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उत्तरप्रदेश: ऊर्जा मंत्री ने ‘सम्भव’ के तहत की जनसुनवाई, विभागीय कार्यों की समीक्षा

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  • कुशीनगर में गलत बिलिंग पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा दोषी कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
  • इटावा में जे0ई0 राजकमल पप्पू निलम्बित, एक्सियन को चार्जशीट, अधीक्षण अभियंता से स्पष्टीकरण तलब
  • लखनऊ में अवर अभियंता मनोज कुमार जायसवाल किये गये निलम्बित
  • उपभोक्ताओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण ढंग से त्वरित समाधान के दिये निर्देश
  • त्योहारों में हो निर्बाध विद्युत आपूर्ति, व्यवधानों का हो शीघ्र निस्तारण

लखनऊ : 25 अक्टूबर, 2024: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने उपभोक्ताओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण ढंग से समाधान न करने, विद्युत कनेक्शन देने में धोखाधड़ी तथा गलत बिलिंग करने वाले विद्युत कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने चल रहे अनुरक्षण माह में विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए जर्जर पोल एवं लाइन को हटाने, ढीले तारों को सही करने, ट्रांसफार्मर की मरम्मत, विद्युत सुरक्षा को लेकर सर्तक रहने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों में प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के प्रबंध करने तथा विद्युत व्यवधानों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। उपभोक्ताओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण ढंग से त्वरित समाधान करने के निर्देश दिये।

ऊर्जा मंत्री ए.के.शर्मा शुक्रवार को जलनिगम फील्ड हास्टल ‘संगम’ लखनऊ में ‘सम्भव’ व्यवस्था के तहत वर्चुअल जनसुवाई की और विभागीय कार्यों की समीक्षा की। जनसुनवाई में उन्होंने शिकायतकर्ता तथा संबंधित अधिकारी से वर्चुअल संवाद किया तथा ज्यादा बिल आने, लो-वोल्टेज, कनेक्शन न देने आदि का मौके पर समाधान कराया। उन्होंने जनसुनवाई में लखनऊ के गोसाईंगंज निवासी फहाद अहमद को वर्ष 2019 में विद्युत कनेक्शन न देने और तत्कालीन जेई मनोज कुमार जायसवाल द्वारा लाइन बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये घूस लेने तथा वर्तमान में 1.20 लाख रुपये का विद्युत बिल भेजने के मामले में जेई मनोज कुमार जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिए, जो कि वर्तमान में चिनहट में तैनात हैं और उपभोक्ता को शीघ्र विद्युत कनेक्शन देने तथा उपभोक्ता द्वारा जेई के विरुद्ध एफआईआर कराने को भी कहा।

इसी प्रकार ऊर्जा मंत्री ने इटावा में अरूण कुमार गुप्ता द्वारा सुमन गुप्ता के आवास, जो कि विद्युत पोल से 40 मीटर की दूरी पर है, विद्युत संयोजन न देने तथा जेई द्वारा 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और उसी मोहल्ले में 200 मीटर की दूरी पर लोगों को संयोजन देने की शिकायत प्रभारी मंत्री और जिला अधिकारी से करने पर भी समाधान न होने और उच्चाधिकारियों द्वारा भी इस मामले का संज्ञान न लेने पर जेई राजकमल पप्पू को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने, एक्सियन को चार्जशीट देने तथा अधीक्षण अभियंता से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री ने कुशीनगर के धीरेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा सेवरही में एक ही मीटर संख्या पर अनेकों उपभोक्ताओं के विद्युत बिल निर्गत करने तथा गलत बिल की शिकायत पर संबंधित बिलिंग एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा दोषी विद्युत कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एमडी पूर्वांचल को 02 दिन के अन्दर गोरखपुर क्षेत्र के बिलिंग डाटा को सही करने को भी कहा। गोरखपुर के संदीप कुमार ने विद्युत दुर्घटना पर मृतक के परिवार को एक वर्ष से अधिक समय से मुआवजा न देने पर की गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए एमडी पूर्वांचल को शीघ्र ही मुआवजा देने का निर्देश दिया।

