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सहकारिता विभाग: मंत्री जेपीएस राठौर के नेतृत्व में विभाग को अक्टूबर माह में राज्य रैंकिंग और स्कोर डैशबोर्ड में प्रथम स्थान, मंत्री ने की हौसलाफ़जाई

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  • सहकारिता विभाग में जनसुनवाई आईजीआरएस प्रकरणों में निस्तारण का प्रतिशत 99.01%
  • राज्यमंत्री की ओर से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई

लखनऊ, 12 नवम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे. पी. एस. राठौर ने अक्टूबर माह में राज्य रैंकिंग और स्कोर डैशबोर्ड (सीएम डैशबोर्ड) में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान 01 अप्रैल से 10 नवम्बर, 2024 तक विभाग द्वारा सभी निर्माण परियोजनाएं शत-प्रतिशत पूरी कर ली गईं हैं। इसके अतिरिक्त, 01 अप्रैल, 2024 से 31 अक्टूबर, 2024 तक जनसुनवाई प्रकरणों में निस्तारण का प्रतिशत 99.01% रहा है।

श्री राठौर ने बताया कि 01 नवम्बर से 07 नवम्बर, 2024 तक सहकारी समितियों का ऑनलाइन पंजीकरण शत-प्रतिशत रहा। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण विकास बैंक में 01 मई 2023 से 31 अक्टूबर, 2024 तक दीर्घ अवधि ऋण वसूली का प्रतिशत 99.12% रहा। जिला सहकारी बैंक में अल्पकालीन ऋण वितरण और वसूली भी इस अवधि में शत-प्रतिशत रही।

श्री राठौर ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सभी कार्यों को पूरी लगन और समयबद्धता से करें ताकि सहकारिता विभाग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सके और हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करे।

ठाकुर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर की अंतिम इच्छा: हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार, कट्टरपंथियों से जान को खतरे के चलते वसीयतनामा जारी

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  • ठाकुर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर पहले सैय्यद वसीम रिज़वी के नाम से जाने जाते थे और उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चार बार अध्यक्ष रह चुके हैं।
  • उन्होंने अपने शपथ पत्र में मृत्यु के बाद हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार और गंगा में अस्थियों के विसर्जन की इच्छा जताई।
  • अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक मिहिरध्वज जी, प्रोफेसर प्रभात सिंह सेंगर, और वरिष्ठ पत्रकार हेमेन्द्र प्रताप सिंह सेंगर को सौंपी गई है।
  • कट्टरपंथियों द्वारा जान को खतरा महसूस करते हुए उन्होंने अपने परिवार को धार्मिक दबाव से बचाने के लिए कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित की है।
  • एक वसीयतनामा और वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और धार्मिक बदलाव के कारणों को सार्वजनिक किया है।

लखनऊ: पूर्व में सैय्यद वसीम रिज़वी के नाम से पहचाने जाने वाले ठाकुर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर ने अपनी मृत्यु के बाद हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार की इच्छा जताते हुए एक वसीयतनामा जारी किया है। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चार बार अध्यक्ष रहे ठाकुर जितेंद्र ने अपने वसीयतनामा में अपने अंतिम संस्कार की विधि को लेकर विस्तृत जानकारी दी है और अपने निर्णय के पीछे के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया है।

उन्होंने अपने जीवन के अंतिम सफर को लेकर न केवल अपनी इच्छाएं स्पष्ट की हैं, बल्कि कट्टरपंथियों से अपनी जान को खतरे की बात भी कही है। इस वसीयतनामा के अनुसार, यदि उनका आकस्मिक निधन होता है, तो उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाए और उनकी अस्थियों का गंगा नदी में विसर्जन किया जाए।

धार्मिक यात्रा और परिवार की सहिष्णुता

ठाकुर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर, जो पहले सैय्यद वसीम रिज़वी के नाम से जाने जाते थे, ने कुछ समय पहले इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया था। यह निर्णय उनके जीवन में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा गया। ठाकुर जितेंद्र ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका परिवार आज भी इस्लाम धर्म का पालन करता है, लेकिन उनमें कोई कट्टरपंथी प्रवृत्ति नहीं है।

उन्होंने लिखा कि उनके परिवार को उनके हिंदू धर्म अपनाने से कोई समस्या नहीं है और न ही उन्हें अपने परिवार के इस्लाम धर्म मानने से कोई दिक्कत है। उनके परिवार में धार्मिक सहिष्णुता का भाव है, और उनके धर्मांतरण के फैसले को परिवार ने बिना किसी विरोध के स्वीकार किया है।

