प्रोफेसर रामगोपाल यादव के बयान पर मंत्री नन्दी का पलटवार
मंत्री नंदी ने कहा समाजवादियों की इसी विकृत सोच ने सैकड़ों निर्दोष रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाने का महापाप किया था
लखनऊ: अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण एवं रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली रामनवमी पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव द्वारा राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने करारा प्रहार किया है।
समाजवादी पार्टी के प्रधान महासचिव प्रो०रामगोपाल यादव
रामगोपाल यादव ने कहा है कि रामनवमी हमेशा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती रही है, रामनवमी को कुछ लोगों ने पेटेंट करा लिया है। यह उनकी ‘बपौती’ नहीं है। सपा सांसद ने आगे कहा कि करोड़ों लोग हजारों वर्षों से रामनवमी मनाते आ रहे हैं और इस देश में सिर्फ एक राम मंदिर नहीं है। उन्होंने (बीजेपी वालों ने) अधूरी ‘प्राण प्रतिष्ठा’ की है और शंकराचार्य इसके खिलाफ थे, उन्हें (बीजेपी को) सजा देंगे।
रामगोपाल यादव के इस बयान पर मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रोफेसर होकर इस प्रकार की नफरती और विभाजनकारी भाषा का प्रयोग रामगोपाल यादव की डिग्री पर सवालिया निशान है! इसी विकृत सोच ने सैकड़ों निर्दोष रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाने का महापाप किया था।
सनातन आस्था के प्राण पुरुष प्रभु श्रीराम के बारे में ऐसा ओछा बयान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम वोटों के लालच में किसी भी हद तक गिर सकती है। वोट बैंक को पोषित करने के लिये हिन्दू आस्था व श्रद्धा को पाखंड कहना समाजवादी पार्टी की निकृष्टता और पतन की पराकाष्ठा है। जनता इस चुनाव में इन हिन्दूविरोधी आसुरी शक्तियों को जमींदोज कर देगी। रामद्रोही समाजवादी पार्टी का नामोनिशान ढूढ़े से भी नहीं मिलेगा! उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सपा का सूपड़ा साफ होना सुनिश्चित है।
अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग दे रहा वोटर्स को तमाम सहूलियतें
मतदाताओं और मतदान कर्मियों को हीटवेव और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए मतदान केंद्र पर मिलेगी मेडिकल किट
गर्मी के प्रकोप से निपटने के लिए मतदान केंद्रों पर लगाये जा रहे टेंट, कैनोपी और छतरियां
मतदाताओं और मतदान कर्मियों के लिए पंखे, मिस्टिंग पंखे, कूलिंग डिवाइस और पेयजल की भी व्यवस्था
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी जनसभाओं में मतदाताओं से मतदान करने की अपील कर रहे हैं। वह एक-एक वोट की अहमियत को भी बता रहे हैं, ताकि देश में मजबूत और सशक्त सरकार बन सके। वहीं, निर्वाचन आयोग भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाताओं को प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए वह मतदाताओं को विभिन्न तरह की सहूलियतें भी दे रहा है। इसके तहत आयोग की ओर से गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम किये जा रहे हैं। साथ ही हीटवेव और हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए मेडिकल किट भी व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं हर बार की तरह इस बार भी मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र न होने पर 12 अन्य वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों के जरिये मतदान करने की छूट दी गई है।
हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए उपलब्ध करायी गयी मेडिकल किट
निर्वाचन आयोग की ओर से मौसम विभाग (आईएमडी) की भविष्यवाणी और स्थानीय क्लाइमेट पैटर्न के आधार पर हीटवेव की स्थिति वाले क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। यहां मतदाताओं को सीधी धूप से बचाने के लिए मतदान केंद्र को पर्याप्त छायादार बनाने की व्यवस्था की गई है। मतदान केंद्रों पर टेंट, कैनोपी और छतरियों के साथ-साथ कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं और मतदान कर्मियों के लिए पंखे, मिस्टिंग पंखे जैसे कूलिंग डिवाइस स्थापित किये जा रहे हैं। वहीं सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। यही नहीं, मतदान केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को विशेष सहायता दी जाएगी। सभी मतदान केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था की गयी है। मतदान केंद्र के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण के दौरान हीटवेव से संबंधित बीमारियों के लक्षणों को पहचानने और इसके उचित इलाज के भी प्रबंध किए गए हैं। 19 अप्रैल को प्रथम चरण के लोकसभा चुनावों के लिए पोलिंग पार्टियों के रवाना होने से पहले सभी मतदान कर्मियों को हीट स्ट्रोक से बचने और स्वास्थ्य के दृष्टिगत मेडिकल किट उपलब्ध करायी गई, जिसे आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सके।
