Home Blog Page 1206

खनन पट्टो पर निगरानी/निरीक्षण एप से रखी जायेगी नजर- माला श्रीवास्तव

truenewsup
truenewsup
  • भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय ने पट्टा क्षेत्रों की निगरानी हेतु एक निरीक्षण एप विकसित किया है।
  • इस एप के माध्यम से खनन पट्टा क्षेत्रों की जांच पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ एक क्लिक पर देखी जा सकती है।
  • निदेशक माला श्रीवास्तव ने बताया कि एप से अवैध खनन पर प्रभावी रोक लग सकेगी और कार्रवाई भी देखी जा सकेगी।
  • जिलों में खनन पट्टों की जानकारी और निगरानी इस एप से ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
  • वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा अधिकारियों को ऐप की जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया, जिससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।

लखनऊ:12 नवम्बर 2024: भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा सचल दल के माध्यम से पट्टा क्षेत्रो में निगरानी के लिए निरीक्षण एप को विकसित किया गया है।इस ऐप के माध्यम से खनन पट्टा क्षेत्रो की निरीक्षण सम्बन्धी जांच पूरी पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ-साथ जांच सिंगल क्लिक पर देखा जा सकता है।

निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग माला श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के खनन पट्टो पर निगरानी एप से अंकुश लग सकेगा।अवैध खनन पर प्रभावी कार्यवाही एप के माध्यम से देखा जा सकता है।जिलों में खनन पट्टो की जानकारी इस ऐप के माध्यम से ऑनलाइन देखा जा सकता है।

माला श्रीवास्तव ने बताया कि भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा विकसित निरीक्षण/निगरानी एप से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और संबंधित अधिकारी कर्मचारी सहित खनन पट्टा धारक की जवाबदेही भी तय हो सकेगी। निगरानी निरीक्षण एप के माध्यम से जहां एक ओर अवैध खनन पर रोक लगेगी, वहीं राजस्व मे भी इजाफा होगा। इसके लिए आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यालय सहित संबंधित जिले के अधिकारियों को ऐप की जानकारी/प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया गया।

उत्तरप्रदेश में शहरों के लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए बनाये जायेंगे सेटेलाइट बस स्टेशन- अपर मुख्य सचिव परिवहन

truenewsup
truenewsup

शहर के बाहर बस स्टेशन बनाये जाने हेतु विचार-विमर्श के उपरान्त प्रस्ताव शासन को भेंजें
लखनऊ : 12 नवम्बर 2024: अपर मुख्य सचिव परिवहन एल वेंकटेश्वरलू की अध्यक्षता में आज परिवहन निगम के सभागार कक्ष में विभिन्न जनपदों के प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभागीय आरएम/एआरएम के साथ समीक्षा बैठक संपन्न हुई। अपर मुख्य सचिव ने प्रदेश के प्रमुख शहरों में जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए ठोस रणनीति बनाए जाने के निर्देश दिए।

श्री लू0 ने कहा कि जिन शहरों में परिवहन निगम के बस स्टेशनों की अवस्थिति शहर के बीचो-बीच है और उनकी वजह से शहरवासियों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है, ऐसी स्थिति में सैटलाइट बस स्टेशन को विकसित करने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में आरएम/एआरएम, एडीएम व एसडीएम से संपर्क कर शहर के बाहर बस स्टेशनों को बनाए जाने की रणनीति पर कम करें। बस स्टेशनों हेतु जमीन की उपलब्धता या वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में प्रस्ताव शासन को शीघ्र भेजें। बैठक में विशेष सचिव परिवहन के0पी0 सिंह, प्रबंध निदेशक परिवहन निगम मासूम अली सरवर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तरप्रदेश में किसान रजिस्ट्री, केसीसी तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे के काम में आयेगी तेजी- कृषि मंत्री

truenewsup
truenewsup
  • कृषि मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिये दिशा-निर्देश
  • धान बुआई की डीएसआर तकनीक पर भी ली बैठक

