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महापर्व छठ: पर्व के साक्षी बन रहे मनरेगा के तहत बने अमृत सरोवर

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छठ पूजा के लिए तालाबों का किया गया सौंदर्यीकरण

लखनऊ: 07 नवम्बर 2024: लोक आस्था के महापर्व छठ को प्रदेश भर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। उपासकों द्वारा डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण किया जाता है। इस दौरान सभी व्रती भगवान सूर्य की आराधना करते हैं। प्रदेश भर में जहां-जहां पर इस पर्व को मनाया जाता है, वहां मनरेगा योजना के अंतर्गत विकसित किये गये तालाब/अमृत सरोवर का सौंदर्यीकरण किया गया है। छठ पूजा से पहले ही इसकी स्थानीय स्तर पर तैयारी कर तालाबों का सौदर्यीकरण किया गया। तालाबों का रंग-रोगन एवं लाइटिंग कर सौंदर्यीकरण का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के तहत बनाए गए अमृत सरोवरों पर छठ की छटा दिखाई भी दे रही है। बड़ी संख्या में अमृत सरोवरों पर छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। विकसित अमृत सरोवरों पर साफ-सफाई,पक्की सीढ़ियों के निर्माण और स्वच्छ पानी होने से छठ पूजा करने में लोगों को मदद मिल रही है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दिशा-निर्देशन में छठ महापर्व शुरू होने से पूर्व ही सभी घाटों, नदियों, तालाबों और अमृत सरोवरों पर साफ-सफाई कर स्वच्छ जल उपलब्ध कराया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर विकसित किए गए अमृत सरोवरों पर बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा को मना रहे है। छठ महापर्व पर अमृत सरोवरों पर महिलाओं द्वारा विधिपूर्वक घाट बांधकर पूजा की जा रही है। अमृत सरोवरों पर छठ पूजा करने की सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ साफ-सफाई एवं लाइटिंग की व्यवस्था भी कराई गई। घाटों की सुंदरता बढ़ाने के लिए रंगीन लाइटों का भी प्रयोग किया गया।

गांवों में गूंज रहे छठ मइया के गीत

बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी छठ का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। खासकर पूर्वांचल में बड़ी संख्या में विकसित अमृत सरोवरों पर छठ महापर्व की पूजा और छठी मइया के गीतों से माहौल भक्तिमय हो रहा है। वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, सोनभद्र, देवरिया, आजमगढ़, गोरखपुर, कुशीनगर के साथ-साथ कई जनपदों में अमृत सरोवरों पर आस्था का जन सैलाब उमड़ रहा है। अमृत सरोवरों पर मनाई जा रही छठ पूजा को लेकर आयुक्त, ग्राम्य विकास जी0एस0प्रियदर्शी द्वारा बताया गया कि ग्रामीण इलाकों में विकसित अमृत सरोवरों पर बड़ी संख्या में छठ पूजा का सफल आयोजन बड़ी उपलब्धि है तथा इससे स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा भी मिल रहा है तथा लोग जल संरक्षण से जुड़ी विभागीय योजना का लाभ भी उठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई ग्राम पंचायतों द्वारा छठ पूजा को लेकर तालाबों का किया गया सौंदर्यीकरण का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।

योगी सरकार ने दो वर्षों में गरीब बच्चों की भरी 436 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति

  • गरीब बच्चों के भविष्य को संवार रही है योगी सरकार
  • शैक्षिक सत्र 2024-25 में आरटीई के तहत 1,14,196 बच्चों का कराया गया प्रवेश
  • राज्य भर के 5 लाख से अधिक बच्चे निजी विद्यालयों में ले रहे हैं शिक्षा

लखनऊ, 07 नवम्बर 2024: योगी सरकार गरीब और लाभ से वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के अभियान के तहत लाभान्वित बच्चों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। शैक्षिक सत्र 2022-23 में 71,214 बच्चों के मुकाबले सत्र 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत 1,14,196 बच्चों का नामांकन हुआ है, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा उछाल है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में राज्य भर के 5 लाख से अधिक बच्चे निजी विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस उपलब्धि के लिए योगी सरकार ने बच्चों की शिक्षा में निवेश को बढ़ावा दिया है। पिछले दो वित्तीय वर्षों में 436 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति का भुगतान किया गया है, जिससे विद्यालयों को इन बच्चों को बिना किसी बाधा के प्रवेश देने में सहायता मिली है। योगी सरकार का यह कदम न केवल गरीब एवं अलाभित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ रहा है, बल्कि उनके भविष्य को भी संवारने में योगदान दे रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत सुधार से स्पष्ट है कि सरकार प्रदेश के वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

