सामग्री मद हेतु राज्य स्तर से जनपदों को अवमुक्त हुई धनराशि
दिवाली पर मनरेगा तकनीकी सहायकों को मिलेगा मानदेय और ई0पी0एफ
तकनीकी सहायक के साथ-साथ कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों का भी किया जाएगा भुगतान
लखनऊ:25 अक्टूबर 2024: महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता एजेंसियों , तकनीकी सहायकों, कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए दीपावली त्योहार से पहले अच्छी खबर है। इन लोगों के बकाये का जल्द ही भुगतान होगा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर इस हेतु 200 करोड़ की धनराशि जिलों को भेजु गयी है। उप मुख्यमंत्री ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नियमानुसार इसका व्यय/ देयों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के साथ-साथ निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता फर्मों के हितों की रक्षा के लिए भी लगातार काम कर रही है। श्रमिकों की मजदूरी हो या निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता एजेंसी सभी भी योजनांतर्गत ससमय भुगतान किया जाए, यह सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।
उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिवाली के त्योहार से पहले एक बार फिर से जनपदों को सामग्री मद में पैसा भेजा गया है। इस धनराशि के जारी होने से बकायेदारी भी दूर होगी। राज्य स्तर से जनपदों को 200 करोड़ की धनराशि निर्गत कर दी गई है। जल्द ही निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के बकाये का भुगतान किया जाएगा। जनपदों को 100 करोड़ की धनराशि से कुशल/अर्धकुशल एवं सामग्री मद के धनराशि 1.50 लाख तक की सीमा के एफ0टी0ओ0 किया गया। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ की धनराशि से केवल मनरेगा योजनांतर्गत कार्यरत तकनीकी सहायकों के मानदेय एवं ई0पी0एफ0 तथा कुशल/अर्धकुशल का भुगतान किया गया। जानकारी दे दें कि हाल में ही 1240.90 करोड़ रुपये की धनराशि सामग्री मद के भुगतान हेतु राज्य स्तर से जनपदों को अवमुक्त की गई थी।
आयुक्त, ग्राम्य विकास जी0एस0 प्रियदर्शी द्वारा अवगत कराया गया कि सामग्री मद में 200 करोड़ की धनराशि के भुगतान की कार्यवाही करने हेतु कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया था। 25 अक्टूबर 2024 को निर्धारित समयानुसार जनपदों को धनराशि अवमुक्त कर दी गई ।
स्वयं सहायता समूह के उत्पादों से ग्रामीण बाजारों में आई रौनक
समूह द्वारा बनाए जा रहे गिफ्ट हैंपर के लिए ग्रामीण उपभोक्ताओं में बड़ी दिलचस्पी
लखनऊ:25 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीण महिलाओं के आजीविका संवर्धन के बहुत ही सफल व प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं । महिला स्वावलंबन व सशक्तिकरण की दिशा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा बहुत ही कारगर कदम उठाये गये हैं। लखपति दीदी के लक्ष्यों की ओर निरन्तर अग्रसर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन उत्तर प्रदेश में त्यौहारों के दृष्टिगत नये कलेवर में काम कर रहा है। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित हो रहे स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा दीपावली के पावन अवसर पर बनाए जा रहे उत्पादों को लेकर ग्रामीण एवं शहरी बाजारों में एक अलग तरह की रौनक एवं मांग बढ़ती हुई दिख रही है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि हजारों समूह सदस्यों द्वारा बाजार की मांग के अनुसार डिजाइनर दिए एवं मोमबत्तियों के साथ त्योहार से संबंधित विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार जा रहे हैं l शहरों के तर्ज पर समूह के बने उत्पादों के अलग-अलग तरह के गिफ्ट हैंपर तैयार कराए जा रहे हैं, जिनकी मांग लगातार बढ़ती ही जा रही है l बताया कि समूह के उत्पादों को संग्रहित करके एक कॉफी टेबल बुक भी तैयार की गई है, जिससे समूह सदस्यों के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके, साथ ही साथ सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उनके उत्पादों को बिक्री हेतु पंजीकृत कराया गया है।
