब तक कंपनी को ऊर्जा, T&D, रेलवे और रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 411.91 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिल चुके हैं। इसके अलावा कंपनी ने सड़क और रेलवे सेक्टर में करीब 580 करोड़ रुपये के टेंडर्स के लिए भी बोली लगाई है, जिससे कंपनी की तेजी से बढ़ती ऑर्डर बुक और विस्तार की रणनीति का संकेत मिलता है।

K2 Infragen Ltd के फाउंडर ऐंड मैनेजिंग डायरेक्टर, पंकज शर्मा ने कहा कि, “ K2 Infragen पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े स्तर पर बेहतर गुणवत्ता के साथ काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राजस्थान और कर्नाटक में सीधे टीएंडडी ऑर्डर मिलने से हमारी संस्था का देश के अलग-अलग हिस्सों में विस्तार बढ़ रहा है और रेवेन्यू विजिबिलिटी भी मजबूत हो रही है। आगे चलकर हम सरकारी प्रोजेक्ट्स के जरिए स्थायी आय बढ़ाने के लिए टीबीसीबी (टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग) के अवसरों को भी तलाशने का लक्ष्य रख रहे हैं।”

साल 2015 में स्थापित K2 Infragen ने रोड्स, रेलवे, पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, सिविल कंस्ट्रक्शन, वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे कई इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक भरोसेमंद कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। कंपनी के क्लाइंट्स में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे, आरवीपीएन, कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, एनएचएआई, हिंदुस्तान कॉपर, एलएंडटी, टाटा और एमपी बिड़ला ग्रुप जैसी बड़ी संस्थाएं शामिल हैं।

राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में काम कर रही K2 Infragen अलग-अलग सेक्टर में अपनी मौजूदगी के जरिए रिस्क कम करने, बेहतर मुनाफा बनाए रखने और प्रोजेक्ट्स के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर काम कर रही है। टीएंडडी के अलावा कंपनी ने रोड प्रोजेक्ट्स और वाटर सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर में भी अहम योगदान दिया है, जिससे जरूरी सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर हुई है।
K2 Infragen लगातार नए क्षेत्रों और सेक्टर में अपने काम का विस्तार कर रही है। हाल में मिले ये ऑर्डर्स क्वालिटी, तय समय में काम पूरा करने और लॉन्ग-टर्म वैल्यू देने की कंपनी की कमिटमेंट को और मजबूत करते हैं। इसके साथ ही कंपनी भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ स्टोरी में एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रही है।

K2 Infragen Limited के बारे में
साल 2015 में स्थापित K2 Infragen भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एक प्रमुख पब्लिकली लिस्टेड कंपनी है। एक इंटीग्रेटेड EPC कंपनी के रूप में यह पूरे भारत में रोड्स, रेलवे, पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, सिविल कंस्ट्रक्शन, वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर में बड़े प्रोजेक्ट्स की इंजीनियरिंग, एग्जीक्यूशन और डिलीवरी का काम करती है। कंपनी का फोकस क्वालिटी वर्क और तय समय में प्रोजेक्ट पूरा करने पर रहता है।
कंपनी के क्लाइंट्स में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड, कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड, NHAI, HSIIDC, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड, एमपी बिड़ला ग्रुप, L&T और TATA जैसी बड़ी संस्थाएं शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में ऑपरेशंस के साथ K2 Infragen लगातार मजबूत एडेप्टेबिलिटी और बेहतर एग्जीक्यूशन क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। क्वालिटी, समय पर डिलीवरी और क्लाइंट्स की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन की कमिटमेंट के साथ कंपनी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अहम योगदान देने की मजबूत स्थिति में है।

अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मौजूदगी से कंपनी किसी एक सेक्टर पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता से बचती है। साथ ही इससे बेहतर मार्जिन और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के बीच बेहतर तालमेल का फायदा भी मिलता है। कंपनी अपने विभिन्न ऑपरेशनल वर्टिकल्स में एक साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिससे उसकी रिलाएबिलिटी और बेहतर डिलीवरी की पहचान लगातार मजबूत हो रही है।

सरोजनीनगर को मिला आधुनिक उपनिबंधन कार्यालय का तोहफा: डॉ. राजेश्वर सिंह और मंत्री रवींद्र जायसवाल ने किया भूमिपूजन एवं शिलान्यास, ₹3.27 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक भवन, 12 माह में पूर्ण होगी परियोजना – “पारदर्शिता, तकनीक और जनविश्वास का केंद्र बनेगा रजिस्ट्री विभाग”

लखनऊ : सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में विकास की एक और महत्वपूर्ण परियोजना को सोमवार को नई दिशा मिली, जब सरोजनीनगर विधायक डॉ. Rajeshwar Singh ने प्रदेश सरकार के मंत्री Ravindra Jaiswal के साथ उपनिबंधन कार्यालय, सरोजनीनगर के नवीन भवन का विधिवत भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। लगभग ₹3 करोड़ 27 लाख की लागत से बनने वाला यह आधुनिक भवन आगामी 12 माह में पूर्ण होकर क्षेत्रवासियों को अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