योगी सरकार ने योजना का विस्तार कर दर्शायी प्रतिबद्धता

योगी सरकार गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार में आते ही वर्ष 2017 में आरटीई अधिनियम के इस योजना का विस्तार किया गया। प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एनआईसी (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर) द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया, जिससे नामांकन प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाया गया। इसके बाद सत्र 2020-21 से इस योजना का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में भी हुआ, जिससे पूरे राज्य के अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलना सुनिश्चित हुआ। परिणामस्वरूप, अभिभावक अब अपने निकटवर्ती विद्यालयों में ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं और इस योजना का अधिक लाभ ले रहे हैं।

अधिक नामांकन और रिकॉर्ड फीस प्रतिपूर्ति

शैक्षिक सत्र 2022-23 में 71,214 बच्चों का नामांकन हुआ था, जो 2024-25 में बढ़कर 1,14,196 हो गया। साथ ही, राज्य के 5 लाख से अधिक बच्चे अब निजी विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। इस सफलता के लिए सरकार ने बच्चों की शिक्षा में निवेश को बढ़ाया और केवल पिछले दो वित्तीय वर्षों में ही 436 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति का भुगतान किया है, जिससे विद्यालय अब ऐसे बच्चों को निर्बाध प्रवेश दे रहे हैं।

चरणबद्ध नामांकन प्रक्रिया से सुनिश्चित हो रही है पारदर्शिता: संदीप सिंह

योगी सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत बच्चों का समय पर नामांकन सुनिश्चित करने के लिए सत्र 2025-26 के लिए 4 चरणों में आवेदन प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है, जो क्रमशः 1 दिसंबर, 1 जनवरी, 1 फरवरी और 1 मार्च से उस महीने की 19 तारीख तक चलती रहेगी। प्रत्येक चरण के लिए लॉटरी और नामांकन की तारीखें तय हैं, इससे आवेदन प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। आवेदन के दौरान अभिभावकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जिलों में हेल्पडेस्क की व्यवस्था है। एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवकों की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और आवेदन प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन भी सहयोग कर रहा है, जिससे आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों की सुविधा प्रदान कर नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।

यूपी में मनरेगा: कार्यों की ड्रोन तकनीक से निरंतर की जा रही है निगरानी

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  • बाराबंकी-रायबरेली की ग्राम पंचायतों में पहुंचेगी ड्रोन टीम
  • वित्तीय वर्ष 2023-24 में किये गये कार्यों की हकीकत देखेगी टीम
  • मनरेगा योजनांतर्गत किये गये कार्यों को परखेगी ड्रोन टीम

लखनऊ: 07 नवम्बर 2024: प्रदेश में मनरेगा योजनांतर्गत किये गये कार्यों की ड्रोन तकनीकी से निरंतर निगरानी और निरीक्षण का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान सरकार का तकनीकी के इस्तेमाल पर विशेष बल है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग की ग्रामोन्मुखी योजनाओं का क्रियान्वयन जहां बेहतर तरीके से किया जा रहा है, वहीं योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में कहीं घालमेल न होने पाये, इसके लिए सतत् रूप से निगरानी किये जाने की व्यवस्था की गयी है। मनरेगा योजनांतर्गत कार्यों की गुणवत्ता पर प्रभावी व पैनी नजर रखने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।

मनरेगा कार्यों की ड्रोन तकनीक से वीडियोग्राफी/ फोटोग्राफी कर निगरानी का कार्य निरंतर जारी है। राज्य मुख्यालय स्तर पर तैनात टीमों द्वारा जनपदों में जाकर कार्यों की निरंतर ड्रोन तकनीक से विडीयोग्राफी/फोटोग्राफी का कार्य किया जा रहा है, इसी क्रम में अब टीम बाराबंकी और रायबरेली जनपद में पहुंची टीम भ्रमण कर योजनांतर्गत किये गये कार्यों को परखेगी। मनरेगा योजना के अन्तर्गत कार्यस्थलों पर निगरानी ड्रोन प्रणाली के माध्यम से भी की जा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशो के क्रम में राज्य मनरेगा मुख्यालय पर ड्रोन टीम तैनात की गयी थी। राज्य स्तरीय ड्रोन टीम का उपयोग मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण/निगरानी के लिये किया जा रहा है।