मिशन निदेशक ने बताया कि भारी संख्या में समूहों द्वारा गाय के गोबर से एवं पंचगव से गणेश लक्ष्मी की मूर्ति एवं दिए तैयार किया जा रहे हैं, जो कि पूरी तरह से इको फ्रेंडली है और देखने में उतने ही खूबसूरत भी। दीपा रंजन ने बताया शीघ्र ही सभी जनपदों को निर्देशित किया जा रहा है कि समूह सदस्यों के उत्पादों की बिक्री हेतु सभी बाजारों में उचित स्थान दिला करके उनकी बिक्री को अधिक से अधिक बढ़ाया जाने का प्रयास किया जाए ,साथ ही साथ समस्त जनपदों एवं ब्लॉक कार्यालय में विशेष रूप से समूह सदस्यों द्वारा उत्पादित हो रहे उत्पादों का स्टॉल लगाया जाएl
रेड रोज पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में पहुंच डॉ.राजेश्वर सिंह ने किया छात्र-छात्राओं का किया मार्गदर्शन, कहा- स्मार्ट सिटी, ग्रीन एनर्जी, प्रदूषण रहित युग के लिए आगे आयें युवा
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा- युवाओं के मार्गदर्शन में पहाड़ों को हिलाने और विश्व को बदलने की शक्ति है
उन्होंने कहा- अगले 6 साल में बदल जायेगा 80% नौकरियों का स्वरुप, मानव मष्तिष्क से अधिक होगी एआई की क्षमता, खुद को अपग्रेड करें युवा
साथ ही उन्होंने कहा- अधिक से अधिक वृक्षारोपण, सोलर एवं ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहन से ही सतत विकास और सुरक्षित भविष्य संभव
लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को विष्णुलोक कॉलोनी, कानपुर रोड स्थित रेड रोज पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियां देखी, छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया और विद्यालय में सीएसआर फण्ड के माध्यम से 10 कंप्यूटर प्रदान कर डिजिटल लैब की स्थापना हेतु आश्वस्त किया। विद्यालय के बच्चों को उत्साहवर्धन करते हुए डॉ.राजेश्वर सिंह ने कहा कि इन बच्चों के चेहरे की चमक देखकर भविष्य के भारत की तस्वीर नजर आती है जो जीवंत है, दृढ़ और विश्व का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। भारत एक युवा देश है भारत में 35 करोड़ युवा 15 से 24 वर्ष की आयु के बीच हैं। युवाओं की ऊर्जा बेजोड़ है, इन युवाओं को अच्छा मार्गदर्शन दिया जाए तो इसमें पहाड़ों को भी हिलाने की शक्ति है, विश्व को बदलने की शक्ति है।
सरोजनीनगर विधायक ने कहा एक विचार और एक आविष्कार द्वारा विश्व को बदला जा सकता है, डॉ. सिंह ने उदाहरण देते हुए समझाया कि एडिसन प्रकाश बल्ब का आविष्कार करने, रात को दिन में बदलने से पहले 1,000 से अधिक बार असफल हुए। गुटेनबर्ग ने वर्ष 1440 में प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार कर ज्ञान सुलभ किया, आज 187 करोड़ पाठकों के लिए प्रति दिन 3600 पृष्ठ प्रकाशित होते हैं। विधायक ने शिक्षाओं के योगदान की बात करते हुए कहा शिक्षक मोमबत्ती की तरह होते हैं, जो अपने छात्रों के भविष्य निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित कर देते हैं।
विधायक ने युवाओं से कहा- आपको भारत पर गर्व होना चाहिए क्योकि भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, भारत विश्व के 50 से अधिक देशों को खाद्यान की आपूर्ति करता है। भारत में निर्मित ब्रह्मोस सबसे तेज़ सुपरसोनिक मिसाइल है, भारत 7 लाख करोड़ के साथ सर्वाधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने वाला राष्ट्र है, भारत का स्वर्ण भंडार अपने शीर्ष पर है, शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा नीट परीक्षा में 1.2 लाख सीटों के लिए 20 लाख प्रतिभागी, जेईई की 16 हजार सीटों के लिए 2.5 लाख प्रतिभागी, यूपीएससी के 1 हजार स्थानों के लिए 10 लाख प्रतिभागी आवेदन करते हैं। युवा पीढ़ी को स्वयं पर विश्वास रखना सीखना चाहिए। युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से फिर रहना चाहिए।
छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए डॉ. सिंह ने कहा अगले 6 साल में आज के समय की करीब 80% नौकरियों का स्वरूप बदल जाएगा, इस लिए युवाओं को अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने की जरुरत है। आने वाले समय में मशीन इंटेलिजेंस मशीनों की क्षमता मानव मष्तिष्क से अधिक होगी, युवाओं को ऐसी मशीनों को कण्ट्रोल करने के लिए तैयार होना है। स्वतंत्रता के समय देश में 500 कॉलेज और 50 विश्वविद्यालय थे, आज 45,000 से अधिक कॉलेज और 1,500 विश्वविद्यालय और 4.5 करोड़ यूनिवर्सिटी छात्रों के साथ विश्व स्तर पर भारत में दूसरा सबसे बड़ा शिक्षा नेटवर्क है। इसके लिए शिक्षक, अभिभावक और छात्र – छात्राएं बधाई के पात्र हैं। युवाओं को भविष्य के अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार होना है, भविष्य के भारत के निर्माण के लिए आना है, स्मार्ट सिटी, ड्राइवरलेस कार, ग्रीन एनर्जी और प्रदूषण रहित युग का निर्माण करना है। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक प्रबंधक आर.सी. मिश्रा, प्रबंध निदेशक पी. के. मिश्रा, अध्यक्ष स्मिता मिश्रा, अनुपमा शुक्ला एवं निगम पार्षद राम नरेश रावत मौजूद रहे।
लखनऊ: 25अक्टूबर2024: पिछले दिनों राजधानी के वास्तुकला एवं योजना संकाय, डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय टैगोर मार्ग कैम्पस में लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहयोग से हुए आठ दिवसीय अखिल भारतीय समकालीन मूर्तिकला शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में देश के पाँच राज्यों से आये दस मूर्तिकलाकारों द्वारा बहुत ही शानदार दस मूर्तिशिल्प का निर्माण किया गया। शुक्रवार को मंडलायुक्त डॉ0 रोशन जैकब ने मूर्तिकला का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सभी कलाकारों की कृतियों की प्रशंसा की और लखनऊ विकास प्राधिकरण और वास्तुकला संकाय के इस संयुक्त प्रयास की सराहना की।
मंडलायुक्त ने कहा कि इन मूर्तिशिल्पों को राजधानी में अलग अलग स्थानों पर स्थापित होने से लखनऊ में एक अद्भुत दृश्य बनेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही और कला शिविरों का आयोजन भविष्य में किया जाए, जिसमे स्थानीय कलाकारों द्वारा और बड़े-बड़े आकारों में समकालीन मूर्तिशिल्प का निर्माण कार्य कराया जाए। इस प्रकार के मूर्तिशिल्पों से लखनऊ के सौंदर्यीकरण में एक नई कड़ी जुड़ेगी। इस अवसर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, डॉ वंदना सहगल (शैल उत्सव की क्यूरेटर व अधिष्ठाता वास्तुकला एवं योजना संकाय), कोऑर्डिनेटर जुवैरिया कमरुद्दीन, मूर्तिकार अजय कुमार, मुकेश वर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज में महाकुंभ 2025 को भव्य, दिव्य, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक आयोजित की।
महाकुंभ क्षेत्र को 10 जोनों में विभाजित कर 56 थाने, 155 चौकियाँ और 744 अस्थायी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।
शहर के बाहर पार्किंग स्थल और मेला क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन के लिए कलर कोडिंग जैसी योजनाएँ लागू की जा रही हैं।
लगभग 1.5 लाख टॉयलेट्स, ICT आधारित सफाई मॉनिटरिंग और “हर दुकान दस्तक” अभियान के माध्यम से प्लास्टिक का उपयोग कम करने पर जोर।
38 मार्गों और 40 चौराहों का नवीनीकरण, 2.71 लाख पौधों का रोपण, और 15 लाख वर्गफुट में म्यूरल्स व थीमेटिक लाइटिंग से शहर को सजाया जा रहा है।
प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ 2025 के आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। यह आयोजन करोड़ों श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़ने वाला और भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्त्वपूर्ण अवसर है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस विभाग, सभी प्रमुख अधिकारियों और संस्था प्रमुखों के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे हैं। महाकुंभ 2025 को सफल बनाने के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के साथ सौंदर्यीकरण के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