लखनऊ: 12 नवम्बर, 2024: प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा मंगलवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में किसान क्रेडिट कार्ड, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में समीक्षा बैठक की गयी। इसके साथ ही उन्होंने धान बुआई की डीएसआर तकनीक को क्रियान्वित किये जाने के संबंध में भी एक बैठक ली। किसान क्रेडिट कार्ड, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि किसान रजिस्ट्री का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत किसानों को किसान पहचान पत्र जारी किये जायेंगे। इसके लिए गॉवों में कैम्प लगाकर किसानों को जागरूक किया जायेगा। उन्होंने बताया कि यह रजिस्ट्री चार मोड में की जा सकेगी। पहला मोड वह स्वयं द्वारा, दूसरा मोड कामन सर्विस सेंटर द्वारा, तीसरा मोड सहायक द्वारा तथा चौथा मोड विभागीय कैम्प में शामिल होकर किसान स्वयं को रजिस्टर कर सकते हैं। उन्होंने बैकों से आये प्रतिनिधियों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाने में गति तीव्र करने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि गॉवों के नक्शों का मिलान ग्रामीणों के पास उपलब्ध नक्शों से करा लिया जाए। इस कार्यक्रम का संचालन राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर किया जाए।

truenewsup

बैठक में अपर सचिव कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार डा0 प्रमोद कुमार महेन्द्र, मुख्य ज्ञान अधिकारी राजीव चावला, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, सचिव कृषि अनुराग यादव, कृषि निदेशक, कृषि विभाग के अन्य उच्चाधिकारी तथा बैकों के प्रतिनिधि शामिल रहे। धान बुआई की डीएसआर तकनीक (सीधे खेत में धान बुआई की तकनीक अर्थात जिसमें रोपाई नहीं करनी पड़ती) पर आयोजित बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने निर्देश दिये कि इस तकनीक को किसानों तक पहुंचाने से पूर्व इसकी सभी संभावित चुनौतियों पर विचार कर लिया जाना चाहिए। इसमें यह भी ध्यान रखना होगा कि यह तकनीक उ0प्र0 की कृषि परिस्थितियों पर प्रभावी हो। इस बैठक के दौरान प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, सचिव कृषि अनुराग यादव, अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के निदेशक सुधांशु सिंह तथा विश्व बैक के प्रतिनिधि अजीथा राधाकृष्णन उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: अचलपुर में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को योगी की खरी-खरी, बोले- मैं योगी, योगी के लिए देश पहले

truenewsup cm yogi adityanath
truenewsup cm yogi adityanath
  • सीएम बोले-निजाम के रजाकारों द्वारा खड़गे जी की मां, चाची और बहन को जलाया गया
  • वोटबैंक की खातिर परिवार के बलिदान को भूल गए खड़गेः योगी
  • बोले- हमारे लिए हर काम पहले देश के नाम, खड़गे जी के लिए कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति पहले
  • खड़गे जी सच्चाई नहीं बोलना चाहते, उन्हें लगता है कि निजाम पर आरोप लगाऊंगा तो मुस्लिम वोट खिसक जाएगाः मुख्यमंत्री
truenewsup

अमरावती/महाराष्ट्र/लखनऊ, 12 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा की गई टिप्पणी का जवाब दिया। सीएम योगी ने मंगलवार को महाराष्ट्र में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि मैं योगी हूं, मेरे लिए देश पहले है, राजनीति बाद में, लेकिन आपके लिए कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति पहले है।

मेरा हर काम पहले देश के नाम

महाराष्ट्र के अचलपुर में रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तीन दिन से मुझ पर नाराज हो रहे हैं कि मैं ऐसी भाषा का प्रयोग क्यों कर रहा हूं। खड़गे जी! मैं योगी हूं, योगी के लिए देश पहले है। राजनीति बाद में। मेरे और आपमे यही अंतर है। मेरे नेता मोदी ने यही बताया है कि हर काम, पहले देश के नाम। आपके लिए कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति पहले है। यही कारण है कि आप न सच्चाई बोल पा रहे हैं, न समझ पा रहे हैं।

