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भाजपा संगठन महापर्व चुनाव कार्यशाला में पहुंचे डॉ.राजेश्वर सिंह

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लखनऊ: शनिवार को सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने होटल पारस इन में आयोजित भाजपा संगठन महापर्व चुनाव कार्यशाला में सहभागिता की। कार्यशाला में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सशक्त संगठन से सशक्त सरकार और सशक्त सरकार से सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकी असंतुलन जैसी समस्याओं का गंभीरतापूर्वक समाधान किए जाने की आवश्यकता है। अतः एक मजबूत राष्ट्रवादी सरकार का बने रहना अत्यंत आवश्यक है और एक मजबूत सरकार एक लिए सशक्त और अजेय संगठन परम आवश्यक है।

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बैठक में जिला चुनाव प्रभारी एवं एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी, सह प्रभारी राज कुमार पाण्डेय, जिलाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह, एम्एलसी राम चन्द्र सिंह प्रधान, विधायक योगेश शुक्ला, अमरेश रावत, पूर्व विधायक चंद्रा रावत, जिला उपाध्यक्ष अरविन्द यादव, विकास सिंह, दिलीप पाण्डेय, राज कुमार पटेल, मण्डल अध्यक्ष विवेक राजपूत, मोहित तिवारी, शिवबख्श सिंह व अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।

डिजिटल सशक्तिकरण की अनूठी पहल ‘रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र’ : डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्थापित किया 8वां केंद्र

  • वन स्टॉप सेंटर : सेवा शिक्षा और रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित हो रहे रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र
  • डिजिटल सरोजनीनगर अभियान: डॉ. राजेश्वर सिंह ने 10 मेधावियों को बांटे टैबलेट डिवाइस और स्थापित किया 8वां डिजिटल सशक्तिकरण केंद्र
  • संगठन महापर्व चुनाव कार्यशाल में पहुंचे डॉ. राजेश्वर सिंह, कहा- देश की मजबूती के लिए अजेय संगठन जरुरी
  • डॉ. सिंह ने कहा- रण बहादुर सिंह केन्द्रों का विजन सरोजनीनगर को देश की डिजिटल लिटरेसी इंडेक्स मैप पर लाना, युवाओं को जॉब सीकर्स से जॉब क्रिएटर्स बनाना

लखनऊ: सरोजनीनगर के हर गाँव – हर नगरीय मोहल्ले में रहने वाले युवाओं के लिए डिजिटल शिक्षा को सुलभ बना रहे सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को अपने पिता रण बहादुर सिंह की स्मृति में 5 कंप्यूटर, प्रिंटर, इन्टरनेट कनेक्शन, फर्नीचर आदि आवश्यक संसाधन प्रदान कर शमशेर कॉलोनी, गौरी बाजार सरोजनीनगर, लखनऊ में 8वें रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र स्थापित किया। इस केंद्र पर सरोजनीनगर के युवाओं को एम एस ऑफिस, टैली, विडियो एडिटिंग, ग्राफ़िक डिजाइनिंग आदि कोर्सों का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, साथ ही ये केंद्र ई – गवर्नेंस सेंटर के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, इन केंद्रों पर क्षेत्रवासियों को निरंतर पैन कार्ड, ऑनलाइन अप्लिकेशन, सरकारी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

इस दौरान डॉ. सिंह ने डिजिटल शिक्षा के प्रोत्साहन के क्रम में 10 मेधावी छात्र – छात्राओं कृष्णा द्विवेदी ( हाईस्कूल 97%), विदुषी पाल ( हाईस्कूल 97%), परिकल्प सिंह ( हाईस्कूल 96.6%), कृष्णिका मिश्रा ( हाईस्कूल – 95.4%), शिवम् सिंह ( हाईस्कूल 95.16%), विपिन गौतम ( हाईस्कूल 95%), सहज सामंथ (हाईस्कूल 94%), मेघा शर्मा ( इंटरमीडिएट – 95 %), वैष्णवी विश्वकर्मा ( इंटरमीडिएट – 93%) और श्रद्धा पाण्डेय ( ITI – 90%) को टैबलेट डिवाइस प्रदान किया। इस अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए सरोजनीनगर विधायक ने कहा कि सरोजनीनगर के युवा जॉब सीकर्स नहीं, जॉब क्रिएटर्स बनें, यही हमारा लक्ष्य और प्रयास है।