कट्टरपंथियों द्वारा जान को खतरा और संघर्ष

ठाकुर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर ने अपने वसीयतनामा में बताया कि पिछले चार वर्षों से उनका जीवन संघर्ष से भरा रहा है। हिंदू धर्म अपनाने और इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने के कारण उनके जीवन को गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी उनकी जान के पीछे पड़े हैं और उन्होंने आशंका जताई कि किसी न किसी दिन ये कट्टरपंथी उन्हें मार डालेंगे।

उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण का समर्थन करने से लेकर मुग़ल काल में मंदिरों पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिदों के विरोध तक, उन्होंने खुलकर हिंदू धार्मिक स्थलों के पक्ष में आवाज उठाई है। इन कारणों से कट्टरपंथियों के बीच उनकी छवि एक दुश्मन के रूप में बन गई है। यही कारण है कि न सिर्फ भारत बल्कि विश्व के अन्य मुस्लिम समुदायों के कट्टरपंथी भी उनके खिलाफ हैं और उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है।

अंतिम संस्कार की योजना: हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम यात्रा

ठाकुर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर ने अपने वसीयतनामा में स्पष्ट किया है कि उनके निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार हिंदू परंपराओं के अनुसार किया जाए। उन्होंने यह जिम्मेदारी तीन महत्वपूर्ण व्यक्तियों को सौंपी है:

1. मिहिरध्वज जी – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक, जो लखनऊ के नाका हिंडोला में निवास करते हैं।

2. प्रोफेसर प्रभात सिंह सेंगर – उत्तराखंड के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, जिनसे ठाकुर जितेंद्र को मार्गदर्शन और समर्थन मिला है।

3. हेमेंद्र प्रताप सिंह सेंगर – वरिष्ठ पत्रकार, जो उनके धार्मिक और वैचारिक बदलाव के सफर में उनके साथी रहे हैं।

ठाकुर जितेंद्र ने यह भी इच्छा जताई कि यदि संभव हो, तो उनकी अंतिम यात्रा में श्री रामभद्राचार्य जी की उपस्थिति हो। उनके अनुसार, श्री रामभद्राचार्य जी का आशीर्वाद उनके अंतिम संस्कार को सम्मानित और धर्मानुसार संपन्न करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

अस्थियों का गंगा में विसर्जन

ठाकुर जितेंद्र ने अपने शपथ पत्र में यह भी बताया कि उनकी अंतिम क्रिया के बाद उनकी अस्थियों को गंगा नदी में विसर्जित किया जाए। हिंदू परंपराओं के अनुसार गंगा में अस्थि विसर्जन को मुक्ति का मार्ग माना जाता है। यह निर्णय उनके हिंदू धर्म के प्रति गहरी आस्था और धार्मिक विश्वास को प्रकट करता है।

कानूनी और धार्मिक बाधाओं से बचाव की व्यवस्था

ठाकुर जितेंद्र ने अपने वसीयतनामा में यह स्पष्ट किया है कि किसी भी अनहोनी स्थिति में उनकी मृत देह का हिंदू रीति-रिवाज से ही अंतिम संस्कार किया जाए और इसमें किसी भी तरह की कानूनी बाधा न आए। उन्होंने यह व्यवस्था इसीलिए की है कि कट्टरपंथी उनके परिवार को दबाव में लाकर उनके शव को इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाने की कोशिश न करें। इस वसीयतनामा के जरिए उन्होंने अपने परिवार को धार्मिक कट्टरपंथियों के दबाव से बचाने का प्रयास किया है।

वसीयतनामा और वीडियो संदेश

ठाकुर जितेंद्र ने अपनी सुरक्षा और भविष्य में संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए न केवल वसीयतनामा जारी किया है, बल्कि एक वीडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों, धार्मिक परिवर्तनों और इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ अपनी सोच को साझा किया है। उनका कहना है कि यह संदेश उनके जीवन के अंतिम संदेश के रूप में रहेगा, ताकि उनके फैसले और धार्मिक बदलाव को लोग समझ सकें और उनके परिवार पर कोई दबाव न डाला जाए।

ठाकुर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर का यह निर्णय उनके जीवन में आए धार्मिक परिवर्तन, वैचारिक संघर्ष और हिंदू धर्म के प्रति गहरी आस्था को प्रतिबिंबित करता है। उनके वसीयतनामा में व्यक्त किए गए प्रबंध न केवल उनकी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हैं, बल्कि उनके परिवार को कट्टरपंथियों के दबाव से बचाने का प्रयास भी हैं। उनके द्वारा जारी किया गया वीडियो संदेश और वसीयतनामा उनके जीवन की चुनौतियों और उनके विचारों को समझने में सहायक सिद्ध होगा।

योगी सरकार ने 14 लाख गर्भवती महिलाओं को दी निजी केंद्रों पर फ्री अल्ट्रासाउंड की सौगात