जनसुनवाई में प्रबंध निदेशक यूपीपीसीएल पंकज कुमार, निदेशक यूपीनेडा अनुपम शुक्ला, निदेशक विद्युत सुरक्षा निदेशालय उपस्थित थे तथा सभी डिस्कॉम के एमडी, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा शिकायतकर्ताओं ने वर्चुअल प्रतिभाग किया।

सुप्रीम कोर्ट की पत्रकारिता: सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का पत्रकारों को बड़ा तोहफा, सुप्रीम कोर्ट में कवर करने के लिए एलएलबी की अनिवार्यता समाप्त

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  • सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में पत्रकारिता करने के लिए एलएलबी की अनिवार्यता समाप्त कर दी।
  • मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अब सुप्रीम कोर्ट परिसर में पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध होगी।
  • इस नई नीति का लाभ कानूनी पृष्ठभूमि के बिना भी सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले पत्रकारों को मिलेगा।
  • ‘प्री दिवाली समारोह’ में सीजेआई ने मीडिया से बात करते हुए इस नई पहल की जानकारी दी।
  • पत्रकारिता में इस बदलाव से न्यायिक संवाद को अधिक स्वतंत्र और व्यापक बनाने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने पत्रकारों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। सुप्रीम कोर्ट में खबरें कवर करने के लिए पत्रकारों को अब एलएलबी (कानून) की डिग्री की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल का उद्देश्य कानूनी पृष्ठभूमि के बिना भी योग्य और सक्षम पत्रकारों को शीर्ष अदालत की खबरों को कवर करने में सहूलियत देना है। इस नई नीति के तहत, पत्रकार अब बिना किसी कानूनी शिक्षा की अनिवार्यता के सुप्रीम कोर्ट में मान्यता प्राप्त संवाददाता बन सकते हैं।

सीजेआई चंद्रचूड़ का बयान और निर्णय

“बार एंड बेंच” की रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित ‘प्री दिवाली समारोह’ के दौरान मीडिया से बातचीत में इस नई नीति की घोषणा की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता था कि सुप्रीम कोर्ट की खबरें कवर करने वाले पत्रकारों के लिए एलएलबी की डिग्री क्यों अनिवार्य थी, हमने इस आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।”

इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाने के संबंध में एक फाइल पर हस्ताक्षर किए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सुप्रीम कोर्ट परिसर में पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पत्रकारों को न केवल काम में सहूलियत होगी बल्कि कोर्ट कवरेज का अनुभव भी बेहतर हो सकेगा।

निर्णय के संभावित लाभ और सीजेआई की पहल का महत्व

सीजेआई चंद्रचूड़ के इस निर्णय का सीधा लाभ उन पत्रकारों को होगा जो सुप्रीम कोर्ट के विषयों को गहराई से समझने और कवरेज में संलग्न होने के इच्छुक हैं, भले ही उनके पास कानूनी डिग्री न हो। इससे प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। यह निर्णय विशेष रूप से उन पत्रकारों के लिए राहतकारी साबित होगा जो कानून के ज्ञान से परे, अन्य विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर न्यायपालिका से जुड़ी ख़बरों को जनता तक पहुंचाना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट पत्रकारिता की पारंपरिक और जटिल प्रक्रिया में इस महत्वपूर्ण बदलाव से एक व्यापक और बहुस्तरीय पत्रकारिता संभव होगी। इससे लोगों तक अदालत के निर्णयों और न्यायपालिका की महत्वपूर्ण सूचनाएं सही समय पर और विस्तार से पहुंचाई जा सकेंगी। यह कदम निश्चित रूप से देश के न्यायिक संवाद के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगा।

महाकुंभ-2025: प्रयागराज में पर्यटक ले सकेंगे फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुफ्त