डॉ. सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए आगे जोड़ा कि सरोजनीनगर के युवा जागृत हैं, संवेदनशील हैं, इनका केवल प्रोत्साहन किए जाने और इन्हें संसाधन प्रदान किए जाने की आवश्यकता है। विधायक ने भविष्य के अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि अगले 6 साल बाद वर्तमान की 80% नौकरियों का स्वरुप बदल जाएगा, भविष्य की नौकरियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग एवं डिजिटल लिटरेसी के अनुरूप होंगी। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मार्केट करीब 8 लाख करोड़ का है जो वर्ष 2030 तक बढ़कर करीब 16 लाख करोड़ तक हो जायेगी, सभी युवा को इस अभूतपूर्व प्रगति का लाभ प्राप्त कर सकें इसके लिए डिजिटल स्किल्स को निरंतर अपग्रेड किये जाने की आवश्यकता है। विधायक ने बताया सरोजनीनगर में डिजिटल सशक्तिकरण केन्द्रों की स्थापना भी किसी लक्ष्य के अनुरूप की जा रही है। विधायक ने बताया की ऐसे 100 केंद्र स्थापित कर 50,000 से अधिक युवाओं को डिजिटली कौशल बनाना है। डॉ. सिंह ने ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा अबतक स्थापित 7 केन्दों पर 6 से अधिक युवा डिजिटल कोर्सों का प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न संस्थानों / प्रतिष्ठानों में नियोजित हो चुके हैं।

इस दौरान केंद्र संचालक अभिषेक सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता शंकरी सिंह, मंडल अध्यक्ष के के श्रीवास्तव, पार्षद गीता देवी, पूर्व प्रधान राकेश सिंह बबलू, रमा शंकर त्रिपाठी, के एन सिंह, कमलेश सिंह, गंगा राम भारती, रज्जन लाल रावत, पुष्पेंद्र यादव, मनोज रावत, नदीम, संतोष सिंह, रितेश चौहान, अनीस प्रजापति, शिव कुमार सिंह चच्चू, पार्षद राम नरेश रावत, सज्जन पाल, रेनू सिंह, दीप्ति सिंह एवं अन्य भाजपा नेता और स्थानीय निवासी मौजूद रहे।

उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के लिए किया जा रहे ठोस प्रयास

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  • जर्जर पोल व लाइन, मकानों को छूकर गुजर रहे बिजली के खुले तारों जैसी परिस्थितियों को तत्काल सही करें
  • बिजली चोरी के खिलाफ सघन अभियान चलाए, चोरों के खिलाफ करें सख़्त कार्रवाई
  • बकाएदारों से बिजली बिल वसूली के किए जाए ठोस प्रयास
  • सभी कार्मिक उपभोक्ताओं से शालीनता से करें व्यवहार, उपभोक्ताओं की समस्याओं की न करें अनदेखी
  • अनुरक्षण कार्याे के लिए बिजली कटौती की सूचना उपभोक्ताओं को पहले दे

लखनऊ: 09 नवम्बर, 2024: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सभी विद्युत कार्मिकों को अपने क्षेत्र के जर्जर व झुके पोल, ढीली व जर्जर लाइनों तथा आवासीय मकान को छूकर जाने वाली बिजली के खुले तारों की विषम परिस्थितियों को तत्काल सही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की ऐसी व्यवस्था से विद्युत दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें अधिकांशतः जनहानि, पशुहानि से लेकर आग लगने तक की दुर्घटनाए हो जाती हैं। विद्युत दुर्घटनाए कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है, यह हमारी व्यवस्था की गड़बड़ियों की वजह से हो रही है, जिसे तत्काल सुधारा जाना चाहिए। इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से अपने क्षेत्रों में जाकर विद्युत व्यवस्था की सघन मॉनिटरिंग करें। सभी डिस्कॉम बिजली चोरी के खिलाफ सघन अभियान चलाए। विद्युत चोरी रोकने के लिए बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। जिन क्षेत्रों में ऑर्गेनाइज्ड चोरी हो रही है, वहां पर सबसे पहले विद्युत चोरी रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। ऐसे में किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक परेशान न किया जाए, जिन क्षेत्रों से बिजली चोरी की शिकायतें प्राप्त होती हैं, उसे चिन्हित कर चोरी रोकने हेतु प्रयास किए जाए। अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे क्षेत्र हैं, जहां 60 प्रतिशत से ज्यादा लाइन हानियां हैं, इसको कम करने के लिए ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करके विद्युत चोरी रोकने हेतु सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक स्वयं प्रयास करें और विजिलेंस व विभागीय स्तर से भी प्रयास तेज़ किए जाय।

