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Health Update:रोज 2 अंडे खाने से शरीर में हो सकते हैं ये बड़े बदलाव, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अंडा लंबे समय से हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जाता रहा है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल को लेकर इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां भी रही हैं। अब नई रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए रोज 2 अंडे खाना नुकसानदायक नहीं, बल्कि कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है।

एक अंडे में मिलते हैं कई जरूरी पोषक तत्व

एक बड़े अंडे में लगभग 70 कैलोरी और करीब 6 ग्राम प्रोटीन होता है। इसके अलावा इसमें कोलीन, विटामिन-B, ल्यूटिन और जिएक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो दिमाग, आंखों और नर्व सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

प्रोटीन से भरपूर होने की वजह से अंडा पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है।

रोज 2 अंडे खाने से क्या असर दिख सकता है?

अगर कोई व्यक्ति रोज सुबह 2 अंडे खाना शुरू करता है, तो कुछ दिनों में शरीर में कई बदलाव महसूस हो सकते हैं।

  • लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है
  • अनहेल्दी स्नैकिंग कम हो सकती है
  • शरीर की एनर्जी ज्यादा स्थिर रह सकती है
  • मीठा या जंक फूड खाने की इच्छा घट सकती है
  • प्रोटीन की मात्रा बढ़ने से मांसपेशियों को फायदा मिल सकता है

क्या अंडे सच में बढ़ाते हैं कोलेस्ट्रॉल?

विशेषज्ञों के अनुसार अंडों में मौजूद कोलेस्ट्रॉल का असर उतना खतरनाक नहीं माना जाता, जितना ट्रांस फैट और ज्यादा सैचुरेटेड फैट का होता है।

असल समस्या अक्सर उन चीजों से होती है जो अंडों के साथ खाई जाती हैं, जैसे ज्यादा मक्खन, प्रोसेस्ड मीट, सॉसेज, चीज या रिफाइंड ब्रेड।

अगर अंडों को सब्जियों, ओट्स, होल ग्रेन टोस्ट, बीन्स या एवोकाडो जैसी चीजों के साथ खाया जाए, तो यह एक संतुलित और हेल्दी मील बन सकता है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

हालांकि हर व्यक्ति के लिए रोज 2 अंडे सही हों, यह जरूरी नहीं। जिन लोगों को पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या हार्ट डिजीज की समस्या है, उन्हें अपनी डाइट और ब्लड रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

कुछ शोधों में डायबिटीज वाले लोगों में ज्यादा अंडे खाने और हार्ट रिस्क के बीच संबंध की बात भी कही गई है।

अंडा खाने का सही तरीका

  • उबले अंडे या कम तेल में बने अंडे बेहतर विकल्प माने जाते हैं
  • ज्यादा मक्खन और तेल से बचें
  • अंडे के साथ फाइबर वाली चीजें शामिल करें
  • संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है

जरूरी सलाह

अगर आपको किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है या डाइट को लेकर कोई भ्रम है, तो नियमित रूप से अंडे खाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

Sports News:Ajinkya Rahane ने कप्तानी छोड़ने की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं जिम्मेदारी से पीछे हटने वालों में नहीं’

Indian Premier League 2026 में Kolkata Knight Riders का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम की खराब शुरुआत और प्लेऑफ से बाहर होने के बाद कप्तान Ajinkya Rahane की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे थे।

अब रहाणे ने खुद इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कर दिया है कि उनके मन में कभी भी कप्तानी छोड़ने का विचार नहीं आया।

‘मुश्किल वक्त में ही असली जज्बा दिखता है’

रहाणे ने कहा कि उन्होंने हमेशा सकारात्मक मानसिकता के साथ क्रिकेट खेला है और मुश्किल हालात में जिम्मेदारी निभाना उनके लिए सबसे ज्यादा अहम होता है।

उन्होंने कहा कि जब टीम लगातार हार रही हो, तब कप्तान और खिलाड़ियों का मजबूत बने रहना बेहद जरूरी होता है। उनके मुताबिक दबाव हर बड़े खिलाड़ी के करियर का हिस्सा होता है और उससे घबराने के बजाय उसका सामना करना चाहिए।