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  • महाकुंभ में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधा देने को प्रयासरत योगी सरकार
  • टूरिज्म विभाग महाकुंभ में प्रयागराज आने वाले पर्यटकों को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा भी करवाएगा उपलब्ध
  • प्रयागराज में सीएम योगी ने दिसंबर 2023 में किया था यमुना नदी पर बने यूपी के पहले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट “कालिंदी” का उद्घाटन
  • महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए नया और अनोखा अनुभव प्रदान करेगा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट
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प्रयागराज, 25 अक्टूबर 2024: महाकुंभ में यूपी टूरिज्म श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधा देने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में टूरिज्म विभाग महाकुंभ में प्रयागराज आने वाले पर्यटकों को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा भी उपलब्ध करवा रहा है। प्रयागराज में यमुना नदी पर बने यूपी के पहले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट “कालिंदी” का उद्घाटन दिसंबर 2023 में सीएम योगी ने किया था। सीएम के मार्गदर्शन में यूपीएसटीडीसी इस रेस्टोरेंट का संचालन कर रही है। ये सुविधा महाकुंभ के दौरान देश-विदेश आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया और अनोखा अनुभव प्रदान करेगी।

यूपी का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट है कालिंदी

यूपी टूरिज्म के यूपीएसटीडीसी की ओर से प्रयागराज के त्रिवेणी बोट क्लब में उत्तर प्रदेश का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट दिसंबर 2023 से चल रहा है। पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने बताया कि यमुना नदी की लहरों पर तैरता हुए कालिंदी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट यूपी का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में ऐसा ही प्रयोग गोरखपुर के रामगढ़ ताल में भी किया गया है। कालिंदी रेस्टोरेंट इस मामले में प्रदेश में पहला सफल प्रयोग था। प्रयागराजवासी पिछले कई महीनों से इस फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुफ्त उठा रहे हैं। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप यूपी टूरिज्म इस बार ये अनुभव महाकुंभ के पर्यटकों को भी उपल्ब्ध कराएगा। महाकुंभ के पवित्र स्नान और आध्यात्मिक अनुभव के साथ पर्यटकों के लिए फ्लोंटिग रेस्टोरेंट भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए फ्लोटिंग रेस्टोरेंट एक नया एक्सपीरियंस साबित होगा।

यूपीएसटीडीसी संचालित करता है कालिंदी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट

कालिंदी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट प्रयागराज की यमुना बैंक रोड पर स्थित यूपी टूरिज्म के त्रिवेणी बोट क्लब में स्थित है। रेस्टोरेंट का संचालन टूरिज्म विभाग का कार्पोरेशन यूपीएसटीडीसी करता है। रेस्टोरेंट के फ्रंट आफिस मैनेजर दीपक टंडन ने बताया कि कालिंदी 40 सीटों से युक्त पूर्णतः वातानुकूलित रेस्टोरेंट है। रेस्टोरेंट सुबह 10 बजे से रात के 9 बजे तक खुला रहता है। महाकुंभ के दौरान रेस्टोरेंट के समय में परिवर्तन कर और सुबह खोलने पर भी विचार चल रहा है। इसके साथ ही यूपीएसटीडीसी यमुना बैंक रोड पर राही त्रिवेणी दर्शन होटल भी संचालित कर रहा है। जहां पर संगम स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की भी सुविधा है।

लखनऊ: पूर्वी ज़ोन पुलिस की बड़ी सफलता, 50 हज़ार के इनामी शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार

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  • पूर्वी ज़ोन पुलिस ने डीसीपी शशांक सिंह और एडीसीपी पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में 50 हज़ार के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया।
  • मो. अकरम नामक अपराधी ने लोगों से प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की।
  • गोमतीनगर से मुखबिर की सूचना पर इस शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया गया।
  • पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के जालसाज़ी करने वाले अपराधियों पर सख्त नज़र रखी जा रही है।
  • पुलिस ने जनता को सतर्क रहने और किसी भी प्रॉपर्टी लेन-देन में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के पूर्वी ज़ोन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डीसीपी शशांक सिंह, एडीसीपी पंकज कुमार सिंह, और एसीपी विकास जायसवाल के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवानंद मिश्रा व गोमतीनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश त्रिपाठी की टीम ने 50 हज़ार रुपये के इनामी अपराधी मो. अकरम पुत्र शहबान अली को गिरफ्तार कर लिया है। मो. अकरम लोगों को प्लाट दिलाने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम ऐंठकर फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा की थी।

घटना का पूरा विवरण

आरोपी मो. अकरम लखनऊ के कई नागरिकों को प्लॉट दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था। प्लॉट देने के बहाने वह लोगों को ठगता और फिर फरार हो जाता। शिकायतें मिलने पर पुलिस ने अपराधी की खोजबीन शुरू की। पुलिस की सतर्कता और कुशलता के चलते मुखबिर द्वारा मिली सटीक सूचना के आधार पर गोमतीनगर से मो. अकरम को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय उसके पास धोखाधड़ी में संलिप्त कई दस्तावेज भी पाए गए।

पुलिस का बयान और अपराध पर कड़ा रुख

डीसीपी शशांक सिंह ने बताया कि ऐसे जालसाज़ी के मामलों पर पुलिस की नज़र है और इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले अपराधी किसी भी हाल में बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देना है। इसी दिशा में काम करते हुए, अपराधियों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

अपराध की योजना और आरोपी की पृष्ठभूमि

मो. अकरम एक पेशेवर अपराधी था, जो लोगों को प्लॉट दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। वह नए ग्राहक बनाने के लिए प्रॉपर्टी व्यापारियों के बीच अपनी पहचान बनाए रखने का प्रयास करता और अपने शिकारों को आकर्षक प्लॉट देने का वादा करता। इस प्रक्रिया में वह उनसे लाखों रुपये वसूल कर लेता था। जब पीड़ित व्यक्ति को प्लॉट या पैसा नहीं मिलता, तब तक आरोपी अपने ठिकाने से फरार हो चुका होता।

पूर्वी ज़ोन पुलिस की तत्परता

पूर्वी ज़ोन पुलिस के उच्चाधिकारियों के कुशल नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने तत्परता से कार्य किया। डीसीपी शशांक सिंह, एडीसीपी पंकज कुमार सिंह और एसीपी विकास जायसवाल के निर्देशन में टीम ने लगातार इस मामले की गहराई से जांच की, जिससे मो. अकरम की सही पहचान हो सकी और उसे पकड़ने की योजना बनाई गई। पुलिस के इस सहयोगी प्रयास की सराहना करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस की ओर से भविष्य के लिए योजना

लखनऊ पुलिस ने इस गिरफ्तारी के बाद नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो भी नागरिक प्रॉपर्टी संबंधी लेन-देन करते हैं, उन्हें पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और अनजाने लोगों से किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन करने से बचना चाहिए। पुलिस का कहना है कि लखनऊ में इस तरह के धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की दो दिवसीय बैठक का मथुरा में शुभारंभ

  • मथुरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक का आयोजन।
  • सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया उद्घाटन।
  • बैठक में संघ के पंच परिवर्तन और विजयादशमी पर व्यक्त विचारों पर गहन चर्चा।
  • जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल और पूर्वोत्तर राज्यों के 393 कार्यकर्ताओं की सहभागिता।
  • 2025 तक की कार्य योजनाओं और समाज के समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श।

मथुरा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ शुक्रवार, 25 अक्टूबर को मथुरा स्थित दीनदयाल गौ विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, गऊ ग्राम, परखम, फरह के नवधा सभागार में हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। इस बैठक में संघ के कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संघ की भावी कार्य योजना, कार्य विस्तार और वर्तमान समाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

बैठक के प्रारंभ में संघ के दिवंगत वरिष्ठ सदस्यों और कई प्रतिष्ठित हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि देने के लिए जिन प्रमुख हस्तियों का स्मरण किया गया उनमें पूज्य राघवाचार्य महाराज (जयपुर), प्रसिद्ध उद्योगपति और पद्मविभूषण रतन टाटा, पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, ईनाडु और रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक रामोजी राव, कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी, पूर्व विदेश मंत्री के. नटवर सिंह, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, एडमिरल (सेनि) रामदास तथा अन्य प्रमुख विभूतियाँ शामिल हैं। इन सभी की समाज में दी गई सेवाओं को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित की गई।

समाज में पंच परिवर्तन को लेकर संघ की प्रतिबद्धता

संघ कार्य विस्तार की योजना के तहत विभिन्न प्रांतों से आए कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। मार्च 2024 की अ. भा. प्रतिनिधि सभा में तय की गई वार्षिक योजनाओं का मूल्यांकन किया जाएगा और आगामी मार्च 2025 तक की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में संघ के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के कुल 393 कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर, केरल, अरुणाचल, मणिपुर, त्रिपुरा जैसे सुदूर राज्यों के कार्यकर्ता भी शामिल हैं। बैठक में सभी कार्यकर्ता गऊग्राम परिसर में ही निवास कर रहे हैं, जिससे उन्हें बैठक के दौरान अन्य कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और विचार-विमर्श का अवसर मिल रहा है।

इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित हैं। इनमें पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, मुकुंदा जी, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार और अतुल लिमये जैसे प्रमुख अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, संघ के विभिन्न अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख भी बैठक में उपस्थित हैं। ये सभी सदस्य संघ की आगामी योजनाओं और कार्यों पर मंथन कर भविष्य की दिशा तय करेंगे।

संघ ने समाज में पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार का संकल्प लिया है, जिसे पंच परिवर्तन के नाम से जाना जाता है। इनमें सामाजिक समरसता का प्रसार, कुटुंब प्रबोधन का प्रचार, पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता, ‘स्व’ आधारित जीवनशैली को अपनाने पर बल और नागरिक कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करना शामिल है। इन सभी पर कार्य विस्तार और इन्हें समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। संघ का उद्देश्य है कि इन परिवर्तनकारी प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव आए और भारत एक समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित हो।

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक के उद्देश्य और मुख्य विषय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि यह बैठक दो दिन चलेगी और समापन शनिवार, 26 अक्टूबर को शाम 6:15 बजे होगा। इस दौरान बैठक में प्रमुख रूप से तीन मुख्य उद्देश्यों पर चर्चा होगी:

  1. विजयादशमी के विचारों पर योजनाएं: विजयादशमी के अवसर पर सरसंघचालक द्वारा जो विचार और नीतियां प्रस्तुत की गई थीं, उनके कार्यान्वयन की योजनाएं बनाई जाएंगी। साथ ही, सरसंघचालक के उद्बोधन में वर्णित महत्वपूर्ण विषयों का विश्लेषण कर उन्हें लागू करने की रणनीति तय की जाएगी।
  2. समसामयिक मुद्दों पर मंथन: देश में वर्तमान में चल रहे महत्वपूर्ण समसामयिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। संघ के कार्यकर्ता समाज के प्रति जिम्मेदारियों और आवश्यक बदलावों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इन मुद्दों का समाधान खोजने का प्रयास करेंगे।
  3. संघ कार्य विस्तार और पंच परिवर्तन: संघ के शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए कार्य विस्तार की योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत संघ कार्य में और तेजी लाई जाएगी। इसके अलावा, संघ द्वारा स्थापित पंच परिवर्तन – सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण सुरक्षा, ‘स्व’ आधारित जीवनशैली, और नागरिक कर्तव्यों को समाज में प्रचारित करने पर जोर दिया जाएगा।