कुंभ स्टेक होल्डर्स की बैठक: महाकुंभ 2025 के आयोजन का खाका तैयार
इस महाकुंभ की योजना और इसकी समग्र रूपरेखा के बारे में चर्चा करने के लिए हाल ही में प्रयागराज में एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर की अध्यक्षता में कुंभ स्टेक होल्डर्स की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रयागराज पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक प्रेम गौतम, और मेलाधिकारी विजय किरण आनंद के साथ अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने कुंभ के दृष्टिगत विभिन्न योजनाओं को विस्तार से समझाया और महाकुंभ के लिए सुचारू व्यवस्था के निर्माण पर बल दिया।
सुरक्षा व्यवस्था: 10 जोन और सीसीटीवी निगरानी
महाकुंभ में सुरक्षा का खास ध्यान रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोनों में विभाजित किया गया है। हर जोन में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 56 थाने और 155 चौकियां बनाई जा रही हैं। सुरक्षा निगरानी के लिए मेला क्षेत्र के भीतर 200 स्थानों पर लगभग 744 अस्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि शहर में 268 स्थानों पर 1107 स्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पार्किंग स्थलों पर भी 720 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने बताया कि इस बार महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। आईसीटी आधारित निगरानी प्रणाली से पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा की निगरानी की जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी। इसके अलावा, पुलिस और सुरक्षा बलों को भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक मैनेजमेंट, और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
महाकुंभ के लिए अस्थायी और स्थायी निर्माण कार्य, यातायात और पार्किंग प्रबंधन: सुगम यातायात की योजना
मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र में व्यापक स्थायी निर्माण और अस्थायी नगर के लिए योजना बनाई गई है। मेला क्षेत्र को व्यापक बनाते हुए लगभग 4000 हेक्टेयर में बसाने की योजना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संगम नोज़ और अन्य घाटों पर अधिक से अधिक संख्या में स्नान घाटों का निर्माण किया जाएगा। झूंसी क्षेत्र में ऐरावत घाट और नागवासुकी क्षेत्र में नागवासुकी घाट पर विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि संगम नोज़ पर अत्यधिक भीड़ से बचा जा सके।
महाकुंभ में सुगम यातायात और पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के वाहनों को शहर में अनावश्यक रूप से आने से रोकने के लिए शहर के बाहर पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र और शहर में ई-रिक्शा के संचालन के लिए कलर कोडिंग की योजना बनाई गई है। हर ई-रिक्शा के लिए अलग-अलग जोन तय किए गए हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी हो सके।
पुलिस आयुक्त श्री तरुण गाबा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में आसानी होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
सौंदर्यीकरण कार्य: 38 मार्गों और 40 चौराहों का नवीनीकरण
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज शहर को भव्य और दिव्य रूप में प्रस्तुत करने के लिए सौंदर्यीकरण का कार्य भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों को सजाने के लिए थीमेटिक लाइटिंग, म्यूरल्स, और लैंडस्केपिंग का कार्य किया जा रहा है। 38 प्रमुख मार्गों पर थीमेटिक लाइटिंग की जाएगी और 40 चौराहों का नवीनीकरण किया जाएगा। शहर के प्रवेश मार्गों पर 4 भव्य थीमेटिक गेट्स बनाए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इसके अतिरिक्त, 2842 पोल्स पर थीमेटिक लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे शहर की रात को और भी खूबसूरत बनाया जा सके।