यह आधुनिक कार्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि तेजी से विकसित हो रहे सरोजनीनगर की प्रशासनिक और नागरिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही एक महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना है। लंबे समय से क्षेत्र में बढ़ती रजिस्ट्रियों और सीमित संसाधनों के कारण लोगों को हो रही असुविधाओं को देखते हुए डॉ. Rajeshwar Singh ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने पूर्व में संबंधित विभाग को पत्र लिखकर नवीन उपनिबंधन कार्यालय के लिए भूमि आवंटन और भवन निर्माण की मांग की थी। उनके निरंतर प्रयासों और सक्रिय पहल का ही परिणाम है कि आज इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का शिलान्यास संभव हो सका।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. Rajeshwar Singh ने कहा कि उत्तर प्रदेश का रजिस्ट्री विभाग अब केवल दस्तावेजों के पंजीकरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पारदर्शिता, तकनीक और जनविश्वास का सशक्त प्रतीक बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर रजिस्ट्री कार्यालय में प्रतिदिन 200 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं, जिसके माध्यम से हजारों नागरिकों को सरल, सम्मानजनक और नागरिक-हितैषी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व और वरिष्ठ मंत्रियों के मार्गदर्शन में प्रदेश का रजिस्ट्री विभाग निरंतर आधुनिकता और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री विभाग से प्राप्त होने वाला अनुमानित ₹42,000 करोड़ का राजस्व प्रदेश में नए विद्यालयों, महाविद्यालयों और आधारभूत संरचनाओं के विकास को नई गति प्रदान करेगा।

अपने संबोधन में उन्होंने सरोजनीनगर को उत्तर प्रदेश के सबसे सुरक्षित और तीव्र गति से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल बताते हुए कहा कि यहां एयरो सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी, ₹10,000 करोड़ की अनंत नगर परियोजना तथा ₹7,500 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाएं “नए उत्तर प्रदेश” की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स के सहयोग से नागरिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जन-केंद्रित बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

इस अवसर पर मंत्री Ravindra Jaiswal ने कहा कि प्रदेश के 382 रजिस्ट्री कार्यालयों में सरोजनीनगर सबसे अधिक रजिस्ट्रियां करने वाले कार्यालयों में शामिल है। उन्होंने बताया कि जब विधायक डॉ. Rajeshwar Singh सबसे पहले इस नए कार्यालय का प्रस्ताव लेकर उनके पास आए और प्रतिदिन 200 रजिस्ट्रियों की जानकारी दी, तो वह स्वयं आश्चर्यचकित रह गए थे। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेश्वर सिंह ने ही कार्यालय की कमी के कारण जनता को हो रही परेशानियों से सरकार को अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बिना समय गंवाए इस परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी।

कार्यक्रम में महेश कुमार, देवीपाटन मंडल उपमहानिरीक्षक, राजेश कुमार, सहायक महानिरीक्षक स्टाम्प, वाल्मीकि, प्रयागराज उपमहानिरीक्षक, संतोष सिंह, उपनिबंधक, राजेश सिंह चौहान, संकरी सिंह, कमलेश सिंह, अध्यक्ष सरोजनीनगर बार एसोसिएशन, राजेश सिंह, जितेन्द्र सिंह, चंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, जिला मंत्री, के. एन. सिंह, पार्षद, लव कुश रावत, पार्षद प्रतिनिधि, आशीष सिंह, वरिष्ठ पत्रकार एवं श्रीमती रंजन सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. Rajeshwar Singh ने कहा कि “सेवा, सुशासन और विकास” के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है और सरोजनीनगर इसी विकास यात्रा का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।

‘जलसा’ के बाहर बिग बी को देखने उमड़ी भीड़, तेज गर्मी में एक फैन हुआ बेहोश

Amitabh Bachchan के घर ‘जलसा’ के बाहर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब उन्हें देखने पहुंचे एक फैन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। तेज गर्मी और भारी भीड़ के बीच फैन बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की।

हर रविवार की तरह इस बार भी अमिताभ बच्चन अपने बंगले के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे थे। सफेद कपड़ों में नजर आए बिग बी ने बाहर मौजूद हजारों चाहने वालों का अभिवादन किया। उनकी एक झलक पाने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग ‘जलसा’ के बाहर जमा थे।

इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक फैन अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ा। आसपास खड़े लोगों ने तुरंत उसे संभाला और भीड़ से बाहर निकालकर पानी पिलाया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने उसे बैठाकर राहत देने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने फैन की हालत पर चिंता जताई, वहीं कई यूजर्स ने अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक भीड़ में खड़े रहने को लेकर सवाल उठाए।

कई लोगों का कहना है कि स्टार्स के लिए दीवानगी कभी-कभी लोगों की सेहत पर भारी पड़ जाती है। वहीं कुछ यूजर्स ने गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी।

हालांकि फैन की हालत अब कैसी है, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद कुछ देर के लिए ‘जलसा’ के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया था, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।