मुस्लिम लीग के कारण सरेंडर कर चुका था कांग्रेस नेतृत्व

सीएम योगी ने कहा कि खड़गे जी के परिवार के साथ आजादी के तत्काल बाद घटना घटित हुई थी। खड़गे जी का गांव बारावत्ती हैदराबाद के निजाम के अधीन था। देश की आजादी के पहले अंग्रेजों को लगा कि अब भारत के क्रांतिकारियों के सामने अधिक दिन तक नहीं टिक पाएंगे तो उसने भारत के विभाजन को लेकर रोडमैप तय किया। वे देश में मुस्लिम लीग को देश में प्रोत्साहित करने का कार्य कर ही रहे थे। उस समय कांग्रेस नेतृत्व भी मुस्लिम लीग के सामने सरेंडर कर चुका था। यही कारण था कि मुस्लिम लीग निर्ममता से हिंदुओं को काट रहा था, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व सत्तालोलुप होकर मौन बना था।

सरदार पटेल गृह मंत्री थे तो हैदराबाद के निजाम को लगा कि बहुत दिन तक अलग अस्तित्व नहीं बना पाऊंगा


सीएम योगी ने कहा कि ब्रिटिशरों ने देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत का हिस्सा बनें, चाहें तो पाकिस्तान का हिस्सा और चाहें तो स्वतंत्र अस्तित्व भी रख सकते हैं। भारत में जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद के निजाम ने खुद को स्वतंत्र रियासत के रूप में स्थापित करने की चेष्टा की। जिस समय लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल गृह मंत्री थे तो हैदराबाद के निजाम को लगा कि बहुत दिनों तक अलग अस्तित्व नहीं बना पाऊंगा, तब उसने निर्ममता से हिंदुओं का कत्लेआम शुरू कराया था।

वोटबैंक की खातिर परिवार के बलिदान को भूल गए खड़गे

सीएम योगी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने हैदराबाद रियासत के सभी अनुसूचित जाति, जनजाति व हिंदुओं का आह्वान किया कि वे वहां सुरक्षित नहीं हैं, महाराष्ट्र की तरफ आ जाएं। उस समय हैदराबाद रियासत के अधीन बारावत्ती गांव भी जलाया गया था। यह मल्लिकार्जुन खड़गे जी का गांव था। इसमें खड़गे जी की मां, चाची और बहन को निजाम के रजाकारों द्वारा जलाया गया, लेकिन खड़गे जी सच्चाई को नहीं बोलना चाहते। उन्हें लगता है कि निजाम पर आरोप लगाऊंगा तो मुस्लिम वोट खिसक जाएगा। कांग्रेस इतिहास को झूठलाने का कार्य कर रही है। निजाम के रजाकारों ने हैदराबाद रियासत के अंदर निर्ममता से हिंदुओं का कत्लेआम किया। गांव के गांव जलाए गए थे। खड़गे जी उस सच्चाई को स्वीकार नहीं करना चाहते। खड़गे जी वोटबैंक की खातिर परिवार के बलिदान को भूल गए। सीएम ने दो टूक कहा कि इनके लिए सत्ता महत्वपूर्ण है, देश नहीं।

“विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन”: सी.एम.एस. में 22 नवम्बर से 54 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश व कानूनविद् पधारेंगे लखनऊ

truenewsup
truenewsup
  • विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 25वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ 22-24 नवम्बर को सी.एम.एस. कानपुर रोड, लखनऊ में होगा।
  • इस सम्मेलन में 54 देशों के प्रमुख न्यायविद् शामिल होंगे।
  • सम्मेलन ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ पर आधारित है।
  • इस सम्मेलन का विषय ‘ए गवर्नेन्स फॉर द फ्यूचर’ है।
  • इसका उद्देश्य विश्व एकता, शांति और बच्चों के भविष्य को बढ़ावा देना है

लखनऊ, 12 नवम्बर2024: ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 25वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ आगामी 22 नवम्बर, शुक्रवार से सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में प्रारम्भ हो रहा है। सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु विभिन्न देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद के अध्यक्ष, संसद सदस्य, इण्टरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के न्यायाधीशों समेत 54 देशों के मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश व कानूनविद् लखनऊ पधार रहे हैं। यह जानकारी आज यहाँ सी.एम.एस. गोमती नगर प्रथम कैम्पस ऑडिटोरियम में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में सम्मेलन की संयोजका एवं सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने दी। इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी एवं सम्मेलन के जनरल सेक्रेटरी श्री आर. सी. गुप्ता भी उपस्थित रहे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रो. किंगडन ने बताया कि ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ पर आधारित यह ऐतिहासिक सम्मेलन ‘ए गवर्नेन्स फॉर द फ्यूचर’ थीम पर आधारित है एवं विश्व एकता, विश्व शान्ति एवं विश्व के ढाई अरब से अधिक बच्चों के सुन्दर व सुखमय भविष्य को समर्पित है। लखनऊ की सरजमीं पर बीते 24 वर्षों से लगातार आयोजित यह सम्मेलन विश्व में एकता, शान्ति, न्याय व बच्चों के अधिकारों की अलख जगा रहा है। इसी कड़ी में ‘25वाँ अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन’ आयोजित किया जा रहा है।