KKR की शुरुआत रही थी बेहद खराब

Kolkata Knight Riders को इस सीजन शुरुआती छह मैचों में से पांच में हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि बाद में टीम ने वापसी करते हुए आखिरी आठ मुकाबलों में छह जीत दर्ज कीं, लेकिन तब तक प्लेऑफ की राह मुश्किल हो चुकी थी।

टीम का आखिरी लीग मैच Delhi Capitals के खिलाफ था, जिसमें केकेआर को 40 रन से हार झेलनी पड़ी।

बल्लेबाजी में भी नहीं चला रहाणे का बल्ला

Ajinkya Rahane का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी इस सीजन कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने 14 मैचों में 335 रन बनाए। हालांकि उनका स्ट्राइक रेट 135 के करीब रहा, लेकिन वह बड़ी पारियां खेलने में संघर्ष करते दिखे।

चोटिल खिलाड़ियों का भी पड़ा असर

रहाणे ने माना कि टीम के कुछ अहम खिलाड़ी चोट के कारण लगातार उपलब्ध नहीं रहे, जिससे संतुलन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद उन्होंने युवा भारतीय गेंदबाजों पर भरोसा जताया और कहा कि उन्हें समय देने की जरूरत थी।

उनके मुताबिक अगर खिलाड़ियों को लगातार समर्थन मिले, तो वे दबाव में भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।

Hajj के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे Mecca

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बावजूद इस साल Hajj के लिए दुनिया भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु Saudi Arabia पहुंच रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक 15 लाख से ज्यादा विदेशी यात्री मक्का पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 5 लाख स्थानीय लोगों के भी हज में शामिल होने की संभावना है।

ऐसे में इस वर्ष कुल श्रद्धालुओं की संख्या 20 लाख के करीब पहुंच सकती है। बताया जा रहा है कि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में अधिक हो सकता है।

क्षेत्रीय तनाव के बीच जारी रही यात्रा

हाल के महीनों में Iran, Israel और United States के बीच बढ़े तनाव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी थी। कई जगह हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं और फ्लाइट टिकटों की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई।

इसके बावजूद दुनिया के अलग-अलग देशों से श्रद्धालु लगातार मक्का पहुंचते रहे।

‘हज जिंदगी का सबसे बड़ा फर्ज’

भारत, पाकिस्तान, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी समेत कई देशों से आए यात्रियों का कहना है कि उनके लिए Hajj सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे अहम धार्मिक कर्तव्य है।

कई श्रद्धालुओं ने बताया कि क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चेतावनियों के बावजूद उन्होंने अपना हज सफर रद्द करने के बारे में नहीं सोचा।

मीना में जुटी भारी भीड़

Mecca के पास स्थित मीना की विशाल टेंट सिटी में इस समय लाखों श्रद्धालु मौजूद हैं। तेज गर्मी के बीच लोग छतरियों, हैंड फैन और पानी की बोतलों के सहारे खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं।

हज की मुख्य धार्मिक रस्में शुरू हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास ध्यान

सऊदी प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्षेत्रीय तनाव दोबारा बढ़ता है तो यात्रा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन फिलहाल हज यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।

Donald Trump के अब्राहम अकॉर्ड्स प्लान ने बढ़ाई Pakistan की कूटनीतिक परेशानी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Donald Trump की ओर से दिया गया एक नया कूटनीतिक प्रस्ताव अब Pakistan के लिए बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने हाल ही में कई मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ बातचीत के दौरान उनसे Abraham Accords में शामिल होने की अपील की। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य Israel के साथ संबंधों को सामान्य बनाना है।

क्यों मुश्किल में फंसा पाकिस्तान?