मतदाता पहचान पत्र के अलावा 12 अन्य वैकल्पिक पहचान पत्र से कर सकेंगे वोटिंग
आयोग ने वोटर मतदाता पहचान पत्र के अलावा 12 अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों जिनमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत कार्ड पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की पहचान के लिए अनुमन्य किये गये हैं। इसके अलावा प्रवासी वोटरों को केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही पहचाना जाएगा। वहीं वोटर मतदाता सूची में अपना नाम चेक करने एवं पोलिंग बूथ जानने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in तथा https://voterportal.eci.gov.in अथवा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट https://ceouttarpradesh.nic.in के साथ वोटर हेल्पलाइन एप का उपयोग कर सकते हैं।
भारत की जनसंख्या 144 करोड़ पार, 77 वर्षो में देश की जनसंख्या दोगुना हो गई
UNFPA की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक भारत की जनसंख्या बीते 77 सालों में हुई दोगुनी
वर्तमान में भारत की जनसंख्या 144.17 करोड़ हुई
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की हेल्थ एजेंसी यूनाइटेड नेशन्स पॉपुलेशन फंड (UNFPA) की नवीनतम रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत की जनसंख्या पिछले 77 सालों में दोगुनी हो चुकी है. यह 144.17 करोड़ पहुंच चुकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2006-2023 के बीच 23 फीसदी बाल विवाह हुए हैं, साथ ही डिलीवरी के समय होने वाली महिलाओं की मौतों की संख्या में कमी आई है. भारत ने इस साल की शुरुआत में सबसे ज्यादा 142.5 करोड़ आबादी वाले देश चीन को पीछे छोड़ा था, 2011 की जनगणना के मुताबिक, देश की कुल आबादी 121 करोड़ दर्ज की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत की 144.17 करोड़ आबादी में 24 फीसदी आबादी 0-14 साल की है, जबकि 17 फीसदी आबादी 10-19 साल के अंदर है। इतना ही नहीं, 10-24 साल वाले भी भारत में 26 फीसदी हैं, जबकि 15-64 आयु वर्ग के सबसे ज्यादा 68 फीसदी हैं, इसके अलावा भारत की सात फीसदी जनसंख्या 65 साल और उससे ज्यादा उम्र की है, पुरुषों की औसत आयु 71 और महिलाओं की 74 साल है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में कन्नौज के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजीव कटियार ने समर्थकों के साथ ज्वाइन की भाजपा
ज्वाइनिंग कार्यक्रम में पाठक ने कहा राम भक्तों पर गोली चलवाने वाली पार्टी के नेता पूजा-पाठ करने वालों को पाखंडी बोल रहे
पाठक ने कहा जनता को ऐसे लोगों का बायकॉट करना चाहिए, इनका हुक्का पानी भी बंद कर देना चाहिए
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में गुरुवार को कन्नौज के पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष संजीव कटियार ने बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन और सनातनियों का विरोध करना इंडी गठबंधन के नेताओं की सोची समझी नीति है। वे वोट बैंक की राजनीति में तुष्टिकरण के लिए किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। जनता को ऐसे लोगों का बायकॉट करना चाहिए, इनका हुक्का पानी भी बंद कर देना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री शिवभूषण सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित और डॉ.अंकुश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
श्री पाठक ने कहा कि जब रामनवमी के दिन अयोध्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा था, लाखों धर्मावलंबी पहली बार अपने प्रभु बालकराम के जन्मोत्सव पर उनके भव्य मंदिर में दर्शन पूजन को आये थे। इस अवसर पर अपने पापों का प्रायश्चित करने की बजाय राम भक्तों पर गोली चलवाने वाली पार्टी के नेता पूजा-पाठ करने वालों को पाखंडी बोल रहे थे।
दरअसल लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ देखकर इनके सीने पर साँप लोट गया। ये प्रभु बालकराम का भव्य सूर्य तिलक देखकर बदहवास हो गये और अनर्गल बयानबाजी कर सनातन को गाली देने लगे। इनकी गलतजुबानी का चेन्नई से लेकर श्रीनगर तक एक भी इंडी अलायंस के नेता ने इसका विरोध नहीं किया। इनका मूल एजेंडा भी सनातन की साख पर चोट करना है, आस्था पर कुठाराघात करना है। लेकिन 2014 से सनातनियों ने अपमान का बदला लेना सीख लिया है और देश एवं प्रदेश में सनातन को मानने वाली सरकार संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा करने का काम भी कर रही है। जो 14 में हारे थे उनकी वापसी सनातनी 24 में भी नहीं होने देंगे।