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा शनिवार को शक्ति भवन में विद्युत कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग न तो अपने राजस्व हानि की भरपाई कर पा रहा और न ही निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली ही कर पा रहा। उन्होंने विद्युत बकाएदारों से बिजली बिल वसूलने के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्य करने को कहा। विद्युत कनेक्शन देने में निर्धारित मानकों का सही से अनुपालन हो। लाइन और पोल की शिफ्टिंग में भी उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखा जाए। उपभोक्ताओं की समस्याओं की अनदेखी न करें, सभी कार्मिक उपभोक्ताओं से शालीनता से व्यवहार करें। उपभोक्ताओं को समय से सही बिल मिले, यह सुनिश्चित किया जाए, जहां पर भी गलत बिल की शिकायत आए वहां कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विगत दो महीने में गलत बिलिंग एवं उपभोक्ताओं के हितों के विरुद्ध कार्य करने के आरोप में पूर्वांचल डिस्कॉम के 200 संविदा कर्मियों को बर्खास्त किया गया। उन्होंने सख़्त चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं को सुविधाएं देने के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अनुरक्षण कार्यों के लिए शटडाउन लेने संबंधी सूचना उपभोक्ताओं को पहले से ही देने को कहा, इससे उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने व सुदृढ़ीकरण के कार्यों में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। व्यापक स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा। आने वाले समय में सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिलेगी। साथ ही विद्युत् ढांचे की मजबूती से प्रदेश का भी तेजी से विकास होगा। केंद्र की आरडीएसएस योजना से सभी क्षेत्रों में बिजली के जर्जर पोल, जर्जर लाइन को हटाया जा रहा है। उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की जा रही है। इसके लिए विद्युत कार्मिक सतत प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश की विद्युत व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिससे हम प्रत्येक क्षेत्र को भरपूर विद्युत आपूर्ति दे पा रहे हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी विद्युत बिलों को समय से भुगतान करने तथा जरूरत के मुताबिक विद्युत प्रयोग की आदत बनाने का आग्रह किया।

पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ० आशीष कुमार गोयल ने ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्तता को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुरक्षण कार्यों हेतु सभी क्षेत्रों को पर्याप्त धनराशि दी गई है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफार्मर की क्षतिग्रस्तता जहां बढ़ेगी, वहां कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में विद्युत राजस्व वसूलने में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है वहां जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी लें और बेहतर परिणाम दें। बैठक में दक्षिणांचल, मध्यांचल, पूर्वांचल तथा केस्को में भी विद्युत कार्यों में सुधार के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि लाइन हानिया कम करने और बिजली बिलों की वसूली में तेजी लाए।
आज की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष यूपीपीसीएल डॉ. आशीष कुमार गोयल, प्रबंध निदेशक पंकज कुमार, सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक तथा मुख्यालय के अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तरप्रदेश: कृषि मंत्री ने रबी फसल की बुवाई के लिए उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

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  • कृषि मंत्री ने उर्वरक लेकर आ रही ट्रेनों की सुगम आवाजाही के लिए रेल मंत्री भारत सरकार से की बातचीत
  • रबी फसल की बुवाई के मद्देनजर उर्वरक रैक की प्राथमिकता से उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
  • कम आपूर्ति वाले जिलों की एक सूची तैयार कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं
  • वर्तमान में प्रदेश में 2.00 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 2.47 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध

लखनऊ: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश में रबी फसल की बुवाई को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। शनिवार को विधान भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि नवंबर माह के लिए भारत सरकार द्वारा आवंटित फास्फेटिक उर्वरकों की 100 प्रतिशत आपूर्ति की जाए। उर्वरक कंपनियों ने जानकारी दी कि पोर्ट से प्रदेश के लिए भेजी गई उर्वरक रैक को पहुँचने में अधिक समय लग रहा है, जिससे आपूर्ति में देरी हो रही है। पारादीप पोर्ट पर पर्याप्त उर्वरक स्टॉक होने के बावजूद, रेल रेक की अनुपलब्धता के कारण इस स्टॉक को प्रदेश के लिए समय पर भेजना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। इस पर कृषि मंत्री ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से दूरभाष पर वार्ता कर आग्रह किया कि रबी फसल की बुवाई के मद्देनजर उर्वरक रैक की प्राथमिकता से उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, कृषि मंत्री ने उर्वरक मंत्रालय के सचिव रजत कुमार मिश्रा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी से प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों में कांडला पोर्ट से तथा अन्य ऐसे जिलों में, जहाँ किसानों द्वारा तेजी से बुवाई की जा रही है, उर्वरकों की आपूर्ति में प्राथमिकता दिए जाने के संबंध में भी चर्चा की।