प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रो. किंगडन ने बताया कि आगामी 22 नवम्बर को इस एतिहासिक सम्मेलन के उद्घाटन हेतु मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को आमन्त्रित किया गया है। इसके अलावा राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री, भारत सरकार, कानून एवं न्यायमंत्री, भारत सरकार अर्जुन राम मेघवाल, राज्यमंत्री विदेश भारत सरकार कीर्तिवर्धन सिंह, राज्यसभा सांसद डा.सुधांशु त्रिवेदी, सुश्री काटालिन नोवाक, पूर्व राष्ट्रपति, हंगरी, सर रॉडनी एरे लारेंस विलियम्स, गवर्नर-जनरल, एंटीगुआ और बारबुडा, न्यायमूर्ति एंथनी थॉमस एक्विनास कार्माेना, पूर्व राष्ट्रपति, त्रिनिदाद और टोबैगो, डा. पाकलिथा बी मोसिसिली, पूर्व प्रधानमंत्री, लेसोथो, श्री जीन-हेनरी सेन्ट, पूर्व प्रधानमंत्री, हैती, श्री अल्बान किंग्सफोर्ड सुमाना बागबिन, संसद के अध्यक्ष, घाना एवं न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस, नीदरलैंड आदि अपनी गरिमामय उपस्थिति से सम्मेलन का गौरव बढ़ायेंगे।

इस ऐतिहासिक सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा बताते हुए प्रो. किंगडन ने बताया कि कि विभिन्न देशों के न्यायविद् व अन्य प्रख्यात हस्तियाँ 20 नवम्बर को नई दिल्ली में एकत्रित होंगे एवं प्रातः 10.00 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की समाधि ‘राजघाट’ पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे एवं इसके उपरान्त दोपहर 12.00 बजे कान्स्टीट्यूशन क्लब में सम्मेलन के प्रथम सत्र को सम्बोधित करेंगे। इसी दिन, ये प्रख्यात हस्तियां राष्ट्रपति भवन जायेंगे एवं इसके उपरान्त लोटस टेम्पल में राष्ट्रीय बहाई आध्यात्मिक सभा द्वारा आयोजित रात्रिभोज में सम्मिलित होंगे। 21 नवम्बर को सभी प्रख्यात हस्तियाँ आगरा में ताजमहल का दीदार कर लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊवासियों के लिए यह गर्व का विषय है कि देश-दुनिया की तमाम प्रख्यात हस्तियाँ एक बार फिर से लखनऊ का नाम विश्वपटल पर आलोकित करने हेतु यहाँ पधार रही है। सी.एम.एस. संस्थापक स्व. डा. जगदीश गाँधी जी ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ में विश्वास रखते हुए आजीवन विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित व सुखमय भविष्य हेतु प्रयासरत रहे। यह उन्हीं के अतुलनीय प्रयासों का प्रतिफल है कि यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित है, जिसमें अब तक 141 देशों के 1480 मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश एवं कानूनविद् पधार चुके हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आगामी 22 नवम्बर से शुरू हो रहा यह महासम्मलेन दुनिया को एकता के सूत्र में पिरोने और विश्व के ढाई अरब बच्चों का भविष्य हेतु विश्व समाज को एक नई दिशा देगा।

सम्मेलन के जनरल सेक्रेटरी आर.सी. गुप्ता ने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन 22 नवम्बर, शुक्रवार को प्रातः 9.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में होगा तथापि दिन भर की चर्चा-परिचर्चा के उपरान्त सायं 5.00 बजे विभिन्न देशों से पधारे मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व विशिष्ट अतिथियों के सम्मान में भव्य ‘स्वागत समारोह’ आयोजित किया जायेगा। देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे।