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गन्ना की शरदकालीन बुवाई हेतु ब्रीडर शीड आवंटित

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  • प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने शरदकालीन बुवाई 2024-25 हेतु जिलों को ब्रीडर शीड आवंटित किया है।
  • गन्ना किसान अपने जिले के गन्ना अधिकारियों से संपर्क कर बीज गन्ना प्राप्त कर सकते हैं।
  • शाहजहांपुर गन्ना शोध परिषद और चीनी मिलों के अधीन ब्रीडर शीड का वितरण सुनिश्चित किया गया है।
  • विभिन्न परिक्षेत्रों को शरदकालीन बुवाई हेतु गन्ना बीज का विस्तृत आवंटन किया गया है।
  • त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम से स्वस्थ, रोग रहित बीज गन्ना की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी।

लखनऊः 25 अक्टूबर, 2024: प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त प्रभु एन0 सिंह ने बताया कि शरदकालीन बुवाई वर्ष 2024-25 हेतु अभिजनक बीज गन्ना (ब्रीडर शीड) का प्रजातिवार गन्ना उत्पादक जिलों को आवंटन कर दिया गया है और परिक्षेत्रीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को वितरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। प्रदेश के सभी गन्ना किसान अपने जिले के जिला गन्ना अधिकारी एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से सम्पर्क कर आवश्यकता अनुसार बीज प्राप्त कर सकते हैं।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि उ0प्र0 गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर के अधीन शोध परिक्षेत्रों, निजी व सहकारी चीनी मिल परिक्षेत्रों एवं कृषक परिक्षेत्रों पर उत्पादित ब्रीडर शीड शरदकालीन बुवाई हेतु आवंटित कर गन्ना बीज का अधिष्ठापन सुनिश्चित कराये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। शरदकालीन बुवाई हेतु सहारनपुर परिक्षेत्र को 7342 कुं0, मेरठ परिक्षेत्र को 5617 कु0, मुरादाबाद परिक्षेत्र को 8578 कु0, बरेली परिक्षेत्र को 11368 कु0, लखनऊ परिक्षेत्र को 12239 कु0, अयोध्या परिक्षेत्र को 1990 कु0, देवीपाटन परिक्षेत्र को 4912 कु0, गोरखपुर परिक्षेत्र को 4771 कु0 एवं देवरिया परिक्षेत्र को 4688 कु0 बीज गन्ना का आवंटन किया गया है।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि इसी प्रकार नवीन गन्ना किस्मों के सिंगल बड विधि से बुवाई कर आगामी वर्षों के बीज गन्ना की अधिक एवं त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये सहारनपुर परिक्षेत्र को गन्ना किस्म को. लख. 16202 की 1.50 लाख, को.शा. 17231 की 12.17 लाख, मेरठ परिक्षेत्र को को.लख. 16202 की 1.80 लाख, को.शा. 17231 की 11.70 लाख, मुरादाबाद परिक्षेत्र को को. लख. 16202 की 2.70 लाख, को.शा. 17231 की 23.20 लाख, बरेली परिक्षेत्र को को.लख. 16202 की 2.00 लाख, को.शा. 17231 की 20.70 लाख, लखनऊ परिक्षेत्र को को. लख. 16202 की 2.00 लाख, को.शा. 17231 की 19.80 लाख, अयोध्या परिक्षेत्र को को.शा. 17231 की 9.80 लाख, देवीपाटन परिक्षेत्र को को.शा. 17231 की 7.50 लाख, गोरखपुर परिक्षेत्र को को. लख. 15466 की 3.00 लाख, को.शा. 17231 की 3.62 लाख एवं देवरिया परिक्षेत्र को को. लख. 15466 की 2.00 लाख, को.शा. 17231 की 6.10 लाख बड का आवंटन किया गया है। इस प्रकार को. लख. 15466 की 5 लाख, को. लख. 16202 की 10 लाख एवं को.शा. 17231 की 114.59 लाख बड का आवंटन किया गया है।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि बताया कि वितरित अभिजनक बीज गन्ना से त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम के अन्तर्गत किसानों के खेत पर आधार पौधशालायें स्थापित होंगी तथा आगामी गन्ना बुवाई हेतु स्वस्थ एवं रोग रहित बीज गन्ना की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जिससे प्रदेश का गन्ना एवं चीनी उत्पादन बढ़ेगा।