प्रमुख सचिव सहकारिता को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि इफको, कृभको और अन्य निजी क्षेत्र की कंपनियाँ कम से कम 30 प्रतिशत उर्वरक पैक्स के माध्यम से वितरित करें। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे आवश्यकतानुसार राजस्व विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध कराएँ। यह भी सुनिश्चित किया गया कि उर्वरकों की कालाबाजारी और ओवर रेटिंग पर निगरानी रखी जाए तथा किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें। संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग हेतु टीएसपी और एनपीके उर्वरकों के बारे में किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

9 नवंबर 2024 को प्रदेश में 2.00 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 2.47 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है। सहारनपुर मंडल में 4973 मीट्रिक टन डीएपी और 5148 मीट्रिक टन एनपीके, मेरठ में 6933 मीट्रिक टन डीएपी और 7751 मीट्रिक टन एनपीके, आगरा में 6182 मीट्रिक टन डीएपी और 12291 मीट्रिक टन एनपीके, अलीगढ़ में 8303 मीट्रिक टन डीएपी और 10021 मीट्रिक टन एनपीके, बरेली में 12890 मीट्रिक टन डीएपी और 22438 मीट्रिक टन एनपीके, मुरादाबाद में 8075 मीट्रिक टन डीएपी और 23458 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।

इसके अलावा कानपुर मंडल में 12290 मीट्रिक टन डीएपी और 26330 मीट्रिक टन एनपीके, प्रयागराज में 9025 मीट्रिक टन डीएपी और 21221 मीट्रिक टन एनपीके, झांसी में 11046 मीट्रिक टन डीएपी और 4782 मीट्रिक टन एनपीके, चित्रकूट धाम मंडल में 4476 मीट्रिक टन डीएपी और 3933 मीट्रिक टन एनपीके, वाराणसी में 19439 मीट्रिक टन डीएपी और 12767 मीट्रिक टन एनपीके, मिर्जापुर में 9807 मीट्रिक टन डीएपी और 5580 मीट्रिक टन एनपीके, आजमगढ़ में 17519 मीट्रिक टन डीएपी और 11663 मीट्रिक टन एनपीके, गोरखपुर में 18005 मीट्रिक टन डीएपी और 14070 मीट्रिक टन एनपीके, बस्ती में 8892 मीट्रिक टन डीएपी और 4758 मीट्रिक टन एनपीके, देवीपाटन में 11908 मीट्रिक टन डीएपी और 10106 मीट्रिक टन एनपीके, लखनऊ में 17662 मीट्रिक टन डीएपी और 31384 मीट्रिक टन एनपीके तथा अयोध्या मंडल में 12892 मीट्रिक टन डीएपी और 19075 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक उपलब्ध है। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र, प्रमुख सचिव सहकारिता एमपी अग्रवाल, कृषि सचिव अनुराग यादव, कृषि निदेशक जितेंद्र तोमर, संयुक्त निदेशक आशुतोष मिश्र तथा पीसीएफ के वरिष्ठ अधिकारी विनोद कुमार ने भाग लिया।

मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को युवा करेंगे साकार- अरुण सिंह

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शनिवार को हरदोई स्थित सी.एस.एन.पीजी. कॉलेज में प्रदेश स्तरीय युवा महाकुंभ का आयोजन बड़े उत्साह और भव्यता के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

  • अरुण सिंह ने अपने संबोधन में भारत के भविष्य के लिए युवाओं की तकनीकी दक्षता पर जोर दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को पूरा करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाएं जैसे मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, और स्किल इंडिया युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्रदान कर रही हैं।
  • उन्होंने भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में पांचवीं बड़ी स्थिति को मोदी सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम बताया।
  • सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए, अरुण सिंह ने युवाओं को भारत की गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराने और उनसे प्रेरणा प्राप्त करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण आवश्यक है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय राय ने भी इस अवसर पर युवाओं को प्रेरित करते हुए बताया कि भाजपा एक बौद्धिक रूप से समृद्ध पार्टी है। उन्होंने उदाहरण दिया कि एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने भारत की संभावनाओं के बारे में अपनी राय दी थी। कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर कौशलेंद्र कुमार सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व बताते हुए कहा कि पश्चिमी विचारकों ने इसके महत्व को कम करके आंका, जबकि प्राचीन काल में तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भारत में मौजूद थे।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद राघवेंद्र सिंह ने युवा पीढ़ी को पश्चिमी संस्कृति के अंधानुकरण से बचने की सलाह दी और कहा कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ संस्कार भी आवश्यक हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपक कुमार राय ने किया, और अंत में छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि अरुण सिंह ने आंवला का वृक्ष रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम का विधिवत समापन किया। इस आयोजन में प्रमुख अतिथि के रूप में विधायक कुंवर मानवेंद्र प्रताप सिंह रानू, इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह (सदस्य विधान परिषद), जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।