Pakistan लंबे समय से फिलिस्तीन मुद्दे पर खुलकर समर्थन देता रहा है और उसने अब तक इज़रायल को औपचारिक मान्यता नहीं दी है। ऐसे में अगर पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होता है, तो उसे घरेलू राजनीति और जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं दूसरी ओर, अगर वह अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकराता है तो United States के साथ उसके संबंधों पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

फिलिस्तीन मुद्दा बना सबसे बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलिस्तीन का मुद्दा पाकिस्तान की राजनीति और जनता के लिए बेहद संवेदनशील है। ऐसे में इज़रायल के साथ रिश्तों को सामान्य करना सरकार और सेना दोनों के लिए राजनीतिक जोखिम पैदा कर सकता है।

यही वजह है कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर बेहद सावधानी से कदम बढ़ा रहा है।

पहले भी कर चुका है इनकार

Abraham Accords पर पहली बार 2020 में हस्ताक्षर हुए थे। उस समय United Arab Emirates और Bahrain ने Israel के साथ संबंध सामान्य किए थे।

हालांकि उस दौरान भी Pakistan ने इस समझौते से दूरी बनाए रखी थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री Imran Khan ने कहा था कि यह पाकिस्तान की पारंपरिक विदेश नीति और ‘दो-राष्ट्र समाधान’ के समर्थन के खिलाफ होगा।

ट्रंप ने किन देशों से की अपील?

रिपोर्ट्स के अनुसार Donald Trump ने Saudi Arabia, Pakistan, Egypt, Jordan और Turkey समेत कई देशों से इस समझौते में शामिल होने का आग्रह किया है।

माना जा रहा है कि ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष को कम करने की रणनीति के तहत अमेरिका इस पहल को आगे बढ़ा रहा है।

Travel News:Aizawl में मिलता है असली सुकून, न ट्रैफिक जाम और न हॉर्न का शोर

अगर आप भीड़भाड़ और शोर-शराबे से दूर किसी शांत जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो Aizawl आपके लिए शानदार डेस्टिनेशन हो सकता है। मिजोरम की राजधानी आइजोल अपनी साफ-सुथरी सड़कों, अनुशासित ट्रैफिक और शांत माहौल के लिए पूरे देश में अलग पहचान रखती है।

क्यों खास है आइजोल?

Aizawl को कई लोग भारत की ‘साइलेंट सिटी’ भी कहते हैं। यहां लोग बेवजह हॉर्न नहीं बजाते और सड़क पर धैर्य के साथ ड्राइव करते हैं। बड़े शहरों की तरह यहां घंटों लंबे ट्रैफिक जाम और ओवरटेक की होड़ कम देखने को मिलती है।

ट्रैफिक एटिकेट्स बनाते हैं शहर को अलग

यहां लोग ट्रैफिक नियमों का बेहद ईमानदारी से पालन करते हैं।

  • वाहन एक ही लेन में व्यवस्थित तरीके से चलते हैं
  • बिना जरूरत हॉर्न नहीं बजाया जाता
  • जल्दबाजी में ओवरटेक करने की प्रवृत्ति कम है
  • पीक ऑवर्स में भी लोग संयम बनाए रखते हैं

यही वजह है कि यहां की सड़कें काफी शांत और व्यवस्थित नजर आती हैं।

पहाड़ों और हरियाली से घिरा शहर

Aizawl समुद्र तल से करीब 1132 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियां और बादलों से घिरी घाटियां इसकी खूबसूरती को और खास बना देती हैं। इसी कारण इसे ‘लैंड ऑफ हाइलैंडर्स’ भी कहा जाता है।

यहां घूमने लायक जगहें

आइजोल में पर्यटक मिजोरम स्टेट म्यूजियम, सोलोमन टेंपल और आसपास के खूबसूरत गांवों का आनंद ले सकते हैं। शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित रीक गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध है।

कैसे पहुंचें?

Aizawl का अपना एयरपोर्ट Lengpui Airport है, जहां देश के कई बड़े शहरों से फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। रेल मार्ग से यात्रा करने वाले लोग सिलचर तक ट्रेन से पहुंचकर वहां से टैक्सी या कैब के जरिए आइजोल जा सकते हैं।