लखनऊ: पंडित खेड़ा राष्ट्रीय व्यापार संघ पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की उपस्थिति, व्यापारियों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा

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  • पंडित खेड़ा राष्ट्रीय व्यापार संघ के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह।
  • उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों का 60% योगदान, जीएसटी कलेक्शन में 80% भागीदारी।
  • योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
  • विधायक ने व्यापारियों के सामाजिक और धर्मार्थ कार्यों की सराहना की।
  • व्यापारी वर्ग की मेहनत से उत्तर प्रदेश का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपए के पार।

लखनऊ: पंडित खेड़ा, कृष्णा नगर के सौभाग्य मैरिज लॉन में गुरुवार को पंडित खेड़ा राष्ट्रीय व्यापार संघ के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में उपस्थित व्यापारियों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने व्यापारिक समुदाय की भूमिका और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का 60% योगदान व्यापारिक समुदाय से आता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के राजस्व में व्यापारियों का 35% से अधिक हिस्सा है, जबकि राज्य के जीएसटी कलेक्शन में इनका 80% तक का योगदान है। इतना ही नहीं, व्यापारिक क्षेत्र के माध्यम से 45% से अधिक रोजगार सृजित होते हैं। डॉ. सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यापारियों का योगदान राज्य की आर्थिक वृद्धि और विकास के लिए अनमोल है। उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की व्यापारियों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि व्यापारिक वर्ग के बिना राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार व्यापारियों के साथ मिलकर राज्य को विकसित भारत के सपने की ओर ले जा रही है और इसके लिए सरकार हरसंभव मदद कर रही है।

निर्यात और निवेश में व्यापारियों की भूमिका व सामाजिक योगदान

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि व्यापारियों के कठिन परिश्रम के चलते उत्तर प्रदेश का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। उन्होंने लखनऊ के व्यापारिक योगदान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 4% का योगदान देता है। डॉ. सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार व्यापारियों के हितों के प्रति समर्पित है। इसी समर्पण और सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों के कारण उत्तर प्रदेश में 40 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव जीआईएस के माध्यम से प्राप्त हुए हैं।

डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में व्यापारियों के सामाजिक और धर्मार्थ कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही व्यापारी वर्ग ने सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी व्यापारियों द्वारा दी गई सहायता और योगदान उल्लेखनीय रहा है। व्यापारियों ने अपने संसाधनों का उपयोग कर लोगों की मदद की और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।

शपथ ग्रहण समारोह में पदाधिकारियों की उपस्थिति

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान व्यापार संघ के संस्थापक संजय गुप्ता सहित कई प्रतिष्ठित पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पार्षद गीता देवी, केके वालिया, निमिष कुमार, महिपाल सिंह यादव, हनुमान सिंह, राहुल कुमार वर्मा, विनोद माहेश्वरी, प्रदीप यादव, निर्मल, नितेश त्रिपाठी, नन्द गोपाल यादव, राज कुमार यादव, कृष्ण कुमार तिवारी, प्रेम अग्रवाल, अजय कुमार रावत, अमन सिंह, सोनू विश्वकर्मा, अनिल कुमार पाल, मान सिंह और अनिल मिश्र सहित अन्य गणमान्य व्यापारियों ने भी हिस्सा लिया।

उत्तरप्रदेश के लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में नई प्रवेश व्यवस्था की सराहना: मिनिस्ट्रियल एसोसियेशन ने जताया समर्थन

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  • लोक निर्माण विभाग में नई प्रवेश व्यवस्था से कर्मचारियों को मिला पारदर्शी कार्य वातावरण।
  • मिनिस्ट्रियल एसोसियेशन ने नई व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे विभागीय सुधार का महत्वपूर्ण कदम बताया।
  • दलालों की गतिविधियों पर अंकुश, कार्यालयों में अनावश्यक बैठकों पर रोक।
  • ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रणाली से कार्य प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के प्रयास।
  • प्रमुख अभियंता (विकास) के नेतृत्व में विभागीय कार्यों में सुधार के लिए आभार।

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में हाल ही में सचिवालय की तर्ज पर एक नई प्रवेश व्यवस्था लागू की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों और अधिकारियों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित कार्य वातावरण उपलब्ध हो रहा है, जिसे विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दोनों सकारात्मक रूप से ले रहे हैं। प्रदेश मिनिस्ट्रियल एसोसियेशन, लखनऊ की प्रदेश महामंत्री ज्योति पांडेय ने प्रमुख अभियंता (विकास) को लिखे पत्र में इस व्यवस्था की सराहना की है और इसे विभागीय सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