आयुक्त, ग्राम्य विकास जी0एस0 प्रियदर्शी द्वारा बाराबंकी और रायबरेली जनपद की चिन्हित की गईं 20-20 ग्राम पंचायत में वर्ष 2023-24 में मनरेगा के अन्तर्गत करायें गये सभी कार्यों की ड्रोन टीम से वीडियोग्राफी/ फोटोग्राफी कर निरीक्षण/निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस सम्बन्ध में बाराबंकी और रायबरेली जनपद के मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह ड्रोन टीम को सहयोग प्रदान करने हेतु अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना सुनिश्चित करें। बता दें कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार बाराबंकी और रायबरेली जनपद के अलग-अलग विकास खण्डों की 20-20 ग्राम पंचायतों में 08 नवंबर से 17 नवंबर तक ड्रोन टीम सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन करेगी।

यूपी को मिली बड़ी उपलब्धि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया राष्ट्रीय जल पुरस्कार

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  • शानदार जल प्रबंधन के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में उत्तर प्रदेश को मिला था दूसरा स्थान
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अक्टूबर में उत्तर प्रदेश को किया था सम्मानित
  • सीएम योगी ने जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों की तारीफ़ की
  • नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उप्र ने बनाया यूनिक मोमेंटो भी मुख्यमंत्री को सौंपा
  • उत्तर प्रदेश को मिले तीन अन्य पुरस्कार भी मुख्यमंत्री को भेंट किये गए

लखनऊ, 7 नवम्बर 2024: सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जल प्रबंधन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश को चार महीने में तीन पुरस्कार प्रदान किये गए। जिन्हें विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को सौंपा। ग्रामीण इलाकों में घर-घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने के साथ जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में शानदार काम के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में उत्तर प्रदेश को देश में दूसरा स्थान मिला। बीते दिनों (अक्टूबर) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश को प्रदान किया था, जिसे गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया। सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में उड़ीसा को पहला और गुजरात-पुडुचेरी को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला था।

चार माह में उत्तर प्रदेश को मिले तीन पुरस्कार

जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश को चार माह में तीन पुरस्कार मिले। हर घर नल योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने सर्वाधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा स्वच्छता अभियान व अन्य नदी संरक्षण कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश को 13 जुलाई को स्कॉच गोल्ड अवार्ड मिला था। नोएडा इन्टरनेशनल ट्रेड शो-2024 में उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के कार्यों और उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाने के लिए उत्तर प्रदेश को 27 सितंबर को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड प्रदान किया था। यह अवार्ड भी विभाग के अफसरों ने मुख्यमंत्री को सौंपा। जल संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए 22 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रदान किया था। इस श्रेणी में उत्तर प्रदेश को दूसरा स्थान मिला था। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उ०प्र० ने अपना यूनिक मोमेंटो बनाया है। गुरुवार को इसे भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया।

मुख्यमंत्री ने की तारीफ, नमामि गंगे के अफसरों की पीठ थपथपाई

गुरुवार को मुख्यमंत्री को नमामि गंगे के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने यह पुरस्कार सौंपे। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति के अफसरों की पीठ थपथपाई, साथ ही निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। हर घर नल के तहत ग्रामीण इलाक़ों में निरन्तर स्वच्छ जल पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विशेष सचिव बृजराज सिंह यादव, जलविज्ञानी अनुपम श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

लखनऊ: नगराम में 70 लीटर अवैध कच्ची शराब और 450 किलोग्राम लहन हुआ बरामद

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  • आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में 03 अभियोग किये गये पंजीकृत
  • लखनऊ में आबकारी टीम को सफलता

लखनऊ: दबिश के दौरान मौक़े से लगभग 70 लीटर अवैध कच्ची शराब और 450 किलोग्राम लहन बरामद हुआ है। लहन को मौक़े पर नष्ट करते हुए आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में 03 अभियोग पंजीकृत किये गये। यह जानकारी जिला आबकारी अधिकारी, लखनऊ राकेश कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर प्रभावी रोकथाम हेतु चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आज लक्ष्मी शंकर बाजपेई, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र 3 तथा विवेक सिंह आबकारी निरीक्षक सेक्टर -5 द्वारा थाना नगराम अंतर्गत ग्राम भज्जा खेड़ा, मोती का पुरवा तथा थाना गोसाईगंज अन्तर्गत ग्राम जौखंडी में संदिग्ध घरों, खेतों, बगीचों, तालाबों के किनारे संदिग्ध स्थानों पर दबिश और छापेमारी की गई।

दबिश के दौरान मौक़े से लगभग 70 लीटर अवैध कच्ची शराब और 450 किलोग्राम लहन बरामद हुआ। लहन को मौक़े पर नष्ट करते हुए आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में 03 अभियोग पंजीकृत किये गये। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में प्रवर्तन कार्य आगे भी जारी रहेगा। आबकारी टीम में आबकारी सिपाही अजीतपाल सिंह, योगेंद्र नाथ सिंह , प्रभात कुमार, स्मिता आदि मौजूद रहे।