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  • हर माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं को ई-रुपी वाउचर जारी कर रही योगी सरकार
  • 14,50,238 वाउचर अबतक किये जा चुके हैं जारी, 6,81,341 वाउचर का प्रयोग कर चुकी हैं गर्भवती महिलाएं
  • पीपीपी मोड पर प्रदेश के 1,861 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर दी जा रही गर्भवती महिलाओं को सुविधा
  • प्रदेश के किसी भी जिले के इम्पैनल्ड निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर सुविधा का लाभ उठा सकती हैं गर्भवती महिलाएं

लखनऊ, 11 नवंबर2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेशवासियों को सुगम, सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए लगातार अहम कदम उठा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले साढ़े सात वर्ष में प्रदेश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने कभी बीमारू प्रदेश कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश को आज उत्तम प्रदेश की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। इसी के तहत योगी सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर फ्री अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 6 लाख से अधिक गर्भवती महिलाएं सुविधा का लाभ उठा चुकी हैं। इतना ही नहीं, योगी सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को प्रदेश के किसी भी जिले के इम्पैनल्ड निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर फ्री अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है ताकि उन्हे सुविधा का लाभ उठाने के लिए भटकना न पड़े।

प्रदेश के 1,861 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर दी जा रही फ्री अल्ट्रासाउंड की सुविधा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य को लेकर काफी गंभीर हैं। ऐसे में, उन्हें गुणवत्तापूर्ण इलाज के साथ ही पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की गर्भवती महिलाओं को पीपीपी मोड पर फ्री अल्ट्रासाउंड के लिए ई रुपी वाउचर की सुविधा फरवरी 2023 उपलब्ध करायी जा रही है। यह सुविधा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर दी जा रही है। मिशन निदेशक ने बताया कि सुविधा का लाभ देने के लिए प्रदेश के 75 जिलों में 1,861 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को इम्पैनल्ड किया गया है। शासन द्वारा अब तक गर्भवती महिलाओं को 14,50,238 ई-रुपी वाउचर जारी किये जा चुके हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं द्वारा 6,81,341 ई-रुपी वाउचर का लाभ उठाया जा चुका है। बता दें कि गर्भवती महिलाएं एक माह तक जारी ई-रुपी वाउचर का लाभ उठा सकती हैं। इसके बाद यह स्वत: कैंसिल हो जाता है। वहीं गर्भवती महिला द्वारा समय सीमा में लाभ न उठा पाने पर वह दोबारा ई-रुपी वाउचर प्राप्त कर सकती हैं।

हर माह की 1,9,16 और 24 तारीख को जारी किये जा रहे अल्ट्रासाउंड के ई-रुपी वाउचर

मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर गर्भवती महिलाओं को जिला महिला चिकित्सालय, संयुक्त चिकित्सालय, सीएचसी के साथ पीएचसी पर हर माह की 4 पीएमएसएमए दिवसों क्रमश: 1, 9, 16 और 24 तारीख को ई-रुपी वाउचर जारी किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुविधा का ज्यादा लाभ देने के लिए अभियान और प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये हैं। ऐसे में, सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आशा कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर सुविधा के बारे में बताया जा रहा है।

महाकुंभ-2025: 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगे 220 हाईटेक डीप डाइवर, पानी पर होगा 700 नावों से पहरा

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  • 10 कंपनी पीएसी, 12 कंपनी एनडीआरएफ और 6 कंपनी एसडीआरएफ रहेगी तैनात
  • गोवा, कोलकाता, महाराष्ट्र समेत देश के सबसे चुनिंदा जल पुलिस के जवान पहुंच रहे प्रयागराज
  • बिना गैस सिलेंडर 40 फीट गहरे पानी में जाने में सक्षम स्थानीय लोगों की भी ली जा रही मदद
  • 340 एक्सपर्ट करेंगे घाटों पर भीड़ की पल-पल मॉनिटरिंग

प्रयागराज/लखनऊ , 11 नवम्बर 2024 : सनातन धर्म के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ 2025 में योगी सरकार हर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है। दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम को सुरक्षा की दृष्टि से सफल बनाने के लिए जल पुलिस, पीएसी, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमें मिलकर काम कर रही हैं। इसी क्रम में महाकुंभ के दौरान 220 हाईटेक डिप डाइवर समेत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के सुरक्षाकर्मी 700 नाव पर सवार होकर 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर देश विदेश से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की पुख्ता सुरक्षा के लिए हर तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके चलते गोवा, कोलकाता, महाराष्ट्र समेत देश के सबसे चुनिंदा जल पुलिस के जवान प्रयागराज में तैनात किए जा रहे हैं। स्नानार्थियों और साधु संतों के साथ स्नान के दौरान कोई भी अनहोनी न होने पाए इसके लिए पहली बार इतनी बड़ी संख्या में हाईटेक डीप डाइवरों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