पारदर्शिता और दक्षता में सुधार

मिनिस्ट्रियल एसोसियेशन के अनुसार, इस नई व्यवस्था ने मुख्यालय में उन दलालों की गतिविधियों पर अंकुश लगा दिया है, जो पहले बिना किसी कारण के कार्यालयों में आकर बैठते थे और सरकारी कार्यों में बाधा डालते थे। अब, कर्मचारियों और अधिकारियों को शांति और पारदर्शिता के साथ अपने कार्यों को संपन्न करने का अवसर मिल रहा है। पहले, दलालों की वजह से सरकारी कार्यों में रुकावट आती थी, जिससे अधिकारियों की कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता था।

एसोसियेशन ने यह भी कहा कि इस नई प्रणाली से न केवल कार्य प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि इससे पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। विभागीय कर्मचारियों को बेहतर कार्यशील वातावरण प्राप्त हो रहा है, जिससे उनका मनोबल भी ऊंचा हो रहा है।

दलालों की नाराज़गी और अधिकारियों पर आरोप

नई प्रवेश व्यवस्था से नाखुश होकर कुछ दलालों ने अधिकारियों पर अनर्गल आरोप लगाने की कोशिश की है। हालांकि, एसोसियेशन ने यह स्पष्ट किया है कि यह आरोप केवल इस व्यवस्था को बाधित करने के लिए लगाए जा रहे हैं। एसोसियेशन ने कर्मचारियों और अधिकारियों को यह आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह व्यवस्था विभाग में सुधार लाने के लिए लागू की गई है और इस पर किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।

विभागीय कार्यों में तेजी और ई-गवर्नेंस का प्रभाव

एसोसियेशन ने इस नई व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति में बढ़ोत्तरी हुई है। अब, कार्यालय के कार्य आसानी से संपन्न हो रहे हैं और अनावश्यक लोगों की दखलअंदाजी बंद हो गई है। इसके अलावा ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रणाली के उपयोग से कार्य प्रक्रिया को सरल और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इससे आम नागरिकों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सकेगा।

प्रमुख अभियंता (विकास) का आभार

मिनिस्ट्रियल एसोसियेशन ने प्रमुख अभियंता (विकास) के नेतृत्व में इस बदलाव के लिए आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली में एक स्थायी सुधार लाएगी। एसोसियेशन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था के प्रति पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया है, जिससे आने वाले समय में विभागीय कार्यों में और भी सुधार होने की संभावना है।

बाराबंकी: पुलिस अधीक्षक ने किया साप्ताहिक परेड का निरीक्षण, अनुशासन और फिटनेस पर दिए विशेष निर्देश

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  • पुलिस अधीक्षक बाराबंकी ने शुक्रवार की साप्ताहिक परेड में ली सलामी।
  • फिटनेस और अनुशासन के लिए पुलिसकर्मियों को कराई गई दौड़ और ड्रिल।
  • यू.पी. 112 पीआरवी वाहनों का निरीक्षण कर उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की।
  • पुलिस लाइन्स परिसर का निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार के दिए निर्देश।
  • आदेश कक्ष में रजिस्टरों की जांच और अद्यावधिक रखने के निर्देश।

बाराबंकी/लखनऊ: 25 अक्टूबर 2024 : बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को आयोजित होने वाली साप्ताहिक परेड का निरीक्षण किया। यह परेड रिजर्व पुलिस लाइन्स के परेड ग्राउंड में आयोजित की गई थी, जहां उन्होंने पूरे जोश के साथ परेड की सलामी ली। इस दौरान श्री सिंह ने परेड में शामिल पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के लिए प्रेरित किया, जिसके तहत उन्हें दौड़ का अभ्यास कराया गया।

पुलिसकर्मियों के अनुशासन और फिटनेस पर जोर, यू.पी. 112 पीआरवी वाहनों का निरीक्षण और निर्देश

परेड निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिसकर्मियों के टर्न आउट (वेशभूषा और अनुशासन) की गहन जांच की और उन्हें अनुशासन में एकरूपता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से शारीरिक अभ्यास और फिटनेस बनाए रखने की बात कही। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के आत्मबल को बढ़ाना और अनुशासन का एक सशक्त संदेश देना था।