साथ ही, म्यूरल्स और कलाकृतियाँ शहर के लगभग 15 लाख वर्गफुट क्षेत्र में बनाई जाएंगी, जिससे शहर की कला और संस्कृति का अनोखा स्वरूप प्रदर्शित होगा। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 2.71 लाख पौधों का रोपण भी किया जा रहा है। इस कार्य में ग्रीन पट्टी का विकास और मार्गों का नवीनीकरण भी शामिल है।
स्वच्छता और प्लास्टिक फ्री अभियान
महाकुंभ में स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए लगभग 1.5 लाख टॉयलेट्स और यूरिनल्स लगाए जाएंगे, जिनकी सफाई के लिए 120 टिपर्स, 40 कॉम्पैक्टर्स और 10000 सफाई कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। सफाई व्यवस्था के लिए आईसीटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली भी लागू की जा रही है ताकि मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखा जा सके।
शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम “हर दुकान दस्तक अभियान” चला रहा है, जिसके तहत अब तक 204 किलोग्राम प्लास्टिक सीज की जा चुकी है और 2000 से अधिक दुकानों पर प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता फैलाई गई है। इस अभियान के साथ ही “स्वच्छता ही सेवा है” के तहत लोगों को प्लास्टिक का उपयोग न करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर कॉइन मशीन्स लगाई गई हैं, जिससे लोग ₹10 का सिक्का डालकर कपड़े का बैग प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, विभिन्न वेडिंग जोन्स में मिट्टी के बर्तन, पत्तल, और जूट बैग्स भी विकल्प के रूप में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि लोग प्लास्टिक के विकल्प का प्रयोग करें।
पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक फ्री स्कूल अभियान
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने जानकारी दी कि प्रयागराज में प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्कूलों में “प्लास्टिक फ्री अभियान” चलाया जाएगा। इसके तहत 4 लाख से अधिक बच्चों को अपने घरों में प्लास्टिक का उपयोग न करने के प्रति जागरूक किया जाएगा और प्लास्टिक मुक्त जनपद बनाने में बच्चों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
युवाओं को जोड़ा जाएगा ट्रैफिक मैनेजमेंट में
अपर पुलिस महानिदेशक ने युवाओं को ट्रैफिक मैनेजमेंट में शामिल करने की अपील की, जिसके तहत विश्वविद्यालयों के छात्रों को ट्रैफिक मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह बच्चे महाकुंभ के दौरान पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करेंगे।
प्रमुख सुविधाओं का विस्तार
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फूड ज़ोन, ज्योतिर्लिंग पार्क, स्टेट पवेलियन, संस्कृति ग्राम, गंगा पंडाल, और कन्वेंशन हॉल बनाए जा रहे हैं। स्वच्छता और सुविधा के दृष्टिगत 10,000 सेनिटेशन वर्कर्स के साथ 120 टिपर्स और 40 कॉम्पैक्टर्स की व्यवस्था की जा रही है। मेला क्षेत्र में ICT आधारित सफाई व्यवस्था मॉनिटरिंग का प्रयोग किया जाएगा ताकि स्वच्छता को सुनिश्चित किया जा सके।
महाकुंभ 2025 में प्रयागराज को विश्व स्तर पर एक भव्य और दिव्य स्थल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए तैयारियाँ तेजी से की जा रही हैं। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, सौंदर्यीकरण, और प्लास्टिक मुक्त अभियान के माध्यम से प्रयागराज में होने वाला यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण होगा। सभी स्टेक होल्डर्स और जनसमुदाय का सहयोग महाकुंभ को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।