24 घंटे रहेंगे अलर्ट मोड में

किला थाना की जल पुलिस के प्रभारी जनार्दन प्रसाद साहनी ने बताया कि महाकुंभ के दौरान 180 डीप ड्राइवर्स की तैनाती की गई है, जो देश के विभिन्न हिस्सों से यहां आ रहे हैं, जबकि 39 डीप ड्राइवर्स पहले से ही यहां तैनात हैं। इस तरह कुल 220 डीप ड्राइवर्स हर वक्त पानी में सुरक्षा के लिए अलर्ट मोड में रहेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों का भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है। स्थानीय केवट भी सहयोग में रहेंगे जो बिना गैस सिलेंडर के भी 40 फीट गहराई तक जाने में सक्षम हैं। यही नहीं, स्नानार्थियों की मदद के लिए 10 कंपनी पीएसी, 12 कंपनी एनडीआरएफ और 6 कंपनी एसडीआरएफ भी तैनात की जा रही है जो किसी भी विषम परिस्थित से निपटने में सक्षम होगी।

200 से ज्यादा स्थानीय लोग भी रहेंगे सुरक्षा में तैनात

देश दुनिया से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 24 घंटे एक्शन मोड में काम कर रही है। सरकार के निर्देश पर कई तरह की सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं भी महाकुंभ के सबसे बड़े सांस्कृतिक महाआयोजन में सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। इसी के तहत पीएसी और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के साथ ही गांव के स्थानीय लोग भी इसमें बड़ी संख्या में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे ही स्थानीय लोगों की एक टीम को यहां की जल पुलिस प्रशिक्षित भी कर रही है। जिसमें 200 से ज्यादा जवान महाकुंभ में स्नान करने वाले संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं।

LIBRARY: प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खुला अनोखा “पुस्तकालय”

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  • आधुनिक तकनीक एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है लाइब्रेरी
  • राजधानी के कपूरथला में खुले पुस्तकालय में एक साथ पढ़ेंगे 800 बच्चे
  • लाइब्रेरी में बच्चों को लैपटॉप, बुक्स, लंच व पिक एंड ड्रॉप की मिलेगी सुविधा

लखनऊ: राजधानी में तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। स्टडी हब कहे जाने वाले कपूरथला चौराहे पर “पुस्तकालय” नामक एक अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लाइब्रेरी की शुरुआत हो गयी है। इस हाईटेक लाइब्रेरी का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख सचिव के. रवीन्द्र नायक ने किया। वरिष्ठ आईएएस अफसर श्री नायक ने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में ऐसे अत्याधुनिक पुस्तकालय बेहद आवश्यक हैं। इस लाइब्रेरी में एक मोबाइल ऐप से सारी फैसिलिटी मिल रही हैं। निकट भविष्य में देश के हर बड़े शहर में इसकी शाखाएं होंगी।

“पुस्तकालय” नाम की इस लाइब्रेरी के संस्थापक विशाल कुमार सिंह ने बताया कि इस लाइब्रेरी में 800 से अधिक लोगों के एक साथ बैठकर पढ़ने की व्यवस्था है। यहां किफायती कीमतों में छात्र-छात्राओं को एडवांस स्तर तक की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस लाइब्रेरी की स्थापना काफी शोध करने के बाद की गई है। इस शोध से छात्रों की अध्ययन सामग्री के साथ उनकी अन्य मांगों और जरूरतों की जानकारी हो गई है। लाइब्रेरी में विभिन्न प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें हैरी पॉटर जैसी विश्वप्रसिद्ध सीरीज भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि हमारे पुस्तकालय में टीचर सपोर्ट, फ्री वाई-फाई, फोटोग्राफी सर्विस, कम्फर्टेबल सीट, पिक एंड ड्रॉप व किराये पर लैपटॉप आदि सुविधाएं हैं। यहां फ्री बेसिक स्टेशनरी और ई-लाइब्रेरी भी है। इसके अलावा लाइब्रेरी परिसर में कैफे का प्रबंध है। कैफे में विभिन्न प्रकार की स्वादिष्ट खाद्य सामग्री और पौष्टिक भोजन मिलेगा। यह सारी सुविधाएं सिर्फ एक मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध हैं।

पुस्तकालय की प्री लॉन्चिंग में विशिष्ट अतिथि के रूप में लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व वीसी दिवाकर त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान, संयुक्त आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल प्रदीप सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता हेमंत सिंह, पुनीत सिंह व सभासद पृथ्वी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।