निरीक्षण के अगले चरण में एसपी दिनेश कुमार सिंह ने यू.पी. 112 पीआरवी वाहनों का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस वाहन में मौजूद उपकरणों का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी आवश्यक उपकरण मानकों के अनुसार उपलब्ध हों। उन्होंने पुलिसकर्मियों को रिस्पांस टाइम में सुधार लाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मियों से उनकी ड्यूटी के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में भी चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस लाइन्स परिसर का निरीक्षण और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश, आदेश कक्ष में रजिस्टर और अभिलेखों की जांच

परेड के बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन्स परिसर का व्यापक निरीक्षण किया। इसमें मेस, बैरक, व्यायामशाला, सीपीसी कैंटीन, शस्त्रागार, परिवहन शाखा, और आवासीय परिसर शामिल थे। श्री सिंह ने सभी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस लाइन्स की साफ-सफाई, सुरक्षा और पुलिसकर्मियों के आराम के इंतजामों पर विशेष ध्यान देने को कहा।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने आदेश कक्ष का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने विभिन्न रजिस्टरों और अभिलेखों की जांच की। उन्होंने सुनिश्चित किया कि सभी रजिस्टर समय पर अद्यावधिक किए जा रहे हैं और उनकी देखभाल में कोई कमी न हो। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि वे इन अभिलेखों को सुचारु रूप से अद्यावधिक रखें ताकि भविष्य में किसी भी जांच या निरीक्षण के दौरान स्पष्टता बनी रहे। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी लाइन्स हर्षित चौहान, प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस निरीक्षण प्रक्रिया को सुचारु रूप से सम्पन्न करने में सहयोग दिया। इस तरह के नियमित निरीक्षण से न केवल पुलिसकर्मियों में अनुशासन और सजगता बढ़ती है, बल्कि उनके मनोबल में भी वृद्धि होती है। पुलिस अधीक्षक का यह प्रयास यह सुनिश्चित करता है कि पुलिस बल हमेशा तैयार, अनुशासित और फिट रहे ताकि जनता की सुरक्षा और सहायता में कभी कोई कमी न हो।

राज्यपाल की अध्यक्षता में कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा का 10वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ

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  • समारोह में कुल 347 छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की गईं
  • राज्यपाल ने किया 150 आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु आंगनबाड़ी किटों का वितरण
  • देश के विकास में ही सभी का विकास समाहित
  • सरकार द्वारा संचालित तकनीकी एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थी तक पहुँचाए विश्वविद्यालय
  • वैज्ञानिक पद्धति से उन्नतशील खेती करें किसान
  • उर्वरकों एवं रासायनिक छिड़काव आदि का उपयोग कम करें
  • कृषि कार्य के साथ बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन को भी अपनाएं किसान: कृषि को आगे बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास जरूरी- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

बांदा/लखनऊ: 24 अक्टूबर, 2024: प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा का 10वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल जी ने कृषि, उद्यान, वानिकी और सामुदायिक विज्ञान विभागों के कुल 347 छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान कीं, जिनमें 259 स्नातक, 81 परास्नातक और 06 शोध के विद्यार्थी शामिल थे। समारोह में 73 प्रतिशत पदक छात्राओं ने प्राप्त किए। कुलाधिपति जी द्वारा सभी उपाधियों को डिजीलॉकर में अपलोड किया गया।

राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में सभी उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि पिछले दो वर्षों में कृषि विश्वविद्यालयों में छात्राओं ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अधिक मेडल प्राप्त किये हैं और आज इस विश्वविद्यालय में 21 में से 16 छात्राओं को विभिन्न संकायों में मेडल प्राप्त हुए हैं। जिन छात्र/छात्राओं को आज मेडल नहीं मिला है वे सभी अपने जीवन के लिए इतना अच्छा कार्य करें, जिससे उन्हें भी मेडल प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि महिलायें सभी क्षेत्रों में आगे बढ रही हैं तथा कृषि, वानिकी, उद्यान के क्षेत्र में भी आगे बढ़कर मेडल प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित तकनीकी एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को किसानों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तक अवश्य पहुंचाये, जिससे वे स्वावलम्बी एवं सशक्त बन सकें। जानकारी के अभाव में कृषक योजनाओं के लाभों से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का यह दायित्व है कि समावेशी विकास हेतु अपना योगदान करें। देश के विकास में ही सभी का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी का सपना है कि स्वयं सहायता समूह की सखियां लखपति एवं ड्रोन दीदियां बने इस दिशा में कार्य निरन्तर किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि बुन्दलेखण्ड क्षेत्र में कृषि क्षेत्र की अपार सम्भावनायें हैं। किसान वैज्ञानिक पद्धति से उन्नतशील खेती करें तथा उर्वरकों एवं रासायनिक छिड़काव आदि का उपयोग कम करें, जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव होगा। उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक खेती की ओर आगे बढें और लक्ष्य बनाकर प्राकृतिक खेती को अपनायें, जिससे आगामी वर्षों में परिवर्तन अवश्य आयेगा। उन्हांेने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय दलहन, तिलहन मिशन के अन्तर्गत मूंगफली, सरसों, अलसी, तिलहन में आत्मनिर्भर बनने के लिए कार्य करे तथा किसानों के बीच में बैठकर कृषि के विषय में वैज्ञानिक जानकारी दें ताकि किसान कृषि कार्य वैज्ञानिक एवं उन्नतशील तरीके से करके अपना उत्पादन बढ़ा सकें। उन्होंने जल संरक्षण हेतु तालाबों का निर्माण कराये जाने एवं कृषि उत्पाद को बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में अलग-अलग योजनाएं बनाकर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को कृषि कार्य के साथ बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन को भी अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कृषि को आगे बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास करना होगा। उन्होंने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय में पॉच महाविद्यालय क्रमशः कृषि, उद्यान, वानिकी, सामुदायिक विज्ञान एवं कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संचालित हैं तथा कृषि अभियांत्रिकी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी में स्नातक डिग्री कार्यक्रम का शैक्षणिक कार्य शुरू किया गया है, जिससे छात्र/छात्राओं को कृषि क्षेत्र के अध्ययन में सुविधा होगी।

कुलाधिपति जी ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों कोे विश्वविद्यालय से जोड़कर उन्हें बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे कि गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य में सुधार हो सके। उन्होंने समारोह के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों को सशक्त बनाने के लिए 150 आंगनबाड़ी किटों का वितरण भी किया, जिसमें 50 किट विश्वविद्यालय एवं 100 किट जिला प्रशासन बांदा के सौजन्य से प्रदान की गईं। इन आंगनबाड़ी किटों का वितरण बच्चों के समग्र विकास और शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने स्कूली बच्चों के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया और अध्यापकों और प्रधानाध्यापकों को राजभवन की ओर से पुस्तकंे भेंट की जो स्कूलों के पुस्तकालयों में रखी जाएंगी। राज्यपाल ने इस अवसर पर बांदा कृषि विश्वविद्यालय बोटेनिकल गार्डन एवं फसलोक्तर प्रबन्धन प्रयोगशाला का लोकार्पण किया तथा मेडिटेशन एण्ड वेलनेश सेन्टर (केन नेचर पार्क) का शिलान्यास भी किया।

दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि एवं पूर्व निदेशक आई0ए0आर0आई0 नई दिल्ली डॉ0 एच0एस0 गुप्ता ने कहा कि बुन्देलखण्ड में कृषि क्षेत्र को बढ़ाने के साथ खाद्यान उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे कि इस क्षेत्र की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की उन्नति हो सके। बुन्देलखण्ड में मोटे अनाजों की खेती को पुनर्जीवित करने हेतु सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलसी व तिल की नयी प्रजातियों के विकसित होने से तिलहन उत्पादन में वृद्धि होगी। श्रीअन्न की खेती एवं दलहन, तिलहन की खेती के लिए यह क्षेत्र उपयोगी है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में और अधिक शोध कार्यों को किये जाने तथा ग्रामीण कृषि अनुसंधान को और प्रभावी किये जाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ.नरेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा कृषि क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों तथा शोध कार्यों के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बांदा बालकृष्ण त्रिपाठी, जिलाधिकारी बांदा नागेन्द्र प्रताप, कुलसचिव डॉ.एस के सिंह, जनप्रतिनिधिगण, विश्वविद्यालय के कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यगण, आमंत्रित अतिथिगण, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, स्कूली बच्चे, विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारीगण, छात्र एवं छात्राएं, उपस्थित रहे।